विशेष श्रमिक ट्रेनें

(फोटो: पीटीआई)

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में अब तक कम से कम 80 लोगों की मौत: आरपीएफ

रेलवे सुरक्षा बल के आंकड़ों के मुताबिक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में करीब 80 लोगों की मौत 9 मई से 27 मई के बीच हुई है. इनमें चार वर्ष से लेकर 85 वर्ष तक के यात्री शामिल थे.

फोटो: पीटीआई

मुज़फ़्फ़रपुर स्टेशन पर हुई महिला की मौत पर पटना हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया

पटना हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में मुज़फ़्फ़रपुर स्टेशन पर दिख रही मृत महिला के बारे में सरकार से जवाब मांगा है. इस बीच खगड़िया ज़िले में गुजरात से कटिहार आ रही ट्रेन में सवार एक महिला और हरियाणा के रेवाड़ी से आ रही एक ट्रेन में एक पुरुष की मौत हो गई है.

(फोटो साभार: वीडियोग्रैब/ट्विटर)

बिहार: श्रमिक ट्रेन में महिला की मौत, परिजनों का खाना-पानी न मिलने का आरोप

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मुज़फ़्फ़रपुर स्टेशन के एक प्लेटफॉर्म पर महिला का शव पड़ा दिखता है. अहमदाबाद से बिहार आ रही श्रमिक ट्रेन में सवार इस महिला के परिजनों का कहना है कि खाने-पीने को न मिलने के चलते महिला की तबियत ख़राब हुई और ट्रेन में ही मौत हो गई.

Prayagraj: A mother covers her childs head to beat the heat while waiting to board a bus to reach her native place after arriving via special train at Prayagraj Junction, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Prayagraj, Tuesday, May 26, 2020. (PTI Photo)(PTI26-05-2020 000043B)

स्पेशल ट्रेन चलने के बाद भी क्यों श्रमिकों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं?

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में अपने घरों को लौट रहे प्रवासी मज़दूरों को न सिर्फ़ खाने-पीने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, बल्कि रेलवे द्वारा रूट बदलने के कारण कई दिनों की देरी से वे अपने गंतव्य तक पहुंच पा रहे हैं. इस दौरान भूख-प्यास और भीषण गर्मी के कारण मासूम बच्चों समेत कई लोग दम तोड़ चुके हैं.

ट्रेन के लिए राह देख रहे प्रवासी मजदूर (फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: ‘जिस तकलीफ़ से घर लौटा हूं, अब से काम के लिए दूसरे राज्य जाने की हिम्मत नहीं होगी’

श्रमिक स्पेशल ट्रेन के किराये को लेकर सरकार के विभिन्न दावों के बीच गुजरात से बिहार लौटे कामगारों का कहना है कि उन्होंने टिकट ख़ुद खरीदा था. उन्होंने यह भी बताया कि डेढ़ हज़ार किलोमीटर और 31 घंटे से ज़्यादा के इस सफ़र में उन्हें चौबीस घंटों के बाद खाना दिया गया.

Ahmedabad: Migrant workers walk to board a special train to return to Agra, during a nationwide lockdown to curb the spread of coronavirus, at a railway station in Ahmedabad, Saturday, May 2, 2020. (PTI Photo)(PTI02-05-2020_000247B)

मोदी सरकार द्वारा 85 फीसदी किराया भुगतान के दावे के उलट मज़दूरों को पूरा रेल भाड़ा देना पड़ रहा

केंद्र सरकार ने बीते सोमवार को दावा किया कि ट्रेन से आवागमन का 85 फीसदी खर्च वह उठा रही है और 15 फीसदी खर्च राज्य सरकारों को वहन करना होगा. हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है.

(फोटोः पीटीआई)

लॉकडाउन: श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का किराया वसूलने के लिए राज्यों से कहने पर रेलवे की आलोचना

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा है अगर आप विदेश में फंसे हैं तो सरकार आपको विमान से नि:शुल्क लाएगी, लेकिन यदि आप एक प्रवासी श्रमिक हैं तो किराया चुकाने के लिए तैयार रहें. माकपा नेता सीताराम येचुरी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा नेता अखिलेश यादव आदि ने भी आलोचना की है.

New Delhi: Former Congress president Sonia Gandhi speaks during a ceremony for the presentation of Rajiv Gandhi National Sadbhavana Award to former West Bengal governor Gopalkrishna Gandhi, in New Delhi on Monday, Aug 20, 2018. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI8_20_2018_000234B)

श्रमिक देश की रीढ़ हैं, उनके घर लौटने का टिकट ख़र्च कांग्रेस वहन करेगी: सोनिया गांधी

रेलवे ने प्रवासी मजदूरों की आवाजाही के लिए देशभर में श्रमिक स्‍पेशल ट्रेनें चलाई हैं. केंद्र सरकार ने इनमें यात्रा करने वालों से किराया लेने के दिशानिर्देश जारी किए हैं. राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी शुरुआती 50 ट्रेनों का किराया देने की बात कही है.