वित्त मंत्रालय

(फोटो: पीटीआई)

भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के अनुमान क्या वास्तविक तस्वीर दिखा रहे हैं

मुख्य आर्थिक सलाहकार द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार होने के आशावादी अनुमानों का समर्थन न करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने सतर्क किया है कि अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे सुधार होगा.

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बदहाल अर्थव्यवस्था को कृषि के ज़रिये उबारने की आशाओं के बीच ग्रामीण क्षेत्र में संकट के संकेत

ग्रामीण क्षेत्र में प्रमुख फसलों को छोड़कर बागवानी, दूध और मुर्गी पालन के बाज़ार मूल्य में गिरावट देखने को मिल रही है. प्रवासियों के अपने घरों को लौटने के कारण शहर से पैसे भेजने की दर में काफी कमी आई है, जिसके कारण आने वाले समय में इस क्षेत्र की वृद्धि थम सकती है.

(फोटो: पीटीआई)

गर्त में जीडीपी: मोदी के ‘सब चंगा सी’ रवैये से इस संकट का हल नहीं निकलेगा

मुख्य आर्थिक सलाहकार आश्वस्त कर रहे हैं कि सरकार के पास भविष्य में सही समय पर जारी करने के लिए काफी संसाधन हैं. लेकिन सौ सालों में एक बार आने वाले आर्थिक संकट का सामना कर रही अर्थव्यवस्था के पास बस एक ही चीज़ की किल्लत होती है और वह है समय.

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अर्थव्यवस्था को उबारने में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी: वित्त मंत्रालय रिपोर्ट

आर्थिक मामलों के विभाग की ओर से जारी जुलाई महीने की आर्थिक रिपोर्ट में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था का बुरा समय बीत गया है, भारत अब अनलॉक के चरण में हैं. हालांकि कोविड-19 के बढ़ते मामलों और विभिन्न राज्यों में बारी-बारी से लग रहे लॉकडाउन से जोखिम कायम है.

(फोटो साभार: फेसबुक/नीरव मोदी)

पीएनबी घोटाला: अदालत ने नीरव मोदी की संपत्ति कुर्क करने की अनुमति दी

भगौड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के प्रभाव में आने के बाद यह देशभर में पहला ऐसा मामला है, जब इसके तहत किसी की संपत्ति की कुर्की का आदेश दिया गया है. नीरव मोदी को दिसंबर 2019 में ईडी की याचिका पर विशेष अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था.

निर्मला सीतारमण. (फोटो: पीटीआई)

केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में वृद्धि पर लगाई रोक, विपक्ष ने कहा- ये कदम अन्यायपूर्ण

केंद्र ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में अगले साल जुलाई तक कोई वृद्धि नहीं करने का फैसला किया है. इस फैसले का केंद्र सरकार के 50 लाख कर्मचारियों तथा 61 लाख पेंशनभोगियों पर असर पड़ेगा.

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सरकार के बजट को लोग जनविराधी क्यों बता रहे हैं?

वीडियो: दिल्ली के जंतर मंतर पर बजट को जनविरोधी बताते हुए कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों की सृष्टि श्रीवास्तव से बातचीत.

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चंदा देने वालों की पहचान गोपनीय रखने की मांग करने वालों के नाम बताए केंद्र: सीआईसी

इस विषय को लेकर दायर किए गए आरटीआई आवेदन पर सही से कार्रवाई नहीं करने को लेकर सीआईसी ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग, आर्थिक कार्य विभाग तथा राजस्व विभाग और चुनाव आयोग को कारण बताओं नोटिस जारी किया है.

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चुनावी बॉन्ड: चुनाव आयोग ने क़ानून मंत्रालय के अलावा संसदीय समिति को भी पत्र लिख जताई थी चिंता

चुनाव आयोग ने राज्यसभा की संसदीय समिति को बताया था कि यह समय में पीछे जाने वाला क़दम है और इसकी वजह से राजनीतिक दलों की फंडिंग से जुड़ी पारदर्शिता पर प्रभाव पड़ेगा.

(फोटो साभार: फेसबुक/नीरव मोदी)

पीएनबी घोटाला: नीरव मोदी भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित

हीरा कारोबारी नीरव मोदी नीरव और उनके मामा मेहुल चोकसी पंजाब नेशनल बैंक से तकरीबन 14,000 करोड़ रुपये का फ़र्ज़ीवाड़ा करने के मामले में मुख्य आरोपी हैं, जो गारंटी पत्र जारी करने में कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है.

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चुनावी बॉन्ड पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जनवरी में सुनवाई होगी

चुनावी बॉन्ड योजना को लागू करने के लिए मोदी सरकार ने साल 2017 में विभिन्न कानूनों में संशोधन किया था. एडीआर ने साल 2017 में याचिका दायर कर इन्हीं संशोधनों को चुनौती दी है.

(फोटो: पीटीआई)

चुनावी बॉन्ड योजना पर रोक लगाने के लिए एडीआर ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दायर किया

हाल ही में चुनावी बॉन्ड के संबंध में हुए कई खुलासे को आधार बनाकर एडीआर ने अपनी याचिका में ये नया आवेदन दायर किया है. आवेदन में कहा गया है कि इससे राजनीतिक दलों को असीमित कॉरपोरेट चंदा प्राप्त करने के दरवाजे खुल गए हैं, जिसका देश के लोकतंत्र पर गंभीर परिणाम पड़ सकता है.

New Delhi: Finance Minister Nirmala Sitharaman addresses a press conference after presenting the Union Budget 2019-20, in New Delhi, Friday, July 5, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI7_5_2019_000138B)

आर्थिक वृद्धि धीमी हुई लेकिन अर्थव्यस्था में मंदी नहीं: निर्मला सीतारमण

देश में आर्थिक संकट को लेकर राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब से असंतोष जताते हुए कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और वाम दलों के सदस्यों ने सदन का बहिष्कार किया. उनका कहना था कि वित्त मंत्री अर्थव्यवस्था के सामने खड़े मसलों के समाधान के बजाय अपना बजट भाषण पढ़ रही हैं.