यूपीए

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एनपीए पर रघुराम राजन की रिपोर्ट रसूख़दारों पर सरकारी मेहरबानी का दस्तावेज़ है

अब यह देखा जाना बाक़ी है कि क्या मोदी सरकार इन बड़े कॉरपोरेट घरानों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में सफल हो पाती है, जो आने वाले आम चुनावों में अज्ञात चुनावी बॉन्डों के सबसे बड़े ख़रीदार हो सकते हैं.

New Delhi: A file photo of liquor baron Vijay Mallya. MEA (Ministry of External Affairs) revoked Mallya's passport under S.10(3)(c) & (h) of Passports Act," foreign ministry spokesman Vikas Swarup tweeted on Sunday.   PTI Photo  (PTI4_24_2016_000134B) *** Local Caption ***

माल्या को ‘माल्या’ किसने बनाया?

विजय माल्या ने हर दल की मदद से खुद को राज्यसभा में पहुंचाकर भारत की संसदीय परंपरा को उपकृत किया. मैं माल्या के इस योगदान का सम्मान करता हूं. इस मामले में प्रो-माल्या हूं. क्या माल्या बहुत बड़े राजनीतिक विचारक थे? जिन-जिन लोगों ने उन्हें संसद में पहुंचाया वो सामने आकर बोले तों. वन सेंटेंस में!

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जनता एनपीए विवाद में उसी तरह उल्लू बन रही है जैसे हिंदू-मुस्लिम डिबेट में बनती है

अगर यह राजनीतिक विवाद किसी भी तरह से आर्थिक अपराध का है तो दस लाख करोड़ रुपये लेकर फरार अपराधियों के नाम लिए जाने चाहिए. किसके राज मे लोन दिया गया यह विवाद है, किसे लोन दिया गया इसका नाम ही नहीं है.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 304: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें

जन गण मन की बात की 304वीं कड़ी में विनोद दुआ पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और उस पर मोदी सरकार की प्रतिक्रिया पर चर्चा कर रहे हैं.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi and former prime minister Manmohan Singh during a release of the book titled "Moving On...Moving Forward: A Year in Office" published on experiences of M Venkaiah Naidu during his first year as Vice President of India and Chairman of Rajya Sabha, in New Delhi on Sunday, Sept 2, 2018. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI9_2_2018_000057B)

एनपीए को लेकर यूपीए और एनडीए की नीतियां और नीयत एक जैसी है

कुछ अमीर उद्योगपति और अमीर होते रहें, जनता हिंदू-मुस्लिम करती रहे, इसलिए कांग्रेस भी नहीं बताती है कि वह जब सत्ता में आएगी तो उसकी अलग आर्थिक नीति क्या होगी. भाजपा भी यह सब नहीं करती है जबकि वह सत्ता में है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi being received by the Governor of Reserve Bank of India, Shri Raghuram Rajan at the Financial Inclusion Conference of RBI, in Mumbai on April 02, 2015.

रघुराम राजन ने पीएमओ को दी थी एनपीए से जुड़े घोटालेबाज़ों की सूची, लेकिन नहीं हुई कार्रवाई

संसद की प्राक्कलन समिति को भेजे पत्र में आरबीआई के पूर्व गर्वनर रघुराम राजन ने उन तरीक़ों के बारे में बताया है जिनके ज़रिये बेईमान बिज़नेस घरानों को सरकार और बैंकिंग व्यवस्था से घोटाला करने की खुली छूट मिली.

केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल. (फोटो: पीटीआई)

काले धन पर जानकारी देने से वित्त मंत्रालय ने किया मना: आरटीआई

वित्त मंत्रालय ने कहा कि इससे संसद के विशेषाधिकार का हनन होगा. मंत्रालय के अनुसार काले धन से जुड़ी रिपोर्ट पिछले साल 21 जुलाई को संसद की स्थाई समिति के पास भेज दी गई थी, लेकिन इसे साझा नहीं किया जा सकता है.

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मोदी के चार साल: देश का किसान दुख और विनाश के चक्रव्यूह में फंस गया है

देश में पिछले चार वर्षों में कृषि विकास दर का औसत 1.9 प्रतिशत रहा. किसानों के लिए समर्थन मूल्य से लेकर, फसल बीमा योजना, कृषि जिंसों का निर्यात, गन्ने का बकाया भुगतान और कृषि ऋण जैसे बिंदुओं पर केंद्र सरकार पूर्णतया विफल हो गई है.

