मोदी सरकार

**EDS: RPT (CHANGES LOCATION FROM NEW DELHI TO GHAZIABAD)** Ghaziabad: Migrant workers along with their family members take rest after they set forth to their their villages on foot, amid a nationwide lockdown in wake of coronavirus pandemic, in Ghaziabad, Sunday, March 29, 2020. (PTI Photo/Arun Sharma)(PTI29-03-2020 000043B)

हरियाणा: पानीपत में प्रशासन ने प्रवासी मज़दूरों के लिए सड़ी हुई खिचड़ी के पैकेट भिजवाए

हरियाणा के पानीपत में रह रहे कई प्रवासी मज़दूरों ने शिकायत की है कि या तो प्रशासन उन्हें भोजन मुहैया नहीं करा रहा है और अगर कहीं पर खाना पहुंच भी रहा है तो उसकी गुणवत्ता काफी ख़राब है.

​​(फोटो: पीटीआई)

सरकार से पुष्टि के बाद ही कोरोना वायरस से संबंधित खबरें चलाए मीडिया: सुप्रीम कोर्ट

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से यह निर्देश दिए जाने की मांग की थी कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए सिस्टम से कोरोना वायरस पर तथ्यों की पुष्टि किए बिना कोई भी मीडिया प्रतिष्ठान किसी खबर का प्रकाशन अथवा प्रसारण न करे.

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पीएम ने राज्यों को विश्वास में लिया होता तो लॉकडाउन से इतनी अफ़रातफ़री नहीं होती: भूपेश बघेल

वीडियो: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

(फाइल फोटो, पीटीआई)

सरकार ने पीपीएफ और वरिष्ठ नागरिकों की बचत योजनाओं की ब्याज दरों में की भारी कटौती

सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र और लोक भविष्य निधि समेत लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें 2020-21 की पहली तिमाही के लिए 1.4 फीसदी तक घटा दी हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

वायरस के मुकाबले दहशत से होंगी ज्यादा जिंदगियां बर्बाद: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि प्रवासी मजदूरों को दहशत से उबरने में मदद करने के लिए प्रशिक्षित परामर्शदताओं और सभी धर्मों के नेताओं की मदद ली जाए.

‘India is walking home’: Millions of migrant workers flee locked-down cities
Coronavirus crisis drives many poor workers to walk hundreds of kilometres to villages
about 21 hours ago
Rahul Bedi in New Delhi
The daughter of a migrant worker sleeps on a highway as they failed to get a bus to return to their village in Delhi on Sunday. Photograph: Adnan Abidi/Reuters
The daughter of a migrant worker sleeps on a highway as they failed to get a bus to return to their village in Delhi on Sunday March 29, 2020. (Photo: Adnan Abidi/Reuters)

हरियाणा: लॉकडाउन में 3500 परिवारों को राशन का इंतज़ार, कहा- गांव नहीं जाने दिया, अब भूखा मार रहे

हरियाणा के पानीपत ज़िले के प्रवासी बुनकरों, रिक्शा चालकों समेत हजारों दिहाड़ी मज़दूरों को राशन नहीं मिल पा रहा है. इसमें से कई लोग अपने गांव वापस लौट रहे थे, लेकिन प्रशासन ने इन्हें ये आश्वासन देकर रोका है कि उन्हें खाने-पीने की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी.

(फोटो: रॉयटर्स)

लॉकडाउन: बीएसएनएल, एमटीएनएल और एयरटेल ने बढ़ाई प्रीपेड वैधता, अतिरिक्त टॉकटाइम मिलेगा

देशव्यापी लॉकडाउन के कारण ट्राई के निर्देश पर बीएसएनएल, एमटीएनएल और एयरटेल ने प्रीपेड ग्राहकों की वैधता 20 अप्रैल तक बढ़ाने और 10 रुपये का अतिरिक्त टॉकटाइम देने की घोषणा की, जो प्रति उपभोक्ता कम खर्च करने वाले ग्राहकों के लिए सीमित होगी. इसका फायदा करीब आठ करोड़ ग्राहकों को होगा.

