राजस्थान सरकार

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‘नरेंद्र मोदी का कोई सलाहकार समूह नहीं, सिर्फ़ चापलूसी समूह है’

वीडियो: राजस्थान में कांग्रेस नेता सचिन पायलट की बग़ावत और गहलोत सरकार के संकट में पड़ने से सवाल उठ रहा है कि अगर चुनी हुईं सरकारों को भय या लालच से गिराया जा सकता है और अपनी मनमर्ज़ी की पार्टी की सरकार को स्थापित किया जा सकता है तो फिर लोकतंत्र में चुनाव के मायने ही क्या रह गए? जाने माने इतिहासकार रामचंद्र गुहा से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

सरकार और अदालत की नीतियों पर सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने से बचें न्यायिक कर्मचारी: हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट के महारजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा जारी 15 जून के स्थायी आदेश में कहा गया है कि न्यायिक अधिकारी और अदालत के कर्मचारी सोशल मीडिया पर उन मामलों पर राय व्यक्त करते हैं, जिससे उन्हें कोई मतलब नहीं है.

बूंदी जिले के बुधपुरा के मजदूर राजू भील और  उनका परिवार.

राजस्थान: खनन क्षेत्र के लाखों मज़दूर भुगत रहे हैं लॉकडाउन का ख़ामियाजा

कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र हुए लॉकडाउन के बाद राजस्थान में खानें भी बंद हो गई थीं. अप्रैल से राज्य सरकार ने खनन कार्य की अनुमति दी थी, लेकिन अधिकतर मज़दूर घर लौट गए हैं या फिर उनके पास खान तक पहुंचने का साधन नहीं है.

Thane: Migrants with their belongings ride on bicycles as they move towards their native places on the Mumbai-Nashik highway during the nationwide lockdown, in wake of the coronavirus pandemic, in Thane, Friday, May 1, 2020. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad)(PTI01-05-2020_000219B) *** Local Caption ***

लॉकडाउन: राजस्थान से बिहार पहुंचे चार मज़दूर, कहीं पैदल तो कहीं साइकिल से पूरा किया सफ़र

बिहार के सीतामढ़ी के रहने वाले ये मज़दूर उदयपुर की जयसमंद झील में मछली पकड़ने का काम करते थे. लॉकडाउन का दूसरा चरण शुरू होने तक किसी तरह की मदद न मिलने पर इन्होंने घर का रुख़ किया. रास्ते में कहीं ट्रकवालों, तो कहीं ग्रामीणों की मदद से ये सभी 13 दिन बाद रविवार को अपने गांव पहुंचे हैं.

Rajasthan Artist Dare Khan and his group Special Arrangment

राजस्थान: लॉकडाउन में काम को तरसे लोक कलाकार

आम तौर पर लोक कलाओं से गुलज़ार रहने वाले राजस्थान में कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते सन्नाटा पसरा है. ऐसे में ख़ाली बैठे लोक कलाकार आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. उनकी सहायता के लिए शुरू की गई राज्य सरकार की योजना कई विसंगतियों के चलते मददगार साबित नहीं हो रही है.

(फोटो साभार: ट्विटर)

कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए यूपी सरकार ने भेजी बसें, नीतीश कुमार ने जताई आपत्ति

राजस्थान और यूपी सरकार के इस निर्णय के बाद शुक्रवार को 102 बसें झांसी और 150 बसें आगरा से कोटा गई थीं और रात में ही छात्र और कुछ अभिभावक अपने घरों के लिए रवाना हो गए. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि यह लॉकडाउन के नियम के साथ नाइंसाफी है.

(फोटोः रॉयटर्स)

राजस्थान: लॉकडाउन बढ़ाए जाने के बाद कोटा में फंसे हज़ारों छात्रों ने की घर भेजे जाने की मांग

कोचिंग हब माने जाने वाले कोटा में लॉकडाउन के चलते हज़ारों छात्र-छात्राएं फंसे हैं. उनका कहना है कि कोई इम्तिहान या क्लास नहीं है, पर रहने-खाने की परेशानी से लेकर किराये के लिए मकानमालिकों का दबाव झेलना पड़ रहा है क्योंकि सरकार हमें घर नहीं भेज सकती.

