यूपी पुलिस

योगी आदित्यनाथ (फोटोः पीटीआई)

उत्तर प्रदेशः योगी आदित्यनाथ को आतंकी कहने पर वकील के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मामला दर्ज

राजद्रोह के मामले में आरोपी बनाए गए कानपुर की जिला अदालत के वकील अब्दुल हन्नान को गिरफ्तार कर लिया गया है.

भाजपा के पूर्व नेता और विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (फोटोः पीटीआई)

उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की हत्या मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को 10 साल की सज़ा

कुलदीप सिंह सेंगर ने अदालत में जिरह के दौरान कहा कि अगर उन्होंने कुछ गलत किया है तो उन्हें फांसी पर लटका दिया जाए, उनकी आंखों में तेजाब डाल दिया जाना चाहिए.

(फोटो: पीटीआई)

एंटी-सीएए प्रदर्शनकारियों के होर्डिंग्स हटाने के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी पीठ के पास भेजा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को आदेश दिया था कि लखनऊ में एंटी-सीएए प्रदर्शनकारियों के नाम, फोटो और उनके पते के साथ लगाए गए सभी होर्डिंग्स तुरंत हटाए जाएं. सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश पर रोक नहीं लगाया है.

लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून विरोधी प्रदर्शनकारियों से वसूली के लिए लगाई गई होर्डिंग. (फोटो: पीटीआई)

अगर जनता के साथ अन्याय हो रहा तो अदालत अपनी आंखें नहीं मूंद सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को आदेश दिया कि लखनऊ में एंटी-सीएए प्रदर्शनकारियों के नाम, फोटो और उनके पते के साथ लगाए गए सभी होर्डिंग्स तुरंत हटाए जाएं.

लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून विरोधी प्रदर्शनकारियों से वसूली के लिए लगाई गई होर्डिंग. (फोटो: पीटीआई)

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एंटी-सीएए प्रदर्शनकारियों के होर्डिंग्स हटाने का दिया आदेश, कहा- अत्यधिक अनुचित

हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को आदेश दिया कि आज दोपहर तीन बजे से पहले ये सारे होर्डिंग्स हटाए जाए और तीन बजे कोर्ट को इसकी जानकारी दी जाए.

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योगी सरकार ने एंटी-सीएए प्रदर्शनकारियों के नाम और पते के साथ लखनऊ में होर्डिंग्स लगवाए

लखनऊ में कई स्थानों पर लगाए गए इन होर्डिंग्स में प्रदर्शनकारियों से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में जुर्माना भरने को कहा गया है.

Lucknow: BJP MLA from Unnao Kuldip Singh Sengar, accused in a rape case, surrounded by media persons outside the office of the Senior Superintendent of Police in Lucknow on Wednesday night. PTI Photo by Nand Kumar(PTI4_12_2018_000001B)

उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में कुलदीप सेंगर समेत सात दोषी क़रार

फैसला सुनाते हुए नई दिल्ली की तीस हज़ारी कोर्ट ने कहा कि कुलदीप सेंगर का पीड़िता के पिता की हत्या करने का कोई इरादा नहीं था लेकिन पीड़िता के पिता को बर्बरातपूर्वक मारा गया. ये ट्रायल चुनौतीपूर्ण था. कुलदीप सिंह सेंगर ने खुद को बचाने के लिए तकनीक का पूरा इस्तेमाल किया, लेकिन सीबीआई ने चुनौतीपूर्ण माहौल में अच्छा काम किया.

Clashes broke out between anti-CAA protesters and police at Uparkot jama masjid Aligarh, Sunday, Feb. 23, 2020. Photo: PTI

उत्तर प्रदेश: अलीगढ़ में सीएए विरोधी प्रदर्शन में हुई हिंसा में पांच घायल, इंटरनेट बंद

अलीगढ़ के अपर कोट क्षेत्र में रविवार को महिलाओं को पुलिस द्वारा नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने की अनुमति न देने की बात कहकर रोकने के कोशिश की गई जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई. हिंसा के बाद क्षेत्र में सोमवार आधी रात तक इंटरनेट बंद कर दिया गया है.

