विदेश मंत्रालय

लद्दाख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: narendramodi.in)

लद्दाख में बोले प्रधानमंत्री मोदी, कमज़ोर शांति की पहल नहीं कर सकता, वीरता शांति की पूर्व शर्त

शुक्रवार को लद्दाख के औचक निरीक्षण पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थलसेना, वायुसेना और आईटीबीपी के जवानों को संबोधित करते हुए बिना चीन का नाम लिए कहा कि विस्तारवाद का युग समाप्त हो गया है, यह विकासवाद का युग है.

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गलवान घाटी: सैटेलाइट तस्वीरों में दिखाई दिए चीन के बनाए ढांचे

स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी मैक्सर द्वारा जारी तस्वीरें दिखाती हैं कि वास्तविक नियंत्रण रेखा के समीप चीन ने रक्षात्मक दृष्टि से निर्माण किया है. विशेषज्ञों के अनुसार उनके द्वारा इसी ज़रिये भारतीय सीमा में घुसपैठ की गई होगी. तस्वीरों में टैंक आदि हथियार से लैस वाहन भी देखे गए हैं.

Indian army soldiers rest next to artillery guns at a makeshift transit camp before heading to Ladakh, near Baltal, southeast of Srinagar (REUTERS/Stringer)

साल 2016 से 2018 के बीच चीनी सेना ने 1,025 बार सीमा पर घुसपैठ किया: सरकार

लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के जवानों के बीच हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने पर दोनों देशों के बीच तल्ख़ी आ गई है. भारत में इसे लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज़ हो गई है.

(प्रती​कात्मक फोटो: रॉयटर्स)

लद्दाख में हिंसक झड़प के बाद सेना ने चीन सीमा पर हथियार नीति में बदलाव किया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ पूर्वी लद्दाख में स्थिति की समीक्षा किए जाने के बाद सूत्रों ने कहा है कि सेना के ज़मीनी कमांडरों को असाधारण परिस्थितियों में हथियार के इस्तेमाल की अनुमति दे दी गई है.

19 जून को सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

प्रधानमंत्री के बयान के बाद पीएमओ की सफाई, कहा- एलएसी पर बड़ी संख्या में आए चीनी सैनिक

भारत-चीन सीमा पर चल रहे गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा था कि भारतीय सीमा में न कोई घुसा है, न किसी पोस्ट को क़ब्ज़े में लिया गया है. इस पर सवाल उठने के बाद पीएमओ ने स्पष्टीकरण जारी कर कहा है कि प्रधानमंत्री की टिप्पणियों की ‘शरारतपूर्ण व्याख्या’ की कोशिश की जा रही है.

गलवान घाटी की सैटेलाइट तस्वीर जहां गलवान नदी श्योक नदी से मिलती है.  (फोटो: द वायर/गूगल मैप्स)

चीन के गलवान घाटी पर संप्रभुता के दावे को भारत ने ख़ारिज किया

चीनी विदेश मंत्रालय ने बीते शुक्रवार अपना दावा दोहराया था कि गलवान घाटी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की ओर है. इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन का दावा ख़ुद उनके द्वारा अतीत में अपनाए गए रुख के अनुरूप नहीं है.

गलवान घाटी की सैटेलाइट तस्वीर जहां गलवान नदी श्योक नदी से मिलती है.  (फोटो: द वायर/गूगल मैप्स)

चीन ने दोहराया गलवान घाटी पर अपनी संप्रभुता का दावा

चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी द्वारा पहली बार गलवान घाटी पर दावा जताने के बाद 16 जून को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा था चीनी पक्ष गलवान घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर बनी सहमति के ख़िलाफ़ गया है.

नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारत-चीन सीमा मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

‘अगर चीन ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ नहीं की है, तो उससे बात किस बारे में हो रही है’

भारत-चीन सीमा पर 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बुलाई सर्वदलीय बैठक में कहा कि भारतीय सीमा में न कोई घुसा था न किसी पोस्ट को कब्ज़े में लिया गया था. उनके बयान पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

गलवान घाटी झड़प के बाद चीन ने हिरासत में लिए गए 10 भारतीय सैनिकों को छोड़ा: रिपोर्ट

लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर हुई हिंसक झड़प के बाद चीन द्वारा कुछ भारतीय सैनिकों को बंधक बनाने की बात सामने आई थी, लेकिन सेना ने किसी भी सैनिक के लापता होने से इनकार किया था. द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार चीन ने गुरुवार शाम को एक लेफ्टिनेंट कर्नल और तीन मेजर समेत 10 सैन्यकर्मियों को रिहा किया है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi paying tributes to the Martyrs during the Virtual Conference with the Chief Ministers, in New Delhi on June 17, 2020.

भारत शांति चाहता है लेकिन उकसावे का जवाब देने में सक्षम है: नरेंद्र मोदी

लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक टकराव में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. हमारे लिए भारत की अखंडता और संप्रभुता सर्वोच्च है.

गलवान घाटी की सैटेलाइट तस्वीर जहां गलवान नदी श्योक नदी से मिलती है.  (फोटो: द वायर/गूगल मैप्स)

हिंसक झड़प के बाद चीन ने दशकों में पहली बार गलवान घाटी पर संप्रभुता का दावा किया

भारत ने गलवान को हमेशा से उस क्षेत्र के बतौर देखा है, जहां लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल को लेकर कोई विवाद ही नहीं रहा.

Indian army soldiers rest next to artillery guns at a makeshift transit camp before heading to Ladakh, near Baltal, southeast of Srinagar (REUTERS/Stringer)

लद्दाख: गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ झड़प में 20 सैनिक शहीद

वर्ष 1967 में सिक्किम के नाथू ला में झड़प के बाद दोनों सेनाओं के बीच यह सबसे बड़ा टकराव है. उस टकराव में भारत के 80 सैनिक शहीद हुए थे और 300 से ज़्यादा चीनी सैन्यकर्मी मारे गए थे.

(फोटो: रॉयटर्स)

लद्दाख सीमा विवाद: चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में एक सैन्य अधिकारी समेत तीन जवान शहीद

भारतीय सेना ने बताया है कि लद्दाख की गलवान घाटी सोमवार रात हिंसक टकराव में भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए. पिछले 45 सालों में भारत-चीन सीमा पर पहली बार सैनिकों की मौत का मामला सामने आया है.

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह. (फोटो: पीटीआई)

पूर्वी लद्दाख में चीन के सैनिक अच्छी-खासी संख्या में आए हैं: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत और चीन की सेनाओं के बीच लगभग एक महीने से चले आ रहे गतिरोध के संदर्भ में कहा कि चीन के सैनिक वहां तक आ गए हैं जिसको वे अपना क्षेत्र होने का दावा करते हैं, जबकि भारत का मानना है कि यह उसका क्षेत्र है. भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच छह जून को बैठक निर्धारित है.

(फोटो: रॉयटर्स)

भारत, चीन के सैनिकों के बीच सिक्किम सेक्टर में झड़प, दोनों पक्षों के कई सैनिक घायल

भारत और चीन के सैनिकों के बीच इसी तरह की घटना पैंगोंग झील के पास अगस्त 2017 में हुई थी. उसके बाद यह ऐसी पहली घटना है जिसमें दोनों ओर के सैनिकों के बीच झड़प हुई है.