राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण

Mumbai: A tractor carries away the fallen trees for building a construction site of metro car parking shed at Aarey Colony, Mumbai, Monday, Oct. 7, 2019. The Supreme Court on Monday restrained authorities from cutting any more trees in Mumbai's Aarey colony the shed before further hearing on Oct. 21. (PTI Photo) (PTI10_7_2019_000203A)

आरे मामलाः सुप्रीम कोर्ट ने कहा, मेट्रो प्रोजेक्ट पर कोई रोक नहीं, पेड़ नहीं कटने चाहिए

मुंबई की आरे कॉलोनी में मेट्रो कार शेड बनाने के लिए तकरीबन 2700 पेड़ काटने की मंज़ूरी दे दी गई है, जिसका पर्यावरणविद् और स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं.

Mumbai: Police detain activists who were staging a protest against the tree-cutting, being carried out for the Metro car shed project, at Aarey colony in Mumbai, Saturday, Oct. 5, 2019. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI10_5_2019_000065B)

आरे कॉलोनी: 29 प्रदर्शनकारियों को रिहा किया गया, धारा 144 में ढील

बीते रविवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने सात हजार रुपये के निजी मुचलके और प्रदर्शन न करने की शर्त पर प्रदर्शनकारियों को जमानत दी थी.

(फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई की आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई

कानून के छात्रों द्वारा इस संबंध में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को लिखे गए पत्र के बाद मामले की सुनवाई के लिए दो जजों की पीठ गठित की गई थी.

Mumbai: Residents protest against the cutting of trees in Aarey forest to make the car shed for Metro project, in Mumbai, Sunday, Sept. 15, 2019. (PTI Photo/Shashank Parade)(PTI9_15_2019_000023B)

रात भर पेड़ों की हत्या होती रही, रात भर जागने वाली मुंबई सोती रही

यह न्याय के बुनियादी सिद्धांतों के ख़िलाफ़ है. मामला सुप्रीम कोर्ट में था तो कैसे पेड़ काटे गए? नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में मामला था तो पेड़ कैसे काटे गए? क्या अब से फांसी की सज़ा हाईकोर्ट के बाद ही दे दी जाएगी. सुप्रीम कोर्ट में अपील का कोई मतलब नहीं रहेगा? वहां चल रही सुनवाई का इंतज़ार नहीं होगा?

A woman reacts as she touches a tree after it was cut down in the Aarey Colony suburb of Mumbai, India, October 4, 2019. Picture taken October 4, 2019. REUTERS/Stringer NO ARCHIVES. NO RESALES.

मुंबई: शुक्रवार रात से आरे कॉलोनी के 2,134 पेड़ काटे गए

मुंबई की आरे कॉलोनी में मेट्रो कार शेड बनाने के लिए तकरीबन 2700 पेड़ काटने की मंज़ूरी दे दी गई है, जिसका पर्यावरणविद् और स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं.

Mumbai: Police detain activists who were staging a protest against the tree-cutting, being carried out for the Metro car shed project, at Aarey colony in Mumbai, Saturday, Oct. 5, 2019. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI10_5_2019_000065B)

मुंबई: आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई को लेकर प्रदर्शन, धारा 144 लागू, 29 लोग गिरफ़्तार

मुंबई की आरे कॉलोनी में मेट्रो कार शेड बनाने के लिए तकरीबन 2700 पेड़ काटने की मंज़ूरी दे दी गई है, जिसका पर्यावरणविद् विरोध कर रहे हैं. गिरफ्तार किए गए 29 प्रदर्शनकारियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

मुंबई के आरे कॉलोनी में प्रस्तावित 2700 से अधिक पेड़ों की कटाई का विरोध करते लोग. (फोटो: पीटीआई)

बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरे कॉलोनी को वन क्षेत्र घोषित करने की सभी याचिकाएं ख़ारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई की आरे कॉलोनी को वन क्षेत्र घोषित करने की सभी याचिकाओं को ख़ारिज करते हुए कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के समक्ष लंबित है, इसलिए हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

चारधाम राजमार्ग परियोजना को सुप्रीम कोर्ट की मंज़ूरी, पर्यावरण के मुद्दे पर नई समिति गठित

इस योजना के तहत यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए सड़कों का चौड़ीकरण किया जाना है. वहीं सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि पर्यावरण का ध्यान नहीं रखा गया तो केदारनाथ त्रासदी जैसी घटना दोबारा हो सकती है.

Mumbai: Rescue and relief works underway after the collapse of the four-storey Kesarbai building at Dongri in Mumbai, Tuesday, July 16, 2019. Around 40 to 50 occupants of the building are feared trapped under the debris as per a BMC official. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI7_16_2019_000056B)

मुंबई: डोंगरी में चार मंजिला अवैध इमारत गिरी, 12 लोगों की मौत, क़रीब 50 फंसे

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि इमारत करीब 100 पुरानी है. वह खस्ताहाल इमारतों की सूची में नहीं थी, उसे पुन:विकास के लिए डेवेलपर को दिया गया था. वहां क़रीब 15 परिवार रह रहे थे.

