राजस्थान पुलिस

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राजस्थान: नागौर में बर्बरता का शिकार हुए दलित युवकों को न्याय की उम्मीद क्यों नहीं है?

ग्राउंड रिपोर्ट: 16 फरवरी को नागौर के दो युवकों को करनू गांव में चोरी के आरोप में बेरहमी से पीटा गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत सभी बड़े नेताओं ने आरोपियों को सज़ा और पीड़ितों को न्याय दिलाने की बात कही, लेकिन पीड़ित और उनका परिवार इसे लेकर आश्वस्त नज़र नहीं आते.

राजस्थान में चोरी करने के आरोप में दो दलितों की पिटाई की गई और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया. (फोटो: ट्विटर/वीडियो स्क्रीनग्रैब)

राजस्थान: चोरी के आरोप में दो दलितों की बेरहमी से पिटाई

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने घटना को ‘भयावह और वीभत्स’ करार देते हुए बृहस्पतिवार को राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार से कहा कि वह इस मामले में तत्काल कार्रवाई करे.

जयपुर का हरमाड़ा इलाका.

राजस्थान: मारपीट में घायल हुए कश्मीरी युवक की मौत, एक गिरफ्तार

राजस्थान और कश्मीर की पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि यह घृणा अपराध या लिंचिंग का मामला नहीं है. हालांकि, पिछले कुछ महीनों में राजस्थान में कश्मीरी छात्रों के खिलाफ हिंसा की यह तीसरी घटना है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

2008 जयपुर धमाका मामले में चार को फांसी की सजा

जयपुर में 13 मई 2008 को हुए सिलसिलेवार विस्फोट में कुल 80 लोगों की मौत हुई थी तथा लगभग 170 घायल हुए थे. राजस्थान की एक विशेष अदालत ने मामले में चार आरोपियों मोहम्मद सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सलमान और सैफुर्रहमान को दोषी ठहराया जबकि एक आरोपी शाहबाज हुसैन को दोषमुक्त करार दिया था.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

2008 जयपुर धमाका: चार आरोपी दोषी क़रार, एक दोषमुक्त

13 मई 2008 को जयपुर में हुए आठ सिलसिलेवार बम धमाकों में 70 लोगों की मौत हुई थी और 185 घायल हुए थे. दोषियों की सज़ा पर गुरुवार को जिरह के बाद फ़ैसला लिया जाएगा.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

राजस्थान: आरटीआई कार्यकर्ता की हिरासत में मौत, पूरा थाना लाइन हाज़िर, थानेदार सहित 10 पर केस दर्ज

राजस्थान के बाड़मेर ज़िले का मामला. भूमि विवाद के दौरान आईटीआई कार्यकर्ता से मारपीट की गई थी, जिससे उन्हें अंदरूनी चोटें आई थीं. आरोप है कि पुलिस ने उनका इलाज कराने की जगह, उन्हें हिरासत में रखा था.

(फोटो साभार: गूगल मैप्स)

राजस्थान: भूमि विवाद की जांच करने गए पुलिस कॉन्स्टेबल की पीट-पीटकर हत्या

मामला राजस्थान के राजसमंद जिले का है. हालांकि, उदयपुर रेंज की आईजी बिनीता ठाकुर ने कहा कि यह मॉब लिंचिंग का मामला नहीं है.

प्रतीकात्मक फोटो, साभार: Domi/ Flickr (CC BY-NC 2.0)

राजस्थान: दलित महिला ने पुलिसवालों पर लगाया गैंगरेप का आरोप, देवर की हो चुकी है हिरासत में मौत

मामला राजस्थान के चुरु जिले का है. आरोप है कि पुलिस ने महिला और उसके देवर को चोरी एक मामले में गिरफ़्तार किया था. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला के देवर को 6 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था और उसी रात पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी.

सोहराबुद्दीन शेख़ और पत्नी कौसर बी (फाइल फोटो)

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर: बॉम्बे हाईकोर्ट ने बरी किए गए सभी 22 लोगों को भेजा नोटिस

सोहराबुद्दीन शेख़ को वर्ष 2005 में कथित तौर पर फ़र्ज़ी मुठभेड़ में मारा गया था. वर्ष 2018 में एक विशेष अदालत ने गुजरात और राजस्थान के पुलिस अधिकारियों सहित 22 लोगों को इस मामले में बरी कर दिया था.

सीकर में दामिनी की मां. (सभी फोटो: माधव शर्मा)

बलात्कार पीड़िताओं के पुनर्वास पर क्यों ध्यान नहीं देती सरकार?

राजस्थान में इस साल अप्रैल तक बलात्कार के 1509 मामले सामने आए, इनमें से 349 मामलों में चालान हुआ लेकिन मुआवज़ा सिर्फ़ 50 युवतियों को ही मिला.

हरेन पांड्या.

हरेन पांड्या हत्याकांड: नए सिरे से जांच संबंधी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

गुजरात में नरेंद्र मोदी सरकार में गृह मंत्री रहे हरेन पांड्या की 26 मार्च, 2003 को अहमदाबाद में लॉ गार्डन इलाके में उस समय गोली मार कर हत्या कर दी गई थी, जब वह सुबह की सैर कर रहे थे.

हरेन पांड्या.

गुजरात के पूर्व मंत्री हरेन पांड्या हत्या मामले की नए सिरे से जांच के लिए याचिका

गैर सरकारी संग‍ठन सीपीआईएल द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया कि सामने आई कुछ नई जानकारियां डीजी वंज़ारा समेत कुछ आईपीएस अधिकारियों की पांड्या की हत्या की साज़िश में शामिल होने की संभावना बताती हैं.

हरेन पांड्या.

क्यों हरेन पांड्या हत्याकांड मामले के शुरुआती जांच अधिकारी इसकी दोबारा जांच चाहते हैं

मुख्यमंत्री के बतौर नरेंद्र मोदी के 13 साल के कार्यकाल के दौरान हुईं अनसुलझी हत्याओं और मुठभेड़ों में हरेन पांड्या की हत्या कई मायनों में सबसे बड़ी पहेली है. इस मामले की दोबारा जांच किए जाने में जितनी देरी की जाएगी, इसके सुरागों के पूरी तरह से नष्ट हो जाने की संभावना बढ़ती जाएगी.

सोहराबुद्दीन शेख़ और पत्नी कौसर बी.

सोहराबुद्दीन के भाई ने गृह मंत्रालय, सीबीआई से आरोपियों को बरी करने के ख़िलाफ़ अपील करने को कहा

सोहराबुद्दीन शेख़ फ़र्ज़ी एनकाउंटर मामले में बीते साल 21 दिसंबर को सीबीआई अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया था. आरोपियों में अधिकतर गुजरात और राजस्थान के जूनियर स्तर के पुलिस अधिकारी शामिल थे.

सोहराबुद्दीन शेख़ और पत्नी कौसर बी (फाइल फोटो)

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में सभी 22 आरोपी बरी

सोहराबुद्दीन हत्या मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने कहा कि इस मामले का मुख्य आधार चश्मदीद गवाह थे, जो अपने बयान से मुकर गए. नवंबर 2017 से शुरू हुई सुनवाई में 210 गवाहों की जांच की गई, जिनमें से 92 अपने बयान से पलट गए.