Ghaziabad: Migrant workers walk on railway tracks after they couldnt find any transport to return to their native places, during a 21-day nationwide lockdown to limit the spread of coronavirus, in Ghaziabad, Thursday, March 26, 2020. (PTI Photo/Arun Sharma)

मज़दूरों का पलायन रोकने के लिए उठाए गए क़दमों पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से रिपोर्ट तलब की

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं में कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लागू 21 दिनों के लॉकडाउन की वजह से बेरोज़गार होने वाले हज़ारों प्रवासी कामगारों के लिए खाना, पानी, दवा और समुचित चिकित्सा सुविधाओं जैसी राहत दिलाने का अनुरोध किया गया है.

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लॉकडाउन नहीं, कमज़ोर तैयारियों के लिए माफी मांगिए मोदी ​जी…

वीडियो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लॉकडाउन के चलते हो रही परेशानियों के लिए जनता से माफी मांगी है. इस मुद्दे पर द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

A migrant worker runs behind a truck as others try to board it to return to their villages after India ordered a 21-day nationwide lockdown to limit the spreading of coronavirus disease (COVID-19), in Ghaziabad, on the outskirts of New Delhi, March 26, 2020. REUTERS/Adnan Abidi

लॉकडाउन में पलायन: आठ सौ किलोमीटर, साठ घंटे और दस मज़दूरों का संघर्ष

कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र हुए लॉकडाउन के बाद दस मज़दूर हरियाणा के बल्लभगढ़ से उत्तर प्रदेश के देवरिया में अपने घर पहुंचे हैं. 800 किलोमीटर की यह यात्रा उन्होंने तीन दिनों में पैदल, ट्रक, ऑटो और सरकारी बस की मदद से पूरी की.

उत्तर प्रदेश के बरेली में घर वापस लौटे मजदूरों को सैनिटाइजर से नहलाया जा रहा है. (फोटो: ट्विटर/वीडियो ग्रैब)

कोरोना: वापस उत्तर प्रदेश लौटे मजदूरों को सैनिटाइजर से नहलाया गया, विपक्ष ने बताया ‘अमानवीय’

मामला उत्तर प्रदेश बरेली शहर का है. जिलाधिकारी नीतीश कुमार ने कहा कि बरेली नगर निगम एवं फायर ब्रिगेड की टीम को बसों को सैनेटाइज करने के निर्देश थे, पर अतिसक्रियता के चलते उन्होंने ऐसा कर दिया. संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

Kolkata: A migrant labourer carries his daughter on a trolley bag after he could not find any transport to return to his native place during the nationwide lockdown imposed in the wake of coronavirus pandemic, in Kolkata, Friday, March 27, 2020. (PTI Photo/Swapan Mahapatra)(PTI27-03-2020 000111B)

लॉकडाउन: वेतन में कटौती न करने, मज़दूरों और छात्रों से किराया न लेने का आदेश

गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी नियोक्ता, चाहे वह उद्योग में हों या दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में, लॉकडाउन की अवधि में अपने श्रमिकों के वेतन का भुगतान बिना किसी कटौती के करेंगे.

A migrant worker carries her daughter as she walks on a highway with others looking out for a transport to return to their villages, after India ordered a 21-day nationwide lockdown to limit the spreading of coronavirus disease (COVID-19), in Ghaziabad, on the outskirts of New Delhi, March 26, 2020. REUTERS/Adnan Abidi

कोरोना से निपटने के सरकार के कदम ग़रीब-विरोधी हैं

सरकार द्वारा ग़रीबों की मदद के नाम पर स्वास्थ्य संबंधी मामूली घोषणाएं की गई हैं. हमें नहीं पता अगर कोई ग़रीब कोरोना से संक्रमित हुआ तो उसे उचित स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी. अगर अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आई तो बेड और वेंटिलिटर जैसी सुविधाएं मिलेंगी?

(फोटो साभार: ईपीएफओ)

कोरोना लॉकडाउन: कर्मचारी भविष्य निधि से पैसा निकालने की अनुमति

कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए देशव्यापी ‘लॉकडाउन’ की वजह से लोगों को राहत देने के लिए श्रम मंत्रालय ने यह कदम उठाया है.

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना संकट: आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत गृह मंत्रालय ने 11 उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया

इन समितियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे कोरोना महामारी से विभिन्न क्षेत्रों में खड़ी हुई समस्याओं की पहचान कर उसका प्रभावी समाधान निकालेंगे.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना लॉकडाउन: पैदल हरियाणा से यूपी जा रहे युवक की बस से कुचलकर मौत

21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन के कारण फैक्ट्री बंद होने के बाद अपने भाई के साथ हरियाणा के सोनीपत से उत्तर प्रदेश के रामपुर जा रहे 26 वर्षीय नितिन कुमार 177 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर चुके थे और यह दुर्घटना उनके घर से मात्र 39 किलोमीटर की दूरी पर हुई.

