मेमोरी इन द एज आॅफ एमनेशिया: अ पर्सनल हिस्ट्री आॅफ आवर टाइम्स

फिल्मकार सईद अख़्तर मिर्ज़ा, सामाजिक कार्यकर्ता रितु ​दीवान और फिल्मकार महेश भट्ट. (फोटो साभार: यूट्यूब)

लोकतंत्र और देशभक्ति जैसे शब्द अपना अर्थ खो चुके हैं: सईद अख़्तर मिर्ज़ा

राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्मकार सईद अख़्तर मिर्ज़ा की किताब के लोकार्पण के मौके पर फिल्मकार महेश भट्ट ने कहा कि हमारे देश की आत्मा सरकार से बहुत बड़ी है. यह देश सरकार नहीं है.