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मेरठ- मुज़फ़्फ़रनगर में पुलिसिया डर की कहानी

वीडियो: दिसंबर 2019 के आखिरी दिनों में देशभर में नागरिकता विरोधी क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों की गूंज सुनाई दी. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में भी ऐसे कई प्रदर्शन हुए, जिनमें स्थानीयों ने हिस्सा लिया. प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के बाद मेरठ और मुज़फ़्फ़रनगर में कई जगह पुलिस ने आम लोगों पर कई संगीन आरोप लगाए. इस घटना के करीब डेढ़ महीने बाद यहां के लोगों से इन प्रदर्शनों के बारे में जानने की कोशिश की, तब उनका दर्द छलक उठा. अल्प्यू सिंह, बिजेंदर और राकेश की रिपोर्ट.

पूर्व आईपीएस एसआर दारापुरी और सामाजिक कार्यकर्ता सदफ़ जफ़र. (फोटो साभार: फेसबुक)

सीएए प्रदर्शन: सदफ जाफर, दारापुरी समेत 28 लोगों को 63 लाख रुपये के हर्जाने का नोटिस

उत्तर प्रदेश प्रशासन का दावा है कि 19 दिसंबर 2019 को लखनऊ के हजरतगंज में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था. हालांकि इस दिन कई कार्यकर्ता नजरबंद थे.

कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी (फोटो साभारः फेसबुक)

यूपी: कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी को मिला 1 करोड़ रुपये का नोटिस, सीएए प्रदर्शन में थे शामिल

2019 लोकसभा चुनाव में मुरादाबाद से कांग्रेस प्रत्याशी रहे शायर इमरान प्रतापगढ़ी को जारी नोटिस में पूछा गया है कि ईदगाह और उसके आसपास क़ानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात सुरक्षाबलों पर ख़र्च किए गए 1.04 करोड़ रुपये उनसे क्यों न वसूले जाएं.

Mirzapur: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath addresses at a rally during the five-days Ganga Yatra under the 'Namami Ganga' campaign, in Mirzapur, Wednesday, Jan. 29, 2020. (PTI Photo)(PTI1_29_2020_000180B)

यूपी: सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई के सरकार के नोटिस पर हाईकोर्ट की रोक

सीएए के ख़िलाफ़ राज्य में हुए प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से ही इसकी भरपाई की जाएगी. इस बारे में जारी सरकार के वसूली नोटिस को कानपुर के व्यक्ति द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है.

Dr Kafeel Khan PTI

यूपी: एएमयू में सीएए पर कथित भड़काऊ भाषण देने के लिए डॉ. कफील पर लगी रासुका

डॉ. कफील खान को 29 जनवरी को महाराष्ट्र से गिरफ़्तार किया गया था. उन्हें ज़मानत मिल चुकी थी लेकिन शुक्रवार को रिहाई से पहले यूपी पुलिस ने उन पर रासुका लगा दी, जिसके चलते उन्हें रिहा नहीं किया गया.

Firozabad MAP

उत्तर प्रदेश: रेप आरोपी ने की पीड़िता के पिता की हत्या, पुलिस पर लापरवाही का आरोप

मामला फिरोज़ाबाद ज़िले का है. अगस्त 2019 में आरोपी ने एक नाबालिग लड़की से बलात्कार किया था. परिजनों का कहना है कि आरोपी लगातार उन पर केस वापस लेने के लिए दबाव बनाते हुए धमकियां दे रहा था, लेकिन शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.

Demonstrators shout slogans during a protest against a new citizenship law, in Ahmedabad, India, December 19, 2019. REUTERS/Amit Dave

यूपी: सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने वाले 11 लोगों नोटिस, 50 लाख रुपये के बॉन्ड भरने का आदेश

संभल ज़िले के नखासा थाना क्षेत्र के हुसैना बाग में जनवरी से करीब 500 महिलाएं सीएए-एनआरसी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं. इनमें से ग्यारह को स्थानीय पुलिस की एक रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने नोटिस भेजा है.

Lucknow: Muslim women stage a protest against CAA and NRC near the Ghantaghar in the old city area of Lukcnow, Saturday, Jan. 25, 2020. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI1_25_2020_000145B)

उत्तर प्रदेशः सबूत नहीं होने पर सीएए का विरोध करने वाले 15 प्रदर्शनकारियों को मिली जमानत

उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर हिंसा करने के लिए 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

Mirzapur: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath addresses at a rally during the five-days Ganga Yatra under the 'Namami Ganga' campaign, in Mirzapur, Wednesday, Jan. 29, 2020. (PTI Photo)(PTI1_29_2020_000180B)

सीएए प्रदर्शन: नुकसान की भरपाई के नोटिस रद्द करने संबंधी याचिका पर यूपी सरकार को नोटिस

उच्चतम न्यायालय में दाख़िल याचिका में दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा नीत योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदर्शनकारियों की संपत्ति जब्त कर, सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान का बदला लेने के मुख्यमंत्री के वादे पर आगे बढ़ रही है ताकि अल्पसंख्यक समुदाय से राजनीतिक कारणों के लिए बदला लिया जा सके.

