मीडिया

भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय. (फोटो: पीटीआई)

मीडिया के लाशों के ढेर दिखाने से लोगों में फैल रही महामारी की दहशत: कैलाश विजयवर्गीय

भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि महामारी के मुश्किल दौर में ऐसी ख़बरें भी दिखाई जानी चाहिए, जिनसे समाज में सकारात्मक माहौल बन सके. हर 100 साल में एक बार महामारी आती है. ऐसे समय में आप यह भी दिखाएं कि डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ किस तरह लगातार काम कर रहे हैं.

योगी आदित्यनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/MYogiAdityanath)

हार्वर्ड की स्टडी में नहीं हुई यूपी सरकार के प्रवासी संकट प्रबंधन की तारीफ़, मीडिया का दावा ग़लत

फैक्ट चेक: अप्रैल के पहले हफ़्ते में मीडिया द्वारा एक अध्ययन के हवाले से दावा किया गया कि हार्वर्ड स्टडी ने अन्य राज्यों की तुलना में प्रवासी संकट को अधिक प्रभावी ढंग से संभालने के लिए यूपी सरकार की सराहना की है. पड़ताल बताती है कि हार्वर्ड ने ऐसा कोई अध्ययन नहीं किया.

(फोटो साभार: ट्विटर)

सुशांत मामले में फेक ट्वीट्स दिखाने के लिए 23 अप्रैल को माफ़ीनामा जारी करे आज तक: एनबीएसए

अक्तूबर 2020 में न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड अथॉरिटी ने आज तक को सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उनके कुछ ट्वीट को लेकर की गई ग़लत रिपोर्टिंग का दोषी मानते हुए माफ़ीनामा और जुर्माना देने को कहा था. चैनल ने इसे लेकर समीक्षा याचिका दायर की थी, जिसे खारिज़ करते हुए अथॉरिटी ने इस आदेश को बरक़रार रखा है.

योगी आदित्यनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/MYogiAdityanath)

जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी ने नहीं सराहा यूपी का कोविड प्रबंधन, मीडिया रिपोर्ट्स का ग़लत दावा

फैक्ट चेक: विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में यूपी सरकार के कोविड-19 प्रबंधन को अग्रणी बताने का दावा किया गया. यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर ने इसका खंडन करते हुए कहा कि ये कोई तुलनात्मक अध्ययन नहीं था बल्कि यूपी सरकार के अफसरों के साथ मिलकर राज्य की कोविड-19 की तैयारी और इसे संभालने संबंधी व्यवस्थाओं पर तैयार की गई रिपोर्ट थी.

(फोटो: पीटीआई)

जब वोट धर्म के नाम पर पड़ना है तो अस्पतालों को ठीक करने की मेहनत कोई क्यों करे

पिछले साल कोरोना वायरस के कारण गुजरात के अस्पतालों के बाहर जो हाहाकर मचा था, उसकी ख़बरें देश को कम पता चलीं. इस साल भी हाहाकार मचा है. जिस राज्य की जनता ने नरेंद्र मोदी को इतना प्यार किया वह बिलख रही है और प्रधानमंत्री बंगाल में गुजरात मॉडल बेच रहे हैं.

दीपक कुमार कन्नौजिया. (फोटो स्पेशल अरेंजमेंट)

यूपी: ‘मैंने जो कहा उसके लिए सरकार मुझे जेल भेज दे, लेकिन स्कूल से दुश्मनी न निकाले’

23 मार्च को गोरखपुर के बांसगांव के भीमराव आंबेडकर पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधक दीपक कुमार कन्नौजिया ने एक वीडियो में कोरोना के मद्देनज़र स्कूल बंद करने के चलते होने वाली परेशानियों का हवाला देते हुए सरकार के निर्णय पर सवाल उठाए थे. अब इसी वीडियो के चलते उनके स्कूल की मान्यता रद्द की जा रही है.

Patricia mukhim facebook

सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार पैट्रिशिया मुखीम के ख़िलाफ़ फेसबुक पोस्ट को लेकर दर्ज केस रद्द किया

ये मामला तीन जुलाई 2020 को किए गए एक फेसबुक पोस्ट से जुड़ा हुआ है, जिसमें शिलॉन्ग टाइम्स की संपादक पैट्रिशिया मुखीम ने ग़ैर-आदिवासी युवाओं पर हुए हमले को लेकर सवाल उठाया था. राज्य सरकार का कहना था कि ऐसा करके मुखीम ने मामले को सांप्रदायिक रंग दिया है.

