मीडिया और राजनीति

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (फोटो साभार: फेसबुक/शिवराज सिंह चौहान)

विज्ञापनों पर शिवराज सरकार द्वारा सरकारी खज़ाना लुटाना कोई नई बात नहीं

‘नई दुनिया’ अख़बार के 26 अप्रैल के मध्य प्रदेश संस्करण में 24 में से 23 पृष्ठों पर सरकारी विज्ञापन छपे थे. शेष बचे एक पृष्ठ पर अख़बार के संपादक का लेख ‘देश को गति देती मध्य प्रदेश की योजनाएं’ शीर्षक से छपा था.

​​(फोटो: पीटीआई)

‘प्रेस को पूरी आज़ादी होनी चाहिए, ग़लत रिपोर्टिंग पर मानहानि के शिकंजे में न घेरें’

मानहानि के मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि घोटाले की रिपोर्टिंग के समय उत्साह में ग़लती हो सकती है.

राजस्थान के राजसमंद के एक मुस्लिम श्रमिक की हत्या कर शव को जलाने वाला शंभूलाल रैगर.

शंभूलाल जैसे मानव बम राजनीति और मीडिया ने ही पैदा किए हैं

बीसियों साल से जिस तरह की विभाजनकारी राजनीति हो रही है, मीडिया के सहयोग से जिस तरह समाज में ज़हर बोया जा रहा है, उसकी फसल अब लहलहाने लगी है.

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‘एंटी रोमियो दस्ते के लोगों को किसी से प्रेम हो गया तो क्या होगा’

एंटी रोमियो दस्ते के किसी को प्रेम हो जाए तो प्रेम की तड़प में वे किसी पुराने कुर्ते की तरह चराचरा कर फट जाएंगे. दुआ करूंगा कि इस दस्ते को कभी किसी से प्यार न हो. प्रार्थना करूंगा कि उन्हें कम से कम किशोर कुमार के गाने सुनने की सहनशक्ति मिले.