राष्ट्रीय सुरक्षा कानून

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेशः गोहत्या के आरोप में गिरफ़्तार किए गए 11 लोगों के ख़िलाफ़ एनएसए लगाया

उत्तर प्रदेश की बदायूं पुलिस ने आठ अक्टूबर को गोहत्या के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया था. इसके साथ ही घटनास्थल से 200 किलोग्राम मीट, पशुओं की खाल, पशुओं के अंग और गायों को काटने के लिए इस्तेमाल में लाए जाने वाले हथियार बरामद किए थे.

Activists display placards during a protest against the arrests of activists in New Delhi | Kamal Kishore/PTI

साल 2019 में बढ़े राजद्रोह के मामले, दोषसिद्धि न्यूनतम रही: एनसीआरबी

साल 2019 में राजद्रोह के 93 मामले दर्ज किए गए थे, जो इससे पहले के सालों के मुक़ाबले अधिक हैं, हालांकि केवल तीन फीसदी राजद्रोह मामलों में ही आरोपों को साबित किया जा सका.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

साल 2016-18 के बीच यूएपीए के तहत 3005 मामले दर्ज, सिर्फ़ 821 केस में चार्जशीट दाख़िल: सरकार

सरकार ने संसद में यह जानकारी भी ​दी कि साल 2017 और 2018 में देश भर में 1,198 लोगों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून या रासुका के तहत हिरासत में लिया गया. मध्य प्रदेश में रासुका के तहत साल 2017 और 2018 में सर्वाधिक लोगों को हिरासत में लिया गया. इसके बाद उत्तर प्रदेश का स्थान है.

(प्रतीकात्म​क फोटो: रॉयटर्स)

उत्तर प्रदेश में इस साल 139 लोगों पर एनएसए लगा, आधे से ज़्यादा मामले गोहत्या से जुड़े: रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के मुताबिक, इस साल 19 अगस्त तक यूपी पुलिस ने राज्य में 139 लोगों के खिलाफ एनएसए लगाया है, जिनमें से 76 मामले गोहत्या से जुड़े हैं. 31 अगस्त तक अकेले बरेली पुलिस जोन में ही 44 लोगों पर एनएसए के तहत मामला दर्ज किया गया.

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मुझे जेल में मारा पीटा गया, भूखा रहने पर मजबूर किया गया: डॉ. कफ़ील ख़ान

वीडियो: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पिछले साल दिसंबर में कथित भड़काऊ भाषण देने के मामले में 29 जनवरी को डॉ. कफ़ील ख़ान को गिरफ़्तार किया गया था. बीते एक सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन पर लगाए राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून को रद्द कर उन्हें रिहा करने का आदेश दिया था. रिहा होने के बाद डॉ. कफ़ील से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

मथुरा जेल से रिहा होने के बाद डॉ. कफ़ील ख़ान. (फोटो: पीटीआई)

क्या रिहाई के बाद और बढ़ सकती हैं डॉ. कफ़ील ख़ान की मुश्किलें

बीते साल ऑक्सीजन हादसे की विभागीय जांच में दो आरोपों में मिली क्लीनचिट के बाद डॉ. कफ़ील ख़ान की बहाली की संभावनाएं बनी थीं, लेकिन सरकार ने नए आरोप जोड़ते हुए दोबारा जांच शुरू कर दी. मथुरा जेल में रिहाई के समय हुई हुज्जत यह इशारा है कि इस बार भी हुकूमत का रुख़ उनकी तरफ नर्म होने वाला नहीं है.

मथुरा जेल से रिहा होने के बाद डॉ. कफ़ील ख़ान. (फोटो: पीटीआई)

योगी सरकार के आगे नहीं झुकूंगा, अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता रहूंगा: डॉ. कफ़ील ख़ान

एएमयू में सीएए के ख़िलाफ़ कथित ‘भड़काऊ भाषण’ देने के आरोप में जनवरी से मथुरा जेल में बंद डॉ. कफ़ील ख़ान को हाईकोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार देर रात रिहा कर दिया गया. उनका कहना है कि उन्हें इतने दिन जेल में इसलिए रखा गया क्योंकि वे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की कमियों को उजागर करते रहते हैं.

