विरोध प्रदर्शन

Noida Orient Craft

लॉकडाउन: नोएडा में वेतन भुगतान को लेकर मज़दूरों का प्रदर्शन

नोएडा के सेक्टर-63 स्थित ओरियंट क्राफ्ट कंपनी का मामला. मज़दूरों का आरोप है कि पुलिस और जिला प्रशासन कंपनी मैनेजमेंट का पक्ष ले रहा है. कंपनी ने उन्हें कई महीनों से वेतन नहीं दिया है.

Kanpur: Police personnel hits a civilian during their protest against the Citizenship (Amendment) Act that turned violent, at Babu Purwa in Kanpur, Friday, Dec. 20, 2019. (PTI Photo) (PTI12_20_2019_000262B)

बिजनौर: सीएए प्रदर्शन के दौरान हुई मौत के मामले में छह पुलिसकर्मियों को क्लीनचिट

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में 20 दिसंबर 2019 को हुए सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में 21 साल के सुलेमान की मौत हो गई थी. एसआईटी ने पुलिसकर्मियों को दोषमुक्त करते हुए सुलेमान को आरोपी ठहराया है और कहा है कि वे प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में शामिल थे.

पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दामों के विरोध में कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ रैली निकाली. (फोटो साभार: ट्विटर)

एमपी: पेट्रोल-डीज़ल मूल्य वृद्धि पर कांग्रेस का प्रदर्शन, दिग्विजय सिंह सहित 150 लोगों पर केस

पेट्रोल और डीज़ल के दाम में बढ़ोतरी को लेकर प्रदर्शन करने के लिए भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ़ मसूद और उनके पांच समर्थकों ​के ख़िलाफ़ भी केस दर्ज किया गया है. कांग्रेस नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ इस महीने में यह दूसरी एफ़आईआर दर्ज की गई है.

श्रीरंगपट्टनम स्थित गोकुलदास टेक्सटाइल कंपनी निकाले जाने के बाद कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं. (फोटो: वीडियो ग्रैब)

लॉकडाउन: कर्नाटक की सबसे पुरानी कपड़ा कंपनी ने अपने 1300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

कर्नाटक के मंड्या ज़िले के श्रीरंगापट्टनम स्थित गोकुलदास एक्सपोर्ट्स कंपनी ने अपनी एक इकाई ‘यूरो क्लॉथिंग कंपनी-2’ कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन के चलते बंद कर दी है. इसके बाद से कर्मचारी कंपनी के बाहर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.

जॉर्ज फ्लॉयड (दाएं) और दिल्ली हिंसा के दौरान घायल युवक. (साभार: ट्विटर/वीडियोग्रैब)

भारत में आम नागरिकों के साथ होने वाले पुलिसिया अत्याचार सामूहिक आक्रोश की वजह क्यों नहीं हैं?

पुलिस की बर्बरता से हम सभी को फ़र्क़ पड़ना चाहिए, भले ही निजी तौर पर हमारे साथ ऐसा न हुआ हो. ये हमारी व्यवस्था का ऐसा हिस्सा बन चुका है, जिसे बदलना चाहिए और पूरी ताक़त से मिलकर ज़ाहिर की गई जनभावना ही ऐसा कर सकती है.

दिल्ली स्थित एम्स. (फोटो साभार: फेसबुक)

कोविड-19: कामकाज के हालात को लेकर दिल्ली एम्स की नर्स यूनियन का प्रदर्शन जारी

दिल्ली स्थित एम्स के निदेशक को लिखे पत्र में नर्स यूनियन ने अस्पताल के कोविड-19 क्षेत्रों में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के साथ चार घंटे की समान पाली, कोविड-19 और ग़ैर कोविड-19 क्षेत्रों के बीच समान रोटेशन नीति लागू करने समेत कई मांगें रखी हैं.

Protesters hold placards as they rally against the death in Minneapolis police custody of George Floyd, in the Manhattan borough of New York City, U.S., June 2, 2020. REUTERS/Jeenah Moon

अमेरिका में चल रहा विरोध प्रदर्शन भारतवासियों के लिए आईना है और चुनौती भी

जब विरोध होता है तो व्यवस्था की ओर से उपदेश दिया जाता है कि संवाद की स्थितियां बनानी चाहिए. यह बोझ भी प्रदर्शनकारियों पर ही डाल दिया जाता है कि वे संवाद कायम करें. क्या शोषण तर्क और संवाद के सहारे चलता है? विरोध से अराजकता फैलने का आरोप लगाते समय लोग भूल जाते हैं कि जो विरोध करने को बाध्य हुए हैं, उनके जीवन में अराजकता के अलावा शायद ही कुछ है.