Malad: Rescue operations in progress at the site where a portion of a compound wall collapsed on shanties adjacent to it, in Pimpripada of Malad East, Mumbai, Tuesday, July 02, 2019. (PTI Photo/Shirish Shete )(PTI7_2_2019_000086B)

मलाड दीवार हादसा: जिस झुग्गी पर दीवार गिरी, हाईकोर्ट ने 1997 में दिया था उसे हटाने का आदेश

2 जुलाई को पूर्वी मलाड के कुरुर वन क्षेत्र में बीएमसी के मलाड हिल जलाशय की बॉउंड्री वॉल का कुछ हिस्सा पिंपरीपाड़ा और आंबेडकर नगर इलाकों में बनी झुग्गियों पर ढह गया था, जिसमें 29 लोगों की जान चली गई और 132 लोग घायल हुए. इस बारे में सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा सौंपी गई एक रिपोर्ट में कई प्रशासनिक खामियां सामने आई हैं.

Mining PTI

अवैध खनन रोकने में नाकाम रही मेघालय सरकार, भरे सौ करोड़ का जुर्माना: सुप्रीम कोर्ट

राज्य सरकार के अवैध कोयला खनन को रोकने में नाकाम रहने पर एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ मिलकर यह जुर्माना लगाया था.

अर्थला झील. (फोटो: विशाल जायसवाल)

‘जिन घरों को प्रशासन आज अवैध बताकर तोड़ रहा है, उनके बनने के दौरान वह कहां था?’

ग्राउंड रिपोर्ट: एनजीटी ने उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद की अर्थला झील के किनारे कथित तौर पर अवैध रूप से बसे क़रीब 500 घरों को तोड़ने का आदेश दिया है. यहां के रहवासियों का आरोप है कि जब भूमाफिया अवैध रूप से ज़मीन बेच रहे थे तब स्थानीय प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया और अब कार्रवाई के नाम पर उनके सिर से छत छीनी जा रही है.

Kumbh ANI

कुंभ के दौरान ज़हरीली है इलाहाबाद की हवा, एनजीटी के आदेश को किया जा रहा नज़रअंदाज़

पर्यावरण वैज्ञानिक डॉक्टर सीमा जावेद ने कुंभ के दौरान इलाहाबाद की हवा इतनी खराब होने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि एनजीटी के आदेश के बावजूद इलाहाबाद में वायु की गुणवत्ता पर नजर रखने के सरकारी प्रयास नहीं हो रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

चारधाम विकास योजना के तहत चल रही परियोजनाओं के निर्माण को सुप्रीम कोर्ट की मंज़ूरी

चारधाम योजना के तहत उत्तराखंड के चार पर्वतीय धामों- यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए सड़कों का चौड़ीकरण किया जाना है. पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील इन इलाकों में पेड़ों और पहाड़ों को काटने क्षति पहुंचाने के आरोप लग रहे हैं.

मार्च 2016 में दिल्ली में यमुना के तट पर आर्ट आॅफ लिविंग के विश्व सांस्कृतिक महोत्सव में श्री श्री रविशंकर के साथ पीएम मोदी. (फोटो: पीटीआई)

यमुना तट को हुए नुकसान के लिए आर्ट ऑफ लिविंग ज़िम्मेदार: एनजीटी

एनजीटी ने कहा, अगर यमुना को हुए नुकसान की भरपाई में आने वाला ख़र्च पांच करोड़ से ज़्यादा होता है तो उसे आर्ट आॅफ लिविंग से वसूला जाएगा.

पिछले साल यमुना किनारे हुए श्रीश्री रविशंकर के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे थे. (फाइल फोटो: पीटीआई)

आपको (श्रीश्री रविशंकर) बोलने की आज़ादी है तो क्या कुछ भी बोल देंगे: एनजीटी

श्रीश्री रविशंकर ने कहा था कि फाउंडेशन ने एनजीटी सहित सभी संस्थाओं से ज़रूरी अनुमतियां ले ली थीं और यदि यमुना नदी इतनी ही सुकुमार और पवित्र है तो कार्यक्रम शुरू में ही रोक देना चाहिए था.

Vinod Dua 35

जन गण मन की बात: कानून की धज्जियां उड़ाते आध्यात्मिक गुरु और उर्दू भाषा, एपिसोड 35

जन गण मन की बात की 35वीं कड़ी में श्रीश्री रविशंकर और जग्गी वासुदेव के कानून की धज्जियां उड़ाते कारनामों और उर्दू भाषा पर विनोद दुआ चर्चा कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सत्कार करते श्री श्री रविशंकर (फोटो: पीटीआई)

क्या 10 साल और 42 करोड़ से यमुना को हुए नुकसान की भरपाई हो पाएगी?

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की विशेषज्ञ समिति ने आर्ट आॅफ़ लिविंग के कार्यक्रम से यमुना को हुए नुकसान की रिपोर्ट सौंप दी है.