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अगर ‘विकास’ और ‘अच्छे दिन’ की तलाश में हैं, तो नरेंद्र मोदी की ट्विटर टाइमलाइन पर जाइए

अगर आप केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ट्विटर टाइमलाइन देखेंगे, तो आपको पता नहीं लगेगा कि देश में क्या चल रहा है.

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बागपत में गन्ने के बकाया भुगतान की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसान की मौत

कैराना लोकसभा उपचुनाव से ठीक एक दिन पहले 27 मई को बागपत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली है. लेकिन इससे पहले पांच दिन से धरने पर बैठे एक किसान की मौत हो गई है.

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मेरी हत्या कराने के फ़िराक़ में है योगी सरकार: मायावती

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव अभी राजनीति में थोड़े कम तजुर्बेकार हैं, अगर मैं उनकी जगह पर होती तो अपने उम्मीदवार के बजाए उनके उम्मीदवार को जिताने की कोशिश करती.

​​(फोटो: पीटीआई)

बैंक क़र्ज़ की हेराफेरी के मामले मे ‘न्यू इंडिया’ में कुछ नहीं बदला

चाहे हीरा-व्यापार का मामला हो या बुनियादी ढांचे की कुछ बड़ी परियोजनाएं, काम करने का तरीका एक ही रहता है- परियोजना की लागत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना और बैंकों व करदाताओं का ज़्यादा से ज़्यादा पैसा ऐंठना.

A bird flies past the logo of Punjab National Bank installed on the facade of its office in Mumbai, India February 21, 2018. REUTERS/Danish Siddiqui

आर्थिक सुधारों के बाद से उद्योग घरानों ने ही बैंकों को लूटा है

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को आर्थिक संकट में उद्योगपतियों ने ही डाला है और कमाल की बात यह है कि निजीकरण के तहत इन बैंकों को एक तरह से उनके ही क़ब्ज़े में देने की बातें हो रही हैं.

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सब कुछ बदलने का वादा करके आए मोदी ने भ्रष्ट आर्थिक नीतियों को ही आगे बढ़ाया

आज जब दुनिया में नाना प्रकार के खोट उजागर होने के बाद भूमंडलीकरण की ख़राब ​नीतियों पर पुनर्विचार किया जा रहा है, हमारे यहां उन्हीं को गले लगाए रखकर सौ-सौ जूते खाने और तमाशा देखने पर ज़ोर है.

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प्रधानमंत्री जी, आम लोगों की मेहनत की कमाई से कॉरपोरेट लूट की भरपाई कब तक होती रहेगी?

पिछली सरकारों में व्यवस्था को अपने फ़ायदे के लिए तोड़ने-मरोड़ने वाले पूंजीपति मोदी सरकार में भी फल-फूल रहे हैं.

राफेल विमान (फोटो: रायटर्स)

यूपीए सरकार के दौरान नहीं हुआ था राफेल क़रार: रक्षा मंत्रालय सूत्र

पूर्व रक्षा मंत्री एके अंटोनी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार को राफेल डील का खुलासा जनता के सामने करना चाहिए, ताकि जनता के सवाल का जवाब मिल सके.

फोटो: पीटीआई

मोदी सरकार के कार्यकाल में किसान आत्महत्या दर में 45 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा: कांग्रेस

कांग्रेस बोली, पिछले 3 सालों में 38 हज़ार किसानों ने आत्महत्या की है. 35 किसान हर दिन आत्महत्या कर रहे हैं. सरकार ने किसानों की जगह अमीरों का क़र्ज़ माफ़ किया.

सितंबर, 2013 में यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी राजस्थान के पचपदरा में रिफाइनरी का शिलान्यास करती हुई. (फाइल फोटो: पीटीआई)

चार साल पहले सोनिया ने किया शिलान्यास, अब मोदी करेंगे, गहलोत बोले- ग़लत परंपरा

कांग्रेस नेता गहलोत ने कहा, चुनावी लाभ पाने के लिए रिफाईनरी का पुन: शिलान्यास करना ग़लत परंपरा की शुरुआत है.

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2017 में ज़्यादातर देशों की जीडीपी बढ़ी, बेरोज़गारी घटी लेकिन भारत में ऐसा नहीं हुआ

2017 को एक ऐसे साल के तौर पर याद किया जाएगा, जिसमें भारतीय अर्थव्यवस्था को अपने ही हाथों भारी नुकसान पहुंचाया गया. इससे जीडीपी में तीव्र गिरावट आयी और पहले से ही नए रोज़गार निर्माण की ख़राब स्थिति और बदतर हुई.

