राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो

(प्रतीकात्मक तस्वीर, साभार: Flickr/CC BY NC ND 2.0)

हिरासत में मौत: सर्वाधिक मामले तमिलनाडु में, आरोप में गुजरात के सर्वाधिक पुलिसकर्मी गिरफ़्तार

एनसीआरबी की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019 में कुल 53 लोगों की पुलिस हिरासत में मौत हुई थी.

New Delhi: A visitor wears a mask to mitigate the spread of coronavirus, at Red Fort in New Delhi, Thursday, March 12, 2020. (PTI Photo/Arun Sharma)(PTI12-03-2020_000125B)

भारत में पिछले साल विदेशियों के ख़िलाफ़ सर्वाधिक अपराध दिल्ली में दर्ज किए गए: एनसीआरबी

एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के बाद महाराष्ट्र और फिर कर्नाटक में विदेशियों के ख़िलाफ़ सबसे अधिक अपराध दर्ज किए गए. इस सूची में तमिलनाडु चौथे और गोवा पांचवें स्थान पर रहा.

प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स

साल 2019 में महिलाओं और दलितों के ख़िलाफ़ अपराध के सबसे अधिक केस उत्तर प्रदेश में दर्ज

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019 में भारत में महिलाओं एवं दलितों के खिलाफ अपराध में सात फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है. इस दौरान बलात्कार के प्रतिदिन कम से कम 87 मामले सामने आए हैं. उत्तर प्रदेश में साल दर साल महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं.

New Delhi: Union Textiles Minister Smriti Irani addresses a press conference at BJP Headquarters in New Delhi, Tuesday, Sept 11, 2018. (PTI Photo) (PTI9_11_2018_000085B)

मार्च से सितंबर तक बाल अश्लील सामग्री, बलात्कार एवं गैंगरेप की 13,244 शिकायतें दर्ज: स्मृति ईरानी

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्यसभा में बताया कि बच्चों के ख़िलाफ़ अपराध के अलावा एक मार्च से 20 सितंबर के बीच महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध की कुल 13,410 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 4,350 घरेलू हिंसा से संबंधित थीं.

A farmer shows wheat crop damaged by unseasonal rains in his wheat field at Sisola Khurd village in the northern Indian state of Uttar Pradesh, March 24, 2015. To match Insight INDIA-MODI/ Picture taken March 24, 2015. REUTERS/Anindito Mukherjee

साल 2019 में 42,480 किसानों और दिहाड़ी मजदूरों ने आत्महत्या की: एनसीआरबी

साल 2018 के मुकाबले किसानों की आत्महत्या में मामूली गिरावट आई है, जबकि दिहाड़ी कामगारों की आत्महत्या में आठ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

जेलों में बंद दलित, आदिवासी, मुस्लिमों की संख्या देश में उनकी आबादी के अनुपात से अधिकः एनसीआरबी

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के साल 2019 के आंकड़ो के अनुसार देश की जेलों में बंद विचाराधीन मुस्लिम क़ैदियों की संख्या दोषी ठहराए गए मुस्लिम क़ैदियों से अधिक है.

Female prisoners sit inside their cell in the eastern Indian city of Kolkata. Credit: Reuters

देश की जेलें महिला क़ैदियों के लिए कितनी अनुकूल हैं?

दिल्ली दंगों से संबंधित मामले में गिरफ़्तार गर्भवती सफूरा ज़रगर तिहाड़ जेल में हैं और अदालत में जेल अधीक्षक का कहना था कि उन्हें सभी ज़रूरी सुविधाएं दी जा रही हैं. हालांकि देश की जेलों की स्थिति पर आए आंकड़े और सूचनाएं बताते हैं कि भारतीय जेलें गर्भवती महिला क़ैदियों के लिहाज़ से मुफ़ीद नहीं हैं.

Research has shown that LGBTQ people face a higher risk of having mental health issues such as depression, anxiety, substance abuse, suicide and self-harm than heterosexuals. ― Picture by Gift Habeshaw/Unsplash via Reuters

2018 में किसानों से ज़्यादा बेरोज़गारों और स्वरोज़गार करने वालों ने की आत्महत्या: एनसीआरबी

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, साल 2018 में औसतन 35 बेरोज़गारों और स्वरोज़गार से जुड़े 36 लोगों ने हर दिन ख़ुदकुशी की. इस साल 12,936 बेरोज़गारों और स्वरोज़गार से जुड़े 13,149 लोगों ने ख़ुदकुशी की.

