राजनीतिक दल

एसबीआई (फोटो: रायटर्स)

एसबीआई का चुनावी बॉन्ड से चंदा पाने वाले राजनीतिक दलों की जानकारी देने से इनकार: आरटीआई

बैंक ने मांगी गई जानकारी को संबंधित लोगों के बारे में व्यक्तिगत सूचना बताते हुए कहा कि ये सूचनाएं उसके पास ‘दूसरों की अमानत’ के तहत रखी गई हैं और क़ानून में इस तरह की जानकारी न देने की छूट है. बैंक द्वारा उपलब्ध करवाए गए ब्यौरे के अनुसार मार्च 2018 में उसने 222 करोड़ रुपये मूल्य से अधिक के चुनावी बॉन्ड बेचे.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया, राष्ट्रीय पार्टियां आरटीआई क़ानून के दायरे में

चुनाव आयोग ने कहा कि राष्ट्रीय पार्टियां सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आने वाले सार्वजनिक प्राधिकरण हैं.

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राजनीतिक दल आरटीआई के दायरे से बाहर हैं: चुनाव आयोग

आरटीआई के तहत भाजपा, कांग्रेस, भाकपा, माकपा, बसपा और राकांपा के राजनीतिक चंदे की मांगी गई जानकारी के जवाब में आयोग ने ऐसा कहा. जबकि, इन दलों को 2013 में केंद्रीय सूचना आयोग आरटीआई के दायरे में लेकर आया था.

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कर्नाटक विधानसभा चुनाव अब तक का सबसे महंगा चुनाव: सर्वे

सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज़ के सर्वे के मुताबिक राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों द्वारा इस विधानसभा चुनाव में क़रीब 11 हज़ार करोड़ रुपये ख़र्च किये गए हैं, जो पिछले चुनावी ख़र्च का दोगुना है.

भारतीय संसद (रॉयटर्स)

वर्ष 1976 के बाद राजनीतिक दलों को मिले विदेशी चंदे की नहीं होगी जांच

विदेशी चंदा नियमन क़ानून में संशोधन को लोकसभा ने बिना किसी चर्चा के पारित कर दिया गया. भाजपा और कांग्रेस को मिलेगी बड़ी राहत.

(फोटो: पीटीआई)

चार सालों में विभिन्न दलों को मिले 637.54 करोड़ के चंदे में से 488.94 करोड़ रुपये भाजपा के नाम

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्टोरल ट्रस्ट द्वारा दिए गए कुल चंदे में से 92.30 प्रतिशत यानी 588.44 करोड़ रुपये पांच राष्ट्रीय दलों की जेब में गए हैं. वहीं क्षेत्रीय दलों के खाते में सिर्फ 7.70 प्रतिशत या 49.09 करोड़ रुपये की राशि गई.

(इलस्ट्रेशन: एलिज़ा बख़्त)

चुनावी बॉन्ड से लोग डर के मारे सिर्फ़ सत्तारूढ़ पार्टी को चंदा देंगे: विपक्ष

मोदी सरकार द्वारा चुनावी बांड की पहल पर कांग्रेस, माकपा और आप ने कहा यह दलों को चंदा देने वालों की जानकारी छुपाने में मददगार साबित होगा.

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पार्टी के चंदे को आयकर के दायरे में लाना बदले की कार्रवाई: आप

आम आदमी पार्टी ने कहा, स्वतंत्र भारत में शायद यह पहली बार है, जब किसी पार्टी के चंदे को ग़ैरक़ानूनी बताया गया है. आप के दस रुपये से अधिक समूचे चंदे को कर के दायरे में शामिल किया गया है.

Yogi Mayawati Akhilesh (PTI)

उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव: योगी सरकार की पहली चुनावी परीक्षा

यूपी में 16 नगर निगमों, 198 नगर पालिका परिषद और 438 नगर पंचायतों के लिए नवंबर में तीन चरणों में होंगे चुनाव. अपने चुनाव चिह्न पर उतरेंगे सभी प्रमुख दल.