India's Prime Minister Narendra Modi arrives to launch a digital payment app linked with a nationwide biometric database during the "DigiDhan" fair, in New Delhi, India, December 30, 2016. REUTERS/Adnan Abidi

क्या 2जी मामला अब भाजपा के जी का जंजाल बनने वाला है?

अगर सीबीआई और इसके वकील हाईकोर्ट में नेताओं और कारोबारियों के बीच सांठगांठ को साबित करने में नाकाम रहते हैं, तो 2019 के आम चुनाव में भाजपा को कुछ गंभीर सवालों का सामना करना पड़ेगा.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

2जी मामला: वीडियोकॉन सरकार के ख़िलाफ़ करेगी 10 हज़ार करोड़ रुपये का मानहानि दावा

वीडियोकॉन के अनुसार, दूरसंचार लाइसेंस रद्द होने से कंपनी को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा. कंपनी को दूरसंचार सेवा कारोबार के लिए करीब 25 हज़ार करोड़ रुपये का ऋण लेना पड़ा था.

ए. राजा, नरेंद्र मोदी, विनोद राय. (फोटो: पीटीआई)

क्या मोदी सरकार वाकई भ्रष्टाचार से लड़ने के प्रति गंभीर है?

ऐसा लगता है कि मोदी के लिए भ्रष्टाचार भी बस एक और ‘जुमला’ था क्योंकि भाजपा द्वारा भ्रष्टाचार के लिए जिन्हें निशाना बनाया गया, वे न सिर्फ जीवित हैं, बल्कि उसके नेतृत्व में फल-फूल भी रहे हैं.

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2जी: ‘कुछ लोगों ने चालाकी से कुछ चुनिंदा तथ्यों का इंतज़ाम किया और एक घोटाला पैदा कर दिया’

विशेष सीबीआई जज ने कहा, दूरसंचार विभाग के अधिकारियों की अकर्मण्यता ने लोगों को एक बड़े घोटाले की अटकलों के लिए विवश किया.

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‘राहुल के सवालों का ही नतीजा है कि मोदी केवल हिंदू-मुस्लिम एवं पाकिस्तान की बात कर रहे हैं’

विपक्षी नेताओं को उम्मीद, गुजरात चुनाव के नतीजे अनुकूल हुए तो विपक्षी एकता में नई जान फूंक सकेंगे राहुल गांधी.

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कश्मीर को लेकर हमारे सुझावों पर अब तक अमल नहीं हुआ: अंसारी

कश्मीर मामले पर पूर्व वार्ताकार एमएम अंसारी ने कहा, पहले वार्ताकारों की टीम सर्वदलीय शिष्टमंडल के सुझाव पर बनी थी, जबकि मौजूदा वार्ताकार सरकार के प्रतिनिधि हैं.

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हम भी भारत, एपिसोड 10: राहुल गांधी की ताजपोशी

हम भी भारत की 10वीं कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी, राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर राजनीतिक विश्लेषक नीरजा चौधरी और वरिष्ठ पत्रकार जयशंकर गुप्त से चर्चा कर रही हैं.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

क्या राहुल गांधी में बदलाव आया है, या हम उन्हें अलग नज़रिये से देख रहे हैं?

राहुल नए रास्तों पर बढ़ रहे हैं और उनके भाषणों को अतीत के मुक़ाबले ज़्यादा कवरेज दिया जा रहा है. वे अब एक हंसमुख, तनावमुक्त और पैने व्यक्ति के तौर पर नज़र आते हैं.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

क्या ​‘राहुल युग​​​​’ में कांग्रेस की डूबती नैया पार लग सकेगी?

दिसंबर तक राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष बनना लगभग तय है. क़रीब दो दशक बाद कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में उस समय बदलाव हो रहा है जब वह अपने सबसे बुरे दौर से गुज़र रही है.

पी. चिदंबरम. (फोटो: रॉयटर्स)

यूपीए-2 की तरह ही मोदी सरकार पर भी लग सकते हैं भ्रष्टाचार के आरोप: चिदंबरम

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, जब तक आप चुनाव के लिए धन के रास्ते नहीं खोज लेते, तब तक आप भ्रष्टाचार कम नहीं कर पाएंगे.

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हमारे सुपरस्टार सत्ता की ख़ुशामद क्यों करते हैं?

एक बार शोहरत या पैसा, या दोनों हासिल कर लेने के बाद भारतीय अभिनेता, कारोबारी और खिलाड़ी सामाजिक मुद्दों या सरकार के ख़िलाफ़ बोलकर इसे दांव पर लगाने का ख़तरा मोल नहीं लेना चाहते.

