वेंटिलेटर बेड

(फोटो: रॉयटर्स)

देश में बढ़ते कोरोना मामलों के बीच कई राज्यों तक नहीं पहुंचे केंद्र द्वारा आवंटित वेंटिलेटर्स

कोरोना को लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर हुई आलोचना के बाद केंद्र ने दावा किया था कि लॉकडाउन में बने स्वदेशी वेंटिलेटर्स अस्पतालों में हो रही इनकी कमी पूरी करेंगे. आंकड़े बताते हैं कि अब तक केंद्र द्वारा आवंटित वेंटिलेटर्स का महज़ 50 फीसदी ही राज्यों और केंद्रीय संस्थानों को मिला है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: गृह मंत्री द्वारा गठित समिति ने आइसोलेशन बेड व अन्य शुल्क तय करने की सिफ़ारिश की

समिति ने दिल्ली के किसी भी अस्पताल में कोरोना वायरस आइसोलेशन बेड का शुल्क 8,000 रुपये से 10,000 रुपये तथा वेंटिलेटर वाले आईसीयू बेड का शुल्क 15,000 रुपये से 18,000 रुपये प्रतिदिन तय करने की सिफ़ारिश की है.

Hyderabad: A medic looks on at a patient who has shown positive symptoms for coronavirus (COVID -19) at an isolation ward in Hyderabad, Tuesday, March 10, 2020. (Credit: PTI)

कोरोना: देश के 143 जिलों में एक भी आईसीयू बेड नहीं, 123 जिलों में जीरो वेंटिलेटर बेड

केंद्र सरकार की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार, देश भर में 183 ज़िलों में 100 से कम आइसोलेशन बेड हैं और इनमें से 67 ज़िलों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सामने आए हैं. सबसे ख़राब स्थिति उत्तर प्रदेश, बिहार और असम की है.