मुस्लिम

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

अंतरधार्मिक रिश्ते के मामले में कोर्ट ने कहा, बालिग महिला को अपनी इच्छा से ज़िंदगी जीने का हक़

एक युवक ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि वे जिस युवती से विवाह करना चाहते हैं, उसके परिजन दोनों के अलग धर्मों के चलते इसके ख़िलाफ़ हैं और युवती को ज़बरदस्ती अपने साथ ले गए हैं. अदालत ने युवती से बात करने के बाद कहा कि वे बालिग हैं और अपनी इच्छा के अनुरूप शादी करने के लिए स्वतंत्र हैं.

नसीरुद्दीन शाह. (फोटो: द वायर)

लव जिहाद शब्द अंतर-धार्मिक विवाहों को कलंकित करने के विचार से निकला है: नसीरुद्दीन शाह

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने एक हालिया साक्षात्कार में कहा कि तत्काल प्रतिक्रिया के डर से किसी भी व्यक्ति के लिए अपने विचारों को सार्वजनिक रूप से साझा करना मुश्किल हो गया है. यह बहुत ही मुश्किल दौर है कि विचारों के स्वतंत्र आदान-प्रदान की कोई संभावना ही नहीं है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोर्ट की हिदायत, धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश की आड़ में विवाहित युवक-युवती को परेशान न करे पुलिस

तीन साल पहले अंतर धार्मिक विवाह करने वाले युवक-युवती ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल में धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश लागू किए जाने के बाद से अमेठी पुलिस उन्हें प्रताड़ित कर रही है.

(इलस्ट्रेशन: परिप्लब चक्रवर्ती/द वायर)

क्या भारत कट्टरता के मामले में पाकिस्तान बनने की राह पर है?

बहुत साल पहले पाकिस्तान की कवियित्री फ़हमीदा रियाज़ ने लिखा था कि ‘तुम बिल्कुल हम जैसे निकले, अब तक कहां छुपे थे भाई. वो मूरखता वो घामड़पन, जिसमें हमने सदी गंवाई, आख़िर पहुंची द्वार तुम्हारे… देश के आज के हालात में ये पंक्तियां सच के काफ़ी क़रीब नज़र आती हैं.

Prayagraj: People undergo thermal screening outside Allahabad High Court, during the fifth phase of COVID-19 lockdown, in Prayagraj, Monday, June 8, 2020. (PTI Photo)  (PTI08-06-2020_000147B)

स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत नोटिस का अनिवार्य प्रकाशन निजता के अधिकार का उल्लंघन: हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी के लिए 30 दिन पहले नोटिस का अनिवार्य प्रकाशन कराना स्वतंत्रता और निजता के मूल अधिकार का उल्लंघन है. अब से नोटिस का प्रकाशन विवाह के इच्छुक पक्षों के लिए वैकल्पिक होगा.

(प्रतीकात्मक  फोटो: पीटीआई)

भारतीय मुसलमानों की विडंबना: हुए अपने ही घर में पराये

जिस तरह देश में सांप्रदायिक वैमनस्य बढ़ रहा है, उससे मुसलमानों के निराश और उससे कहीं ज़्यादा भयग्रस्त होने के अनेकों कारण हैं. समाज एक ‘बाइनरी सिस्टम’ से चलाया जा रहा है. अगर आप बहुसंख्यकवाद से सहमत हैं तो देशभक्त हैं, नहीं तो जिहादी, शहरी नक्सल या देशद्रोही, जिसकी जगह जेल में है या देश से बाहर.

शिवराज सिंह चौहान. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश की राज्यपाल ने धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश को मंज़ूरी दी

मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने बीते 29 दिसंबर को धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश-2020 को मंज़ूरी दी थी. इस क़ानून के ज़रिये धर्मांतरण के मामले में अधिकतम 10 साल की क़ैद और 50 हज़ार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

Married couple Bill Hacket, 53, (L) and Thom Uber hold hands in West Hollywood, California, after the U.S. Supreme Court ruled on California’s Proposition 8 and the federal Defense of Marriage Act, June 26, 2013. REUTERS/Lucy Nicholson

साथ रह रहे दो वयस्क व्यक्तियों के जीवन में कोई भी दख़ल नहीं दे सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को अंतरधार्मिक विवाह करने वाले युवक-युवती के संबंध में कहा कि इस अदालत ने कई बार यह व्यवस्था दी है कि जब दो बालिग व्यक्ति एक साथ रह रहे हों, तो किसी को भी उनके शांतिपूर्ण जीवन में दख़ल देने का अधिकार नहीं है.

