विक्रम मिस्री

(फोटो साभार: फेसबुक)

सरकार और उसकी एजेंसियां मीडिया संस्थानों पर बदले की भावना से कर रहीं कार्रवाई: एडिटर्स गिल्ड

प्रसार भारती ने बीते 15 अक्टूबर को समाचार एजेंसी पीटीआई और यूएनआई का सब्सक्रिप्शन रद्द कर दिया है. सीमा पर हुए गतिरोध के बीच पीटीआई द्वारा जून महीने में भारत में चीन के राजदूत का इंटरव्यू करने पर सार्वजनिक प्रसारणकर्ता प्रसार भारती ने एजेंसी की कवरेज को ‘देशविरोधी’ क़रार देते हुए उसके साथ सभी संबंध तोड़ने की धमकी दी थी.

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प्रसार भारती ने पीटीआई के साथ संबंध ख़त्म किए, कहा- घरेलू न्यूज़ एजेंसियों से प्रस्ताव लेंगे

इस साल जून महीने में चीन के साथ सीमा पर हुए गतिरोध के बीच पीटीआई द्वारा भारत में चीन के राजदूत का इंटरव्यू करने पर सार्वजनिक प्रसारणकर्ता प्रसार भारती ने एजेंसी की कवरेज को ‘देशविरोधी’ क़रार देते हुए उसके साथ सभी संबंध तोड़ने की धमकी दी थी.

प्रसार भारती बिल्डिंग, चीनी राजदूत सुन वीदोंग और पीटीआई बिल्डिंग. (Wikimedia Commons/ Adbh266, CC BY SA 3.0). Illustration: The wire

पीटीआई कवरेज को ‘देशद्रोही’ बताने वाले प्रसार भारती के पत्र को नहीं मिली थी उसके बोर्ड से मंज़ूरी

जून महीने में चीन के साथ सीमा पर हुए गतिरोध के बीच पीटीआई द्वारा भारत में चीन के राजदूत का इंटरव्यू करने पर सार्वजनिक प्रसारणकर्ता प्रसार भारती ने उसकी कवरेज को देशविरोधी क़रार देते हुए उसके साथ सभी संबंध तोड़ने की धमकी दी थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नई में प्रसार भारती की बिल्डिंग और चीन में भारतीय राजदूत विक्रम मिस्त्री.

चीन मुद्दे पर साक्षात्कार करने को लेकर प्रसार भारती ने पीटीआई को ‘देशद्रोही’ कहा

समाचार एजेंसी पीटीआई ने शुक्रवार शाम चीन में भारतीय राजदूत विक्रम मिस्री का बयान ट्वीट किया था जो चीन के भारत में घुसपैठ नहीं करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दावे के विपरीत था. इसके बाद सार्वजनिक प्रसारणकर्ता प्रसार भारती ने पीटीआई के साथ सभी संबंध तोड़ने की धमकी दी है.

लद्दाख का पैंगोंग सो इलाका जहां भारतीय और चीनी सेनाएं आमने-सामने आईं थीं. (फोटो: शोम बसु/द वायर)

यथास्थिति बदलने के प्रयासों के परिणाम द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेंगे: चीन में भारतीय राजदूत

चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिस्री ने लद्दाख में गलवान घाटी पर संप्रभुता के चीन के दावे को अमान्य बताकर ख़ारिज करते हुए कहा कि एलएसी पर मौजूदा सैन्य गतिरोध को सुलझाने का एकमात्र रास्ता है कि चीन मान ले कि बलपूर्वक यथास्थिति को बदलने का प्रयास करना सही तरीका नहीं है.