डॉ. कफील. (फोटो साभार: फेसबुक/drkafeelkhanofficial)

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डॉ. कफ़ील ख़ान के ख़िलाफ़ रासुका के आरोप हटाने और तुरंत रिहाई का आदेश दिया

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पिछले साल दिसंबर में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के मामले में 29 जनवरी को डॉ. कफ़ील ख़ान को गिरफ़्तार किया गया था. 10 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद रिहा करने के बजाय उन पर रासुका लगा दिया गया था.

Lakhimpur Kheri

उत्तर प्रदेश: बलात्कार के बाद किशोरी की हत्या, आरोपी गिरफ़्तार

मामला लखीमपुर खीरी ज़िले का है. बीते दस दिनों में जनपद में बलात्कार और हत्या का यह दूसरा मामला है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोपी पर रासुका के तहत कार्रवाई का आदेश दिया है.

Moradabad: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath attends a function at Dr BR Ambedkar Police Academy, in Moradabad on Monday, July 9, 2018. (PTI Photo) (PTI7_9_2018_000114B)

खाद की कालाबाज़ारी करने वालों के ख़िलाफ़ रासुका के तहत कार्यवाही करें: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक किसान को उसकी जरूरत के अनुसार समय से खाद प्राप्त हो.

Kolkata: Suspended doctor Kafeel Khan speaks during a press conference in Kolkata, Monday, July 8, 2019. Khan is accused in Gorakhpur's Baba Raghav Das (BRD) Medical College case involving the death of many children. (PTI Photo) (PTI7_8_2019_000154B)

डॉ. कफ़ील की रासुका अवधि फिर तीन महीने के लिए बढ़ाई गई

बीती 29 जनवरी को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने नागरिकता संशोधन क़ानून के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में बीते साल दिसंबर में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के मामले में डॉ. कफ़ील ख़ान को मुंबई हवाई अड्डे से गिरफ़्तार किया था. तब से वह जेल में हैं.

डॉ. कफील खान. (फाइल फोटो: पीटीआई)

15 दिन में तय करें कि डॉ. कफ़ील को रिहा कर सकते हैं या नहीं: सुप्रीम कोर्ट

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पिछले साल दिसंबर में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में 29 जनवरी को डॉ. कफ़ील ख़ान को गिरफ़्तार किया गया था. 10 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद रिहा करने के बजाय उन पर रासुका लगा दिया गया था.

डॉ. कफील. (फोटो साभार: फेसबुक/drkafeelkhanofficial)

क्या ऑक्सीजन कांड में चुप न रहने की सज़ा काट रहे हैं डॉ. कफील ख़ान

गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में हुए ऑक्सीजन कांड के तीन बरस पूरे हो गए. लेकिन इस दौरान हादसे में ‘विलेन’ बना दिए गए डॉ. कफील ख़ान के अलावा नौ आरोपियों में से कोई इस प्रकरण पर बोलने के लिए सामने नहीं आया. शायद यही वजह है कि इन तीन बरसों में डॉ. कफील ने अधिकतर समय जेल में बिताया है.

जिम्मी लाय. (फोटो: रॉयटर्स)

हांगकांग: मीडिया उद्यमी जिम्मी लाय चीन के नए राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत गिरफ़्तार

लोकप्रिय टेबलॉयड ‘एप्पल डेली’ के मालिक जिम्मी लाय हांगकांग में लोकतंत्र के समर्थन में आवाज़ उठाने वाली प्रमुख हस्ती हैं और लगातार चीन के निरंकुश शासन की आलोचना करते रहे हैं.

चीन के विवादित राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लेकर हांगकांग में लगातार विरोध प्रदर्शन होता रहा है. (फोटो: रॉयटर्स)

चीन ने हांगकांग में अलगाववाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई से संबंधित विवादित क़ानून को मंज़ूरी दी

वैश्विक आक्रोश और हांगकांग में नाराज़गी के बीच चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने विवादित राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून पर हस्ताक्षर कर दिए, जो कि हांगकांग के संबंध में बीजिंग को नई शक्तियां प्रदान करता है.