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अमेरिका में ब्लैक लोगों का प्रदर्शन, भारत में अल्पसंख्यकों को इंसाफ़ कब?

वीडियो: बीती 25 मई को अमेरिका के मिनीपोलिस में एक पुलिस अधिकारी डेरेक चाउविन ने अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड के गले को घुटनों से कई मिनट तक दबाए रखा था, जिसके चलते उनकी मौत हो गई थी. घटना के बाद से नस्लभेद के ख़िलाफ़ अमेरिका सहित विभिन्न देशों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. इस मुद्दे पर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

(फोटो: रॉयटर्स)

अश्वेत की ह​त्या: हिंसा की चपेट में अमेरिका, 40 शहरों में कर्फ्यू और हज़ारों गिरफ्तार

बीती 25 मई को अमेरिका के मिनीपोलिस में एक पुलिस अधिकारी डेरेक चाउविन ने अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड के गले को घुटनों से कई मिनट तक दबाए रखा था, जिसके चलते उनकी मौत हो गई थी. इस घटना के बाद से नस्लभेद के ख़िलाफ़ अमेरिका सहित विभिन्न देशों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.

(फोटो: एएनआई)

गुजरात: घर भेजे जाने की मांग को लेकर मज़दूरों का हिंसक प्रदर्शन, अहमदाबाद और राजकोट में पथराव

सोमवार को अहमदाबाद में घर लौटने की मांग को लेकर लगभग सौ मज़दूर सड़कों पर उतर आए और पथराव व तोड़-फोड़ की. इससे पहले रविवार को राजकोट में कामगारों ने गृह राज्य भेजने की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन किया था, जिसमें एसपी समेत तीन पुलिसकर्मी और एक पत्रकार घायल हुए हैं.

कठुआ में प्रदर्शन कर रहे मजदूर (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: पूरी मज़दूरी देने और घर भेजने की मांग को लेकर श्रमिकों का हिंसक प्रदर्शन

जम्मू कश्मीर के कठुआ ज़िले के चेनाब टेक्सटाइल मिल्स के श्रमिकों ने आरोप लगाया कि उन्हें मासिक वेतन के रूप में कम का भुगतान किया गया. वहीं, कर्नाटक के मेंगलुरु में सैकड़ों प्रवासी मज़दूरों ने भी घर भेजे जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है.

मलप्पुरम में प्रदर्शन करते मजदूर. (फोटो साभार: एशियानेट न्यूज़)

केरल: घर भेजे जाने की मांग को लेकर प्रवासी कामगारों ने किया प्रदर्शन

यह घटना राज्य के मलप्पुरम में गुरुवार को हुई, जहां लॉकडाउन के बीच करीब सौ प्रवासी मज़दूरों ने घर भेजे जाने की मांग करते हुए मार्च निकाला.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: अलीगढ़ में कथित रूप से पुलिस पिटाई के बाद सब्ज़ी विक्रेता की मौत, लोगों ने चौकी घेरी

सब्ज़ी विक्रेता के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने के लिए उनकी पिटाई की थी. पुलिस ने बताया कि मौत की वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगी. उन्होंने परिजनों से पुलिस ज़्यादती का सबूत देने को कहा है.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना: महिला अधिकार समूहों ने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को जेल से छोड़ने की मांग की

महिला अधिकार समूहों ने अपने बयान में हालिया घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा है कि सरकार बुद्धिजीवियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पत्रकारों को भी निशाना बना रही है, जो उसकी दोषपूर्ण नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं.

भारत के विभिन्न शहरों में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लगातार प्रदर्शन चल रहा है. (फोटो: पीटीआई)

सीएए प्रदर्शन: आज़मगढ़ कोर्ट ने राजद्रोह के आरोपी 19 लोगों की ज़मानत याचिका ख़ारिज की

उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ ज़िले के बिलरियागंज से बीते पांच फरवरी को नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के चलते इन लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. इन पर देश विरोधी नारा लगाने और हिंसा करने का आरोप है.