शहीद भगत सिंह

स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह

अंग्रेजों ने फांसी पर चढ़ाया, अब हम उनके विचारों की हत्या कर रहे हैं: भगत सिंह के भतीजे

भगत सिंह के भतीजे मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) श्योनान सिंह ने कहा कि क्रांति वह नहीं है कि आप किसी पर दाढ़ी रखने, मस्जिद जाने या राम मंदिर बनाने के लिए दबाव डालें. क्रांति एक विचार होती है जिससे अधिकतर लोग सहमत होते हैं और एक ऐसी व्यवस्था को बदलने का प्रयास करते हैं जो काम नहीं कर रही होती है. अपनी पीठ थपथपाना देशभक्ति नहीं है.

शादमान चौक का नाम भगत सिंह चौक करने की मांग करने उनके प्रशंसक (फोटो साभार: ट्विटर/नायला इनायत)

पाकिस्तान ने शादमान चौक का नाम बदलकर भगत सिंह चौक किया

शादमान चौक पर 23 मार्च 1931 को अंग्रेजी हुकूमत ने क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी पर चढ़ाया था. उस दौरान यह चौक एक जेल का हिस्सा था.

भगत सिंह

गृह मंत्रालय बताए, भगत सिंह शहीद हैं या नहीं: सीआईसी

केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा सरकार स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करती है, पेंशन देती है, लेकिन भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों के परिवार को वित्तीय सहायता देना तो दूर, उन्हें शहीद का दर्जा भी नहीं दिया जाता.