विरोध प्रदर्शन

अयोध्या स्थित केएस साकेत डिग्री कॉलेज. (फोटो साभार: फेसबुक)

अयोध्या: प्रिंसिपल ने ‘ले के रहेंगे आज़ादी’ को देशविरोधी बताया, छात्रों पर राजद्रोह का केस

उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर में स्थित केएस साकेत डिग्री कॉलेज का मामला. कॉलेज प्रिंसिपल ने आरोप लगाया कि 16 दिसंबर को परिसर में ‘ले के रहेंगे आजादी’ जैसे अभद्र और देशविरोधी नारे लगाए गए. छात्रों ने छात्रसंघ चुनाव न कराए जाने का विरोध कर रहे थे.

गुजरात के उपमुख्यमंत्री नीतिन पटेल. (फोटो: एएनआई)

किसान आंदोलन को देशविरोधी, आतंकी, खालिस्तानी, माओवादियों का समर्थन: गुजरात के उप-मुख्यमंत्री

गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा है कि अगर 50,000 राष्ट्र विरोधी लोग एक साथ आकर अनुच्छेद 370 को निरस्त करने वाले क़ानून को रद्द करने की मांग करते हैं तो क्या हमें संसद से पारित इस अधिनियम को निरस्त करना होगा? अगर 50,000 लोग मांग करते हैं तो क्या हम कश्मीर को पाकिस्तान को दे देंगे?

(फोटो: रॉयटर्स)

असम: सीएए के विरोध में कई संगठनों ने फिर से प्रदर्शन किया, क़ानून वापस लेने की मांग

असम में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शनों में पिछले साल 12 दिसंबर को पांच लोगों की मौत हो गई थी. इसे काला दिवस कहते हुए 18 संगठनों ने क़ानून के विरोध में प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सीएए राज्य के मूल निवासियों की पहचान, भाषा और सांस्कृतिक धरोहर के ख़िलाफ़ है.

Guwahati: Members of Junior doctors' Association stage a protest in solidarity with Indian Medical Association's strike against Mixopathy and demanding the withdrawal of CCIM notification, at Guwahati Medical College and Hospital in Guwahati, Friday, 11 December 2020. (PTI Photo)

आयुर्वेद चिकित्सकों को सामान्य सर्जरी की अनुमति का डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

दिल्ली एम्स के रेज़िडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने एक बयान में कहा यह क़दम न केवल पहले ही जड़ें जमा चुकी झोलाछाप व्यवस्था को बढ़ावा देगा, बल्कि इससे लोगों की सुरक्षा भी ख़तरे में पड़ जाएगी. हम सरकार से इस अधिसूचना को तत्काल वापस लेने का अनुरोध करते हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

आयुर्वेद चिकित्सकों को सामान्य सर्जरी की अनुमति देने के ख़िलाफ़ आईएमए ने किया प्रदर्शन

केंद्र सरकार ने आयुर्वेद के स्नातकोत्तर डॉक्टरों को सामान्य सर्जरी प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए प्रशिक्षित किए जाने की अनुमति दे दी है. इसके ख़िलाफ़ आईएमए ने 11 दिसंबर को एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है.

सुरजीत पातर. (फोटो: विकिपीडिया)

किसान आंदोलन: मशहूर पंजाबी कवि सुरजीत पातर ने भी पद्मश्री पुरस्कार लौटाने की घोषणा की

सुरजीत पातर पंजाब के चौथे व्यक्ति हैं, जिन्होंने किसान आंदोलन के समर्थन में पद्म पुरस्कार लौटाने की घोषणा की है. पंजाब के कई खेल हस्तियों ने भी अपने अवार्ड लौटाने की बात कही है.

बॉक्सर विजेंदर सिंह नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर किसान आंदोलन में शामिल हुए. (फोटो: पीटीआई)

मुक्केबाज़ विजेंदर सिंह ने कहा, कृषि क़ानून रद्द नहीं हुए तो खेलरत्न अवॉर्ड लौटा दूंगा

पूर्व राष्ट्रीय बॉक्सिंग कोच गुरबक्स सिंह संधू ने भी द्रोणाचार्य पुरस्कार वापस करने की बात कही थी. इसके अलावा पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित कुछ खिलाड़ियों ने भी अपने सम्मान लौटाने की बात कही है. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने नए कृषि क़ानूनों के विरोध में बीते दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण को लौटा दिया है.

New Delhi: Farmers at Singhu border during their ongoing protest march Delhi Chalo against Centres new farm laws, in New Delhi, Sunday, Nov. 29, 2020. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI29-11-2020 000032B)

किसान आंदोलन: यूएन प्रमुख और ब्रिटिश सांसदों ने कहा- शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार

केंद्र सरकार के तीन कृषि क़ानूनों के विरोध में बीते 26 नवंबर से किसानों का प्रदर्शन जारी है. भारत ने किसान प्रदर्शनों के बारे में दुनियाभर के नेताओं और वैश्विक संस्थाओं की टिप्पणियों को ‘भ्रामक’ और ‘गैर जरूरी’ बताया है और कहा है कि यह एक लोकतांत्रिक देश के आंतरिक मामलों से जुड़ा विषय है.

New Delhi: Farmers stage a protest at Singhu border during their Delhi Chalo march against the Centres new farm laws, in New Delhi, Tuesday, Dec. 1, 2020. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI01-12-2020 000073B)

अगर कृषि क़ानून किसानों के हित में है, तो किसान संगठन इसके पक्ष में क्यों नहीं हैं?

किसानों का सरकार से सवाल है कि क्या उनकी तरफ़ से ऐसा कोई क़ानून बनाने की मांग उठी थी और उनसे इस बारे में सलाह क्यों नहीं ली गई? किसानों का आरोप है कि सरकार इसके ज़रिये न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं मंडियों की स्थापित व्यवस्था को ख़त्म करना चाह रही है. किसान एमएसपी को क़ानूनी अधिकार बनाए जाने की मांग कर रहे हैं.

Canada's Prime Minister Justin Trudeau speaks during a news conference in Ottawa, Ontario, Canada January 9, 2020. REUTERS/Blair Gable

किसान आंदोलन: कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा, उनका देश शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के साथ खड़ा रहेगा

केंद्र सरकार के तीन कृषि क़ानूनों के विरोध में बीते 26 नवंबर से किसानों का प्रदर्शन जारी है. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने किसान आंदोलन का समर्थन किया था, जिसे भारत ने देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताने के साथ कनाडाई राजदूत को तलब कर इससे दोनों देशों के संबंधों को नुकसान पहुंचने की चेतावनी दी थी.

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किसान आंदोलन: ‘अगर हमें यहां दो महीने भी बैठना पड़े तो हम बैठेंगे’

वीडियो: केंद्र द्वारा लाए गए नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर बीते नौ दिनों से किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली के चिल्ला बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों से बातचीत.

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किसान आंदोलन: ‘ये क़ानून किसानों की सहमति के बिना बना है’

वीडियो: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि क़ानून के विरोध में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली सीमा पर प्रदर्शनकारी किसानों से द वायर के शेखर तिवारी की बातचीत.

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‘अगर हम किसान नहीं, तो वो भी नेता नहीं हैं’

वीडियो: केंद्र सरकार के विवादित कृषि क़ानूनों को लेकर किसान दिल्ली की सीमाओं पर पिछले सात दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. शेखर तिवारी की किसानों से बातचीत.

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पहले सीएए अब किसान आंदोलन को बदनाम कर रही है भाजपा

वीडियो: केंद्र सरकार के विवादित नए कृषि क़ानूनों को लेकर हज़ारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इस पर द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.