(फोटो: रॉयटर्स)

लॉकडाउन में मज़दूरों का पलायन: न तो काम है और न ही पैसा

वीडियो: कोरोना वायरस फैलने के ख़तरे को देखते हुए 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन के बीच दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर सैकड़ों-हज़ारों किलोमीटर की दूरी तय करते हुए अपने घरों के लिए निकल पड़े हैं.

Thomas Schäfer. Photo Twitter

कोरोना वायरस संबंधी चिंताओं के चलते जर्मन राज्य के वित्त मंत्री ने आत्महत्या की

जर्मनी के हेस्से राज्य के वित्त मंत्री थॉमस शेफर (54) बीते शनिवार को रेल पटरी पर मृत मिले थे.

Migrants wait to board a bus to their native villages, during a nationwide lockdown imposed in the wake of coronavirus pandemic, at Kaushambi in Ghaziabad, Saturday, March 28, 2020.
(Photo: PTI)

पलायन कर रहे मज़दूरों ने कहा, बीमारी से भी मरना है और भूख से भी

वीडियो: कोरोना वायरस के कारण हुए देशव्यापी लॉकडाउन के बाद दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले दिहाड़ी मज़दूर अपने-अपने घर जाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गईं बसों में जगह पाने के लिए देर रात भटकते रहे. गाजियाबाद के कौशाम्बी बस अड्डे पर मज़दूरों से विशाल जायसवाल की बातचीत.

गाजियाबाद के एक बस अड्डे पर घर जाने के लिए जुटी प्रवासी मजदूरों की भीड़. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना लॉकडाउन: केंद्र ने कहा- प्रवासी मजदूरों का पलायन रोकने के लिए सीमाएं सील करें राज्य

राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने उनसे सुनिश्चित करने को कहा कि शहरों में या राजमार्गों पर आवाजाही नहीं हो क्योंकि लॉकडाउन जारी है.

Ghaziabad: Migrant workers walk to their villages amid the nationwide complete lockdown, during a 21-day nationwide lockdown to limit the spread of coronavirus, in Ghaziabad, Thursday, March 26, 2020. (PTI Photo/Arun Sharma)

कोरोना वायरस लॉकडाउन: पैदल यात्रा को मजबूर दिहाड़ी मज़दूर

वीडियो: कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन के चलते निर्माण कार्य में लगे मज़दूर, रेहड़ी-पटरी पर दुकान लगाने वाले, खोमचे वाले, रिक्शा चलाने वाले समेत श्रमिकों एक बड़ा वर्ग बेरोज़गार हो गया है. ​ये पैदल ही विभिन्न राज्यों में स्थित अपने घरों को लौटने के लिए मजबूर हैं.

Ghaziabad: A group of migrant workers walk to their villages amid the nationwide complete lockdown, on the NH24 near Delhi-UP Border in Ghaziabad, Thursday, March 26, 2020. The migrants, reportedly, started their journey to their villages in Uttar Pradesh on foot after they were left with no other option following the announcement of a 21-day lockdown across the country to contain the Covid-19, caused by the novel coronavirus. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI26-03-2020 000135B)

कोरोना लॉकडाउन के चलते मज़दूरों का पलायन: सरकार नाकाम, सहारा बने आमजन

वीडियो: देश में 21 दिनों के लॉकडाउन के वजह मज़दूरों के सामने रोज़ीरोटी का संकट पैदा होने के बाद ये पैदल ही अपने घरों की ओर पलायन कर रहे हैं. यमुना एक्सप्रेस वे पर इनसे अविचल दुबे ने बातचीत की.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

योगी आदित्यनाथ के खिलाफ ट्वीट करने पर आप विधायक राघव चड्ढा पर केस दर्ज

एक ट्वीट करके आम आदमी पार्टी विधायक राघव चड्ढा ने आरोप लगाया था कि दिल्ली से उत्तर प्रदेश जाने वाले प्रवासियों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर पिटाई की गई. हालांकि, चड्ढा ने बाद अपना यह ट्वीट डिलीट कर दिया.

