वाईएस जगन मोहन रेड्डी

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी. (फोटो साभार: फेसबुक)

आंध्र प्रदेश: इस्पात निगम के निजीकरण पर फ़िर से विचार के लिए मुख्यमंत्री ने पीएम को पत्र लिखा

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड की रक्षा की ख़ातिर राज्य सरकार, इस्पात मंत्रालय के साथ मिलकर काम करने को तैयार है. यह उपक्रम 20,000 लोगों को सीधे तौर पर तथा अन्य लोगों को अप्रत्यक्ष तौर पर रोज़गार देता है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसके निजीकरण को मंज़ूरी दे दी है.

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राष्ट्रीय इस्पात निगम के निजीकरण के विरोध में तेदेपा विधायक श्रीनिवास राव ने दिया इस्तीफ़ा

आंध्र प्रदेश में विशाखापट्टनम उत्तरी सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले श्रीनिवास राव ने कहा कि निर्णय लेने से पहले, घाटा क्यों कर रहा है, इसकी समीक्षा भी आवश्यक है. उधर, निजीकरण के केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में स्टील प्लांट से संबद्ध मज़दूर संघों का विरोध जारी है.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी. (फोटो साभार: पीटीआई)

आंध्र प्रदेश: मुख्यमंत्री के परिवार की कंपनी को मिला सरकारी ख़रीद के ऑर्डर का बड़ा हिस्सा

भारती सीमेंट कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी के परिवार की 49 फीसदी हिस्सेदारी है और उनकी पत्नी कंपनी की निदेशक हैं. अप्रैल 2020 से 18 जनवरी 2021 तक राज्य द्वारा सीमेंट की ख़रीद के लिए दिए गए कुल ऑर्डर में से 14 फीसदी इस कंपनी को मिले हैं.

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अदालत गोपनीय जानकारी साझा नहीं करती, सूत्रों वाली ख़बरों से सावधान रहें: सुप्रीम कोर्ट

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा उच्चतर न्यायपालिका के जज के ख़िलाफ़ शिकायत पर सीजेआई की संभावित कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट के सूत्रों के हवाले से प्रकाशित हुई ख़बरों के बाद शीर्ष अदालत ने कहा है कि इस तरह की प्रक्रियाएं आतंरिक होती हैं, जिनकी जानकारी जारी नहीं की जाती.

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आंध्र प्रदेश में संवैधानिक संकट की पड़ताल के हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट आंध्र प्रदेश सरकार की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा राज्य में संवैधानिक संकट होने या नहीं होने की जांच करने का आदेश दिए जाने को चुनौती दी गई है.

West Godavari: A woman showing symptoms of epilepsy being taken to a hospital in Eluru town of West Godavari district, Sunday, Dec. 6, 2020. Over 200 people from different parts of Eluru were hospitalized with symptoms resembling epilepsy. (PTI Photo) (PTI06-12-2020 000171B)

आंध्र प्रदेश में पानी में भारी धातु की मौजूदगी रहस्यमयी बीमारी का कारण: विशेषज्ञ टीम

आंध्र प्रदेश के एलुरु शहर में रहस्यमयी बीमारी से 500 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं. केंद्र द्वारा भेजी गई केंद्रीय संस्थानों की विशेषज्ञ टीम ने मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी को रिपोर्ट सौंपी, जिसमें रहस्यमयी बीमारी का कारण शरीर में धातु तत्व निकल और सीसा का पाया जाना बताया है.

West Godavari: A woman showing symptoms of epilepsy being taken to a hospital in Eluru town of West Godavari district, Sunday, Dec. 6, 2020. Over 200 people from different parts of Eluru were hospitalized with symptoms resembling epilepsy. (PTI Photo) (PTI06-12-2020 000171B)

आंध्र प्रदेश: रहस्यमयी बीमारी से सैकड़ों पीड़ित, केंद्र ने जांच के लिए विशेषज्ञ टीम भेजा

आंध्र प्रदेश के एलुरु शहर में रहस्यमयी बीमारी से 400 से अधिक लोग पीड़ित हैं और अब तक एक व्यक्ति की मौत हुई है. लोगों में सिरदर्द, मिर्गी के दौरे पड़ने, अचानक से बेहोश होने, कांपने और मुंह से झाग आने की शिकायतें आ रही हैं.

