लोकसभा चुनाव

(फोटो: पीटीआई)

उस पैम्फलेट में क्या है जो भाजपा के नेता मशहूर हस्तियों के घर लेकर जा रहे हैं?

संपर्क फॉर समर्थन कैंपेन: बैंक सेक्टर भीतर से ढह गया और रेल व्यवस्था चरमरा चुकी है, छह एम्स में सत्तर फ़ीसदी पढ़ाने वाले डॉक्टर नहीं हैं. इसका ज़िक्र पैम्फलेट में है या नहीं?

(फोटो: पीटीआई)

अगर भाजपा को उसके गढ़ में हराया जा सकता है तो कहीं भी हराया जा सकता है: अखिलेश यादव

सपा प्रमुख ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में सत्‍ता और धनबल का दुरुपयोग कर भाजपा ने सपा और बसपा के रिश्ते को और भी मजबूत कर दिया है.

Narendra-Modi_PTI

‘एक देश, एक चुनाव’ लोकतंत्र का गला घोंट देगा

आज चुनावों के विकास में बाधक होने का तर्क स्वीकार कर लिया गया तो क्या कल समूचे लोकतंत्र को ही विकास विरोधी ठहराने वाले आगे नहीं आ जाएंगे!

पी. चिदंबरम. (फोटो: रॉयटर्स)

एक राष्ट्र-एक कर की तरह एक राष्ट्र-एक चुनाव भी ‘चुनावी जुमला’: पी. चिदंबरम

चिदंबरम ने कहा कि कल यदि कोई सरकार गिर जाती है तो फिर क्या होगा? क्या आप उसे बाकी चार साल के लिए राष्ट्रपति शासन में रखेंगे?

मौलाना अरशद मदनी. (फोटो: पीटीआई)

भाजपा और संघ नफ़रत की सियासत छोड़ें तो हम साथ देने को तैयार: जमीयत

मौलाना अरशद मदनी ने कहा, मुल्क की ख़राब सूरत-ए-हाल से निपटना हर हिंदुस्तानी का फ़र्ज़ है. अगर मुल्क़ में ख़ुदा ना ख़ास्ता बरबादी आई तो वह हिंदू या मुसलमान नहीं देखेगी.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फोटो: पीटीआई)

लोकतंत्र ख़तरे में, विपक्ष को मिलकर काम करना चाहिए: ममता बनर्जी

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, देश में अति आपातकाल लागू है, मैं दो दशक तक सांसद रही लेकिन केंद्र में ऐसी सरकार कभी नहीं देखी.’

बसपा प्रमुख मायावती. (फोटो: पीटीआई)

देश को विपक्ष मुक्त बनाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रहा केंद्र: मायावती

बसपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं को चेताया, लोकसभा चुनाव समय से पहले होने की संभावना, अपनी कमियों पर पर्दा डालने के लिए भाजपा हिंदुत्व को बना सकती है मुद्दा.

Mayawati Reuters

देश के हालात आपातकाल से ज़्यादा ख़राब, भाजपा ने सोच नहीं बदली तो ​बौद्ध धर्म अपना लूंगी: मायावती

बसपा प्रमुख का आरोप, भाजपा ने राजनीतिक स्वार्थ में संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र को कमज़ोर किया, तानाशाही और मनमानी चल रही है.

Kolkata: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee addresses during Budh Purnima celebrations in Kolkata on Thursday. PTI Photo by Ashok Bhaumik (PTI5_11_2017_000123B)

ममता जन्मजात विद्रोही हैं, उनकी अनदेखी करना असंभव: प्रणब

प्रणब मुखर्जी ने अपनी किताब में लिखा है, ‘ममता ने निडर और आक्रामक रूप से अपना रास्ता बनाया. आज वह जिस मकाम पर हैं, वह उनके संघर्ष का परिणाम है.

niti_aayog pti

2024 से लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ हो: नीति आयोग

यह सिफारिश इस लिहाज से भी अहम है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ करवाने की वक़ालत कर चुके हैं.

Firaq-Gorakhpuri-The-Wire-Hindi- 21

जब चुनावी लोकतंत्र में ज़ब्त हो गई फ़िराक़ गोरखपुरी की ज़मानत

चुनाव में हार के बाद जब पीएम जवाहर लाल नेहरू से उनकी भेंट हुई तो नेहरू ने पूछा, सहाय साहब कैसे हैं? फ़िराक़ गोरखपुरी का जवाब था, ‘सहाय’ कहां, अब तो बस ‘हाय’ रह गया है.

mayawati-pti 1

10 कारण जिनकी वजह से उत्तर प्रदेश में बसपा को करारी हार मिली

कुछ विश्लेषकों का मानना था कि बसपा इस चुनाव में डार्क हॉर्स साबित होगी. पार्टी का आधार वोट बैंक दलित और मुस्लिम मतदाता मिलकर उसे भारी जीत दिलाएंगे.

A supporter of India's main opposition Bharatiya Janata Party (BJP) waves the party's flag during a rally being addressed by Gujarat's Chief Minister and Hindu nationalist Narendra Modi, the prime ministerial candidate for BJP, ahead of the 2014 general elections, at Meerut in the northern Indian state of Uttar Pradesh February 2, 2014. REUTERS/Ahmad Masood (INDIA - Tags: POLITICS ELECTIONS)

क्या भाजपा को लगता है कि यूपी में ‘सांप्रदायिकता’ ही आख़िरी सहारा है?

राज्य में चार चरण के मतदान के बाद नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने सांप्रदायिकता का नारा बुलंद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, पर यह तो वक़्त ही बताएगा कि उनकी विभिन्न जातियों के हिंदुओं को साथ लाने की ये कोशिश कामयाब होगी या नहीं.

Modi_Maurya_PTI

राजनीति को अपराध-मुक्त करने का ज्ञान देने से पहले भाजपा को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए!

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में 35-40 फीसदी प्रत्याशियों का अापराधिक रिकॉर्ड है. कई अपराधों को वैचारिक वैधता भी मिल चुकी है क्योंकि इसके दोषियों को सज़ा के बजाय कोई बड़ी ज़िम्मेदारी या पद दे दिया जाता है. भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष इसका सटीक उदाहरण हैं.