Prayagraj: People undergo thermal screening outside Allahabad High Court, during the fifth phase of COVID-19 lockdown, in Prayagraj, Monday, June 8, 2020. (PTI Photo)  (PTI08-06-2020_000147B)

धर्मांतरण के आरोप में केस दर्ज होने के एक महीने बाद यूपी सरकार ने कहा, नहीं मिले सबूत

इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान एक हलफ़नामा दाख़िल कर यूपी सरकार की ओर से अदालत को ये जानकारी दी गई. उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी क़ानून लागू होने के एक दिन बाद बीते साल 29 नवंबर को मुजफ़्फ़रनगर में दो मुस्लिम दिहाड़ी मज़दूरों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया था.

(इलस्ट्रेशन: परिप्लब चक्रवर्ती/द वायर)

न्यू इंडिया में रैडिकलाइजेशन की बढ़ती स्वीकार्यता

भारत में एक नया रैडिकलाइजेशन शक्ल ले चुका है. इसे रोज़मर्रा का आतंकवाद कह सकते हैं. इसकी ख़ासियत यह है कि इसे ‘इस्लामी आतंकवाद’ से ठीक उलट हिंदुओं में व्यापक समर्थन प्राप्त है.

(फोटो: रॉयटर्स)

‘लव जिहाद’ क़ानून: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार को मिला सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में लागू नए धर्मांतरण रोधी क़ानूनों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं. सीजेआई एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने इन क़ानूनों पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि राज्य सरकारों का पक्ष सुने बिना कोई आदेश नहीं दिया जा सकता.

दुकानदार नासिर. (फोटो: वीडियोग्रैब)

उत्तर प्रदेश: ‘ठाकुर’ लिखा जूता बेचने पर मुस्लिम विक्रेता गिरफ़्तार, विवाद के बाद रिहा

मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का है. हिंदुत्ववादी संगठन बजरंग दल के संयोजक ने दुकानदार नासिर पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था. वहीं, ठाकुर फुटवियर कंपनी के मालिक ने कहा कि यह नाम उनके दादाजी से जुड़ा है. किसी राजनीति के लिए नहीं बदलेंगे.

(फोटो साभार: यूट्यूब वीडियोग्रैब)

एमपी: सांप्रदायिक झड़प के बाद सड़क चौड़ीकरण के नाम पर प्रशासन ने 13 घर आंशिक तौर पर ढहाए

मध्य प्रदेश में इंदौर ज़िले के मुस्लिम बाहुल्य चंदन खेड़ी गांव की घटना. बीते 29 दिसंबर को अयोध्या में राम मंदिर के लिए धन जुटाने के लिए श्रीरामजन्मभूमि निर्माण समिति के बैनर तले रैली के दौरान यहां सांप्रदायिक झड़प हो गई थी. प्रशासन का कहना है कि ये घर सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर बनाए गए थे.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

यूपी: बरेली पुलिस ने कहा- जबरन धर्मांतरण मामले में मुस्लिम युवकों को फंसाया गया

मामला बरेली ज़िले का है, जहां एक जनवरी को 24 साल की एक महिला पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव डालने के आरोप में तीन मुस्लिम युवकों पर मामला दर्ज किया गया था. पुलिस का कहना है कि जांच में तीनों युवकों पर लगाए गए आरोप ग़लत पाए गए हैं.

फैजान मुस्तफा. (फोटो साभार: फेसबुक)

धर्मांतरण रोधी क़ानून धर्मनिरपेक्षता, निजता के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन: फ़ैज़ान मुस्तफ़ा

जाने-माने विधि विशेषज्ञ फ़ैज़ान मुस्तफ़ा ने कहा कि धर्मांतरण रोधी क़ानून हिंदुत्व के विचार, जो हमारी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा रहा है, को भी ख़त्म करता है. हमारे यहां स्वयंवर का प्रावधान था, उसमें दुल्हन को अपना पति चुनने की आज़ादी थी. अब हम कह रहे हैं कि उन्हें कोई बेवकूफ़ बना सकता है, वो अपने फ़ैसले नहीं ले सकती हैं.