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सुप्रीम कोर्ट और आंध्र हाईकोर्ट के जजों पर ‘अपमानजनक’ टिप्पणी करने पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने एक शिकायत में कहा था कि राज्य में अहम पदों पर बैठे कुछ महत्वपूर्ण लोगों ने जानबूझकर सुप्रीम और हाईकोर्ट के कुछ जजों पर आदेश सुनाने में जाति व भ्रष्टाचार संबंधी आरोप लगाए. हाईकोर्ट के आदेश पर इसकी जांच राज्य सीआईडी से लेकर सीबीआई को सौंप दी गई है.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी, सुप्रीम कोर्ट. जस्टिस यूयू ललित. (फोटो: रॉयटर्स, फेसबुक)

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ याचिकाओं की सुनवाई से जस्टिस यूयू ललित ने ख़ुद को अलग किया

सुप्रीम कोर्ट में दर्ज तीन याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने न केवल न्यायपालिका के ख़िलाफ़ आरोप लगाते हुए सीजेआई को पत्र लिखा, बल्कि एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में झूठे बयान भी दिए.

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल. (फोटो: पीटीआई)

अटॉर्नी जनरल ने नहीं दी जगन रेड्डी के ख़िलाफ़ अवमानना कार्यवाही की इजाज़त, कहा- पत्र अवज्ञाकारी

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि पत्र की टाइमिंग और प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिये इसे सार्वजनिक करना बिल्कुल संदिग्ध कहा जा सकता है. पर ये पत्र सीजेआई बोबडे को लिखा गया था और वे इन आरोपों से वाक़िफ हैं, इसलिए अटॉर्नी जनरल द्वारा अवमानना कार्यवाही की इजाज़त देना उचित नहीं होगा.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी. (फोटो साभार: पीटीआई)

आंध्र प्रदेश: भाजपा नेता ने कहा- मुख्यमंत्री पर अवमानना कार्यवाही शुरू करें अटॉर्नी जनरल

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने पिछले दिनों देश के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि सर्वोच्च न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ जस्टिस एनवी रमन्ना उनकी सरकार गिराने की साज़िश कर रहे हैं और राज्य के हाईकोर्ट की पीठों को प्रभावित कर रहे हैं.

जस्टिस एनवी रमन्ना. (फोटो: पीटीआई)

आंध्र प्रदेश सीएम के आरोपों के बाद जस्टिस रमन्ना ने कहा, जजों में दबाव झेलने की खूबी होनी चाहिए

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे को एक पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि सर्वोच्च न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज एनवी रमन्ना उनकी सरकार को गिराने की साज़िश कर रहे हैं.

(फोटो साभार: फेसबुक)

आंध्र प्रदेश: वाईएसआर कांग्रेस नेताओं की जजों पर टिप्पणी पर कोर्ट ने दिए सीबीआई जांच के आदेश

वाईएसआर कांग्रेस के नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर न्यायपालिका पर की गईं टिप्पणियों की सीबीआई जांच का आदेश देते हुए आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि अप्रैल से ही उच्च पदों पर बैठे लोगों द्वारा जजों के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही हैं. यह दर्शाता है कि न्यायपालिका के ख़िलाफ़ जंग छेड़ दी गई है.

जगन रेड्डी, जस्टिस एनवी रमन्ना और एन. चंद्रबाबू नायडू. (फोटो: पीटीआई)

आंध्र प्रदेश: मुख्यमंत्री ने सीजेआई को लिखा- सरकार गिराने की साज़िश कर रहे हैं सुप्रीम कोर्ट जज

मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने सीजेआई एसए बोबड़े को लिखे पत्र में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एनवी रमन्ना पर भ्रष्टाचार और टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू की ओर से उनकी सरकार गिराने की साज़िश रचने के आरोप लगाए हैं. जगन का यह भी आरोप है कि जस्टिस रमन्ना राज्य की न्यायपालिका को प्रभावित कर रहे हैं.

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आंध्र प्रदेश: गैस लीक के बाद विशाखापट्टनम में 11 लोगों की मौत, 1000 लोग प्रभावित

यह हादसा विशाखापत्तनम के गोपालपत्तनम इलाके में स्थित एलजी पॉलिमर संयंत्र को दोबारा खोलने के दौरान हुआ. हादसे के शिकार हुए 20-25 लोगों की हालत नाजुक है. संयंत्र के तीन किमी के दायरे से 200 से 250 परिवारों के लगभग 500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.