रामनाथ कोविंद

जेनएयू और कुलपति जगदीश कुमार (फोटो: ट्विटर)

जेएनयू: नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितता को लेकर राष्ट्रपति को पत्र लिखा

जेएनयू के स्कूल ऑफ फिज़िकल साइंसेस के आठ प्रोफेसरों ने 23 नवंबर को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि पिछले महीने सात उम्मीदवारों की नियुक्ति की गई, लेकिन उनमें से किसी के पास अपेक्षित अनुभव या योग्यता नहीं है. उन्होंने उनकी नियुक्ति प्रक्रिया रोकने का आग्रह किया है.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में यशवर्धन सिन्हा को सीआईसी की शपथ दिलाई. (फोटो साभार: ट्विटर)

यशवर्धन कुमार सिन्हा बने नए सीआईसी, तीन सूचना आयुक्तों ने भी ली शपथ

सूचना आयोग में अब भी तीन सूचना आयुक्तों के पद ख़ाली हैं. सूचना का अधिकार क़ानून के तहत मुख्य सूचना आयुक्त के साथ इस संस्था में कुल 10 सूचना आयुक्त होने चाहिए.

(फोटो: रॉयटर्स)

महामारी के बीच श्रम सुधार के नाम पर लाए गए तीन क़ानूनों का विरोध क्यों हो रहा है

मोदी सरकार द्वारा लाए गए नए श्रम क़ानूनों में जहां एक ओर सामाजिक सुरक्षा के दायरे में ऐसे विभिन्न कामगारों को लाया गया है, जो अब तक इसमें नहीं थे, वहीं दूसरी ओर हड़ताल के नियम कड़े किए गए हैं. साथ ही नियोक्ता को बिना सरकारी मंज़ूरी के कामगारों को नौकरी देने और छंटनी के लिए अधिक छूट दी गई है.

कांग्रेस सांसद वसंतकुमार (फोटो साभारः ट्विटर)

तमिलनाडु: कांग्रेस सांसद एच. वसंतकुमार का कोरोना वायरस से निधन

तमिलनाडु के कन्याकुमारी से कांग्रेस सांसद एच. वसंतकुमार को कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद 10 अगस्त को अस्पताल में भर्ती किया गया था. उन्हें निमोनिया भी था. वह 2019 के लोकसभा चुनाव में वह पहली बार सांसद चुने गए थे.

New Delhi: Members of the Tablighi Jamaat  leave in a bus from LNJP hospital for the quarantine centre during the nationwide lockdown, in wake of the coronavirus pandemic, in New Delhi, Tuesday, April 21, 2020. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI21-04-2020_000208B)

कोरोना संकट का इस्तेमाल समाज को बांटने के लिए किया जा रहा: एएमयू टीचर्स एसोसिएशन

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो लोग इस्लामोफोबिया फैला रहे हैं, उन्हें फटकारने के बजाय पुलिस उन पर कार्रवाई कर रही है, जो इस तरह की घृणित गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं.

(फोटो: पीटीआई)

श्रम संसदीय समिति ने श्रम कानूनों को ‘कमजोर’ किए जाने को लेकर नौ राज्यों से जवाब मांगा

समिति के अध्यक्ष भर्तृहरि महताब ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की कीमत पर उद्योगों को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता है. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कहा है कि भारत में श्रम कानूनों में हो रहे बदलाव अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होने चाहिए.

Thane: Migrant workers from Lucknow walk along Mumbai-Nashik highway to reach their native places, during a nationwide lockdown in the wake of coronavirus, in Thane, Wednesday, April 29, 2020. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI29-04-2020_000060B)

भारत में श्रम कानूनों में हो रहे बदलाव अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होने चाहिए: आईएलओ

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कहा कि सरकार, श्रमिक और नियोक्ता संगठनों से जुड़े लोगों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता के बाद ही श्रम कानूनों में किसी भी तरह का संशोधन किया जाना चाहिए.

