मुस्लिम

(फोटो साभार: मीडिया हाउस पब्लिकेशन)

‘रिलीजियस नेशनलिज़्म’ देश की विभाजनकारी राजनीति की पड़ताल की एक कोशिश है

पुस्तक समीक्षा: विश्लेषकों की निगाह में भारत अधिनायकवाद के स्याह गर्त में जाता दिख रहा है और विभाजक राजनीति के लगातार वैधता हासिल करने को लेकर चिंता की लकीरें बढ़ रही हैं. प्रख्यात शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता राम पुनियानी की नई किताब इस बहस में एक नया आयाम जोड़ती है.

असम के मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा (फोटो साभार: फेसबुक/@himantabiswasarma)

असम में बंद होंगे सरकारी मदरसे और संस्कृत विद्यालय: हिमंता बिस्वा शर्मा

असम के शिक्षा मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा का कहना है कि राज्य के मदरसा शिक्षा बोर्ड को भंग कर दिया जाएगा और सरकार द्वारा संचालित सभी मदरसों को उच्च विद्यालयों में तब्दील कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए नवंबर में अधिसूचना जारी की जाएगी.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: गवाहों के नाम सार्वजनिक करने पर कोर्ट ने जांच अधिकारियों को ज़िम्मेदार ठहराया

दिल्ली पुलिस ने दंगा मामले में गवाही देने वाले 15 सार्वजनिक गवाहों ने जान को ख़तरा बताया था, जिसके चलते छद्मनामों का इस्तेमाल कर उनकी पहचान गुप्त रखी गई थी. पिछले दिनों अदालत में दाख़िल पुलिस की 17,000 पन्नों की चार्जशीट में इन सभी के नाम-पते सहित पूरी पहचान ज़ाहिर कर दी गई थी.

सुप्रीम कोर्ट. (फोटो: रॉयटर्स)

तबलीग़ी जमात केस: अदालत ने कहा, बोलने की आज़ादी के अधिकार का सर्वाधिक दुरुपयोग हुआ

सुप्रीम कोर्ट ने उन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कोरोना महामारी की शुरुआत के समय तबलीग़ी जमात के आयोजन को लेकर मीडिया का एक वर्ग मुस्लिमों के ख़िलाफ़ सांप्रदायिक वैमनस्य फैला रहा था. मीडिया का बचाव करते हुए केंद्र की ओर से कहा गया है कि याचिकाकर्ता बोलने और अभिव्यक्ति की आज़ादी को कुचलना चाहते हैं.

दिल्ली पुलिस कर्मचारियों के साथ पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: पुलिस ने जिन ‘सीक्रेट’ गवाहों की पहचान छिपाने की बात कही, चार्जशीट में दिए उनके नाम

दिल्ली पुलिस ने कहा था कि दिल्ली दंगा मामले में गवाही देने वाले 15 सार्वजनिक गवाहों ने जान को ख़तरा बताया है, जिसके चलते छद्मनामों का इस्तेमाल कर उनकी पहचान गुप्त रखी गई है. पिछले दिनों दायर पुलिस की 17,000 पन्नों की चार्जशीट में इन सभी के नाम-पते सहित पूरी पहचान ज़ाहिर कर दी गई है.

(फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली दंगा: पुलिस चार्जशीट के अनुसार- वॉट्सऐप ग्रुप ने धार्मिक आधार पर दुश्मनी को बढ़ावा दिया

अदालत में दाख़िल दिल्ली पुलिस की एक चार्जशीट के अनुसार, ‘हिंदू कट्टर एकता’ नाम का वॉट्सऐप ग्रुप कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय से बदला लेने के लिए 25 फरवरी को बनाया गया था.

इलियास और मुर्सालीन (फोटोः तारुषि असवानी)

दिल्ली दंगा: युवक का दावा- पुलिस ने कहा था कि 10 मुस्लिमों का नाम ले ले तो रिहा कर देंगे

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान दो स्कूलों की संपत्ति नष्ट करने के आरोप में गिरफ़्तार 28 साल के इलियास को पांच महीने से अधिक समय बाद ज़मानत पर रिहा किया गया है. उनका आरोप है कि उन्हें मुसलमान होने की वजह से निशाना बनाया गया.

