मुसलमान

महात्मा गांधी. (फोटो: रॉयटर्स)

क्या गांधी की हत्या में आरएसएस की भूमिका थी?

गांधीजी की हत्या में आरएसएस का हाथ होने के मामले को अदालती कार्यवाही पर छोड़ना उचित है. लेकिन इतिहास लेखन उनकी हत्या के पीछे छुपे विचार को पकड़ने में दिलचस्पी रखता है.

Photographers and video cameramen gather outside the special court in Mumbai May 18, 2007. The court on Friday commenced sentencing against the 100 people found guilty of involvement in the 1993 bombings in Mumbai which killed 257 people. REUTERS/Punit Paranjpe  (INDIA)

ये चुप्पी मीडिया नहीं, ‘पपी मीडिया’ है, जो सरकार के फेंके गए टुकड़ों पर पल रहा है

हिंदू-मुसलमान का एक्शन, ‘हिंदू खतरे में है’ का नाच, जेएनयू पर डायलॉग, संसद का सास-बहू, लव जिहाद का धोखा… पूरा देश समाचारों में एकता कपूर के सीरियल देख रहा है, वहीं भुखमरी, किसान आत्महत्या, बलात्कार, बेरोज़गारी, निर्माण और उत्पादकता का विनाश, महिला और दलित उत्पीड़न के बारे में नज़र आती है तो केवल… चुप्पी.

Kabir Jayant IV

कैराना उपचुनाव हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए अच्छी मिसाल बनाने का मौका: जयंत चौधरी

कैराना उपचुनाव, मुज़फ़्फ़रनगर दंगों और किसान राजनीति पर राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी से कबीर अग्रवाल की बातचीत.

Aurangabad: A scene of arson after violent clashes between two groups during a Ramnavmi procession in Aurangabad district on Monday. PTI Photo   (PTI3_26_2018_000132B)

बिहार से ग्राउंड रिपोर्ट: क्या रामनवमी के बाद हुई हिंसा के लिए बाहरी ज़िम्मेदार थे?

रामनवमी के बाद बिहार के विभिन्न ज़िलों में फैली सांप्रदायिक हिंसा के एक महीने बाद इन इलाकों में हिंदू-मुस्लिमों के बीच किसी तरह का मनमुटाव या दुर्भावना नहीं दिखती.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

संघ, विहिप जैसे संगठनों के कारण भारत में अल्पसंख्यकों और दलितों की दशा ख़राब: अमेरिकी रिपोर्ट

अमेरिकी सरकार द्वारा गठित एक आयोग ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा है कि देश में जारी भगवाकरण अभियान के शिकार मुसलमान, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और दलित हिंदू हैं.

India's Prime Minister Narendra Modi arrives to launch a digital payment app linked with a nationwide biometric database during the "DigiDhan" fair, in New Delhi, India, December 30, 2016. REUTERS/Adnan Abidi

आठ साल की बच्ची के साथ हुई वहशियाना हरकत दिखाती है कि हम नीचता की किन गहराइयों में डूब चुके हैं

प्रधानमंत्री के नाम लिखे एक पत्र में रिटायर्ड नौकरशाहों ने कहा कि यह पत्र केवल सामूहिक शर्म या अपनी पीड़ा को आवाज़ देने के लिए नहीं बल्कि सामाजिक जीवन में ज़बरदस्ती घुसा दिए गए घृणा और विभाजन के एजेंडा के ख़िलाफ़ लिखा गया है.

tina_dabi_prasad

आप सांप्रदायिकता से लड़िए क्योंकि इसमें आप मारे जाते हैं

सांप्रदायिकता से इसलिए मत लड़िए कि कांग्रेस-बीजेपी करना है. ये पार्टियां या तो चुप रहकर सांप्रदायिकता करती हैं या फिर खुलेआम. इनके आने-जाने से यह लड़ाई कभी अंजाम पर नहीं पहुंचती है.

Nath Manuscript Featured

नाथ संप्रदाय: धार्मिक मेल-जोल की राजनीति से हिंदुत्व की राजनीति तक

आज भले ही योगी आदित्यनाथ सियासी फ़ायदे के लिए संप्रदायों का ध्रुवीकरण करते हों, लेकिन हाल ही में सामने आए दो अप्रकाशित सिद्धांत बताते हैं कि 20वीं शताब्दी से पहले, नाथ संप्रदाय के सदस्य सत्ता पाने के लिए धार्मिक मेलजोल का सहारा लिया करते थे.

muslim-man

मुस्लिमों को अपनी लोकतांत्रिक पहचान बताने के लिए बुरक़ा और टोपी हटाने की ज़रूरत नहीं है

बुरक़ा और टोपी को मुसलमानों की प्रगति की राह में रोड़ा बताने वालों को अपने पूर्वाग्रहों के परदे हटाने की ज़रूरत है.

sir-syed_amu

क्या आधुनिक शिक्षा के पैरोकार सर सैयद अहमद ख़ान औरतों की तालीम के ख़िलाफ़ थे?

