रिपोर्ट

Doctors examine a magnetic resonance imaging (MRI) scan of a patient lying on a bed inside a ward at Rajiv Gandhi Government General Hospital (RGGGH) in Chennai July 12, 2012. REUTERS/Babu/Files

देश में 11 हज़ार की आबादी पर एक डॉक्टर, संख्या तय मानकों से 11 गुना कम

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बिहार में 28,391 लोगों पर एक डॉक्टर. देश में डॉक्टरों की कमी के चलते मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों की तादाद एक साल में दोगुनी. कैंसर के मामलों में 36 फीसदी बढ़ोतरी.

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष नंदन नीलेकणि. (फाइल फोटो: पीटीआई)

आधार लीक वाली ख़बर पर एफ़आईआर को लेकर नीलकेणि बोले, नकारात्मक विचारों परिणाम भी वैसे ही होंगे

यूआईडीएआई के पूर्व अध्यक्ष नंदन नीलेकणि ने कहा, आधार को बदनाम करने का अभियान चल रहा है.

महाराजा एक्सप्रेस. (फोटो साभार: www.maharajas-express-india.com)

संसदीय समिति ने रेलवे से पूछा, लक्ज़री ट्रेनें ख़ाली क्यों चल रही हैं

संसद की स्थायी समिति ने कहा, लक्जरी ट्रेनें 70 प्रतिशत ख़ाली सीटों के साथ क्यों चलाई जा रही हैं. यात्रियों की कमी के मामले को गंभीरता से न लेने के लिए रेल मंत्रालय की आलोचना की.

(फोटो: रॉयटर्स)

अकाउंट से सूचना हटवाने के लिए सरकार द्वारा भेजे गए अनुरोधों में हुई बढ़ोतरी: ट्विटर

2014 के आखिरी छह महीनों में सरकार ने 15 ट्विटर अकाउंट को रिपोर्ट किया था, वहीं 2017 के पहले छह महीनों में रिपोर्ट किये गए अकाउंट की संख्या बढ़कर 341 पहुंच गयी है.

Demonetisation Notenbandi Reuters

‘नोटबंदी को लेकर सरकार शर्मिंदा थी इसलिए आरबीआई ने आंकड़े जारी करने में देरी की’

नोटबंदी को लेकर रिज़र्व बैंक के हालिया आंकड़ों पर अर्थशास्त्री प्रोफेसर अरुण कुमार से द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु की बातचीत.

Jammu: Vaishno Devi pilgrims showing demonetized 500 and 1000 rupees notes in Jammu on Wednesday. PTI Photo  (PTI11_9_2016_000308A)

नोटबंदी से देश को क्या हा​सिल हुआ?

वीडियो: आरबीआई की हालिया रिपोर्ट कहती है कि नोटबंदी के बाद चलन से बाहर किए गए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों में से लगभग 99 फ़ीसदी बैंकिंग सिस्टम में वापस लौट आए हैं.

Workers walk in front of the construction site of a commercial complex on the outskirts of the western Indian city of Ahmedabad, in this April 22, 2013 file picture. While India has long suffered from a dearth of workers with vocational skills like plumbers and electricians, efforts to alleviate poverty in poor, rural areas have helped stifle what was once a flood of cheap, unskilled labour from India's poorest states. Struggling to cope with soaring food prices, this dwindling supply of migrant workers are demanding - and increasingly getting - rapid increases in pay and benefits. To match story INDIA-ECONOMY/INFLATION      REUTERS/Amit Dave/Files (INDIA - Tags: BUSINESS CONSTRUCTION EMPLOYMENT TPX IMAGES OF THE DAY)

‘यह स्थापित करने का प्रयास हो रहा है कि श्रमिक एवं श्रम कानून विकास में बाधा हैं’

भारतीय मजदूर संघ ने नीति आयोग के उन निष्कर्षों को आधारहीन बताया है कि श्रम कानूनों में संशोधन के बिना विकास और रोज़गार संभव नहीं है.

Noose_REuters-768x512

भारत में पिछले साल मौत की सज़ा के मामलों में 81 फीसदी की बढ़ोतरी: एमनेस्टी

रिपोर्ट के अनुसार, साल 2016 में एक भी शख़्स की सज़ा पर अमल नहीं हुआ. ऐसे 400 कैदी जेलों में बंद हैं जिनकी मौत की सज़ा पर इस साल के अंत तक अमल होना है.