लहसुन

फोटो: रॉयटर्स

19000 किलो आलू बेचने पर किसान को मिले 490 रुपये, नाराज़ होकर पूरा पैसा मोदी को भेजा

उत्तर प्रदेश में आगरा के किसान प्रदीप शर्मा ने फसल बीमा के संबंध में कृषि विभाग में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया है. इससे पहले शर्मा ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी थी.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र: कम दाम मिलने के कारण दो दिन में दो प्याज़ किसानों ने की आत्महत्या

प्याज़ की कम कीमत मिलने के कारण तात्याभाउ खैरनर और मनोज धोंडगे ने आत्महत्या कर ली. महाराष्ट्र से लगातार ये ख़बरे आ रही हैं कि प्याज के किसान अपने उत्पाद को कम दाम में बेचने को मजबूर हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र: 2,657 किलो प्याज़ बेचने पर 6 रुपये की बचत, नाराज़ किसान ने पूरा पैसा मुख्यमंत्री को भेजा

अहमदनगर ज़िले के एक किसान श्रेयस अभाले ने 2,657 किलो प्याज़ बेची तो उन्हें 2,916 रुपये मिले. मजदूरी और परिवहन पर आए ख़र्च के तौर पर 2,910 रुपये चुकाने के बाद किसान के पास मात्र छह रुपये बचे.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र: 500 किलो प्याज़ बेचने पर मिले 216 रुपये, किसान ने मुख्यमंत्री को भेजे

नासिक की येओला तहसील में कृषि उत्पादन बाजार समिति में एक किसान ने 545 किलोग्राम प्याज़ 51 पैसे प्रति किलोग्राम के भाव से बेचा. किसान का कहना है कि क्षेत्र में सूखे जैसी स्थिति है. इस आय में कैसे घर चलाऊं, कैसे अपने क़र्ज़ चुकाऊं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

मध्य प्रदेश: मंडी में कौड़ियों के भाव लहसुन-प्याज़, फसल फेंकने को मजबूर किसान

राज्य की सबसे बड़ी नीमच मंडी में प्याज़ 50 पैसे प्रति किलोग्राम और लहसुन 2 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिका. मंडी सचिव का कहना है कि किसान बेहतर गुणवत्ता का माल लेकर मंडी आएंगे तो बेहतर दाम मिलेगा.

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राजस्थान में दो और किसानों की मौत, लहसुन के अच्छे दाम न मिलने से मौत होने का आरोप

राजस्थान के हाड़ौती संभाग के बारां और कोटा ज़िलों का मामला. पुलिस ने आरोपों को ख़ारिज किया.

राजस्थान के छीपाबड़ौद की लहसुन मंडी का सरकारी ख़रीद केंद्र. (फोटो: अवधेश आकोदिया/द वायर)

वसुंधरा सरकार की बेरुख़ी के बीच दो और लहसुन उत्पादक किसानों ने आत्महत्या की

कृषि मंत्री का कहना है कि राजस्थान के किसानों में आत्महत्या की प्रवृत्ति नहीं है. जब तक जांच पूरी न हो जाए तब तक उसे आत्महत्या कहना ग़लत है.

छीपाबड़ौद की लहसुन मंडी का सरकारी खरीद केंद्र  (फोटो: अवधेश आकोदिया)

हमारे खाने का स्वाद बढ़ाने वाला लहसुन किसानों की सेहत क्यों बिगाड़ रहा है?

राजस्थान के हाड़ौती संभाग के किसानों ने पिछले साल लहसुन का अच्छा भाव मिलने की वजह से इस बार ज़्यादा लहसुन बोया, लेकिन कम भाव मिलने की वजह से अब तक तीन किसान आत्महत्या कर चुके हैं जबकि दो की सदमे से मौत हो गई है.