Thousands of migrant workers from Delhi, Haryana and even Punjab reached Anand Vihar Bus Terminus in national capital during CoronaVirus Lockdown on March 28, 2020. (Photo: PTI)

दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे का हाल, जहां लॉकडाउन में भी मज़दूरों की भीड़ लग गई

वीडियो: कोरोना वायरस की वजह से देश में लागू लॉकडाउन की वजह से उत्तर प्रदेश और बिहार से दिल्ली आए दिहाड़ी मज़दूरों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है. बीते शनिवार को लॉकडाउन के दौरान हज़ारों की संख्या में मज़दूर घर जाने के लिए दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे पर जमा हो गए थे.

In locked down India, poor migrants are on a long march back home March 27, 2020. (Photo: REUTERS/DANISH SIDDIQUI)

लॉकडाउन के दौरान दिल्ली से पैदल पलायन कर रहे दिहाड़ी मज़दूरों की कहानियां

वीडियो: कोरोना वायरस से सुरक्षा को लेकर देश में लागू लॉकडाउन के दौरान राजधानी दिल्ली से विभिन्न राज्यों में स्थित अपने घरों को पैदल लौट रहे दिहाड़ी मज़दूरों से इस्मत आरा और शेखर तिवारी की बातचीत.

Justice Ranjan-gogoi PTI

‘जस्टिस गोगोई के राज्यसभा पहुंचने के बाद हर जज और उनके दिए फ़ैसले पर सवाल उठेंगे’

पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को राज्यसभा सदस्य के तौर पर मनोनीत करने की पूर्व न्यायाधीशों और विपक्षी दलों ने आलोचना की है. ऐसा भी कहा गया कि उन्हें सरकार को फायदा पहुंचाने के एवज में यह पद मिला है. इस बारे में पटना हाईकोर्ट की पूर्व जज अंजना प्रकाश से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना: मोदी सरकार के 1.75 लाख करोड़ के राहत पैकेज का सच वही है जो दिखाया जा रहा है?

25 मार्च को केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने बताया कि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत अब पीडीएस धारकों को 2 किलो अतिरिक्त अनाज मिलेगा, जिससे देश के 81 करोड़ लाभार्थी अगले तीन महीने तक लाभांवित होंगे. 26 मार्च के वित्त मंत्री के ऐलान में लाभार्थियों की संख्या 80 करोड़ है. एक करोड़ का हिसाब क्या सरकार के बोलने-लिखने में गायब हो गया?

शिवराज सिंह चौहान के साथ कमलनाथ. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: क्या उपचुनावों में जीत कांग्रेस को फिर सत्ता में ला सकती है?

आगर-मालवा और जौरा के विधायकों के निधन के कारण विधानसभा की दो सीटें पहले से ही खाली थीं. अब कांग्रेस के बागी 22 विधायकों के इस्तीफ़े के बाद राज्य में 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं.

Srinagar: A man walks outside closed shops during restrictions in Srinagar, Friday, March 20, 2020. Authorities imposed restrictions on second day as a precautionary measures after first case of coronavirus was detected in the Valley. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI20-03-2020 000132B)

कोरोना वायरस से उपजे भीषण आर्थिक आघात का सामना करने के लिए देश को तैयार रहना होगा

जब सरकार कोरोना वायरस से मुक़ाबला करने के लिए आर्थिक गतिविधियां बंद करेगी तब मालूम होगा कि इससे बेरोज़गारी और बढ़ेगी, साथ ही लोगों की कमाई में गिरावट आएगी. ऐसे में देश के दिहाड़ी मज़दूरों और स्वरोज़गार में लगे लोगों के लिए इनकम ट्रांसफर सरकार की प्राथमिकता में होना चाहिए.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन. (फोटो: ट्विटर)

झारखंड ने एनआरसी के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया, एनपीआर को 2010 की तरह लागू करने की मांग

इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद राज्य की विधानसभा को कोरोना वायरस के मद्देनजर अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित कर दिया गया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

सरकार ने पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क आठ रुपये लीटर तक बढ़ाने का अधिकार हासिल किया

कांग्रेस ने पेट्रोल एवं डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को लेकर आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार लोगों की तकलीफ का फायदा उठा रही है, जो कि बहुत अमानवीय है. लोगों की जीविका खत्म हो रही है और नौकरियां जा रही है. ऐसे में भाजपा सरकार मुनाफा कमा रही है.

