मुआवजा

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the gathering after inaugurating and laying the foundation stone for various development projects, in Varanasi, Uttar Pradesh on July 14, 2018.

वाराणसी: प्रधानमंत्री मोदी की रैली के लिए काटी गई थी फसल, अब तक नहीं मिला मुआवज़ा

ग्राउंड रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश में वाराणसी के कचनार गांव में जुलाई 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक रैली के लिए तकरीबन 10 एकड़ की ज़मीन का इस्तेमाल किया गया था. इस ज़मीन की फसल बर्बाद होने की वजह से प्रशासन ने स्थानीय किसानों को मुआवज़ा देने की बात कहीं थी.

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लातेहार मॉब लिंचिंग: परिजनों ने कहा, दोषियों को सज़ा होने के बाद भी मिल रहीं धमकियां

झारखंड के लातेहार ज़िले के बालूमाथ में साल 2016 में दो पशु व्यापारियों की भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी. मृतकों के परिवारों ने झारखंड सरकार से उचित सुरक्षा मुहैया कराने के साथ ही मुआवज़े की मांग की है.

Aurangabad: A scene of arson after violent clashes between two groups during a Ramnavmi procession in Aurangabad district on Monday. PTI Photo   (PTI3_26_2018_000132B)

औरंगाबाद: दंगा पीड़ित दुकानदारों को क्यों लग रहा है कि नीतीश सरकार उन्हें ठग रही है?

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार के औरंगाबाद में मार्च महीने में रामनवमी के समय हुई सांप्रदायिक हिंसा में कई दुकानों में लूटपाट कर आग लगा दी गई थी. उस समय नीतीश सरकार ने पीड़ित दुकानदारों को मुआवज़ा देने की बात कही थी, लेकिन चार महीने बाद भी ज़्यादातर दुकानदारों को एक रुपया भी मुआवज़ा नहीं मिला है.

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बिहार में ​फिर बाढ़ की आहट, पिछले साल के प्रभावितों को अब तक नहीं मिला मुआवज़ा

बिहार में एक बार फिर कई नदियां उफान पर हैं. पिछले साल राज्य के 17 जिलों में बाढ़ आई थी. इससे करीब 1.71 करोड़ लोग प्रभावित हुए थे. 8.5 लाख लोगों के घर टूट गए थे और करीब 8 लाख एकड़ फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing at the ceremony to lay Foundation Stone of Projects under Namami Gange & National Highway projects, in Mokama, Bihar on October 14, 2017.

बिहार में मोदी की सभा के लिए चढ़ी थी 35 एकड़ फसल की बलि, किसानों को मुआवज़े में चवन्नी भी नहीं मिली

बिहार के पटना ज़िले में आने वाले मोकामा टाल में पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा के लिए प्रशासन ने किसानों से ज़मीन ली थी, लेकिन साढ़े तीन महीने से अधिक वक़्त बीतने के बाद भी उन्हें बतौर मुआवज़ा कुछ नहीं मिला.

मार्च 2016 में दिल्ली में यमुना के तट पर आर्ट आॅफ लिविंग के विश्व सांस्कृतिक महोत्सव में श्री श्री रविशंकर के साथ पीएम मोदी. (फोटो: पीटीआई)

यमुना तट को हुए नुकसान के लिए आर्ट ऑफ लिविंग ज़िम्मेदार: एनजीटी

एनजीटी ने कहा, अगर यमुना को हुए नुकसान की भरपाई में आने वाला ख़र्च पांच करोड़ से ज़्यादा होता है तो उसे आर्ट आॅफ लिविंग से वसूला जाएगा.

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सरदार सरोवर बांध के डूब क्षेत्र से सिर्फ 300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

सूत्रों के मुताबिक बांध परियोजना से विस्थापित होने वाले हज़ारों लोग इस नदी के किनारों की अपनी मूल बसाहटों में अब भी डटे हैं.

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मेधा पाटकर का आंदोलन, अमित शाह का आगमन और लोकप्रिय मामा

मध्य प्रदेश के मीडिया में सरदार सरोवर बांध के डूब क्षेत्र में आए निसरपुर के विस्थापन का शोर 2004 के हरसूद जैसा नहीं है, जबकि चैनल और अख़बार पहले से कहीं ज़्यादा हैं.

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अनशन पर बैठीं मेधा पाटकर को पुलिस ने किया गिरफ्तार

सरदार सरोवर बांध के डूब क्षेत्र के प्रभावितों के लिए उचित पुनर्वास की मांग को लेकर मध्य प्रदेश के धार जिले के चिखल्दा गांव में 12 दिन से अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठी थी मेधा पाटकर.

फोटो साभार: विकी​मीडिया

उचित मुआवज़ा व पुनर्वास न मिलने पर बांध पीड़ितों का आंदोलन

गुजरात में नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध के कारण विस्थापित होने वाले लोगों ने उचित मुआवज़ा और पुनर्वास स्थलों में सुविधाओं को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

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सोलह साल जेल में गुज़ारने वाले गुलज़ार को मुआवज़ा दे यूपी सरकार : अदालत

अदालत ने कहा, अधिकारियों ने आरोपी पर मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी नहीं ली और आरोप-पत्र दायर कर गुलज़ार की भौतिक आज़ादी का उल्लंघन किया.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

किसानों के ज़ख्मों पर सरकारी नमक, पैसा होने के बावजूद नहीं दिया मुआवज़ा

उत्तर प्रदेश की पूर्व अखिलेश सरकार की ओर से किसानों को जारी 1700 करोड़ रुपये की राहत राशि में से किसानों को सिर्फ़ 480 करोड़ रुपये ही बांटे जा सके.