शराबबंदी

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

बिहार: शराबबंदी क़ानून के तहत जेल में बंद क़ैदी की मौत

पुलिस के मुताबिक, मृतक सुरेंद्र साह पूर्वी चंपारण ज़िले का रहने वाला था. उसे 17 जून को शराब पीने के चलते उसके गांव से गिरफ़्तार करके जेल में डाला गया था. वह गिरफ़्तारी के बाद से ही बीमार रह रहा था.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. (फोटो साभार: फेसबुक)

शराबबंदी का हो रहा दुरुपयोग, समीक्षा होगी, ज़रूरत पड़ी तो संशोधन होगा: नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी का सबसे अधिक फायदा गरीब और गांवों में रहने वालों को हुआ है. इसने कुछ लोगों को चोट पहुंचाई है लेकिन राज्य की 90 प्रतिशत जनसंख्या को लाभ पहुंचाया है.

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बिहार में शराबबंदी: बूढ़ों के साथ विधवाएं भी जेल में बंद, तस्करी में बच्चों का हो रहा इस्तेमाल

अधिकारियों ने बताया कि शराब तस्करी में शामिल ज़्यादातर बच्चे अनुसूचित जाति और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय से हैं.

गया से भाजपा सांसद हरि मांझी. (फोटो साभार: फेसबुक)

क्या गया एसएसपी का ट्रांसफर शराब मामले में गिरफ़्तार भाजपा सांसद के बेटे की वजह से हुआ?

बिहार की गया लोकसभा सीट से भाजपा सांसद हरि मांझी के बेटे राहुल मांझी और उनके दोस्तों को शराब पीने की वजह से बीते 23 अप्रैल को गिरफ़्तार किया गया था.

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बिहार से ग्राउंड रिपोर्ट: नीतीश कुमार की शराबबंदी का नशा गरीबों को भारी पड़ रहा है

शराबबंदी क़ानून के तहत अब तक कुल 1 लाख 21 हज़ार 586 लोगों की ग़िरफ्तारी हुई है, जिनमें से अधिकांश बेहद ग़रीब तबके से आते हैं.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. (फोटो साभार: फेसबुक)

बिहार में शराबबंदी क़ानून तोड़ने के मामले में एक लाख से ज़्यादा लोग गिरफ़्तार

बिहार विधान परिषद में मद्य निषेध और उत्पाद मंत्री ने बताया कि इस संबंध में अब तक एक लाख 21 हज़ार 586 लोगों को गिरफ़्तार किया गया, जिनमें से एक लाख 21 हज़ार 542 व्यक्ति जेल भेजे गए.

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हम सत्ता में आए तो शराबबंदी से जुड़े मामले वापस होंगे: राजद

राष्ट्रीय जनता दल के उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने बिहार में सत्ता में आने पर शराबबंदी क़ानून के तहत जेल में बंद 1.3 लाख लोगों को छोड़ने की बात कही.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. (फोटो साभार: फेसबुक)

बिहार में शराबबंदी नहीं, ग़रीबबंदी हो रही है

बिहार में शराब पीने के जुर्म में तकरीबन एक लाख लोग गिरफ़्तार किए गए होंगे. राज्य की अदालतों और जेलों में क्या आलम होगा, आप अंदाज़ा कर सकते हैं. एक लाख लोग किसी एक जुर्म में जेल में बंद हों यह सामान्य नहीं हैं.

नीतीश कुमार. (फोटो: पीटीआई)

नीतीश जी, आपके दहेज और बाल विवाह विरोधी अभियान में नई पीढ़ी कहां है?

आपके अभियान की भाषा केवल परिवार के मुखियाओं को संबोधित कर रही है. नई पीढ़ी से संवाद का अभाव इसमें दिख रहा है.

Nitish Kumar reuters

क्यों नीतीश कुमार पर शराबबंदी की सनक सवार हो गई है?

शराबबंदी नीतीश कुमार के एक-डेढ़ दशकों की राजनीति की बड़ी उपलब्धि नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के अवसान का सूचक है.