रक्षा मंत्रालय

विदेश मंत्री एस. जयशंकर. (फोटो: पीटीआई)

गलवान झड़प के बाद भारत-चीन के रिश्ते गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं: एस.जयशंकर

न्यूयॉर्क में हुए एक कार्यक्रम में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बड़ी संख्या में हथियारों से लैस चीनी सैनिकों की मौजूदगी भारत के समक्ष ‘बहुत गंभीर’ सुरक्षा चुनौती है.

केंद्रीय सचिवायल का साउथ ब्लॉक. (फोटो साभार: Wikimedia Commons/Matthew T Rader)

चीनी घुसपैठ की रिपोर्ट हटाने के बाद रक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट से 2017 तक की सभी रिपोर्ट हटाई

रक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट से जिन मासिक रिपोर्ट को हटाया है उनमें डोकलाम में 2017 के संकट से जुड़े रिपोर्ट शामिल हैं, जो भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच गतिरोध का उल्लेख नहीं करते हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: रॉयटर्स)

आयुध फैक्टरी के ख़राब गोला-बारूद के कारण 2014 से अब तक 960 करोड़ रुपये का नुकसान: सेना

भारतीय सेना की आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2014 से आयुध फैक्टरी बोर्ड द्वारा निर्मित गोला-बारूद और हथियारों के कारण दुर्घटनाओं में 27 सैनिकों और नागरिकों की जान चली गई और 159 लोग घायल हुए हैं.

Bengaluru: French aircraft Rafale manoeuvres during the inauguration of the 12th edition of AERO India 2019 air show at Yelahanka airbase in Bengaluru, Wednesday, Feb 20, 2019. (PTI Photo/Shailendra Bhojak) (PTI2_20_2019_000069B)

रफाल सौदे से कुछ महीने पहले ऑफसेट संबंधी नीति बदले जाने पर कैग ने उठाए सवाल

भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने पिछले हफ्ते संसद में रखी गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अप्रैल 2016 में रक्षा ख़रीद नीति में बदलाव किया गया था, जिसके तहत रफाल विमानों का निर्माण करने वाली कंपनी को सितंबर 2016 में अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के समय एक ऑफसेट पार्टनर घोषित करने की आवश्यकता नहीं थी.

Bordeaux: A view of Rafale Jet at its Dassault Aviation assembly line, in Bordeaux, France, Tuesday, Oct. 8, 2019. Rajnath Singh is in the city for the handover ceremony of the first Rafale combat jet acquired by the Indian Air Force. (PTI Photo)
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रफाल निर्माता कंपनी ने ऑफसेट दायित्वों को पूरा नहीं किया: कैग

रफाल बनाने वाली फ्रांस की दासो एविएशन और यूरोप की मिसाइल निर्माता कंपनी एमबीडीए ने विमान खरीद से संबंधित भारत को उच्च प्रौद्योगिकी की पेशकश के ऑफसेट दायित्वों को अब तक पूरा नहीं किया है. कैग ने कहा कि विक्रेता अपनी ऑफसेट प्रतिबद्धताओं को निभाने में विफल रहे, लेकिन उन्हें दंड देने का कोई प्रभावी उपाय नहीं है.

रक्षा राज्यमंत्री श्रीपाद नाईक (फोटोः पीआईबी)

सैन्य कैंटीनों में सिर्फ़ स्वदेशी सामान बेचने पर अभी कोई फ़ैसला नहीं हुआ: सरकार

रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाईक से राज्यसभा में पूछा गया था कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत योजना और वोकल फॉर लोकल की अपील के बाद रक्षा मंत्रालय सिर्फ़ स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल पर विचार कर रहा है.

रक्षा मंत्रालय और सैन्य अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह. (फोटो: पीटीआई)

रक्षा मंत्रालय द्वारा बनाई जाने वाली समितियां उनके उद्देश्य में सफल होती क्यों नहीं दिखतीं?

पिछले कई दशकों में रक्षा मंत्रालय ने कई सारे पैनल, समितियों, कार्यसमूहों और टास्क फोर्सों का गठन किया है, लेकिन कुछ को छोड़कर अधिकतर समितियों के सुझावों या सिफ़ारिशों का नाममात्र या कोई प्रभाव नहीं पड़ा है.