Chidambaram Photo by The Wire

मोदी अब अच्छे दिन के बारे में बात नहीं करते, उन्हें पता है कि लोग हंसेंगे: पी.चिदंबरम

साक्षात्कार: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से नरेंद्र मोदी सरकार, जीएसटी, रॉबर्ट वाड्रा, कार्ति चिदंबरम, विपक्ष, गुजरात चुनाव समेत विविध विषयों पर विस्तृत बातचीत.

New Delhi: Dineshwar Sharma, former Director of Intelligence Bureau, calling on the Union Home Minister, Rajnath Singh, after being appointed as the Representative of Government of India to initiate dialogue in Jammu and Kashmir, in New Delhi on Monday. PTI Photo / PIB (PTI10_23_2017_000209B)

कश्मीर में वार्ता को सरकार मज़ाक की तरह ले रही है

कश्‍मीर मसले के हल के लिए भारत सरकार द्वारा वार्ताकार नियुक्‍त करने पर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद का नज़रिया.

Kashmiri protesters run towards Indian security personnel during a demonstration against the plan to resettle Hindus, in Srinagar April 10, 2015.  REUTERS/Danish Ismail

कश्मीर में वार्ताओं का हश्र देखकर केंद्र सरकार के नए क़दम से बहुत उम्मीद नहीं दिखती

वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा सिर्फ़ अलगाववादियों से ही वार्ता नहीं कर रहे. उन्हें प्रदेश सरकार में शामिल भाजपा से भी जूझना होगा, जो अलगाववादियों को रियायत देने के बिल्कुल ख़िलाफ़ है.

Srinagar: A view of deserted  main business hub Ghanta Ghar during strike called given by Joint Hurriyat Leadership in protest against the growing incidents of braid chopping in valley,in Srinagar on Saturday. PTI Photo by S Irfan(PTI10_21_2017_000073A)

क्यों सरकारें कश्मीर पर अपने ही वार्ताकारों को गंभीरता से नहीं लेतीं?

यूपीए कार्यकाल में कश्मीर पर गठित वार्ताकार समिति के अध्यक्ष रहे दिलीप पडगांवकर इस बात से आहत थे कि कैसे सरकार ने उनकी सिफ़ारिशों को कूड़ेदान में डाल दिया.

New Delhi: Former President Pranab Mukherjee with former prime minister Manmohan Singh at the release of his book "The Coalition Years" at a function in New Delhi on Friday. PTI Photo by Atul Yadav (PTI10_13_2017_000129B)

सरकार बनाने के लिए गठबंधनों के ख़िलाफ़ हूं: प्रणब

अपनी नई पुस्तक, ‘द कोएलिशन ईयर्स: 1996-2012’ में पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, पार्टी को एक सरकार गठित करने के लिए अपनी पहचान नहीं खोनी चाहिए. विपक्ष में बैठने से कोई नुकसान नहीं है.

New Delhi: Former President Pranab Mukherjee with former prime minister Manmohan Singh at the release of his book "The Coalition Years" at a function in New Delhi on Friday. PTI Photo by Atul Yadav (PTI10_13_2017_000129B)

प्रणब पीएम बनने के लिए अधिक योग्य थे लेकिन मेरे पास कोई विकल्प नहीं था: मनमोहन

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पुस्तक ‘द कोएलिशन ईयर्स: 1996-2012’ प्रकाशित, किताब में है विभिन्न गठबंधन सरकारों का लेखा-जोखा.

महबूबा मुफ्ती (फोटो: रायटर्स)

आप उग्रवादियों की बात करते हैं, लेकिन सेना में शामिल कश्मीरियों पर कुछ नहीं कहते: महबूबा

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री ने कहा, बहस में कश्मीरियों को गालियां दी जाती हैं. इससे कश्मीरी बाक़ी देश से कटने लगे हैं और देश के लोग कश्मीर के ख़िलाफ़ हो रहे हैं.

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हत्यारों की भीड़ इस देश की नुमाइंदगी नहीं करती

अंग्रेज़ी प्रभावशाली भाषा है, मगर इसकी पहुंच सीमित है. क्षेत्रीय भाषाओं के पत्रकार असली असर पैदा कर सकते हैं. छोटे शहरों के ऐसे कई साहसी पत्रकार हैं, जिन्होंने अपने साहस की क़ीमत अपनी जान देकर चुकाई है.