विरोध प्रदर्शन

Rohtas: Students during a protest over closure of coaching institutions, at Sasaram in Rohtas district, Monday, April 5, 2021. (PTI Photo)(PTI04 05 2021 000100B)

बिहारः शैक्षणिक संस्थान बंद कराने के आदेश के ख़िलाफ़ छात्रों ने जमकर किया उपद्रव

बिहार के रोहतास ज़िले के सासाराम का मामला. सरकार ने राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर शैक्षणिक संस्थानों को बंद कराने के आदेश दिए थे. इसके विरोध में छात्रों ने सार्वजनिक संपत्ति नष्ट की, अधिकारियों पर पथराव किया और कलक्ट्रेट गेट में आग लगा दी. छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों का कहना है कि सरकार जब मॉल और सिनेमा हॉल नहीं बंद करा रही है तो केवल कोचिंग ही क्‍यों बंद कराया जा रहा है.

न​रसिंहानंद सरस्वती. (फोटो: फेसबुक)

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों ने डासना मंदिर के पुजारी की गिरफ़्तारी की मांग की

इससे पहले धार्मिक नेता और ग़ाज़ियाबाद के डासना देवी मंदिर के प्रमुख पुजारी नरसिंहानंद सरस्वती के ख़िलाफ़ मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को कथित तौर पर आहत करने के लिए राजधानी दिल्ली में आप विधायक और दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्ला ख़ान द्वारा बीते तीन अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.

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बिहार विधानसभा में राजद विधायकों की पिटाई; लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन

वीडियो: बिहार विधानसभा में विधायकों के साथ बदसलूकी और मारपीट की घटना की पूरे देश में निंदा की जा रही है. इस पूरे मामले पर राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता शक्ति सिंह, वरिष्ठ पत्रकार फ़ैज़ान अहमद और द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

Grand Alliance legislators stage a dharna in the main entrance of Bihar Assembly during Budget session, in Patna, Tuesday, March 23, 2021. Photo: PTI

बिहार: पुलिस विधेयक विधान परिषद से भी पास, संसद में उठा विधायकों से बदसलूकी का मुद्दा

बीते 23 मार्च पुलिस बल को कथित तौर पर बगैर वारंट के गिरफ़्तारी की शक्ति देने वाला विधेयक नीतीश कुमार सरकार के बिहार विधानसभा में पेश करने के बाद सदन में अराजकता की स्थिति देखने को मिली थी. विधानसभा में पुलिस बुला ली गई थी. कई विपक्षी विधायकों ने पुलिस पर उनके साथ दुर्व्यवहार करने की शिकायत की थी.

अखिल गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

हिरासत में यातना, एनआईए ने संघ-भाजपा में शामिल होने पर ज़मानत देने का प्रस्ताव दिया: अखिल गोगोई

सीएए प्रदर्शन संबंधी मामलों में 2019 से जेल में बंद कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई ने एक पत्र में एनआईए पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें असम में धर्मांतरण के ख़िलाफ़ काम करने पर एक एनजीओ शुरू करने के लिए 20 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव दिया गया.

बीते मंगलवार को राजद विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिंह के कक्ष के बाहर धरना दिया. (फोटो: पीटीआई)

बिहार: पुलिस विधेयक को लेकर विधानसभा से सड़क तक हंगामा, विधायकों को घसीटकर बाहर किया गया

बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक, 2021 बिहार मिलिट्री पुलिस (बीएमपी) का नाम बदलने का प्रस्ताव करता है, उसे कहीं अधिक शक्तियां देता है और कथित तौर पर बगैर वारंट के लोगों को गिरफ़्तार करने का उसे अधिकार देता है. राजद नेता तेजस्वी यादव समेत अन्य लोगों का आरोप है कि सदन में पुलिस ने विपक्षी विधायकों पर हाथ उठाया गया और महिला विधायकों के साथ बदसलूकी की गई.

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शाहीन बाग़ आंदोलन अब भी हमारी जेलों, अदालतों और घरों में चल रहा है: सफ़ूरा ज़रगर

वीडियो: नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल सफ़ूरा ज़रगर को यूएपीए के तहत मामला दर्ज कर गिरफ़्तार किया गया था. ये गिरफ़्तारी उस वक़्त हुई थी जब वह गर्भवती थीं. इसे लेकर उनकी गिरफ़्तार पर सवाल खड़े हुए. सफ़ूरा ज़रगर से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

मणिपुर प्रेस क्लब पर विरोध प्रदर्शन करते पत्रकार. (फाइल फोटो: ट्विटर/@ImphalFreePress)

मणिपुरः उग्रवादी समूहों से धमकी के बीच पत्रकार हड़ताल पर, नहीं छपे अख़बार

एक महीने से भी कम समय में यह तीसरी बार है, जब मणिपुर में समाचार पत्रों का प्रकाशन और ख़बरों का प्रसारण नहीं हुआ. छह दिन पहले भी इसी तरह का विरोध जताया गया था, जब इम्फाल से प्रकाशित होने वाले एक स्थानीय अख़बार को आतंकी समूह ने धमकी दी थी.

