मीडिया सेंसरशिप

(फोटो: द वायर)

लॉकडाउन के दौरान 55 पत्रकारों को मिली धमकियां, मुक़दमे और गिरफ़्तारी: रिपोर्ट

कोविड-19 महामारी के दौरान मीडिया को लेकर जारी राइट्स एंड रिस्क एनालिसिस ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार 25 मार्च से 31 मई, 2020 के बीच विभिन्न पत्रकारों के ख़िलाफ़ 22 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि कम से कम 10 को गिरफ़्तार किया गया. इस अवधि में मीडियाकर्मियों पर सर्वाधिक 11 हमले उत्तर प्रदेश में हुए.

Bihar Bhaskar Quarantine Centre Report

बिहार: क्वारंटीन सेंटर में अव्यवस्थाओं की रिपोर्ट पर दैनिक भास्कर के पत्रकार के ख़िलाफ़ एफआईआर

सीतामढ़ी ज़िले में एक क्वारंटीन सेंटर में अव्यवस्थाओं के लेकर हुए प्रवासी मज़दूरों के हंगामे की ख़बर करने वाले पत्रकार पर प्रशासन की ओर से मामला दर्ज करवाते हुए कहा गया है कि पत्रकार ने मज़दूरों को उकसाया था. बेगूसराय में भी एक स्थानीय पत्रकार के ख़िलाफ़ एफआईआर हुई है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

हिमाचल प्रदेश: लॉकडाउन में सरकार की विफलता पर रिपोर्ट करने वाले छह पत्रकारों पर 14 एफआईआर दर्ज

कोरोना वायरस को फैलने के रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान हिमाचल प्रदेश में प्रवासी मज़दूरों की समस्याओं को सामने लाने और प्रशासनिक कमियों को उजागर करने के कारण कम से कम छह पत्रकारों के ख़िलाफ़ यह कार्रवाई की गई है.

Indira Collage

आपातकाल: नसबंदी से मौत की ख़बरें न छापी जाएं

आपातकाल के 44 साल बाद इन सेंसर-आदेशों को पढ़ने पर उस डरावने माहौल का अंदाज़ा लगता है जिसमें पत्रकारों को काम करना पड़ा था, अख़बारों पर कैसा अंकुश था और कैसी-कैसी ख़बरें रोकी जाती थीं.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी (फोटो: कुमारस्वामी फेसबुक)

कर्नाटक: मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को गाली देने के आरोप में दो लोग गिरफ़्तार

सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए एक वीडियो में दो युवक कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और उनके परिवार को कथित तौर पर गाली देते हुए नज़र आए थे.

deve-gowda pti

कर्नाटक: देवगौड़ा परिवार पर ख़बर के लिए अख़बार के संपादक और कर्मचारियों पर मामला दर्ज

अखबार ‘विश्ववाणी’ के संपादक विश्वेश्वर भट ने कहा कि खबर सूत्रों पर आधारित थी और अगर किसी को कोई आपत्ति है तो वे स्पष्टीकरण जारी कर सकते थे. बहुत अधिक तो मानहानि का मामला दायर किया जा सकता था लेकिन प्राथमिकी दर्ज कराना एक नई परिपाटी शुरू करने जैसा है. मैं निश्चित रूप से अदालत में इसे चुनौती दूंगा.

Bengaluru: JD(S) President H D Kumaraswamy speaks to media after the JD(S) legislative party meeting in Bengaluru on Wednesday. Congress has extended the support to JD(S) to form the new Government in Karnataka. (PTI Photo/Shailendra Bhojak) (PTI5_16_2018_000109B)

मीडिया हमारा मज़ाक उड़ाती है, इसे नियंत्रित करने के लिए क़ानून की ज़रूरत: कर्नाटक मुख्यमंत्री

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ख़ुद एक कन्नड़ समाचार चैनल ‘कस्तूरी न्यूज़’ के मालिक हैं, जो उनकी पत्नी और विधायक अनीता कुमारस्वामी द्वारा चलाया जाता है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi visiting the Terracota Warriors Museum, in Xi'an, Shaanxi, China on May 14, 2015.

क्या आपातकाल को दोहराने का ख़तरा अब भी बना हुआ है?

आपातकाल कोई आकस्मिक घटना नहीं बल्कि सत्ता के अतिकेंद्रीकरण, निरंकुशता, व्यक्ति-पूजा और चाटुकारिता की निरंतर बढ़ती गई प्रवृत्ति का ही परिणाम थी. आज फिर वैसा ही नज़ारा दिख रहा है. सारे अहम फ़ैसले संसदीय दल तो क्या, केंद्रीय मंत्रिपरिषद की भी आम राय से नहीं किए जाते, सिर्फ़ और सिर्फ़ प्रधानमंत्री कार्यालय और प्रधानमंत्री की चलती है.