सुभाष बाथम और घटनास्थल पर मौजूद पुलिस. (फोटो साभार: एएनआई)

यूपी: 23 बच्चों को बंधक बनाने वाले की पुलिस कार्रवाई में मौत, पत्नी को लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला

सुभाष बाथम नाम के व्यक्ति ने अपनी बच्ची के जन्मदिन के बहाने बच्चों को अपने घर बुलाया था और घर के नीचे बने बेसमेंट में उन्हें बंधक बनाकर रखे हुए था. आरोपी हत्या के मामले में हाल ही में ज़मानत पर बाहर आया था. बच्चों को तकरीबन नौ घंटे बाद रिहा कराया जा सका.

प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और अभिषेक मनु सिंघवी. (फोटो: ट्विटर/@INCIndia)

यूपी में प्रदर्शनकारियों पर ‘अत्याचार’ के खिलाफ कांग्रेस की मानवाधिकार आयोग से जांच की मांग

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों के दौरान हुए अत्याचारों के संबंध में एक प्रतिवेदन सौंपा और सबूत के तौर पर कुछ वीडियो साझा किए.

Aligarh: People gather at the Eidgah to protest against the alleged police action on AMU students who were protesting over Citizenship Amendment Act, in Aligarh, Monday, Dec. 16, 2019. (PTI Photo)  (PTI12_16_2019_000261B)

उत्तर प्रदेशः एएमयू के दो छात्रों पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मामला दर्ज

अलीगढ़ पुलिस का आरोप है कि बीते 20 जनवरी को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भीतर नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर ढाल के रूप में नाबालिगों को आगे किया गया था. हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी नाबालिग बच्चों की पहचान की जानी बाकी है और किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

संदीप पांडेय. (फोटो साभार: फेसबुक)

सावरकर पर टिप्पणी के चलते मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित संदीप पांडेय के ख़िलाफ़ केस दर्ज

मानवाधिकार कार्यकर्ता संदीप पांडेय द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में दिए गए एक भाषण के संबंध में हिंदू महासभा के उपाध्यक्ष ने केस दर्ज कराया है.

शायर मुनव्वर राना. (फोटो साभार: फेसबुक)

नागरिकता क़ानून: लखनऊ में प्रदर्शन कर रहीं शायर मुनव्वर राना की बेटियों समेत 160 महिलाओं पर केस

केस दर्ज होने के बाद शायर मुनव्वर राना ने कहा है कि पुलिस ने उनकी बेटियों सुमैया और फौजिया पर धारा 144 के तहत लागू निषेधाज्ञा तोड़ने के आरोप में मुक़दमा दर्ज किया. मगर वह ये भी बताए कि इसी निषेधाज्ञा की धज्जियां उड़ाकर आज लखनऊ में रैली करने वाले गृह मंत्री अमित शाह पर कब मुक़दमा होगा?

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‘अमित शाह के हिंदुस्तान में मुसलमान होना क्या होता है समझ में आने लगा है’

वीडियो: लखनऊ में 19 दिसंबर को नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन और हिंसा के बाद गिरफ़्तार हुए कार्यकर्ताओं में सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस प्रवक्ता सदफ़ जाफ़र भी शामिल थीं. दो हफ़्तों से अधिक पुलिस हिरासत में रही सदफ़ से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

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रिटायर आईपीएस ने कहा, योगी राज में यूपी पुलिस और सांप्रदायिक हो गई है

वीडियो: नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर उत्तर प्रदेश में हुई हिंसा, लोगों की मौत और पुलिस की कार्यप्रणाली पर राज्य के पूर्व आईजी और सामाजिक कार्यकर्ता एसआर दारापुरी से द वायर उर्दू के संपादक महताब आलम ने बातचीत की.

Aligarh: People gather at the Eidgah to protest against the alleged police action on AMU students who were protesting over Citizenship Amendment Act, in Aligarh, Monday, Dec. 16, 2019. (PTI Photo)  (PTI12_16_2019_000261B)

उत्तर प्रदेशः एएमयू के छह छात्रों पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करेगी पुलिस

बीते 15 दिसंबर को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नागरिकता क़ानून और नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई के ख़िलाफ़ हो रहा विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था, जिसमें 100 लोग घायल हुए थे.

