शिक्षा

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली विश्वविद्यालय के ओपन बुक एग्जाम मोड का विरोध क्यों हो रहा है?

दिल्ली विश्वविद्यालय ने घरेलू परीक्षाओं को ‘ओपन बुक एग्जाम’ मोड में लेने के निर्देश दिए हैं, जिसके लिए तकनीकी संसाधन अनिवार्य हैं. लेकिन असमान वर्गों से आने वाले छात्रों के पास ये संसाधन हैं, यह कैसे सुनिश्चित किया गया? अगर विश्वविद्यालय ने उन्हें दाखिले के समय लैपटॉप या स्मार्ट फोन मुहैया नहीं करवाया तो वह इनके आधार पर परीक्षा लेने की बात कैसे कर सकता है?

A student takes classes online with his companions using the Zoom app at home in El Masnou, north of Barcelona, Spain April 2, 2020. REUTERS/Albert Gea

संकट की घड़ी में ऑनलाइन शिक्षा सही है, पर इसे कक्षाओं का विकल्प नहीं बनाया जा सकता

कोरोना संकट के दौर में शैक्षणिक संस्थानों के आगे जो चुनौती है उसमें ऑनलाइन एक स्वाभाविक विकल्प है. ऐसे समय में विद्यार्थियों से जुड़ना समय की ज़रूरत है, लेकिन इस व्यवस्था को कक्षाओं में आमने-सामने दी जाने वाली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विकल्प बताना भारत के भविष्य के लिए अन्यायपूर्ण है.

Chikmagalur: Students wear protective masks in the wake of the novel coronavirus (COVID-19) outbreak in Chikmagalur, Friday, March 13, 2020. India has more than 70 positive coronavirus cases so far and recorded its first COVID-19 death in Karnataka. (PTI Photo)(PTI13-03-2020_000056B)

कोरोना वायरस के कारण 191 देशों के 157 करोड़ छात्रों की शिक्षा प्रभावित: यूनेस्को

संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के अध्ययन में कहा गया है कि स्कूल बंद होने का सबसे अधिक असर वंचित तबके के छात्रों एवं लड़कियों पर ज़्यादा पड़ रहा है. भारत में 32 करोड़ छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन प्रभावित हुआ है.

New Delhi: RSS chief Mohan Bhagwat speaks on the 2nd day at the event titled 'Future of Bharat: An RSS perspective', in New Delhi, Tuesday, Sept 18, 2018. (PTI Photo) (PTI9_18_2018_000190B)

शिक्षा, संपन्नता से बढ़ रहे तलाक के मामलेः मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत में हिंदू समाज का कोई विकल्प नहीं है और हिंदू समाज के पास एक परिवार की तरह व्यवहार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.

(फोटो: रॉयटर्स)

एक फीसदी के पास 70 फीसदी भारतीयों से चार गुना ज्यादा धन: ऑक्सफैम रिपोर्ट

ऑक्सफैम ने अपनी रिपोर्ट ‘टाइम टू केयर’ में कहा कि विश्व के 2153 अरबपतियों के पास विश्व की 60 फीसदी जनसंख्या के मुकाबले ज्यादा संपत्ति है. इसमें कहा गया है कि एक घरेलू कामकाजी महिला को किसी तकनीकी कंपनी के सीईओ के बराबर कमाने में 22 हजार 277 साल लग जाएंगे.

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय. (फोटो: पीटीआई)

जेएनयू: वॉट्सऐप पर परीक्षा के विकल्प पर शिक्षक संघ ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजे गए पत्र में शिक्षक संघ ने लिखा है कि वॉट्सऐप से इम्तिहान लेने के प्रशासन के फ़ैसले से जेएनयू दुनिया भर के अकादमिक जगत में मज़ाक का पात्र बन जाएगा.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

बीते तीन सालों में 128 इंजीनियरिंग कॉलेज बंद हुए, सर्वाधिक तेलंगाना में: केंद्र सरकार

लोकसभा में एक सवाल के जवाब में मानव संसाधन और विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि साल 2018-19 में देश के 26 इंजीनियरिंग कॉलेज बंद हुए हैं, जिनमें सबसे अधिक उत्तर प्रदेश में हैं.

कृश्न चंदर. (फोटो साभार: अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू हिंद)

‘अगर कृश्न चंदर आज लिख रहे होते तो तिहाड़ जेल में होते’

बीते दिनों आईसीएसई ने प्रसिद्ध कहानीकार कृश्न चंदर की कहानी ‘जामुन का पेड़’ को दसवीं कक्षा के पाठ्यक्रम से हटा दिया था. उनकी लेखनी और ज़िंदगी की महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में उनके भतीजे पवन चोपड़ा से द वायर के फ़ैयाज़ अहमद वजीह की बातचीत.

आईआईटी मद्रास (फोटो: ट्वीटर)

पांच साल में देश के 23 आईआईटी में 50 छात्रों ने आत्महत्या की: केंद्र

इसमें से 14 मामले अकेले आईआईटी गुवाहाटी से सामने आए हैं. हाल ही में आईआईटी मद्रास में फातिमा लतीफ नाम की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली, जिसे लेकर कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए थे.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय. (फोटो: शोम बसु)

जेएनयू एक सामूहिक उपलब्धि है

जेएनयू कोई द्वीप नहीं है, वहां हमारे ही समाज से लोग पढ़ने जाते हैं. जो बात उसे विशिष्ट बनाती है, वो है उसके लोकतांत्रिक मूल्य. इनका निर्माण किसी एक व्यक्ति, पार्टी या संगठन ने नहीं, बल्कि भिन्न प्रकृति और विचारधारा के लोगों ने किया है. यदि ऐसा नहीं होता, तब किसी भी सरकार के लिए इसे ख़त्म करना बहुत आसान होता.

Gondi School Chhattisgarh Photo Tameshwar (3)

छत्तीसगढ़ में प्राथमिक शिक्षा के ज़रिये गोंडी भाषा को सहेजने का प्रयास

आदिवासी बहुल इलाकों में वृहद रूप से बोली जाने वाली गोंडी भाषा का कोई लिखित साहित्य न होने के चलते यह अपने अस्तित्व के लिए लड़ रही है. ऐसे में छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के दो स्कूलों में इस भाषा में प्राथमिक शिक्षा देकर इसे सहेजने की कोशिश की जा रही है.

आईआईटी मद्रास (फोटो: ट्वीटर)

तमिलनाडु: सरकार ने आईआईटी छात्रा की आत्महत्या की सीबीआई जांच की याचिका का विरोध किया

आईआईटी मद्रास में प्रथम वर्ष की छात्रा फ़ातिमा लतीफ़ ने नौ नवंबर को छात्रावास में आत्महत्या कर ली थी. केरल मूल की छात्रा के पिता ने आईआईटी के एक प्रोफेसर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है.

New Delhi: Jawaharlal Nehru University  President Aishe Ghose addresses during a protest march towards Parliament, on the first day of the Winter Session, in New Delhi, Monday, Nov. 18, 2019. The students have been protesting for nearly three weeks against the draft hostel manual, which has provisions for a hostel fee hike, a dress code and curfew timings. (PTI Photo/Shahbaz Khan)(PTI11_18_2019_000290B)

हमारे घरों के बच्चे जेएनयू आकर ‘देशद्रोही’ क्यों हो जाते हैं?

ऐसा क्यों है कि अलग-अलग जगहों से आने वाले बच्चे यहां आकर लड़ने वाले बच्चे बन जाते हैं? बढ़ी हुई फीस का मसला सिर्फ जेएनयू का नहीं है. घटी हुई आज़ादी का मसला भी सिर्फ जेएनयू का नहीं है.