सर सैयद का मानना था कि जब मर्द लायक़ हो जाते हैं, तब औरतें भी लायक़ हो जाती हैं. जब तक मर्द लायक़ न हों, औरतें भी लायक़ नहीं हो सकतीं. यही सबब है कि हम कुछ औरतों की तालीम का ख़्याल नहीं करते हैं.

gujarat-riots_PTI

एनसीईआरटी ने अपनी किताब में गुजरात मुस्लिम विरोधी दंगों से ‘मुस्लिम विरोधी’ शब्द हटाया

12वीं कक्षा की पॉलिटिकल साइंस की किताब के पिछले संस्करण में ‘फरवरी-मार्च 2002 में गुजरात में मुस्लिमों के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी’, लिखा था. अब इसमें से मुस्लिम शब्द हटाकर ‘गुजरात में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई’ कर दिया गया है.

Modi-Yogi-Shah-Collage-PTI-FB

क्यों गोरखपुर-फूलपुर उपचुनाव भाजपा के लिए नाक का सवाल बन गया है?

गोरखपुर से ग्राउंड रिपोर्ट: लगातार जीत से अति-आत्मविश्वास की शिकार भाजपा के लिए यह उपचुनाव आसान नहीं रह गया है. दोनों उपचुनाव शुरू से ही पार्टी के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं क्योंकि यहां के प्रतिकूल परिणाम उसे बहुत नुकसान पहुंचा सकते हैं.

नज़ीर अकबराबादी.

नज़ीर अकबराबादी: होली की बहारों का बेनज़ीर शायर

फिराक़ गोरखपुरी लिखते हैं कि नज़ीर दुनिया के रंग में रंगे हुए महाकवि थे. वे दुनिया में और दुनिया उनमें रहती थी, जो उनकी कविताओं में हंसती-बोलती, जीती-जागती त्योहार मनाती नज़र आती है.

Godhra Riot Victims Reuters

गुजरात दंगों के 16 साल: उम्मीदों के निशां बाकी हैं

2002 के गुजरात दंगों में अपनी ज़िंदगी बिखरते देख चुके प्रोफेसर जेएस बंदूकवाला मानते हैं कि भले ही देश भगवाकरण की ओर बढ़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद अच्छे भविष्य की उम्मीद फीकी नहीं हुई है.

Hindutva_Reuters (1)

‘देश में राष्ट्रवाद के नाम पर नशा बांटा जा रहा है’

वीडियो: देश में बढ़ती सांप्रदायिक घटनाओं और बयानबाज़ी पर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद से द वायर के कार्यकारी संपादक बृजेश सिंह की बातचीत.

Asaduddin-Owaisi-PTI

भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तानी बोलने पर हो सज़ा: असदुद्दीन ओवैसी

केंद्र सरकार से इस बारे में क़ानून बनाने की गुज़ारिश करते हुए हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा कि ऐसा कहने वाले व्यक्ति को तीन साल की जेल होनी चाहिए.

ankit saxena copy

हम असफल और डरपोक प्रेमियों के समाज में रहते-रहते हत्यारे हो चुके हैं

जिस समाज में प्रेम के ख़िलाफ़ इतने सारे तर्क हों, उस समाज को अंकित की हत्या पर कोई शोक नहीं है, वह फ़ायदे की तलाश में है.

An Indian Border Security Force (BSF) soldier opens a gate at the border with Pakistan in Suchetgarh, southwest of Jammu, January 12, 2010. An Indian soldier was killed on Monday in cross-border firing in Kashmir, the latest in a spurt of violence in the disputed region that has raised tensions with Pakistan, officials said. REUTERS/Mukesh Gupta (INDIAN-ADMINISTERED KASHMIR - Tags: CIVIL UNREST MILITARY POLITICS) - RTR28S2X

भारतीय होने का मतलब ही सेकुलर होना है, ऐसा देश का संविधान कहता है

आजकल सेकुलर (कुछ के लिए सिकुलर) शब्द आतंकवादी, देशद्रोही, पाकिस्तानी एजेंट, टुकड़े-टुकड़े गैंग जैसे कई शब्दों का पर्याय बन गया है.

