वन

(फोटो: द वायर)

स्थायी विकास के लिए किसी भी कीमत पर वनों का दायरा नष्ट नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

गोवा से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट कहा ​कि अधिकारी सिर्फ़ इस वजह से गोवा को बर्बाद नहीं कर सकते कि वहां राष्ट्रीय औसत से अधिक वन क्षेत्र है.

(फोटो: रॉयटर्स)

पर्यावरण को लेकर हमारी उधार की समझ ने इसे अंतहीन क्षति पहुंचाई है

आज भी जब हम बच्चों को जंगल की कहानी सुनाते हैं तो उसमें पेड़, पौधे, घास, जानवर, शेर, शिकार, नदी, सब होता है पर जो नहीं होता वो है मनुष्य. जिसने सदियों से जंगल को उर्वर बनाए रखा, सहेजकर रखा और दोनों के बीच ऐसा तादात्म्य बनाया कि हिंदुस्तान की संस्कृति में इसे प्राथमिक स्थान मिला.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

सरकार नहीं जानती कि आदिवासी कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के लिए जारी फंड का इस्तेमाल कैसे करें

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि सरकारों के पास 75,000 करोड़ रुपये के विभिन्न फंडों के प्रयोग की कोई योजना भी है या नहीं? केंद्र ने कहा कि फंड सुरक्षित रखा हुआ है लेकिन प्रश्न है कि उसका प्रयोग कैसे किया जाए?

फोटो: द वायर/कृष्णकांत

वन अधिकार कानून ने आदिवासियों को अतिक्रमणकारी होने के कलंक से मुक्त किया

ग्यारह साल पहले इस क़ानून के पारित होने के बाद से आदिवासी समुदाय इस दिन को एक उत्सव के रूप में मनाते आ रहे हैं.