नितिन गडकरी. (फोटो: पीटीआई)

लक्ज़री बस विवाद: स्वीडिश मीडिया रिपोर्ट का दावा, लेन-देन में नितिन गडकरी का परिवार शामिल

स्वीडन के एक टीवी चैनल के अनुसार 2017 के अंत में बस निर्माता स्कैनिया के ऑडिटर्स को कंपनी द्वारा भारत के परिवहन मंत्री को उपहार के तौर पर एक लक्ज़री बस देने के संकेत मिले थे. केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय ने आरोपों से इनकार करते हुए इन्हें दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और आधारहीन बताया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

झारखंड: आरटीआई कार्यकर्ता की गिरफ़्तारी के 48 घंटे के अंदर पलटी पुलिस, कहा- उन्हें फंसाया गया था

झारखंड के हज़ारीबाग ज़िले में एक आरटीआई कार्यकर्ता और पत्रकार को पुलिस ने अफ़ीम और ब्राउन शुगर रखने के आरोप में गिरफ़्तार करने के बाद उनके इक़बालिया बयान भी ले लिया था. 48 घंटे बाद पुलिस ने कार्यकर्ता को फंसाने की साज़िश के आरोप में पांच लोगों को गिरफ़्तार किया है.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: आरोप-पत्र मीडिया में लीक होने पर अदालत ने पुलिस की आलोचना की

दिल्ली दंगों के एक आरोपी के बयान से जुड़े दस्तावेज़ लीक होने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अगर आपके अधिकारी ने इसे लीक किया तो यह अधिकारों का दुरुपयोग है और अगर इसे मीडिया ने कहीं से लिया है तो यह चोरी है. इसलिए किसी भी सूरत में य​ह घटना अपराध है.

मणिपुर प्रेस क्लब पर विरोध प्रदर्शन करते पत्रकार. (फाइल फोटो: ट्विटर/@ImphalFreePress)

मणिपुरः उग्रवादी समूहों से धमकी के बीच पत्रकार हड़ताल पर, नहीं छपे अख़बार

एक महीने से भी कम समय में यह तीसरी बार है, जब मणिपुर में समाचार पत्रों का प्रकाशन और ख़बरों का प्रसारण नहीं हुआ. छह दिन पहले भी इसी तरह का विरोध जताया गया था, जब इम्फाल से प्रकाशित होने वाले एक स्थानीय अख़बार को आतंकी समूह ने धमकी दी थी.

बार्क के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता. (फोटो साभार: फेसबुक)

टीआरपी मामला: अदालत ने बार्क के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता को ज़मानत दी

2013 से 2019 तक ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) के सीईओ रहे पार्थो दासगुप्ता को बीते साल दिसंबर में गिरफ़्तार किया गया था. दासगुप्ता पर पद का दुरुपयोग करने और रिपब्लिक टीवी चलाने वाली कंपनी एआरजी आउटलायर मीडिया एवं इसके प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी से साठगांठ कर टीआरपी में छेड़छाड़ करने का आरोप है.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

लोकसभा और राज्यसभा टीवी का विलय हुआ, संसद टीवी के नाम से जाना जाएगा

ऐसा माना जा रहा है कि संसद टीवी में दो चैनल होंगे, जिनमें से प्रत्येक पर लोकसभा और दूसरे पर राज्यसभा सत्र का लाइव प्रसारण किया जाएगा. सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रवि कपूर को तत्काल प्रभाव से चैनल का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है.

प्रदर्शन करते पत्रकार. (फोटो साभार: इम्फाल फ्री प्रेस)

मणिपुर: अख़बार को धमकी मिलने के बाद मीडिया संस्थानों ने काम बंद किया

मणिपुर के एक स्थानीय अखबार पोकनाफाम को बंद किए जाने की धमकी मिलने के बाद विरोध के तौर पर यहां के मीडिया संस्थानों ने शुक्रवार से 48 घंटे तक काम न करने का निर्णय लिया है. बीते 13 फरवरी को इसी अख़बार के दफ़्तर पर अज्ञात हमलावरों ने ग्रेनेड फेंका था.

नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत-इंग्लैंड टेस्ट.  (फोटो: ट्विटर/@BCCI)

गुजरात: स्वतंत्र मीडिया फोटोग्राफरों को भारत-इंग्लैंड टेस्ट मैच की कवरेज से रोका गया

इस फैसले का विरोध करते हुए अंतरराष्ट्रीय एजेंसी एसोसिएट प्रेस ने इस दौरे की कवरेज न करने का निर्णय लिया है. एजेंसी ने कहा कि आधे से भी कम दर्शकों को प्रवेश की अनुमति देने के बावजूद स्वतंत्र मीडिया के एक या दो फोटोग्राफरों को प्रवेश की अनुमति न देते हुए कहा गया कि आयोजकों द्वारा दी तस्वीरों का इस्तेमाल करें.