Collage_muslim Mob Violence

67 नौकरशाहों ने लिखा खुला पत्र, कहा- देश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है

प्रधानमंत्री मोदी के नाम लिखे इस पत्र में पूर्व नौकरशाहों ने मुसलमानों के साथ होने वाले रोज़मर्रा के भेदभाव की तरफ इशारा किया है.

Tibet's exiled spiritual leader the Dalai Lama attends a meeting with youth in Strasbourg, France, September 15, 2016. REUTERS/Vincent Kessler

धर्म निजी विषय है, लोगों को लामबंद करने का औज़ार नहीं: दलाई लामा

आध्यात्मिक नेता ने कहा, हमें लोगों को इस आधार पर लामबंद नहीं करना चाहिए कि हम बौद्ध हैं, हम हिंदू हैं, हम मुसलमान है. यह अच्छा नहीं है.

modi and rahul PTI

क्या भारत की राजनीति ने अपना धर्म चुन लिया है?

कभी हाशिये पर रही हिंदुत्व की राजनीति आज मुख्यधारा की राजनीति बन चुकी है. संघ के लिए इससे बड़ी सफलता भला और क्या हो सकती है कि देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियां नरम/गरम हिंदुत्व के नाम पर प्रतिस्पर्धा करने लगें.

उत्तर प्रदेश के खतौली से भाजपा विधायक विक्रम सैनी (फोटो साभार: एएनआई)

कुछ नालायक नेताओं ने दाढ़ीवालों को यहां रोक दिया इसलिए हम मुसीबत में हैं: भाजपा विधायक

मुज़फ्फरनगर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खतौली से भाजपा विधायक विक्रम सैनी ने कहा कि देश का नाम हिंदुस्तान है यानी हिंदुओं का देश.

फोटो: रॉयटर्स

‘तीन तलाक़ को सियासी हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए’

मुस्लिम महिला कार्यकर्ताओं ने कहा, प्रस्तावित क़ानून में तीन तलाक़ के साथ निकाह, हलाला और बहुविवाह भी शामिल हो. सभी दल मिलकर मुस्लिम महिलाओं के मुद्दों का समाधान करें.

sardar_patel

सरदार पटेल ने ‘हिंदू राज’ के विचार को ‘पागलपन’ कहा था

मोदी अगर सरदार पटेल को अपना नेता मानते हैं तो फिर उन्हें पटेल की धर्मनिरपेक्ष प्रतिबद्धता पर अमल करते हुए हिंदू राष्ट्र के लिए हथियार उठाने का आह्वान करने वाले सिरफिरे पर कार्रवाई करनी चाहिए.

गुजरात में वोट डालने के बाद नरेंद्र मोदी. (फोटो: ट्विटर/नरेंद्र मोदी)

मोदी के आचार संहिता उल्लंघन पर विपक्ष ने चुनाव आयोग को घेरा, रोड शो जांच के दायरे में

विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर लगाया भाजपा की कठपुतली के रूप में काम करने का आरोप, भाजपा का पलटवार, राहुल बोले- विश्वसनीयता के संकट से गुज़र रहे हैं मोदी.

राजस्थान के राजसमंद के एक मुस्लिम श्रमिक की हत्या कर शव को जलाने वाला शंभूलाल रैगर.

शंभूलाल रैगर के समर्थन में जमा हुए 3 लाख रुपये, पुलिस ने किया खाता फ्रीज़

रैगर के समर्थन में हिंदुत्ववादी संगठनों द्वारा गुरुवार को रैली निकाले जाने की ख़बर के चलते पड़ोसी जिले उदयपुर में लगी धारा 144. इंटरनेट सर्विस भी सस्पेंड.

1993 में मुंबई दंगों का एक दृश्य. (फोटो: सुधाकर ओल्वे)

बंबई दंगे: ज़ख़्म तो भर गए, लेकिन निशां अभी बाकी हैं

बाबरी विध्वंस के 25 साल: बाबरी विध्वंस के बाद छिड़े सांप्रदायिक दंगों की आंच बंबई तक भी पहुंची थी. लोगों का कहना है कि वे इससे आगे बढ़ चुके हैं पर मुस्लिमों पर हुए हमलों की हालिया घटनाएं उन्हें डराती हैं.

