यौन हिंसा

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

उत्तर प्रदेश: बांदा और चित्रकूट में बच्चियों के साथ बलात्कार, दोनों आरोपी मामा गिरफ़्तार

उत्तर प्रदेश में बांदा ज़िले के तिंदवारी थाना क्षेत्र में एक घटना 27 जून की रात की है, जबकि चित्रकूट ज़िले के भरतकूप क्षेत्र में हुई दूसरी घटना 20 जून की ​है, इस मामले में 27 जून को केस दर्ज कराया गया.

An employee speaks on a mobile phone as she eats her lunch at the cafeteria in the Infosys campus in Bengaluru, India, September 23, 2014. REUTERS/Abhishek N. Chinnappa/File Photo

‘बॉयज़ लॉकर रूम’ के ताले खुलें, इसके लिए बात करना ज़रूरी है

इस दुनिया में बेटियों की परवरिश मुश्किल है, लेकिन उससे भी ज़्यादा चुनौतीपूर्ण बेटों की परवरिश करना है. देर-सवेर सामने आते लड़कों के सीक्रेट ग्रुप बताते हैं कि इसकी परतें हमारे समाज और परवरिश के बीच उलझी हुई हैं.

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इंस्टाग्राम अश्लील चैट मामला और क़ानून तथा समाज

वीडियो: इंस्टाग्राम के बॉयज़ लॉकर रूम नाम के दिल्ली के स्कूली बच्चों के एक ग्रुप में गैंगरेप करने और लड़कियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला सामने आया है. इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की वकील अवनि बंसल और करुणा नंदी से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने चर्चा की.

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इंस्टाग्राम ग्रुप चैट: ग्रुप एडमिन गिरफ़्तार, पूछताछ से जुड़े एक छात्र ने ख़ुदकुशी की

‘बॉयज़ लॉकर रूम’ इंस्टा ग्रुप में स्कूली लड़कों की अभद्र बातचीत और नाबालिग लड़कियों की आपत्तिजनक तस्वीरों के स्क्रीनशॉट्स सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने मामले का संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया है.

Men remove debris in a riot affected area following clashes between people demonstrating for and against a new citizenship law in New Delhi, February 27, 2020. REUTERS/Rupak De Chowdhuri

दिल्ली हिंसा के दौरान यौन उत्पीड़न का शिकार हुई महिलाओं की आपबीती

दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान जान-माल के नुकसान के अलावा बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ बदसलूकी की घटनाएं हुई हैं, लेकिन ये ख़ौफ़ज़दा पीड़ित पुलिस में शिकायत दर्ज कराना तो दूर इसके बारे में बात करने से भी कतरा रही हैं.

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दिल्ली दंगा: शिव विहार की महिलाओं ने बताई यौन हिंसा की आपबीती

वीडियो: दिल्ली दंगों के दौरान हुई हिंसा के साथ महिलाओं के साथ बदसलूकी की घटनाएं भी हुई हैं. शिव विहार में हिंसा के बाद ढेरों महिलाओं ने मुस्ताफाबाद में शरण ली है. इन महिलाओं ने द वायर को बताया कि दंगों के दौरान उनके साथ यौन हिंसा की भी घटनाएं हुई हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

सरकार को औरतों की सुरक्षा से ज़्यादा चिंता इसे लेकर होने वाली आलोचना से है

‘रेप कैपिटल’ और ‘रेप इन इंडिया’ जैसे जुमले न भी बोले जाएं, तब भी महिला सुरक्षा को लेकर होने वाली बदनामी से देश का बचना तब तक मुमकिन नहीं है, जब तक सरकार आलोचकों से ज़बानी जंग करने के बजाय औरतों के ख़िलाफ़ अपराध रोकने के लिए गंभीर नहीं होती.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी. (फोटो साभार: फेसबुक)

आंध्र प्रदेश: महिलाओं व बच्चों के ख़िलाफ़ अपराध के मामलों की जल्द सुनवाई के लिए विधेयक पारित

आंध्र प्रदेश दिशा अधिनियम आपराधिक क़ानून (आंध्र प्रदेश संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत यौन अपराध के मामलों की जांच उनके दर्ज होने के सात कामकाजी दिन और मुक़दमे की सुनवाई आरोपपत्र दाखिल होने के 14 कामकाजी दिन के भीतर पूरी करनी होगी.