पूर्व आईपीएस एसआर दारापुरी और सामाजिक कार्यकर्ता सदफ़ जफ़र. (फोटो साभार: फेसबुक)

नागरिकता क़ानून: रिहाई के बाद बोले एसआर दारापुरी- पुलिस ने हिरासत में नहीं दिया खाना और कंबल

लखनऊ में नागरिकता क़ानून के विरोध को लेकर गिरफ़्तार सामाजिक कार्यकर्ता सदफ़ जाफ़र और पूर्व आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी को मंगलवार को जेल से रिहा कर दिया गया. सदफ़ का आरोप है कि उन्हें बिना किसी महिला कॉन्स्टेबल के हिरासत में लिया गया और बर्बरता से पीटा गया.

Lucknow: Police personnel deployed outside the historic Tiley Wali Masjid ahead of Friday prayers in view of protests against CAA and NRC, in Lucknow, Friday, Dec. 27, 2019. (PTI Photo/Nand Kumar)(PTI12_27_2019_000100B)

नागरिकता क़ानून: मृत व्यक्ति को नोटिस भेजने के मामले में दरोगा और दो सिपाही लाइन हाज़िर

बीते 20 दिसंबर को फ़िरोज़ाबाद के पुलिस थाना दक्षिण ने करीब 200 लोगों को शांति भंग करने के मामले में नामज़द किया था. सभी नामज़द लोगों को 10 लाख रुपये की ज़मानत एवं इतनी ही धनराशि का निजी मुचलका दाख़िल करने के लिए नोटिस जारी किए थे. इनमें मृतक बन्ने ख़ान का भी नाम था.

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नागरिकता क़ानून: ‘अगर मुझे पता होता कि 14 दिन जेल में रखा जाएगा तो प्रदर्शन में नहीं जाती’

वीडियो: बीते 19 दिसंबर को नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में उत्तर प्रदेश के बनारस शहर में हुए प्रदर्शन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता एकता और उनके पति रवि शेखर को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था. 14 दिन बाद दोनों को रिहा किया गया.

पूर्व आईपीएस एसआर दारापुरी और सामाजिक कार्यकर्ता सदफ़ जफ़र. (फोटो साभार: फेसबुक)

नागरिकता क़ानून: सा​माजिक कार्यकर्ता सदफ़ जफ़र और पूर्व आईपीएस दारापुरी को ज़मानत

नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में लखनऊ में बीते 19 दिसंबर को हुए प्रदर्शन के संबंध में गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ता व कांग्रेस नेता सदफ़ जफ़र, पूर्व आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी समेत 13 लोगों को ज़मानत दी गई है. अदालत ने इनसे 50-50 हज़ार रुपये की ज़मानत राशि और इतनी राशि का निजी मुचलका भरने को कहा है.

(फोटो: पीटीआई)

फ़िरोज़ाबाद पुलिस द्वारा मृतक और बुज़ुर्गों को नोटिस भेजने के मामले की जांच समिति गठित

उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद शहर में बीते 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर हुए प्रदर्शन और हिंसा के बाद पुलिस ने ऐसे 200 लोगों को चिह्नित कर नोटिस भेजा है, जिनमें एक मृत व्यक्ति और शहर के कुछ बुज़ुर्गों के भी नाम हैं, जो अब चल-फिर भी नहीं सकते.

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यूपी पुलिस ही दंगाई बन गई है: हर्ष मंदर

वीडियो: नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर हुए प्रदर्शनों और हिंसा के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस पर मुस्लिमों को निशाना बनाने के आरोप लग रहे हैं. उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों का दौरा करके लौटी फैक्ट-फाइंडिंग टीम के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर से द वायर के डिप्टी एडिटर अजय आशीर्वाद की बातचीत.

Lucknow: Police personnel deployed outside the historic Tiley Wali Masjid ahead of Friday prayers in view of protests against CAA and NRC, in Lucknow, Friday, Dec. 27, 2019. (PTI Photo/Nand Kumar)(PTI12_27_2019_000100B)

शांति के लिए ख़तरा बताते हुए यूपी पुलिस ने छह साल पहले गुज़र चुके शख़्स को भेजा नोटिस

उत्तर प्रदेश पुलिस ने नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर प्रदेश में हो रहे प्रदर्शनों के मद्देनज़र शांति भंग कर सकने वाले लोगों की सूची तैयार की थी. फ़िरोज़ाबाद में 20 दिसंबर को हुए प्रदर्शन और हिंसा के बाद पुलिस ने ऐसे 200 लोगों को चिह्नित कर नोटिस भेजे, जिनमें एक मृत व्यक्ति और शहर के कुछ बुज़ुर्गों के भी नाम हैं.