Varanasi: UP CM Yogi Adityanath speaks to media during an inspection of isolation ward for novel coronavirus, in Varanasi, Saturday, March 14, 2020. (PTI Photo)(PTI14-03-2020_000079B)

उत्तर प्रदेश: योगी सरकार ‘लव जिहाद’ रोकने के लिए अध्यादेश लाने की तैयारी में

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इससे पहले भी लव जिहाद की घटनाएं रोकने के लिए राज्य के गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को योजना तैयार करने का निर्देश दिया था.

फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल, धुबरी. (फोटो: मसूद ज़मान)

असम: सीमाई ज़िले के फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल में मुस्लिम अधिवक्ताओं को हटाकर हिंदुओं की नियुक्ति

धर्म के आधार पर फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के शासकीय अधिवक्ताओं को नियुक्त करने से पहले राज्य सरकार सीमाई ज़िलों में एनआरसी से बाहर रहने वाले लोगों की दर को लेकर कई बार नाख़ुशी ज़ाहिर कर चुकी है.

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‘मेरे हिजाब की वजह से मीडिया पोर्टल ने मुझे नौकरी नहीं दी’

वीडियो: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री लेने वाली ग़ज़ाला अहमद ने आरोप लगाया है कि उनके हिजाब पहनने के कारण एक हिंदी मीडिया पोर्टल ने उन्हें नौकरी देने से इनकार कर दिया था. उनका कहना है कि नौकरी के लिए उनका चयन हो चुका था, लेकिन जब मीडिया पोर्टल संस्थान को हिजाब का पता चला तो उन्हें मना कर दिया गया.

फिल्म के एक दृश्य में सारा हाश्मी और विपिन शर्मा.

बेबाक: बड़े विषय को लेकर बनाई गई एक शॉर्ट फिल्म

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मूबी पर उपलब्ध शाज़िया इक़बाल की 21 मिनट की फिल्म बेबाक एक निम्न मध्यवर्गीय मुस्लिम परिवार की लड़की फतिन और उसके सपनों की कहानी है.

रघुराम राजन. (फोटो:रॉयटर्स)

जीडीपी गिरावट के आंकड़े बेहद चिंताजनक, सरकार और नौकरशाहों को डरना चाहिए: रघुराम राजन

भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि राहत उपायों के बिना अर्थव्यवस्था में वृद्धि की क्षमता बहुत गंभीर रूप से प्रभावित होगी. यदि अर्थव्यवस्था को इस भयावह स्थिति से निकालना है तो सरकार को अधिक से अधिक ख़र्च करना होगा.

डॉ. कफ़ील ख़ान और प्रशांत कनौजिया. (फोटो साभार: फेसबुक)

बहुजनों और मुस्लिमों के लिए इंसाफ की राह मुश्किल क्यों है

एनसीआरबी की एक रिपोर्ट के अनुसार जेलों में बंद दलित, आदिवासी और मुस्लिमों की संख्या देश में उनकी आबादी के अनुपात से अधिक है, साथ ही दोषी क़ैदियों से ज़्यादा संख्या इन वर्गों के विचाराधीन बंदियों की है. सरकार का डॉ. कफ़ील और प्रशांत कनौजिया को बार-बार जेल भेजना ऐसे आंकड़ों की तस्दीक करता है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

जेलों में बंद दलित, आदिवासी, मुस्लिमों की संख्या देश में उनकी आबादी के अनुपात से अधिकः एनसीआरबी

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के साल 2019 के आंकड़ो के अनुसार देश की जेलों में बंद विचाराधीन मुस्लिम क़ैदियों की संख्या दोषी ठहराए गए मुस्लिम क़ैदियों से अधिक है.