(फोटो: रॉयटर्स)

असम राइफल्स के नियंत्रण को लेकर 12 हफ़्तों में फ़ैसला करे केंद्र सरकार: दिल्ली हाईकोर्ट

असम राइफल्स पर पूर्ण नियंत्रण को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के बीच विवाद है. गृह मंत्रालय चाहता है कि उसे पूरा नियंत्रण मिले, लेकिन भारतीय सेना इसके विरोध में है. वर्तमान में पूर्वोत्तर में तैनात असम राइफल्स का प्रशासनिक नियंत्रण गृह मंत्रालय के पास है और ऑपरेशनल कंट्रोल सेना के पास है.

रफाल विमान. (फोटो: रॉयटर्स)

वायुसेना ने हरियाणा सरकार से कहा- अंबाला में कूड़े पर मंडराने वाले पक्षियों से रफ़ाल को ख़तरा

भारतीय वायुसेना में निरीक्षण और सुरक्षा के महानिदेशक ने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के पास स्थित इलाके में कूड़े के निस्तारण के लिए हरियाणा के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है.

(साभार: संबंधित वेबसाइट)

रक्षा ऑडिट रिपोर्ट्स को देश के नागरिकों से क्यों छिपाया जा रहा है?

रक्षा मंत्रालय की ऑडिट रिपोर्ट्स के सार्वजनिक पटल पर उपलब्ध न होने का सबसे अधिक नुक़सान इसके मुख्य स्टेकहोल्डर यानी आम नागरिकों को है. ऑडिट के निष्कर्षों तक सीमित पहुंच होना ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर एक सूचनापरक विमर्श होने में बाधा डालता है.

Bordeaux: A view of Rafale Jet at its Dassault Aviation assembly line, in Bordeaux, France, Tuesday, Oct. 8, 2019. Rajnath Singh is in the city for the handover ceremony of the first Rafale combat jet acquired by the Indian Air Force. (PTI Photo)
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कैग के रक्षा ऑडिट में रफाल सौदे की जांच शामिल नहीं: मीडिया रिपोर्ट

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया है कि दिसंबर 2019 में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा सौंपी गई परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट में सीएजी ने केवल बारह रक्षा ऑफसेट सौदों की समीक्षा की है. रक्षा मंत्रालय ने ऑडिटर को रफाल ऑफसेट सौदे संबंधी कोई जानकारी होने से इनकार किया है.

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101 रक्षा हथियारों के आयात पर रोक, लेकिन मेक-इन-इंडिया क्यों हुआ नाकाम?

वीडियो: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ मुहिम के तहत 101 रक्षा उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है. इस मुद्दे पर डिफेंस पत्रकार राहुल बेदी से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

(फोटो: पीटीआई)

रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से ‘चीनी घुसपैठ’ संबंधी जानकारी गायब

रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से गायब हुए दस्तावेज़ों में चीन द्वारा लद्दाख के विभिन्न हिस्सों में अतिक्रमण की बात कही गई थी. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जून में ‘किसी के भारतीय सीमा में न आने’ के दावे के उलट है.

(फोटो: रॉयटर्स)

रक्षा मंत्रालय ने सीबीएफसी से कहा, सेना आधारित फिल्म-वेब सीरीज़ के प्रसारण से पहले एनओसी लें

सीबीएफसी को लिखे पत्र में रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उनके संज्ञान में आया है कि कुछ प्रोडक्शन हाउस सेना की पृष्ठभूमि पर फिल्में बना रहे हैं या इस तरह के कंटेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे भारतीय सेना की छवि धूमिल हो रही है.

Srinagar: Security personnel stands guard at a blocked road on the 33rd day of strike and restrictions imposed after the abrogration of Article of 370 and bifurcation of state, in Srinagar, Friday, Sept. 6, 2019. (PTI Photo) (PTI9_6_2019_000063A)

जवानों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की अनुमति न मिलने संबंधी दस्तावेज़ सार्वजनिक करने से सीआईसी का इनकार

जम्मू कश्मीर सरकार ने 2001 से 2016 के बीच कथित फ़र्ज़ी एनकाउंटर, बलात्कार, हिरासत में मौत जैसे 50 मामलों में आरोपित सेना के जवानों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने के लिए केंद्र सरकार से इजाज़त मांगी थी, जिसे स्वीकृति नहीं मिली. आरटीआई के तहत इसकी वजह जानने के लिए किए गए आवेदन के जवाब में केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा है कि वह सेना से जुड़े दस्तावेज़ों के निरीक्षण का आदेश नहीं दे सकता.