शांतनु भौमिक

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त्रिपुरा: दो महीने में दो पत्रकारों की हत्या को लेकर एडिटर्स गिल्ड ने निंदा की

बंद के दौरान झड़पों में 11 घायल, एडिटर्स गिल्ड ने कहा, दो पत्रकारों की हत्या यह संकेत है कि त्रिपुरा में पत्रकारों पर गंभीर खतरा है, सरकार सुरक्षा दे.

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त्रिपुरा: पत्रकार की हत्या के विरोध में अख़बारों ने ख़ाली छोड़े संपादकीय

हत्या के विरोध में भाजपा, कांग्रेस ने किया त्रिपुरा बंद का ऐलान, सत्तारूढ़ माकपा ने कहा सरकार की उचित कार्रवाई के बावजूद हत्या का राजनीतिकरण कर रही हैं पार्टियां.

पत्रकार सुदीप दत्ता भौमिक. (फोटो साभार: फेसबुक)

त्रिपुरा में कथित तौर पर कॉन्स्टेबल ने की पत्रकार की हत्या

बीते 20 सितंबर को एक राजनीतिक पार्टी के प्रदर्शन को कवर करने गए टीवी पत्रकार शांतनु भौमिक की भी हत्या कर दी गयी थी.

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‘भारत में हिंदुत्ववादी कट्टरपंथियों के कारण मीडिया में सेल्फ सेंसरशिप की प्रवृत्ति बढ़ी’

अंतरराष्ट्रीय संस्था रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स का कहना है कि 2015 से अब तक सरकार की आलोचना करने वाले नौ पत्रकारों की हत्या कर दी गई.