रखाइन प्रांत

Moreh Border: In this photo provided by Assam Police are seen seven Rohingya immigrants being handed over to Myanmar authorities after completing deportation formalities, at Moreh border post in Manipur, Thursday, Oct 4, 2018. The illegal immigrants were detained in 2012 and since then they were lodged in Cachar Central Jail in Assam's Silchar. (PTI Photo) (PTI10_4_2018_000067B)

भारत ने सात रोहिंग्या प्रवासियों को वापस म्यांमार भेजा

सुप्रीम कोर्ट ने असम में अवैध रूप से आए सात रोहिंग्याओं को उनके मूल देश म्यांमार भेजने के सरकार के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया.

म्यांमार नेता आंग सान सू ची. (फोटो: रॉयटर्स)

म्यांमार की नेता सू ची ने रॉयटर्स के पत्रकारों को जेल भेजने के अदालती फैसले का बचाव किया

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के दो पत्रकारों को रखाइन में सैन्य कार्रवाई के दौरान हुए अत्याचारों की रिपोर्टिंग करते हुए देश के सरकारी गोपनीयता क़ानून तोड़ने के लिए पिछले सप्ताह सात-सात साल की जेल की सज़ा सुनाई गई.

Rohingya refugees react as aid is distributed in Cox's Bazar, Bangladesh, on Thursday. Cathal McNaughton, Reuters (Sep 21 2017)

रोहिंग्या शरणार्थियों का म्यांमार लौटना अब भी सुरक्षित नहीं: संयुक्त राष्ट्र अधिकारी

यूनिसेफ के उप कार्यकारी निदेशक जस्टिन फोर्सिथ का कहना है कि म्यांमार के रखाइन प्रांत के गांवों में अब भी हमले हो रहे हैं.

Rohingya refugees line up for daily essentials distribution at Balukhali camp, near Cox's Bazar, Bangladesh January 15, 2018. REUTERS/Tyrone Siu

बांग्लादेश से रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस म्यांमार भेजने की योजना का विरोध

बांग्लादेश सरकार के फैसले का विरोध करते हुए रोहिंग्या शरणार्थियों ने नागरिकता और सुरक्षा की गारंटी की मांग वाले नारे लगाए.

Rohingya refugees wait for aid in Cox's Bazar, Bangladesh, September 20, 2017. REUTERS/Cathal McNaughton - RC1B9FAA4560

बांग्लादेश में 10 लाख से ज़्यादा रोहिंग्या शरणार्थी, दो साल में म्यांमार वापसी का लक्ष्य

रोहिंग्या मुसलमानों के नए जत्थे के बांग्लादेश में दाख़िल होने के बाद बायोमेट्रिक पंजीकरण शुरू किया गया था. म्यांमार में मुस्लिम अल्पसंख्यक दशकों से अत्याचार का सामना करते रहे हैं.

Rohingya refugee children pictured in a camp in cox's Bazar Bangladesh. Reuters/Cathal McNaughton

रोहिंग्या श​रणार्थियों के बच्चे धरती पर नरक का सामना कर रहे हैं: यूनिसेफ

बांग्लादेश के कॉक्स बाज़ार में रह रहे सात लाख शरणार्थियों को हैजे का टीका लगाया गया. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के कॉलेज ने जूनियर कॉमन रूम के टाइटल से सू ची का नाम हटाया.

Episode 5 plain

हम भी भारत, एपिसोड 05: रोहिंग्या शरणार्थी और भारत

हम भी भारत की पांचवीं कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी रोहिंग्या शरणार्थी संकट पर म्यांमार में संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि रह चुके विजय नांबियार और आॅब्ज़र्वर रिसर्च फाउंडेशन के वरिष्ठ फेलो मनोज जोशी से चर्चा कर रही हैं.

Myanmar Rohingya School Reuters 1.php

म्यांमार के हिंसाग्रस्त रखाइन में स्कूल खुले, लेकिन अब भी इलाका छोड़ भाग रहे हैं रोहिंग्या

म्यांमार की सरकारी मीडिया में घोषणा की गई कि इलाके में स्थिरता लौट आई है. बीते अगस्त महीने से इलाके में हिंसा जारी ​है.

Varun Gandhi Facebook

वरुण गांधी ने रोहिंग्याओं को शरण देने का समर्थन किया, केंद्रीय मंत्री ने की आलोचना

भाजपा सांसद ने कहा, आतिथ्य सत्कार और शरण देने की अपनी परंपरा का पालन करते हुए हमें शरण देना जारी रखना चाहिए.

Rohingya in India Reuters

रोहिंग्याओं के समर्थन में पश्चिम बंगाल बाल अधिकार आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

आयोग ने याचिका में शीर्ष अदालत से कहा कि पूरे रोहिंग्या समुदाय को आतंकवादी नहीं कहा जा सकता.

Myanmar State Counselor Aung San Suu Kyi arrives to deliver a speech to the nation over Rakhine and Rohingya situation, in Naypyitaw, Myanmar September 19, 2017. REUTERS/Soe Zeya Tun

म्यांमार का बचाव करते हुए सू ची ने कहा, उनका देश अंतरराष्ट्रीय जांच से नहीं डरता

म्यांमार की स्टेट काउंसलर सू ची के बयान पर एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि वह रोहिंग्या संकट पर आंखें मूंदे बैठी हैं.

(फोटो: पीटीआई)

केंद्र ने उच्चतम न्यायालय से कहा, रोहिंग्या शरणार्थी देश की सुरक्षा के लिए ख़तरा

केंद्र ने कहा, ग़ैरक़ानूनी शरणार्थी देश के किसी भी हिस्से में रहने के अधिकार के लिए उच्चतम न्यायालय का सहारा नहीं ले सकते.

FILE PHOTO: A family from the Rohingya community is pictured inside their shack at a camp in Delhi, India August 17, 2017. REUTERS/Cathal McNaughton/File photo

भारत सरकार से अनुरोध है कि वह हमें वापस म्यांमार न भेजे: रोहिंग्या शरणार्थी

राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग और मदनपुर खादर में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थी अपने देश म्यांमार भेजे जाने के नाम पर डरे हुए हैं.

Rohingya refugees walk on a muddy path as others travel on a boat after crossing the Bangladesh-Myanmar border, in Teknaf, Bangladesh, September 6, 2017. REUTERS/Danish Siddiqui

जब 16 करोड़ को खिला सकते हैं तो सात लाख रोहिंग्याओं को भी खिला लेंगे: शेख़ हसीना

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने म्यांमार सरकार द्वारा रोहिंग्या लोगों पर अत्याचार करने का आरोप लगाया.