लोकसभा. (फोटो: पीटीआई)

लोकसभा ने वित्त विधेयक को बिना चर्चा के पारित किया

वित्त विधेयक को पारित किए जाने के बाद लोकसभा की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. बजट सत्र 3 अप्रैल को समाप्त होने वाला था.

सीजेआई रंजन गोगोई (फोटो: पीटीआई)

चुनावी बॉन्ड मामले की सुनवाई कर चुके रंजन गोगोई को अब ये मामला याद नहीं

लोकसभा चुनाव के दौरान इस मामले को लेकर हो रही सुनवाई के दौरान तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली एक पीठ ने ही चुनावी बॉन्ड योजना पर रोक लगाने से मना कर दिया था.

मुंबई लोकल ट्रेन. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना: शिवसेना ने कहा- मुंबई लोकल बंद करने में देरी के कारण महाराष्ट्र में बढ़ा संक्रमण

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में लिखा कि मुंबई में लोकल ट्रेनों समेत रेल सेवाओं पर अगर पहले ही रोक लगा दी गई होती तो कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में इतनी वृद्धि नहीं होती. मुंबई में उपनगरीय ट्रेनों को प्राथमिकता से रोका जाना चाहिए था लेकिन भारतीय रेलवे के अधिकारी ‘इसके लिए इच्छुक नहीं’ थे.

(इलस्ट्रेशन: एलीज़ा बख़्त/द वायर)

साल 2018 में देश में बाल विवाह के 501 मामले सामने आए: केंद्र सरकार

साल 2016 से 2018 के बीच देश में बाल विवाह के आंकड़ों में बढ़ोतरी. केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बताया कि 2016 में बाल विवाह के 326, 2017 में 395 और 2018 में 501 मामले दर्ज किए गए.

Amritsar: Farmers thrash paddy at a field near Amritsar, Saturday, Nov. 2, 2019.(PTI Photo)(PTI11_2_2019_000126B)

फसलों का उचित दाम दिलाने वाली योजना का बजट बढ़ाने की हुई थी मांग, वित्त मंत्रालय ने नकारा

द वायर द्वारा प्राप्त किए गए दस्तावेज़ों से पता चलता है कि कृषि मंत्रालय ने कहा था कि चूंकि पीएम-किसान योजना के तहत पूरी राशि ख़र्च नहीं हो पा रही है, इसलिए जो राशि बच गई है उसे अन्य योजनाओं के इस्तेमाल में लाया जा सकता है. हालांकि वित्त मंत्रालय ने इस मांग को ख़ारिज कर दिया था.

Ranjan Gogoi ANI

पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई ने राज्यसभा सांसद की शपथ ली, विपक्ष ने वॉक आउट किया

विपक्ष के सदन से वॉक आउट करने को क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अनुचित क़रार दिया. पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई पिछले साल नवंबर में रिटायर हुए थे. उन्होंने अक्टूबर 2018 में देश के 46वें मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाला था.

जस्टिस रंजन गोगोई और एयरमार्शल अंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई/bharat-rakshak dot com)

रिटायरमेंट के बाद गोगोई बंधुओं पर सरकार की मेहरबानी

पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा राज्यसभा में नामित किए जाने से पहले बीती जनवरी में राष्ट्रपति ने उनके भाई सेवानिवृत्त एयरमार्शल अंजन गोगोई को नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल के पूर्णकालिक सदस्य के बतौर मनोनीत किया था, जबकि उन्होंने इस क्षेत्र में अधिक समय काम नहीं किया है.

Demonstrators attend a protest march against the National Register of Citizens (NRC) and a new citizenship law, in Kolkata, December 19, 2019. REUTERS/Rupak De Chowdhuri

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर तैयार करना आवश्यक

पिछले साल दिसंबर में दिल्ली स्थिति रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में एनआरसी लागू करने की बात को खारिज करते हुए कहा था कि 2014 से लेकर अब तक में कहीं भी ‘एनआरसी’ शब्द पर चर्चा नहीं हुई है.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

राज्यसभा में रंजन गोगोई को नामित किए जाने पर पूर्व न्यायाधीशों और विपक्षी दलों ने की आलोचना

पूर्व न्यायाधीश कुरियन जोसफ सहित कई पूर्व न्यायाधीशों ने पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के राज्यसभा में मनोनयन पर कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद पद लेना न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमतर करता है. विपक्षी दलों ने इसे केंद्र सरकार का निर्लज्ज कृत्य क़रार दिया.