मौलाना अरशद मदनी. (फोटो: पीटीआई)

भाजपा और संघ नफ़रत की सियासत छोड़ें तो हम साथ देने को तैयार: जमीयत

मौलाना अरशद मदनी ने कहा, मुल्क की ख़राब सूरत-ए-हाल से निपटना हर हिंदुस्तानी का फ़र्ज़ है. अगर मुल्क़ में ख़ुदा ना ख़ास्ता बरबादी आई तो वह हिंदू या मुसलमान नहीं देखेगी.

लाहौर में नवाज़ शरीफ के साथ प्रधानमंत्री मोदी, (फोटो: पीटीआई)

पाकिस्तान से इतनी ही नफ़रत है तो शपथ ग्रहण में नवाज़ शरीफ़ को कौन बुलाया था?

मुसलमान का डर दिखा कर हिंदू नौजवानों को बर्बाद किया जा रहा है. उनसे कहा जा रहा है कि रोज़गार मत पूछो, पढ़ाई, अस्पताल मत पूछो, बस देखो कोई मुसलमान मुख्यमंत्री न बन जाए.

इलस्ट्रेशन: एलिजा बख़्त

कम से कम हमारे हिंदुस्तान में तो ऐसा कुछ नहीं होता…

अफ़राज़ुल हत्याकांड: ये तीन लोगों की कहानी है. भगवान, अल्लाह, गॉड, इलाही जिसको भी आप मानते हो, वो कहता है, साउंड, कैमरा, एक्शन और एक सीन शुरू होता है.

इलस्ट्रेशन: एलिजा बख़्त

अफ़राज़ुल की हत्या हमारे सामाजिक पतन की दास्तान है

सिर्फ ये कहना कि ये किसी पार्टी विशेष की सरकार के कारण हुआ, समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों से बचना है. सरकार की ज़िम्मेदारी है पर यह समझना भी ज़रूरी है कि हम ख़ुद अपने घरों में क्या बात कर रहे हैं.

(फोटो साभार: गूगल मैप्स)

राजस्थान में लव जिहाद के नाम पर मुस्लिम श्रमिक को ज़िंदा जलाने वाला आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान के राजसमंद ज़िले में पश्चिम बंगाल निवासी इफराज़ुल की हत्या कर उन्हें ज़िंदा जलाने और उनका वीडियो वायरल करने के आरोप में शंभू लाल रैगर को गिरफ्तार कर लिया गया है.

Babri Masjid Wikipedia

संप्रदायवादियों की दिलचस्पी धर्म में नहीं, उसके राजनीतिक इस्तेमाल में है: बिपन चंद्र

अयोध्या मंदिर-मस्जिद विवाद वास्तविक मुद्दा नहीं हैं, क्योंकि जनता इस मुद्दे को लेकर शांतिपूर्ण रह रही है. वास्तविक मुद्दा सांप्रदायिकता का विकास और सांप्रदायिक संगठनों द्वारा सांप्रदायिक तनाव को हवा देना है.

अयोध्या. (फोटो साभार: ​टूरिज़्म आॅफ इंडिया)

अयोध्या एक शहर का नाम है जिसमें इंसान रहते हैं

यह वह अयोध्या नहीं है जिसको सार्वजनिक कल्पना में विहिप और भाजपा या दिल्ली के तथाकथित लिबरल्स व मार्क्सवादी बुद्धिजीवियों ने स्थापित किया है. यह एक सामान्य शहर है.

Ayodhya Wikimedia

अयोध्या विवाद: इस देश की राजनीति धर्मनिरपेक्ष विरासत और संकल्प भूल चुकी है

देश के वामपंथी और समाजवादी बौद्धिकों ने धर्मनिरपेक्षता की रक्षा का पूरा दारोमदार मंडलवादी और आंबेडकरवादी आंदोलनों पर डाल दिया लेकिन इन आंदोलनों ने देश को इतने भ्रष्ट नेता दिए कि उनके पास धर्मनिरपेक्षता की रक्षा का नैतिक बल ही नहीं बचा.

अयोध्या के नया घाट स्थि​त सरयूतट. (फोटो: कृष्णकांत)

छह दिसंबर हिंदुओं के लिए पश्चाताप, क्षमायाचना और आत्मचिंतन का दिन होना चाहिए

पच्चीस साल पहले आज ही के दिन स्वयं को रामभक्तों की सेना कहने वालों ने एक ऐसा जघन्य कृत्य किया था जिसके कारण पूरी दुनिया के सामने हिंदू धर्म का सिर हमेशा के लिए कुछ नीचे हो गया.