रक्षामंत्री राजनाथ सिंह

विदेश मंत्री एस. जयशंकर. (फोटो: पीटीआई)

गलवान झड़प के बाद भारत-चीन के रिश्ते गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं: एस.जयशंकर

न्यूयॉर्क में हुए एक कार्यक्रम में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बड़ी संख्या में हथियारों से लैस चीनी सैनिकों की मौजूदगी भारत के समक्ष ‘बहुत गंभीर’ सुरक्षा चुनौती है.

Kullu: Army trucks move along the Manali-Leh highway, amid border tension between India and China, in Kullu district, Wednesday, Sept. 2, 2020. (PTI Photo)(PTI02-09-2020 000063B)

छह महीने में भारत-चीन सीमा पर कोई घुसपैठ न होने के सरकार के दावे में कितनी सच्चाई है?

केंद्र सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि पिछले छह महीने में भारत-चीन सीमा पर घुसपैठ का कोई मामला सामने नहीं आया है. सरकार की आलोचना करते हुए कांग्रेस ने कहा कि यह गलवान घाटी में शहीद हुए भारतीय जवानों की शहादत का अपमान है. चीन से लगी सीमा पर गतिरोध को लेकर सरकार स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.

चीनी रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगही के साथ राजनाथ सिंह की मुलाकात. (फोटो: ट्विटर/@ DefenceMinIndia)

लद्दाख में सीमाई तनाव के बीच चीनी रक्षा मंत्री से मिले राजनाथ सिंह, महत्वपूर्ण प्रगति के संकेत नहीं

मई की शुरुआत में पूर्वी लद्दाख में सीमा पर विवाद बढ़ने के बाद दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर की यह पहली बैठक थी. भारत और चीन के बीच पीछे हटने और तनाव कम करने पर सैन्य और राजनयिक स्तर की वार्ता जुलाई के मध्य से आगे नहीं बढ़ पाई है.