राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरस: लॉकडाउन की वजह से एनपीआर और जनगणना का कार्य अगले आदेश तक स्थगित

एनपीआर अपडेट करने और हाउस लिस्टिंग का काम 1 अप्रैल से शुरू होकर 30 सितंबर तक पूरा होना था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना वायरस से निपटने के लिए 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन. (फोटो: ट्विटर)

झारखंड ने एनआरसी के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया, एनपीआर को 2010 की तरह लागू करने की मांग

इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद राज्य की विधानसभा को कोरोना वायरस के मद्देनजर अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित कर दिया गया है.

(फोटोः पीटीआई)

दिल्ली सरकार ने एनपीआर के ख़िलाफ़ विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया

आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि अगर एनपीआर लागू हो गया तो देश की एक बड़ी आबादी इससे प्रभावित होगी.

राज्यसभा में सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने का प्रस्ताव रखा. (फोटो: आरएसटीवी/पीटीआई)

एनपीआर में कोई दस्तावेज़ नहीं मांगा जाएगा, किसी को ‘संदिग्ध’ नहीं माना जाएगा: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सभा में कहा, ‘एनपीआर के लिए कोई दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे. अगर किसी के पास कोई जानकारी नहीं है तो उसे साझा करने की जरूरत नहीं है.’

वी. नारायणसामी पुडुचेरी विधानसभा को संबोधित करते हुए. (फोटो: फेसबुक: वी. नारायणसामी)

पुडुचेरी विधानसभा में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित

पुडुचेरी नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में प्रस्ताव पारित करने वाला पहला केंद्र शासित प्रदेश बन गया है. इससे पहले केरल, पंजाब, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश विधानसभाओं में इस क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित हो चुके हैं.

*EDS: TV GRAB** New Delhi: Prime Minister Narendra Modi rises to make a statement in the Lok Sabha, during the ongoing Budget Session of Parliament in New Delhi, Wednesday, Feb. 5, 2020. PM Modi announced the formation of a trust for the construction of a Ram Temple in Ayodhya as directed by the Supreme Court in its verdict in the Ram Janmabhoomi-Babri Masjid case in November last year. (LSTV/PTI Photo) (PTI2 5 2020 000027B)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का एक शब्द राज्यसभा की कार्यवाही से हटाया गया

संसद की कार्यवाही से प्रधानमंत्री के भाषण के किसी अंश को निकाले जाने की घटना आमतौर पर बहुत ही कम देखने को मिली है.

New Delhi: Home Minister Amit Shah during the 32nd Intelligence Bureau (IB) Centenary Endowment Lecture at Siri Fort auditorium, Monday, Dec. 23, 2019. (PTI Photo/Shahbaz Khan)(PTI12_23_2019_000017B)

क्या देशव्यापी एनआरसी लागू करने को लेकर अमित शाह ने संसद में झूठ बोला था?

बीते मंगलवार को गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने संसद में कहा कि अभी तक एनआरसी को राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है. हालांकि राय का ये बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पूर्व में दिए गए बयानों के बिल्कुल उलट है.

Demonstrators attend a protest march against the National Register of Citizens (NRC) and a new citizenship law, in Kolkata, December 19, 2019. REUTERS/Rupak De Chowdhuri

गृह मंत्रालय ने संसद में दी सफाई, देशव्यापी एनआरसी लाने पर अभी कोई फैसला नहीं

देश के कई स्थानों पर संशोधित नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने संसद में यह सफाई दी है.