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निजी क्षेत्र में नौकरियों में आरक्षण के ख़िलाफ़ है नीति आयोग

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा, अधिक रोज़गार सृजन की ज़रूरत है लेकिन निजी क्षेत्र में आरक्षण नहीं होना चाहिए.

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भाजपा-कांग्रेस की घोषित संपत्तियों में भारी उछाल, ऑडिट दिशानिर्देश सिर्फ़ काग़ज़ी

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के मुताबिक, राजनीतिक दलों के आय-व्यय में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ऑडिट दिशानिर्देश पर अमल नहीं हो रहा है.

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जीएसटी लागू करने में केंद्र की छोटी भूमिका, कांग्रेस बराबर की भागीदार: नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, नेहरू-गांधी परिवार की आंखों में चुभते हैं गुजराती, गुजरात चुनाव को बताया विकासवाद और वंशवाद की जंग.

BJP congress

चुनाव आयोग को नहीं है पार्टियों को चंदे के रूप में प्राप्त कर-मुक्त राशि की जानकारी

पिछले दो वित्त वर्षों में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस जैसे प्रमुख राष्ट्रीय दलों ने प्राप्त चंदे का विवरण नहीं दिया है.

Patna: BJP MP Varun Gandhi speaking at the Parliamentarian Conclave at Gayan Bhawan in Patna on Saturday. PTI Photo(PTI9_9_2017_000080A)

दंतहीन बाघ है चुनाव आयोग: वरुण गांधी

पार्टियां चुनावों पर अकूत धन ख़र्च करती है. राजनीतिक ख़र्च की वीभत्स प्रणाली सुनिश्चित कर देती है कि मध्यम वर्ग या ग़रीब तबके का कोई व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सके.

(फोटो: पीटीआई)

दलों को मिलने वाले चंदे संबंधी कानून पर केंद्र और निर्वाचन आयोग से सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

इस साल मार्च में लोकसभा ने दलों को कॉर्पोरेट घरानों से मिलने वाले चंदे में ढील देने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी थी.

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राजनीतिक दलों को आरटीआई के दायरे में लाया जाए: पूर्व चुनाव आयुक्त

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएस कृष्णमूर्ति ने कहा, पार्टियों के रणनीतिक निर्णयों को छोड़कर, उनके सभी प्रशासनिक फैसले और उनकी फंडिंग सार्वजनिक नज़रों में होने चाहिए.

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सूचना आयोग ने छह राजनीतिक दलों के ख़िलाफ़ सुनवाई के लिए बड़ी बेंच गठित की

पार्टियों ने सीआईसी के उस आदेश का पालन नहीं किया जिसमें कहा गया था कि सभी राष्ट्रीय पार्टियां आरटीआई कानून के दायरे में आएं.

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‘सबसे बड़ा झूठ यह कहना है कि भारत का कोई दल भ्रष्टाचार से लड़ रहा है’

अगर सारे दल बीजेपी में शामिल हो जाएं तो हो सकता है कि प्रधानमंत्री टीवी पर ऐलान कर दें कि भारत से राजनीतिक भ्रष्टाचार ख़त्म हो गया है क्योंकि सब मेरे साथ आ गए हैं.

Chief Justice of India JS Khehar PTI

चुनावी वायदे आमतौर पर पूरे नहीं होते, राजनीतिक दलों को जवाबदेह बनाना चाहिए: खेहर

प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर ने कहा कि नागरिकों की याददाश्त अल्पकालिक होने की वजह से चुनावी घोषणा पत्र कागज के टुकड़े बनकर रह जाते हैं.

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चुनाव नतीजों की भविष्यवाणी पर निर्वाचन आयोग ने लगाई रोक

निर्वाचन आयोग ने मीडिया संस्थानों को सख़्त निर्देश दिए हैं कि वो किसी भी चुनाव के नतीजों से जुड़ी ज्योतिषियों, टैरो कार्ड रीडर और पंडितों की भविष्यवाणी को प्रसारित न करें.