राशन कार्ड

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

सुप्रीम कोर्ट ने भुखमरी से हुई मौतों पर सभी राज्यों को नोटिस जारी किया

झारखंड के सिमडेगा में साल 2017 में संतोषी नाम की 11 साल की एक बच्ची की भूख की वजह से मौत हो गई थी. इस बच्ची की मां और बहन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. परिवार का कहना है कि आधार से राशन कार्ड के लिंक नहीं होने की वजह से उनके परिवार को राशन नहीं दिया गया था.

फोटो: रॉयटर्स

ई-पॉश मशीन नहीं लेती अंगूठे का निशान, राशन न मिलने से लोग परेशान

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के में राशन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से कोटे की दुकानों पर ई-पॉश मशीन लगाकर राशन देने की व्यवस्था की गई है, लेकिन इससे आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

रामचरण मुंडा का परिवार. (फोटो साभार: एएनआई)

झारखंड: कथित तौर पर भूख से एक बुज़ुर्ग की मौत

परिवारवालों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से घर में अन्न का एक दाना भी नहीं था, इसलिए भूख से बुजुर्ग की मौत हो गई. वहीं, प्रशासन ने भूख से मौत होने की बात से इनकार किया है.

Jamshedpur: Chief Minister of Jharkhand Raghubar Das addresses the gathering during reopening ceremony of Chapri Rakha Mines at Jadugora area near Jamshedpur, Saturday, Feb 2, 2019. (PTI Photo) (PTI2_2_2019_000196B)

क्यों झारखंड में आदिवासियों के लिए सरकारी राशन लेना दिनोंदिन मुश्किल होता जा रहा है

झारखंड में रघुबर दास के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन लेने के लिए राशन कार्ड में दर्ज सभी सदस्यों का आधार लिंक करवाना अनिवार्य कर दिया है. इस निर्णय से आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर लोग राशन से वंचित हो सकते हैं.

प्रतीकात्मक फोटो रॉयटर्स

कई सारे रिपोर्ट्स के बावजूद केंद्र सरकार ने कहा, भूख से मौतों के बारे में कोई जानकारी नहीं

बीते मंगलवार को लोकसभा में सरकार ने कहा कि किसी भी राज्य ने भूख से मौत की जानकारी नहीं दी है. कई मीडिया रिपोर्टों में भूख से मौत का दावा किया गया है लेकिन जांच में ये सही नहीं पाया गया.

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास. (फोटो साभार: फेसबुक)

झारखंड: क्या भूख से होने वाली मौतें 2019 के चुनावों में मुद्दा बनेंगी?

झारखंड सरकार ने तो भुखमरी के मुद्दे से अपना मुंह ही फेर लिया है. उल्टा, जो लोग भुखमरी की स्थिति को उजागर कर रहे हैं, सरकार उनकी मंशा पर लगातार सवाल कर रही है.

पिछले साल चार अक्टूबर को झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने डीबीटी का शुभारंभ किया था. (फोटो: नीरज सिन्हा)

झारखंडः अनाज वितरण में डीबीटी हुआ फेल, सरकार ने वापस लिया

झारखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की व्यवस्था फेल होने के बाद राज्य सरकार ने इसे वापस ले लिया है. पिछले साल अक्टूबर में रांची के नगड़ी ब्लॉक में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया गया था.

रामगढ़ (झारखंड) (फोटो: गूगल मैप)

झारखंड में आदिवासी की मौत, पत्नी ने भूख से मरने का दावा किया

झारखंड के रामगढ़ ज़िले के मांडू प्रखंड के नवाडीह गांव का मामला. खंड विकास अधिकारी ने भूख से मौत होने की बात को नकारा लेकिन स्वीकार किया कि परिवार का राशन कार्ड नहीं बना था.

पिछले साल चार अक्टूबर को झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने डीबीटी का शुभारंभ किया था. (फोटो: नीरज सिन्हा)

डिजिटल इंडिया के चक्कर में झारखंड के ग्रामीण दो जून की रो​टी के लिए तरस रहे हैं

ग्राउंड रिपोर्ट: झारखंड में पिछले साल सार्वजनिक वितरण प्रणाली में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) की व्यवस्था लागू की है, लेकिन ग्रामीणों के लिए इसका लाभ ले पाना अब भी दूर की कौड़ी साबित हो रहा है.

बीते सितंबर महीने में झारखंड के सिमडेगा ज़िले में रहने वाली कोयली देवी की बेटी संतोषी का मौत हो गई. कोयली देवी का दावा था कि सरकारी राशन न मिलने की वजह से उनकी बेटी की मौत हो गई. (फोटो साभार: एएनआई)

झारखंड में भोजन के अधिकार के हनन के लिए जवाबदेह कौन?

झारखंड में कथित तौर पर भुखमरी से हो रही मौतों ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के कार्यान्वयन की गंभीर त्रुटियों के चलते लोगों के जीने के अधिकार के हनन को उजागर किया है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

केंद्र ने राज्यों से कहा, बग़ैर आधार कार्ड वाले ग़रीबों को राशन देने से इनकार न करें

झारखंड में आधार लिंक न होने के चलते राशन नहीं मिलने से अक्टूबर महीने में कथित तौर पर भूख से तीन मौतें हो चुकी हैं.