फतेहगढ़ में घुमंतु समूह. (फोटो: माधव शर्मा/द वायर)

राजस्थान: दर-बदर रहने वाले घूमंतु समुदाय भुगत रहे हैं लॉकडाउन का खामियाज़ा

कोरोना के चलते हुए देशव्यापी लॉकडाउन के कारण राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में घुमंतू समुदाय के कई समूह फंसे हुए हैं, न काम है न खाने पीने की कोई व्यवस्था. कुछ आम नागरिकों से मिली मदद के सहारे रह रहे इस समुदाय का कहना है कि सरकार द्वारा ग़रीबों के लिए हुई घोषणाओं में से उन्हें किसी का लाभ नहीं मिला है.

पंजाब के लुधियाना में जनता कर्फ्यू का असर, (फोटो: एएनआई)

कोरोना वायरस: राजस्थान के बाद पंजाब में भी 31 मार्च तक लॉकडाउन

पंजाब में शनिवार को 11 और व्यक्ति कोरोनो वायरस से संक्रमित पाए गए थे, जिससे राज्य में संक्रमण के पुष्ट मामलों की कुल संख्या 14 हो गई.

अशोक गहलोत. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरसः राजस्थान सरकार ने 31 मार्च तक पूरे प्रदेश को लॉकडाउन किया

राजस्थान सरकार ने इस लॉकडाउन से आवश्यक सेवाओं को पूरी तरह से बाहर रखा है. हालांकि इस दौरान सरकारी और निजी सभी कार्यालय, शॉपिंग मॉल, दुकानें, कारखानें सभी बंद रहेंगी. सार्वजनिक परिवहन की सेवाएं भी पूरी तरह से बंद रहेंगी.

कमलनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)

मध्य प्रदेश ने नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित किया, ऐसा करने वाला पांचवां राज्य

मध्य प्रदेश की सरकार ने विधानसभा में नागरिकता संशोधन क़ानून के प्रस्ताव पारित करते हुए इसे भारतीय संविधान की मूल भावना का उल्लंघन बताया. इससे पहले केरल, पंजाब, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में इस क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित किया जा चुका है.

Kolkata: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee shows a document while addressing TMC Chhatra Parshad (TMC students wing) students during their protest dharma against CAA, NPR and NRC in Kolkata, Wednesday, Jan. 15, 2020. (PTI Photo/Swapan Mahapatra) (PTI1_15_2020_000215B)

नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित करने वाला पश्चिम बंगाल बना चौथा राज्य

पश्चिम बंगाल विधानसभा में पारित प्रस्ताव में केंद्र सरकार से इस क़ानून को रद्द करने के साथ एनआरसी को क्रियान्वित करने और एनपीआर को अपडेट करने की योजनाओं को निरस्त करने की भी अपील की गई है. इससे पहले केरल, पंजाब और राजस्थान में इस विवादास्पद क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित किया जा चुका है.

राजस्थान विधानसभा भवन. (फोटो साभार: http://www.rajassembly.nic.in)

केरल, पंजाब के बाद राजस्थान विधानसभा में भी नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित

राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित करते हुए केंद्र सरकार से इस कानून को रद्द करने का आग्रह किया है. इस दौरान विधानसभा में भाजपा के कई नेताओं ने नागरिकता कानून के पक्ष में नारेबाजी की.

The massive protests against the CAA have brought the Constitution into the public discourse. A demonstrator stands next to a hoarding of the Preamble to the Constitution in Delhi. (REUTERS)

महाराष्ट्र के बाद राजस्थान के विद्यालयों में भी 26 जनवरी से होगा संविधान की प्रस्तावना का पाठ

राजस्थान के शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि राष्ट्र में जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, उसमें हमारे संविधान निर्माण की प्रस्तावना और भावों के प्रसार से ही हम देश में परस्पर सद्भाव, एकता, अखण्डता को कायम रख सकते हैं.

कोटा स्थित जेके लोन अस्पताल. (फोटो साभार: ट्विटर/@Pintuchoudhry3)

आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान में स्वास्थ्य सेवा की स्थिति जितनी दिख रही है, उससे कहीं भयावह है

विशेष रिपोर्ट: राजस्थान के कोटा स्थित जेके लोन अस्पताल में पिछले एक महीने में 100 से अधिक बच्चों की मौत हुई थी. अस्पताल में साल 2019 में बच्चों की मौत का आंकड़ा 963 है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के अन्य अस्पताल भी कोटा से बेहतर स्थिति में नहीं हैं.