जमानत पर रिहा होने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता एकता शेखर अपनी 14 महीने की बच्ची के साथ. (फोटो: एएनआई)

नागरिकता कानून: 14 महीने की बच्ची के मां-बाप के साथ बनारस के 56 प्रदर्शनकारियों को मिली जमानत

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 19 दिसंबर को वाराणसी के बेनिया क्षेत्र से निकाले मार्च में शामिल 14 महीने की बच्ची के सामाजिक कार्यकर्ता मां-बाप के साथ 73 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इसमें सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ वामदल के सदस्य और छात्र भी शामिल थे.

राशिद अली. (फोटो: मनोज सिंह)

‘हम अब तक समझ नहीं पाए कि हमें किस जुर्म में ​गोरखपुर पुलिस ने गिरफ़्तार किया था’

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में बीते 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सीतापुर को दो फेरीवाले राशिद अली और मोहम्मद यासीन को गिरफ़्तार कर लिया था. 12 दिन जेल में रखने के बाद उन्हें ज़मानत दी गई.

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‘जिस बेटे को 20 साल तक पाल-पोसकर बड़ा किया, पुलिस ने उसे मारने में 20 मिनट भी नहीं लगाया’

ग्राउंड रिपोर्ट: बीते 20 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के बिजनौर ज़िले के नहटौर क़स्बे में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान मोहम्मद सुलेमान और मोहम्मद अनस की मौत हो गई थी. सुलेमान यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे, जबकि अनस मुख्य रूप से अपने घर के अकेले कमाने वाले थे.

प्रियंका गांधी और योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

हिंदू धर्म में रंज, हिंसा और बदले की भावना की कोई जगह नहीं: प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर कहा कि संन्यासी की लोक सेवा और जन कल्याण के निरंतर जारी यज्ञ में जो भी बाधा उत्पन्न करेगा, उसे दंडित होना ही पड़ेगा.

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मीडिया बोल: सीएए-एनआरसी के विरोध पर यूपी में ज़ुल्म और नफ़रत की राजनीति

वीडियो: मीडिया बोल की में उर्मिलेश नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में देश भर में हो रहे प्रदर्शन पर सरकार और मीडिया के रवैये पर वरिष्ठ पत्रकार स्मिता शर्मा, एनआर मोहंती और वकील अब्दुल रहमान से चर्चा कर रहे हैं.

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कहानी यूपीएससी की तैयारी करने वाले सुलेमान की, जो यूपी पुलिस की गोली से मारा गया

वीडियो: उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर नागरिकता क़ानून के विरोध में हुए प्रदर्शन हिंसक झड़प में तब्दील हो गए थे. 20 दिसंबर को बिजनौर के नहटौर कस्बे में पुलिस फाररिंग के दौरान दो मौतें हुईं, मरने वाले थे यूपीएससी की तैयारी कर रहे 21 वर्षीय सुलेमान और मजदूरी करके घर चलाने वाले 23 वर्षीय अनस. मृतकों के परिवार से अविचल दुबे की बातचीत.

यूपी के गोरखपुर में 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते हुए. (फोटो: पीटीआई)

नागरिकता क़ानून: ज़मानत मिलने के बावजूद गोरखपुर जेल में बंद हैं सीतापुर के दो फेरीवाले

ग्राउंड रिपोर्ट: गोरखपुर में 20 दिसंबर को नागरिकता क़ानून और एनआरसी के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ़्तार किया था. इनमें से कई के परिजनों का कहना है कि गिरफ़्तार किए लोग प्रदर्शन में मौजूद नहीं थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और बेरहमी से मारपीट की गई.

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नागरिकता क़ानून: क्या कहते हैं 20 दिसंबर को मुज़फ़्फ़रनगर में हुई हिंसा के चश्मदीद?

वीडियो: 20 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर स्थित मीनाक्षी चौक नागरिकता क़ानून को लेकर हुआ प्रदर्शन हिंसक हो गया था. द वायर की टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और लोगों से बातचीत की.