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देश में महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोलते एनसीआरबी के आंकड़े

वीडियोः देश में लगातार सामने आ रहे बलात्कार और यौन हिंसा के मामले महिला सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले दावों के उलट हैं. एनसीआरबी की हालिया रिपोर्ट बताती है कि बीते तीन सालों में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में कोई कमी नहीं आई है.बता रही हैं रीतू तोमर.

Students shout slogans during a protest against the alleged rape and murder of a 27-year-old woman, in Kolkata, India, December 2, 2019. REUTERS/Rupak De Chowdhuri

देश में असुरक्षित महिलाएं और नेताओं के बिगड़े बोल

महिलाओं की सुरक्षा की चिंता और उनको हिंसा, बलात्कार आदि से बचाने को लेकर कड़े क़ानून बनाने का नेताओं का आश्वासन उनके दिए महिला-विरोधी बयानों के बरक्स बौना नज़र आता है.

Mumbai: Students display placards during a demonstration over rape incidents in the view of the recent rape and murder of Hyderabad veterinarian, at Labaug in Mumbai, Sunday, Dec. 1, 2019. (PTI Photo)  (PTI12_1_2019_000127B)

वे सात कारण, जो बताते हैं कि बलात्कार के मामले में मौत की सज़ा क्यों कारगर नहीं है

भारत जैसे देश में, जहां बलात्कार के मामलों में अदालत की सुनवाई आरोपी के बजाय पीड़ित के लिए ज्यादा मुश्किल भरी होती हैं, वहां कुछ चर्चित मामलों में सज़ा कड़ी कर देने से किसी और को ऐसा करने से रोकना मुश्किल है. ऐसे अधिकतर मामले या तो अदालतों की फाइलों में दबे पड़े हैं या सबूतों के अभाव में ख़ारिज कर दिए जाते हैं.

फाइल फोटो: पीटीआई

आसाराम और उनके बेटे नारायण साई को स्कूल में दो बच्चों की मौत के मामले में क्लीन चिट

अहमदाबाद में आसाराम के आश्रम में पढ़ाई कर रहे दो बच्चे तीन जुलाई, 2008 को लापता हो गए थे. पांच जुलाई को साबरमती नदी के किनारे बच्चों के शव मिले थे. बच्चों के परिजनों ने आसाराम और उनके बेटे पर बच्‍चों की हत्‍या का आरोप लगाया था.

Surat: Police escort Asaram's son Narayan Sai for treatment to a hospital in Surat on Saturday. PTI Photo (PTI4_28_2018_000076B)

बलात्कार मामले में आसाराम के बेटे नारायण साई को उम्रक़ैद की सज़ा

सूरत की दो बहनों ने साल 2013 में नारायण साई के ख़िलाफ़ केस दर्ज कराया था. नारायण साई का पिता स्वयंभू संत आसाराम बलात्कार के एक अन्य मामले में राजस्थान के जोधपुर में उम्रक़ैद की सज़ा काट रहा है.

राजधानी ढाका की सड़कों पर किशोरी के हत्यारों को कठोर दंड दिए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ. (फोटो साभार: ट्विटर/@KenRoth)

बांग्लादेश: यौन उत्पीड़न की शिकायत करने पर किशोरी की जलाकर हत्या, हेडमास्टर समेत 20 गिरफ़्तार

मार्च में किशोरी ने स्कूल के हेडमास्टर के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत वापस लेने से मना करने पर किशोरी की हत्या कर दी गई.

Lucknow: UP Chief Minister Yogi Adityanath talks to the media at Central Hall of Assembly in Lucknow, Wednesday, Dec. 19, 2018. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI12_19_2018_000091)

दलितों के ख़िलाफ़ अपराध में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर: रिपोर्ट

मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंडिया के अनुसार, सितंबर 2015 से अब तक कथित रूप से हुए घृणा-आधारित अपराधों के कुल 721 मामले सामने आए हैं, जिनमें से एक बड़ी संख्या दलितों और मुसलमानों के ख़िलाफ़ हुए अपराधों की है.