Navi Mumbai: Migrants from Madhya Pradesh walk along a road towards their native places during the nationwide lockdown, imposed in wake of the coronavirus pandemic, in Navi Mumbai, Wednesday, May 6, 2020. (PTI Photo)(PTI06-05-2020_000182B)

‘श्रम क़ानून में बदलाव मज़दूरों के अधिकारों से खिलवाड़, उन्हें मालिकों के रहम पर जीना पड़ेगा’

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्य कोरोना महामारी के नाम पर गोपनीय तरीके से कुछ सालों के लिये कई श्रम क़ानूनों को हल्का कर रहे हैं या रोक लगा रहे हैं. राज्यों की दलील है कि इससे निवेश बढ़ेगा, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि निवेश श्रम क़ानूनों को ख़त्म करने से नहीं बल्कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल्ड लेबर से होता है.

(फोटो: पीटीआई)

श्रमिकों की वापसी के बीच बिहार ने 222 मज़दूरों को राइस मिल में काम करने तेलंगाना भेजा

प्रवासी मज़दूरों के घर लौटने के प्रयासों के बीच बिहार और उत्तर प्रदेश के 1.09 लाख प्रवासियों ने अपने गृह राज्यों से वापस लौटने के लिए हरियाणा सरकार के वेब पोर्टल पर आवेदन किया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

राज्य सरकारों द्वारा श्रम क़ानूनों में संशोधन को लेकर आठ दलों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा

पत्र के अनुसार, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और पंजाब ने फैक्ट्री अधिनियम में संशोधन के बिना काम की अवधि को आठ घंटे प्रतिदिन से बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया है. इससे मजदूरों के मौलिक अधिकार को लेकर गंभीर ख़तरा पैदा हो रहा है.

Justice Ranjan-gogoi PTI

‘जस्टिस गोगोई के राज्यसभा पहुंचने के बाद हर जज और उनके दिए फ़ैसले पर सवाल उठेंगे’

पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को राज्यसभा सदस्य के तौर पर मनोनीत करने की पूर्व न्यायाधीशों और विपक्षी दलों ने आलोचना की है. ऐसा भी कहा गया कि उन्हें सरकार को फायदा पहुंचाने के एवज में यह पद मिला है. इस बारे में पटना हाईकोर्ट की पूर्व जज अंजना प्रकाश से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

सीजेआई रंजन गोगोई (फोटो: पीटीआई)

चुनावी बॉन्ड मामले की सुनवाई कर चुके रंजन गोगोई को अब ये मामला याद नहीं

लोकसभा चुनाव के दौरान इस मामले को लेकर हो रही सुनवाई के दौरान तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली एक पीठ ने ही चुनावी बॉन्ड योजना पर रोक लगाने से मना कर दिया था.

Ranjan Gogoi ANI

पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई ने राज्यसभा सांसद की शपथ ली, विपक्ष ने वॉक आउट किया

विपक्ष के सदन से वॉक आउट करने को क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अनुचित क़रार दिया. पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई पिछले साल नवंबर में रिटायर हुए थे. उन्होंने अक्टूबर 2018 में देश के 46वें मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाला था.

जस्टिस रंजन गोगोई और एयरमार्शल अंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई/bharat-rakshak dot com)

रिटायरमेंट के बाद गोगोई बंधुओं पर सरकार की मेहरबानी

पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा राज्यसभा में नामित किए जाने से पहले बीती जनवरी में राष्ट्रपति ने उनके भाई सेवानिवृत्त एयरमार्शल अंजन गोगोई को नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल के पूर्णकालिक सदस्य के बतौर मनोनीत किया था, जबकि उन्होंने इस क्षेत्र में अधिक समय काम नहीं किया है.

The Telegraph Ranjan Gogoi Ramnath Kovind

राज्यसभा के लिए रंजन गोगोई को नामित करने संबंधी ख़बर पर ‘द टेलीग्राफ’ अख़बार को नोटिस

देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए नामित किए जाने को लेकर अंग्रेज़ी अख़बार ‘द टेलीग्राफ’ ने 17 मार्च को एक ख़बर प्रकाशित की थी, जिसके शीर्षक में राष्ट्रपति कोविंद का नाम कथित तौर पर व्यंग्यात्मक ढंग से लिखा गया था.