विस्फोट

Bharuch

गुजरात: कृषि रसायन की फैक्ट्री में आग लगने से दो श्रमिकों की मौत, कई ज़ख़्मी

घटना भरुच की है, जहां कृषि रसायन कंपनी यूनाइटेड फॉस्फोरस लिमिटेड के झगड़िया संयंत्र में मंगलवार देर रात आग लग गई. पुलिस के अनुसार अभी इसका कारण ज्ञात नहीं हो सका है. दो श्रमिकों के शव बरामद हो चुके हैं और पांच से अधिक लापता हैं. राज्य के श्रम व रोजगार विभाग ने संयंत्र बंद करने का आदेश दिया है.

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री एवं चिकबलपुर से विधायक के. सुधाकर घटनास्थल का दौरा किया. (फोटो: टविटर @mla_sudhakar)

कर्नाटक: पत्थर खदान से जिलेटिन की छड़ें निकालते समय विस्फोट, छह की मौत

घटना पेरसेंड्रा के पास हिरणागवल्ली में हुई. पुलिस के अनुसार, स्थानीय लोगों द्वारा जिलेटिन की छड़ों के अधिक इस्तेमाल की शिकायत किए जाने के बाद पुलिस ने सात फरवरी को यहां उत्खनन रोक दिया था, लेकिन अवैध रूप से यहां काम जारी था.

पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल निरीक्षण किया. (फोटो: एएनआई)

कर्नाटक: खनन के लिए ले जाए जा रहे विस्फोटक के ट्रक में धमाका, आठ लोगों की मौत

कर्नाटक के शिवमोगा ज़िले में गुरुवार रात साढ़े दस बजे के हुए यह विस्फोट हुआ. अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट की तीव्रता इतनी तेज़ थी कि पास के ज़िलों में भी झटके महसूस किए गए. मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं.

ममता बनर्जी और जगदीप धनखड़. (फोटो: पीटीआई)

बंगाल: प्लास्टिक फैक्ट्री में धमाके से छह की मौत, राज्यपाल और भाजपा का दावा- बम बन रहे थे

पश्चिम बंगाल के मालदा ज़िले के सुजापुर इलाके में हुई घटना. भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि वहां विधानसभा चुनाव कि लिए बम बन रहे थे. राज्यपाल ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘अवैध बम बनाने’ पर रोक लगाने के लिए कहा है. हालांकि राज्य के गृह विभाग ने उनके आरोपों का खंडन किया है.

(फोटो साभार: एएनआई)

गुजरात: रसायन फैक्ट्री की भट्ठी में विस्फोट से पांच लोगों की मौत

गुजरात के भरूच जिले के दाहेज स्थित फैक्ट्री में हुआ हादसा. मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. हादसे से लगी आग के चलते तक़रीबन 57 लोग झुलस गए हैं. दो गांवों को खाली कराया गया.

Artist’s impression of dust formation around a supernova explosion

अपनी चमक फीकी नहीं पड़ने देने वाले तारे का पता चला

वैज्ञानिकों ने एक तारे आश्चर्यजनक तारे की खोज की है जिसने अपनी चमक फीकी नहीं पड़ने दी, जबकि 50 साल से भी अधिक समय तक इसमें कई बार विस्फोट हुआ.