Amritsar: Students and members of Voice of Amritsar hold placards during a protest demanding justice for the rape and murder of a 25-year-old veterinarian, in Hyderabad, Sunday, Dec. 1, 2019. The veterinarian, who was on her way home after a medical check-up on Wednesday night, was raped, killed and set abalze by four lorry workers. (PTI Photo)(PTI12_1_2019_000145B)

वर्ष 2018 में एक बार फिर मध्य प्रदेश में बलात्कार की सबसे ज़्यादा घटनाएं हुईं: एनसीआरबी

एनसीआरबी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2018 में बलात्कार के मामलों में मध्य प्रदेश के बाद राजस्थान 4,335 घटनाओं के साथ दूसरे और उत्तर प्रदेश इस तरह की 3,946 घृणित घटनाओं के साथ तीसरे स्थान पर रहा.

A farmer shows wheat crop damaged by unseasonal rains in his wheat field at Sisola Khurd village in the northern Indian state of Uttar Pradesh, March 24, 2015. To match Insight INDIA-MODI/ Picture taken March 24, 2015. REUTERS/Anindito Mukherjee

साल 2018 में 10,349 किसानों ने आत्महत्या की, महाराष्ट्र में सबसे ज़्यादा: एनसीआरबी

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, साल 2018 में किसान आत्महत्या के मामले में महाराष्ट्र के बाद तमिलनाडु दूसरे, पश्चिम बंगाल तीसरे, मध्य प्रदेश चौथे और कर्नाटक पांचवें स्थान पर है. इन पांच राज्यों में ही किसान आत्महत्या के करीब 51 फीसदी मामले दर्ज किए गए.

Mumbai: Women activists disply placards and shout slogans during a protest against the Hyderabad rape and murder case, at Dadar in Mumbai, Tuesday, Dec. 3, 2019. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI12_3_2019_000172B)

बलात्कार के मामलों में सजा की दर मात्र 27.2 प्रतिशत: एनसीआरबी रिपोर्ट

एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक बलात्कार के मामलों में सजा की दर 2018 में पिछले साल के मुकाबले घटी है. 2017 में सजा की दर 32.2 प्रतिशत थी.

(फोटो: द वायर)

2018 में हर दिन औसतन 80 हत्याएं, 91 बलात्कार की घटनाएं हुईं: एनसीआरबी आंकड़ा

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला एनसीआरबी भारतीय दंड संहिता और विशेष एवं स्थानीय कानून के तहत देश में अपराध के आंकड़ों को एकत्रित करने तथा विश्लेषण के लिए जिम्मेदार होता है.

(फोटो: द वायर)

बलात्कार के मामलों में दोषसिद्धि दर 32 प्रतिशत है: एनसीआरबी

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के 2017 के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में बलात्कार के मामलों की कुल संख्या 1,46,201 थी, लेकिन उनमें से केवल 5,822 लोगों को ही दोषी ठहराया जा सका.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

बाल तस्करी के मामले में राजस्थान शीर्ष पर, बिहार से हर दिन एक बच्चे की तस्करी: एनसीआरबी

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, बाल तस्करी के 886 मामलों के साथ राजस्थान पहले स्थान पर है, जबकि पश्चिम बंगाल 450 ऐसे मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है. बाल तस्करी के 121 दर्ज मामले में बिहार पुलिस ने आरोप पत्र ही दायर नहीं किए.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

जेल में क्षमता से अधिक क़ैदी, यूपी में स्थिति सबसे ख़राब: एनसीआरबी

एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2015-2017 के दौरान भी जेल में क्षमता से अधिक क़ैदी थे. इस अवधि में क़ैदियों की संख्या में 7.4 प्रतिशत का इज़ाफ़ा हुआ, जबकि समान अवधि में जेल की क्षमता में 6.8 प्रतिशत वृद्धि हुई.