राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ)

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चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में आ सकती है 25 प्रतिशत की गिरावट: अर्थशास्त्री अरुण कुमार

अर्थशास्त्री अरुण कुमार ने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि में उतनी तेज़ी से सुधार नहीं आ रहा है जैसा सरकार दिखा रही है. आरबीआई का अनुमान है कि इस वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था में 7.5 प्रतिशत की गिरावट आएगी, वहीं राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय 7.7 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया है.

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कोरोना से प्रभावित अर्थव्यवस्था में इस साल 7.7 प्रतिशत गिरावट रहने का अनुमान

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा बीते बृहस्पतिवार को जारी राष्ट्रीय आय के पहले अग्रिम अनुमान में कहा गया है कि कृषि और जनउपयोगी सेवाओं मसलन बिजली और गैस आपूर्ति को छोड़कर अर्थव्यस्था के अन्य सभी क्षेत्रों में गिरावट आने का अनुमान है. मुख्य रूप से विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के ख़राब प्रदर्शन की वजह से अर्थव्यवस्था में यह गिरावट आएगी.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

फल-सब्ज़ी महंगा होने से खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर में बढ़कर 7.34 फ़ीसदी हुई, आठ महीने का उच्च स्तर

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से जारी आंकड़े के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर सितंबर में बढ़कर 10.68 प्रतिशत हो गई, जो अगस्त में 9.05 प्रतिशत थी. सब्ज़ियों की महंगाई दर सितंबर महीने में बढ़कर 20.73 प्रतिशत रही, जो अगस्त में 11.41 प्रतिशत थी.

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इस साल मई में खाद्य महंगाई दर बढ़कर 9.28 फीसदी हुई: सरकारी आंकड़े

केंद्र सरकार ने कोविड-19 महामारी के बाद लागू लॉकडाउन के दौरान लगातार दूसरे महीने खुदरा मुद्रास्फीति के आंशिक आंकड़े जारी किए. मई 2019 में खाद्य महंगाई दर 1.83 फीसदी थी.

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वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही की वृद्धि दर घटकर 3.1 फीसदी

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बीते वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी की वृद्धि दर घटकर 11 साल के निचले स्तर 4.2 फीसदी पर पहुंच गई है.

रघुराम राजन. (फोटो:रॉयटर्स)

सरकार अर्थव्यवस्था के बजाए राजनीतिक, समाजिक एजेंडे पर ज्यादा ध्यान दे रही: रघुराम राजन

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की टिप्पणी इस संबंध में महत्वपूर्ण है कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़े के अनुसार भारत की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 4.7 प्रतिशत रही जो करीब सात साल का न्यूनतम स्तर है.

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देश की आर्थिक वृद्धि दर दिसंबर तिमाही में घटकर 4.7 प्रतिशत रही

कांग्रेस ने मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में आर्थिक विकास दर के 4.7 फीसदी रहने को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि आंकड़ों से स्पष्ट है कि ‘करो-ना’ वायरस ने इस सरकार को पंगु बना दिया है.

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40 साल में पहली बार उपभोक्ता खर्च में आई कमी की रिपोर्ट जारी नहीं करेगा एनएसओ

यह पहली बार है जब केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर सर्वे पूरा होने के बाद एक सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी नहीं करने का फैसला किया है. वहीं, सरकार ने रिपोर्ट को रद्द करने से पहले एनएससी से परामर्श नहीं किया था.

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खाने-पीने का सामान महंगा होने से थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 0.58 प्रतिशत पर पहुंची

प्याज सहित अन्य सब्जियों, दाल और मांस, मछली जैसी प्रोटीन वाली वस्तुओं के दाम चढ़ने से नवंबर माह में खुदरा मुद्रास्फीति की दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत पर पहुंच गई थी.

A vendor sells vegetables at a retail market in Kolkata, India, December 12, 2018. Photo Reuters Rupak De Chowdhuri

खुदरा मुद्रास्फीति दर 40 महीने के उच्चतम स्तर पर, औद्योगिक उत्पादन 3.8 फीसदी गिरा

बिजली, खनन और विनिर्माण क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन के कारण औद्योगिक उत्पादन अक्टूबर महीने में 3.8 प्रतिशत घट गया. एक साल पहले इसी माह में इसमें 8.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह. (फोटो: पीटीआई)

अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक, हालिया जीडीपी आंकड़े पूरी तरह अस्वीकार्य: मनमोहन सिंह

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत रहने को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नाकाफ़ी बताया. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अर्थव्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है लेकिन हमारे समाज की स्थिति ज्यादा चिंताजनक है.

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चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 4.5 प्रतिशत रही आर्थिक वृद्धि दर, छह साल में सबसे कम

एनएसओ द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में गिरावट और कृषि क्षेत्र में पिछले साल के मुकाबले कमज़ोर प्रदर्शन से वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत रह गई. बीते वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह सात प्रतिशत थी.

Pharmacists dispense free medication, provided by the government, to patients at Rajiv Gandhi Government General Hospital (RGGGH) in Chennai July 12, 2012. Chennai is the capital of Tamil Nadu, one of two Indian states offering free medicine for all. The state provides a glimpse of the hurdles India faces as it embarks on a programme to extend free drug coverage nationwide. Picture taken July 12, 2012. To match Analysis INDIA-DRUGS/ REUTERS/Babu (INDIA - Tags: SOCIETY DRUGS HEALTH) - RTR357H6

निजी अस्पतालों में इलाज कराना सरकारी अस्पतालों से सात गुना महंगा: रिपोर्ट

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की एक सर्वेक्षण रिपोर्ट से इसका पता चला है. सर्वेक्षण 1.13 लाख परिवारों पर किया गया. यह आंकड़ा जुलाई-जून 2017-18 की अवधि के सर्वेक्षण पर आधारित है.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: रॉयटर्स)

ग्रामीण मांग में कमी के कारण 40 साल में पहली बार उपभोक्ताओं की खर्च सीमा घटी: रिपोर्ट

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की एक लीक रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भारतीय द्वारा एक महीने में खर्च की जाने वाली औसत राशि साल 2017-18 में 3.7 फीसदी कम होकर 1446 रुपये रह गई है, जो कि साल 2011-12 में 1501 रुपये थी.

A worker operates a hydraulic press machine at a workshop manufacturing flanges for automobiles in Mumbai, India, May 29, 2017. REUTERS/Shailesh Andrade/File Photo

सितंबर महीने में 4.3 फीसदी की कम हो गया औद्योगिक उत्पादन, आठ साल की सबसे बड़ी गिरावट

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन 20.7 प्रतिशत घटा जबकि एक साल पहले इसी महीने में इसमें 6.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. वहीं, विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 3.9 प्रतिशत, बिजली क्षेत्र का उत्पादन 2.6 प्रतिशत घट गया.