मौलिक अधिकार

(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

छत्तीसगढ़: वन अधिकार कानून के तहत वन विभाग को नोडल एजेंसी बनाने के आदेश को सरकार ने वापस लिया

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वन विभाग को नोडल एजेंसी बनाए जाने पर आदिवासी कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों ने कड़ी आपत्ति जताई थी.

अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर. (फोटो: पीटीआई)

मौजूदा वक्त में धार्मिक स्थलों पर प्रतिबंध लगाना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं: हाईकोर्ट

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर सभी धार्मिक स्थलों को खोलने और कोरोना संक्रमण के चलते धार्मिक प्रतिष्ठानों पर लगाए गए प्रतिबंधों को असंवैधानिक करार देने की मांग की गई थी.

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कोरोना संकट के दौरान सुप्रीम कोर्ट का रवैया निराश करने वाला रहा है: जस्टिस मदन बी. लोकुर

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मदन बी. लोकुर ने एक साक्षात्कार में कहा कि शीर्ष अदालत अपने संवैधानिक कर्तव्यों को सही तरह से नहीं निभा रही है. भारत का सर्वोच्च न्यायालय अच्छा काम करने में सक्षम है, लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें आत्मनिरीक्षण करने की आवश्यकता है.

लॉकडाउन दौरान के बिहार के रांची में पुलिस एक व्यक्ति सजा देते हुए. (फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: लोगों के ख़िलाफ़ पुलिस ज़्यादती पर केंद्र और केरल सरकार को नोटिस जारी किया

केरल हाईकोर्ट ने कथित रूप से देशव्यापी लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के ख़िलाफ़ पुलिस ज़्यादती की कथित घटनाओं का स्वत: संज्ञान लिया ​है.

(फोटो: रॉयटर्स)

केरल के बाद राजस्थान ने नागरिकता संशोधन कानून की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी

राजस्थान सरकार की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नागरिकता संशोधन कानून संविधान की मूल भावना के विपरीत है और ये मौलिक अधिकारों का हनन करता है. इस कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अब तक 160 से अधिक याचिकायें दायर की जा चुकी हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

विवाहित बेटी भी अनुकंपा नियुक्ति की हक़दार, राज्य की नीति असंवैधानिक: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश के सतना ज़िले की एक महिला द्वारा अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन को राज्य की बिजली कंपनी ने यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया था कि सरकार की नीति के तहत अनुकंपा नियुक्ति का लाभ सिर्फ पुत्र, अविवाहित पुत्री, विधवा पुत्री या तलाक़शुदा पुत्री को ही दिया जा सकता है.

New Delhi: Protestors hold placards during a  protest march from Mandi House to Jantar Mantar against the amended Citizenship Act, NRC and NPR, in New Delhi, Monday, Feb. 10, 2020. (PTI Photo/Kamal Singh) (PTI2_10_2020_000064B)

सीएए विरोधी शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले राष्ट्रद्रोही और गद्दार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ होने वाले एक प्रदर्शन पर धारा 144 के तहत रोक लगाने वाले आदेश को रद्द करते हुए कहा कि देश को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता विरोध प्रदर्शनों के ज़रिये ही मिली थी.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: रॉयटर्स)

इंटरनेट का इस्तेमाल संविधान में मिले मौलिक अधिकारों का हिस्सा है: केरल हाईकोर्ट

केरल के कालीकट विश्वविद्यालय के एक कॉलेज की बीए की छात्रा ने हॉस्टल में मोबाइल इस्तेमाल न करने के आदेश को चुनौती दी थी. हॉस्टल में रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लड़कियों को मोबाइल के इस्तेमाल की अनुमति नहीं थी.

Chennai: Lesbian, Gays, Bi-Sexual and Transgenders (LGBT) people along with their supporters take part in Chennai Rainbow Pride walk to mark the 10th year celebrations, in Chennai on Sunday, June 24, 2018. (PTI Photo)(PTI6_24_2018_000128B)

यदि कोई क़ानून मौलिक अधिकार का हनन करता है तो उसे निरस्त करना अदालत का कर्तव्य है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने धारा 377 मामले में अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है. कोर्ट ने कहा अगर हमें लगता है कि कहीं मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है, तो ये मौलिक अधिकार अदालत को अधिकार देते हैं कि ऐसे क़ानून को निरस्त किया जाए.

हॉस्टल की समयसीमा बढ़ाने के लिए बीते मार्च महीने में जामिया मिलिया इस्लामिया की छात्राओं ने प्रदर्शन किया था. (फोटो साभार: फेसबुक/रियाजुद्दीन)

जामिया मिलिया में रात नौ बजे के बाद छात्राओं के हॉस्टल से बाहर रहने पर फिर लगी रोक

सुरक्षा का हवाला देकर जामिया प्रबंधन ने छात्राओं के हॉस्टल बंद होने की समयसीमा रात 10:30 बजे से घटाकर नौ बजे की. इस नियम के ख़िलाफ़ प्रदर्शन पर भी लगाया प्रतिबंध.

फोटो: द वायर/कृष्णकांत

वन अधिकार कानून ने आदिवासियों को अतिक्रमणकारी होने के कलंक से मुक्त किया

ग्यारह साल पहले इस क़ानून के पारित होने के बाद से आदिवासी समुदाय इस दिन को एक उत्सव के रूप में मनाते आ रहे हैं.

फिल्मकार आनंद गांधी. (फोटो साभार: फेसबुक/आनंद गांधी)

हमें चुप्पी और धमकियों को स्वीकारने की तरफ धकेला जा रहा है: आनंद गांधी

निर्माता-निर्देशक गांधी ने कहा, समाज के विभिन्न वर्गों से रचनात्मक लोगों को जिस तरह धमकियां मिल रही हैं, उससे रचनात्मक स्वतंत्रता ख़तरे में है.

(फोटो:पीटीआई)

न्यूनतम मज़दूरी नहीं देने वाले उद्योग को चालू रहने का हक़ नहीं: हाईकोर्ट

अदालत ने कहा, बिना न्यूनतम मज़दूरी दिए लोगों से काम लेना आपराधिक कृत्य है और इसके लिए न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम, 1948 के तहत दंडात्मक प्रावधान मौजूद हैं.