योगी आदित्यनाथ. (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

प्रदर्शनकारियों से नुकसान की वसूली के लिए उत्तर प्रदेश विधान परिषद में भी विधेयक पारित

लोक एवं निजी संपत्ति क्षति वसूली विधेयक के तहत यदि कोई भी प्रदर्शनकारी सरकारी या निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाने का दोषी पाया जाता है तो उसे एक साल की सज़ा या 5,000 रुपये से एक लाख तक के जुर्माने का सामना करना होगा.

(फोटो: एएनआई)

उत्तराखंड: सड़क चौड़ीकरण की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प

उत्तराखंड के चमोली ज़िले के नंदप्रयाग-घाट मोटर मार्ग के चौड़ीकरण की मांग को लेकर हज़ारों प्रदर्शनकारी विधानसभा का घेराव करने पहुंचे थे. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि मार्ग के चौड़ीकरण की घोषणा पहले ही की जा चुकी है.

प्रदर्शन करते पत्रकार. (फोटो साभार: इम्फाल फ्री प्रेस)

मणिपुर: अख़बार को धमकी मिलने के बाद मीडिया संस्थानों ने काम बंद किया

मणिपुर के एक स्थानीय अखबार पोकनाफाम को बंद किए जाने की धमकी मिलने के बाद विरोध के तौर पर यहां के मीडिया संस्थानों ने शुक्रवार से 48 घंटे तक काम न करने का निर्णय लिया है. बीते 13 फरवरी को इसी अख़बार के दफ़्तर पर अज्ञात हमलावरों ने ग्रेनेड फेंका था.

मणिपुरी अखबार पोकनाफाम के कार्यालय पर हमले के विरोध में पत्रकारों ने धरना दिया. (फोटो साभार: ट्विटर @iju_india)

मणिपुर: अख़बार के दफ़्तर पर हमले के ख़िलाफ़ पत्रकारों ने काम बंद किया, अख़बार-टीवी प्रसारण बंद रहे

बीते 13 फरवरी की शाम को इंफाल पश्चिम ज़िले के कीशामपाट थियाम लीकाई में पोकनाफाम अख़बार के दफ़्तर पर हैंड ग्रेनेड फेंका गया था, जिसके विरोध में पत्रकारों ने धरना दिया. उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए अपील की कि राज्य में प्रेस के स्वतंत्र रूप से काम करना सुनिश्चित किया जाए.

म्यामांर में तख्तापलट के बाद विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए इंटरनेट बंद कर दिया गया था. (फोटो: रॉयटर्स)

इंटरनेट पर रोक शासनों का पसंदीदा उपाय बन गया है: डिजिटल अधिकार समूह

डिजिटल अधिकार समूहों का कहना है कि दुनिया भर में इंटरनेट को बंद करना दमनकारी और निरंकुश शासनों और कुछ अनुदार लोकतंत्रों की एक लोकप्रिय रणनीति बन गई है. सरकारें इसका उपयोग असहमति की आवाज़, विरोधियों की आवाज़ दबाने या मानवाधिकारों के हनन को छुपाने के लिए करती हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

म्यांमार: तख़्तापलट के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन तेज़, सू ची और अन्य नेताओं को रिहा करने की मांग

बीते एक फरवरी को म्यांमार की सेना ने चुनावों में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए देश का नियंत्रण अपने हाथ में लेते हुए आंग सान सू ची और अन्य नेताओं को नज़रबंद कर दिया है. सू ची और अन्य नेताओं को रिहा करने की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के मद्देनज़र रविवार को इंटरनेट सेवाओं को बहाल कर दिया गया.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

सोशल मीडिया पर ‘एंटी-नेशनल’ पोस्ट करने वालों का रिकॉर्ड तैयार करेगी उत्तराखंड पुलिस

उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने पुलिस को सोशल मीडिया पर ‘एंटी-नेशनल’ टिप्पणी करने वाले लोगों का रिकॉर्ड तैयार करने को कहा है. इससे पहले बिहार सरकार ने मंत्रियों व अधिकारियों के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर ‘अपमानजनक’ टिप्पणी करने को साइबर अपराध बताते हुए कड़ी कार्रवाई की बात कही थी.