प्रशांत किशोर, नीतीश कुमार और पवन वर्मा. (फोटो: पीटीआई/फेसबुक)

प्रशांत किशोर और पवन वर्मा जदयू से निष्कासित, दोनों ने नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया

प्रशांत किशोर और पवन वर्मा ​पिछले कुछ दिनों से नागरिकता संशोधन क़ानून और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को लेकर पार्टी अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन के कारण उनकी आलोचना कर रहे थे.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi and Defence Minister Rajnath Singh during the BJP parliamentary party meeting, in New Delhi, Tuesday, July 9, 2019. (PTI Photo/Arun Sharma)(PTI7_9_2019_000001B)

एनआरसी बन रहा है, इसमें क्या आपत्ति है: राजनाथ सिंह

कर्नाटक के मंगलुरु में एक रैली को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एनआरसी पर मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि क्या हर देश को यह नहीं पता होना चाहिए कि उसकी ज़मीन पर कितने नागरिक रहते हैं और कितने विदेशी रहते हैं?

NPR Files

एक्सक्लूसिव: एनपीआर पर जनता को गुमराह करती मोदी सरकार

वीडियो: द वायर द्वारा प्राप्त किए गए आधिकारिक दस्तावेज़ों से खुलासा होता है कि किस तरह केंद्र की मोदी सरकार काफी पहले से एनपीआर में आधार को ‘अनिवार्य’ करने का न सिर्फ़ मन बना चुकी थी, बल्कि करीब 60 करोड़ आधार नंबर को एनपीआर से जोड़ने का काम भी पूरा हो चुका है.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

प्रधानमंत्री कार्यालय ने ख़ुद कहा था कि एनपीआर के साथ आधार ज़रूर जोड़ा जाना चाहिए

विशेष रिपोर्ट: द वायर द्वारा प्राप्त किए गए आधिकारिक दस्तावेज़ों से पता चलता है कि 15 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तत्कालीन प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें आधार जारी करने, एनपीआर डेटाबेस के साथ आधार नंबर को जोड़ने और समय-समय पर एनपीआर में आधार नंबर अपडेट करने को लेकर चर्चा की गई थी.

Aadhaar The Wire

गृह मंत्रालय ने अक्टूबर 2019 में एनपीआर के लिए आधार नंबर अनिवार्य करने का किया था प्रस्ताव

द वायर एक्सक्लूसिव: दस्तावेज़ों से पता चलता है कि केंद्र सरकार ने एनपीआर में अनिवार्य रूप से आधार इकट्ठा करने के लिए आधार क़ानून या नागरिकता क़ानून में भी संशोधन करने का प्रस्ताव रखा था.

Vaishali: BJP National President and Union Home Minister Amit Shah addresses an awareness rally on Citizenship Amendment Act (CAA) at Kharauna Pokhar near Vaishali, Thursday, Jan. 16, 2020. (PTI Photo)  (PTI1_16_2020_000088B)

तक़रीबन 60 करोड़ आधार नंबर पहले ही एनपीआर से जोड़े जा चुके हैं

द वायर एक्सक्लूसिव: गृह मंत्रालय आश्वासन दे रहा है कि जिन लोगों के पास आधार नंबर नहीं है उन्हें एनपीआर अपडेट करने के दौरान ऐसे दस्तावेज़ देने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा. हालांकि प्राप्त किए आधिकारिक दस्तावेज़ सरकार के इन आश्वासनों पर सवालिया निशान खड़े करते हैं.

New Delhi: Congress interim President Sonia Gandhi, party leaders Rahul Gandhi and Ghulam Nabi Azad, left leaders Sitaram Yechury and D Raja, Jharkhand CM Hemant Soren and others after an Opposition leaders meeting to discuss the current political situation following widespread protests against the amended Citizenship Act and the violence on campuses, in New Delhi, Monday, Jan. 13, 2020. (PTI Photo/Subhav Shukla)(PTI1_13_2020_000128B) *** Local Caption ***

20 विपक्षी दलों ने कहा, एनआरसी का विरोध करने वाले सभी मुख्यमंत्री एनपीआर पर रोक लगाएं

कांग्रेस की अगुवाई में सोमवार को हुई विपक्षी दलों की बैठक में संशोधित नागरिकता क़ानून को तत्काल वापस लेने और एनआरसी व एनपीआर पर रोक लगाए जाने की मांग करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया.