शिक्षा

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो:पीटीआई)

हरियाणा: बच्चों का दिमाग तेज़ करने के लिए स्कूलों में करवाई जाएगी कान पकड़कर उठक-बैठक

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने बच्चों से कान पकड़कर उठक-बैठक करवाने को सुपर ब्रेन योग बताते हुए इसे स्कूलों में लागू करने की बात कही है. बोर्ड प्रशासन का दावा है कि वैज्ञानिक तौर पर साबित हो चुका है कि ऐसा करने से बुद्धि तेज़ होती है.

अशोक गहलोत. (फोटो: पीटीआई)

वैदिक शिक्षा और संस्कार बोर्ड बनाएगी राजस्थान सरकार

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि भावी पीढ़ी गौरवशाली परंपराओं को आत्मसात कर सके इसके लिए सरकार इस बोर्ड की स्थापना करेगी.

फोटो साभार: Harish Sharma/Pixabay

सत्ता के मन में उपजे हिंदी प्रेम के पीछे राजनीति है, न कि भाषा के प्रति लगाव

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पहले मसौदे में हिंदी थोपने की कथित कोशिश पर मचे हंगामे को देखते हुए एक बात साफ है कि इस हो-हल्ले का हिंदी से कोई वास्ता नहीं है. हिंदी थोपने या ख़ारिज करने की इच्छा का संबंध हिंदी राष्ट्रवाद, धर्म, जाति और अंग्रेज़ी से एक असहज जुड़ाव जैसी बातों से हो सकता है, मगर इसका संबंध उस भाषा से कतई नहीं है, जिसका नाम हिंदी है.

(फोटो साभार: बीजेपी डॉट ओआरजी)

राजस्थान: प्रतिभा खोज परीक्षा से संघ विचारक दीनदयाल उपाध्याय का नाम हटाया

राजस्थान के पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में क़रारी हार से शर्मसार हुई कांग्रेस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारकों के नाम को हटाना, स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव करने संबंधी इस प्रकार के निर्णय ले रही है.

फोटो: रॉयटर्स

देश की शिक्षा प्रणाली दुरुस्त करने की ज़रूरतः सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल कॉलेज में दाखिले के एक मामले में सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र और केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि देश में समूची शिक्षा प्रणाली में सुधार होना चाहिए ताकि विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन करते समय छात्रों को परेशानी का सामना न करना पड़े.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

हिंदी भाषा विवाद: नई शिक्षा नीति के संशोधित मसौदे पर दो सदस्यों ने जताई आपत्ति

नई शिक्षा नीति के मसौदे में त्रिभाषा फार्मूले को लेकर उठे विवाद के बीच सोमवार को मसौदा नीति का संशोधित प्रारूप जारी किया गया, जिसमें ग़ैर-हिन्दी भाषी राज्यों में हिन्दी अनिवार्य किए जाने का उल्लेख नहीं है.

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय. (फोटो: शोम बसु)

हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए जेएनयू वाम राजनीति से कहीं बढ़कर है

जेएनयू की प्रवेश परीक्षा में अब बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, जो अंग्रेजी में होंगे. इसका अर्थ हुआ कि हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए एक और राष्ट्रीय स्तर के संस्थान के दरवाज़े बंद हो गए.

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प्राचीन भारत में शिक्षा का केंद्र रहे नालंदा का राजनीतिक समीकरण

सड़क से संसद: बिहार का नालंदा लोकसभा सीट शिक्षा का प्राचीन केंद्र रहा है. यहीं से जॉर्ज फर्नांडिस और राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जैसे नेताओं ने अपना राजनीतिक करिअर शुरू किया. यहां आख़िरी चरण में 19 मई को लोकसभा के लिए वोट डाले जाएंगे.

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इलेक्शननामा: क्या बेरोज़गारी एक चुनावी मुद्दा बन सकी है?

ऑडियो: इलेक्शननामा की इस कड़ी में सुनिए मौजूदा लोकसभा में नौजवानों और उनसे जुड़े मुद्दों पर युवा हल्ला बोल अभियान के अनुपम के साथ बातचीत. साथ ही जानिए उन नौजवानों के बारे में, जो इस चुनाव में उम्मीदवार तो हैं पर जिनके बारे में ज़्यादा चर्चा नहीं हो रही है.

जामिया मिलिया इस्लामिया. (फोटो साभार: duupdates.in)

जामिया एक विश्वविद्यालय है, इस्लाम के प्रचार का केंद्र नहीं

नई दिल्ली के जामि​या मिलिया इस्लामिया में विरोध के बाद एक फैशन शो के रद्द हो जाने से ये सवाल उठता है कि क्यों जामिया का प्रशासन कार्यक्रम के सुरक्षित होने देने की गारंटी न कर सका?

तमिलनाडु के चेन्नई में स्टेला मेरिस कॉलेज की छात्राओं रूबरू होते कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो साभार: एएनआई)

हर किसी की जांच करिए चाहे वह वाड्रा हों या प्रधानमंत्री: राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि शीर्ष स्तर पर पर्याप्त संख्या में महिलाएं नहीं दिखतीं. हम संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित करेंगे और महिलाओं के लिए 33 फीसदी सरकारी नौकरियां आरक्षित करेंगे.

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उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूल के मैदान में गोशाला बनाने का आदेश, विरोध में उतरे शिक्षक

बलरामपुर के पंचपेड़वा गांव के इंटर कॉलेज के मैदान में गोशाला बनाए जाने के फैसले का स्कूल ने विरोध किया है. उनका कहना है कि यह स्कूल की ज़मीन है और इस बारे में जिला प्रशासन द्वारा कोई नोटिस तक नहीं दिया गया है. प्रशासन ने स्कूल पर ज़मीन हड़पने का आरोप लगाया है.

कृष्णा सोबती (जन्म- 18 फरवरी 1925, अवसान- 25 जनवरी 2019)

शासकों द्वारा दिए गए सम्मान से कोई बड़ा नहीं हो जाता: कृष्णा सोबती

साक्षात्कार: बीते दिनों ज्ञानपीठ पुरस्कार सम्मानित साहित्यकार कृष्णा सोबती का निधन हो गया. उनके चर्चित उपन्यास ‘मित्रो मरजानी’ के पचास साल पूरे होने पर साल 2016 में उनसे हुई बातचीत.

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क्यों देश की राजनीतिक और आर्थिक ताक़त कुछ परिवारों तक सिमटकर रह गई है

क्या अगले आम चुनाव में मोदी सरकार या महागठबंधन में से कोई नेता या दल अपने चुनावी घोषणा-पत्र में यह वादा कर सकता है कि वो देश की आम जनता को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा देने की संवैधानिक जवाबदारी निभाने के लिए 2019 से देश के अरबपतियों और अमीरों पर उचित टैक्स लगाने का काम करेगा?

(फोटो: रॉयटर्स)

भारत के 9 अमीरों के पास है 50 फीसदी आबादी के बराबर संपत्ति: रिपोर्ट

ऑक्सफैम की रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2018 में देश के शीर्ष एक प्रतिशत अमीरों की संपत्ति में 39 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि पचास प्रतिशत ग़रीब आबादी की संपत्ति में महज़ 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.

Raja Ram Yadav Purvanchal Uni VC featured

अब तो कुलपति भी क़त्ल के लिए उकसाने लगे!

कुलपतियों के कारनामे अब देश के विश्वविद्यालयों का मौसम बन गए हैं. विश्वविद्यालयों की प्रतिष्ठा और गुणवत्ता दोनों पर दाग लग रहे हैं. बड़बोलेपन में राजनीतिक नेताओं को भी मात करने वाले कुलपतियों के ही कारण देश के कई बड़े और श्रेष्ठ उच्च शिक्षण संस्थान इन दिनों बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं.

प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स

क्यों मुस्लिम लड़कियों को लड़कों से अलग शिक्षा दी जाती है?

वीडियो: आज भी मुस्लिम लड़कियों को किताबों में ‘अच्छी’ औरत बनने के तरीके, खाने-पकाने और शौहर को ख़ुश रखने के हुनर सिखाए जा रहे हैं.

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: ट्विटर/भाजपा)

पत्रकार रवीश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए भाषण लिखा है, क्या वे इसे पढ़ सकते हैं?

भाजपा की सरकार ने उच्च शिक्षा पर उच्चतम पैसे बचाए हैं. हमारा युवा ख़ुद ही प्रोफेसर है. वो तो बड़े-बड़े को पढ़ा देता है जी, उसे कौन पढ़ाएगा. मध्य प्रदेश का पौने छह लाख युवा कॉलेजों में बिना प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक के ही पढ़ रहा है. हमारा युवा देश मांगता है, कॉलेज और कॉलेज में टीचर नहीं मांगता है.

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (फोटो: पीटीआई)

मोदी सरकार को समझना चाहिए कि उच्च शिक्षा संस्थान जनसंपर्क कार्यालय नहीं होते

सीसीएस जैसे क़ानूनों का उद्देश्य उच्च शिक्षा के उद्देश्यों को ही ध्वस्त कर देना है. उच्च शिक्षा में विकास तब तक संभव नहीं है जब तक विचारों के आदान-प्रदान की आज़ादी नहीं हो. अगर इन संस्थाओं की ये भूमिका ही समाप्त हो जाए तो उच्च शिक्षा की आवश्यकता ही क्या रहेगी? शिक्षक और शोधार्थी सरकारी कर्मचारी की तरह व्यवहार नहीं कर सकते.

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अगर मेरी किताबों में कोई तत्व नहीं है, तो इन्हें सालों से क्यों पढ़ाया जा रहा था: कांचा इलैया

दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा एमए के पाठ्यक्रम से दलित लेखक और चिंतक कांचा इलैया शेपहर्ड की किताब हटाने के प्रस्ताव पर उनका कहना है कि विश्वविद्यालय अलग-अलग विचारों को पढ़ाने, उन पर चर्चा करने के लिए होते हैं, वहां सौ तरह के विचारों पर बात होनी चाहिए. विश्वविद्यालय कोई धार्मिक संस्थान नहीं हैं, जहां एक ही तरह के धार्मिक विचार पढ़ाए जाएं.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 308: प्रकाश जावड़ेकर और हरियाणा में क़ानून-व्यवस्था

जन गण मन की बात की 308वीं कड़ी में विनोद दुआ मानव संसाधन एवं विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के ‘भीख का कटोरा’ वाले बयान और हरियाणा में महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ रहे अपराधों के मामले पर चर्चा कर रहे हैं.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (फोटो: रॉयटर्स)

‘भीख का कटोरा’ बयान पर जावड़ेकर की सफ़ाई, बोले- अनजाने में किया ग़लत शब्द का इस्तेमाल

पुणे में एक स्कूली कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि स्कूलों को सरकार के सामने कटोरा लेकर मदद मांगने की बजाय पूर्व छात्रों से मदद लेनी चाहिए.

New Delhi: HRD Minister Prakash Javadekar speaks during a press conference at BJP Headquarter in New Delhi, on Friday. PTI Photo by Manvender Vashist(PTI3_23_2018_000241B)

सरकार के सामने कटोरा लेकर मदद मांगने की बजाय पूर्व छात्रों से मदद लें स्कूल: प्रकाश जावड़ेकर

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कुछ स्कूल फंड के लिए सरकार के पास चले आते हैं, जबकि वे अपने पूर्व छात्र-छात्राओं को आसानी से कह सकते हैं. यह पूर्व छात्र-छात्राओं का कर्तव्य है कि वे अपने स्कूल, कॉलेज के लिए योगदान दें.

(फोटो: रॉयटर्स)

राम मंदिर पर बोले योगी- प्रभु राम का काम है, वही तिथि तय करेंगे

लखनऊ में हुए एक कार्यक्रम में राम मंदिर पर सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि व्यक्ति को आशावादी बनना चाहिए. जो कार्य होना है वह होकर ही रहेगा उसे कोई टाल नहीं सकता है.

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हमें राजनीतिक आज़ादी तो मिल गई, लेकिन सामाजिक और आर्थिक आज़ादी कब मिलेगी?

आज़ादी के 71 साल: सरकार यह महसूस नहीं करती है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा पर किया गया सरकारी ख़र्च वास्तव में बट्टे-खाते का ख़र्च नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य के लिए किया गया निवेश है.

सलेमपुर में स्थित प्राइमरी स्कूल. (फोटो साभार: ट्विटर)

उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूल के नाम से ‘इस्लामिया’ शब्द हटाया, जुमे की छुट्टी भी रद्द

देवरिया ज़िले के सलेमपुर क्षेत्र में स्थित प्राथमिक स्कूल नवलपुर का मामला. स्कूल में शुक्रवार को छुट्टी होती थी और रविवार को स्कूल खुलता था.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 276: भीड़तंत्र और असल मुद्दों से भागती भाजपा

जन गण मन की बात की 276वीं कड़ी में विनोद दुआ लिंचिंग से निपटने के लिए क़ानून लाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश और असल मुद्दों से भाजपा के कन्नी काटने पर चर्चा कर रहे हैं.

(फोटो साभार: फेसबुक/Peter Fernandes)

दिल्ली: फीस जमा न करने पर स्कूल ने बच्चों को बेसमेंट में बंधक बना कर रखा

अभिभावकों का आरोप है कि दिल्ली के बल्लामारान स्थित राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल में बच्चों को सुबह 7:30 बजे से ही बेसमेंट में बंद रखा गया था. दोपहर 12:30 बजे उनके पहुंचने पर बच्चों को बाहर निकाला गया. बेसमेंट में न पंखा था, न हवा आने की जगह.

अर्थशास्त्री और कार्यकर्ता ज्यां द्रेज. (फोटो: द वायर)

मोदी सरकार को आर्थिक वृद्धि की ‘सनक’ से बाहर आकर विकास के सही मायने समझने की ज़रूरत: ज्यां द्रेज

प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज ने कहा कि सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों से जुड़ी ज़िम्मेदारियों को औद्योगिक घरानों या राज्य सरकारों के भरोसे छोड़ दिया है.

Lucknow University

लखनऊ विश्वविद्यालय: अदालत ने लगाई पुलिस को फटकार, यूनिवर्सिटी बंद वापस

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय में हुई हिंसा में कई प्रोफेसरों के साथ मारपीट किए जाने की घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए कुलपति, रजिस्ट्रार और प्रॉक्टर के अलावा प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को तलब किया था.

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पुणे: स्कूल ने बताया किस रंग के इनर पहनें छात्राएं, विरोध के बाद वापस लिया आदेश

पुणे के एक निजी स्कूल ने लड़कियों के इनर के रंग के अलावा उनकी स्कर्ट की लंबाई तय की थी, जिसका अभिभावकों ने विरोध किया था. स्कूल प्रशासन का कहना था कि इसका उद्देश्य ‘पवित्र’ है. शिक्षा मंत्री ने दिए थे जांच के निर्देश.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

महिलाओं के लिहाज़ से भारत विश्व में सबसे ख़तरनाक देश: सर्वे

थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन के सर्वे में 193 देशों को शामिल किया गया था, जिनमें से महिलाओं के लिए बदतर शीर्ष 10 देशों का चयन किया गया. सूची में युद्धग्रस्त अफगानिस्तान और सीरिया दूसरे और तीसरे, सोमालिया चौथे और सउदी अरब पांचवें स्थान पर है.

(फोटो साभार: फेसबुक)

बिहार के विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं के भविष्य से क्यों किया जा रहा है खिलवाड़?

ज्ञान की जब भी चर्चा होती है तो वो बिहार के ऐतिहासिक नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय का ज़िक्र किए बिना पूरी नहीं होती, लेकिन उसी बिहार में आज शिक्षा व्यवस्था का हाल ये है कि आधा दर्जन विश्वविद्यालयों में विभिन्न सत्रों की परीक्षाएं कई सालों से लटकी हुई हैं.

More than 100,000 employees of a company attempt to create a new world record by singing the national anthem together in the northern Indian city of Lucknow on May 6, 2013. Pawan Kumar / Reuters

विकसित देश बनने के लिए सिर्फ़ एक दशक का समय, ​शिक्षा पर ध्यान देने की ज़रूरत: एसबीआई

भारतीय स्टेट बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि नीति-निर्माताओं को अंदाज़ा होना चाहिए कि भारत के पास विकसित देश बनने के लिए थोड़ा समय है जिसमें यह अपना दर्जा बढ़ा सकता है नहीं तो हमेशा के लिए उभरती अर्थव्यवस्थाओं की श्रेणी में अटका रहेगा.

बीते 30 मई को रांची में विरोध प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी सेविकाएं. (फोटो साभार: नीरज सिन्हा/द वायर)

झारखंड में क्यों सड़कों पर ठोकरें खा रहे लाखों मानदेयकर्मी?

झारखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला बाल कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभागों में बड़ी तादाद में तैनात मानदेयकर्मियों को एक दिहाड़ी मज़दूर से भी कम वेतन मिलता है. लिहाज़ा प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है.

(फोटो साभार: schools.olympiadsuccess.com)

एनसीआईआरटी की किताब में पढ़ाया जाएगा हिंदुत्व और 2014 के चुनावों में भाजपा की जीत का पाठ

एनसीईआरटी ने 12वीं कक्षा की नई किताब में भाजपा को मुस्लिम महिलाओं के हितों का पक्षधर बताया गया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स)

उत्तराखंड: वीरान होते गांव और तमाशबीन सरकार

पलायन आयोग की रिपोर्ट से मालूम पड़ता है कि चीन और नेपाल से सटे उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से भारी पलायन ने हिमालयी राज्य की अवधारणा को ध्वस्त कर दिया.

(प्रतीकात्मक फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स)

उत्तराखंड में सात सालों में 700 से ज़्यादा गांव हुए वीरान: रिपोर्ट

वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक राज्य में भुतहा गांवों यानी वीरान हो चुके गांवों की संख्या 968 थी, जो अब बढ़कर 1668 हो गई है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

इतिहास को अपने अनुरूप गढ़ने और ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की कोशिशें तेज़ हुई हैं

मोदी सरकार आने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में बहुत सावधानी के साथ उस विचारधारा को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जिसका देश के स्वाभाविक मिज़ाज़ के साथ कोई मेल नहीं है.