श्रमिक

Bhubaneswar: Central trade union activists block a train during their 48-hour-long nationwide general strike in protest against the "anti-people" policies of the Centre, in Bhubaneswar, Tuesday, Jan 8, 2019. (PTI Photo) 
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मोदी सरकार की ‘मज़दूर विरोधी’ नीतियों के ख़िलाफ़ ट्रेड यूनियनों की दो दिनी हड़ताल शुरू

10 केंद्रीय श्रम संघों के आह्वान पर बुलाई गई इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में 20 करोड़ मज़दूरों के शामिल होने की संभावना. हड़ताली यूनियनों का कहना है कि सरकार ने श्रमिकों के मुद्दों पर उसकी 12 सूत्रीय मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया. सितंबर 2015 के बाद केंद्र सरकार ने यूनियनों से एक बार भी बात नहीं की.

गेराडू स्टील प्लांट (फोटो साभार: एएनआई)

आंध्र प्रदेश के स्टील प्लांट में गैस लीक होने से छह मज़दूरों की मौत

दुर्घटना के बाद लेफ्ट और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने स्टील प्लांट के सामने विरोध प्रदर्शन किया और पीड़ितों के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजे देने की मांग की.

बेज़वाड़ा विल्सन. (फोटो साभार: Development Dialogue/Facebook)

सीवर में श्रमिकों की मौत असल में सरकार और ठेकेदारों द्वारा की गई हत्याएं हैं: बेज़वाड़ा विल्सन

देश में मैला ढोने वाले सफाई कर्मचारियों की स्थिति पर सफाई कर्मचारी आंदोलन के समन्वयक मैगसेसे पुरस्कार विजेता बेज़वाड़ा विल्सन का नज़रिया.

(फोटो: जाह्नवी सेन/द वायर)

‘जब तक जातिवाद का सफाया नहीं होगा तब तक स्वच्छ भारत की बात भी कैसे हो सकती है’

वीडियो: मैला ढोने के कार्य से जुड़े श्रमिकों की वर्तमान स्थिति और पुनर्वास पर सफाई कर्मचारी आंदोलन के समन्वयक और मैगसेसे पुरस्कार विजेता बेज़वाड़ा विल्सन से सृष्टि श्रीवास्तव की बातचीत.

Workers walk in front of the construction site of a commercial complex on the outskirts of the western Indian city of Ahmedabad, in this April 22, 2013 file picture. While India has long suffered from a dearth of workers with vocational skills like plumbers and electricians, efforts to alleviate poverty in poor, rural areas have helped stifle what was once a flood of cheap, unskilled labour from India's poorest states. Struggling to cope with soaring food prices, this dwindling supply of migrant workers are demanding - and increasingly getting - rapid increases in pay and benefits. To match story INDIA-ECONOMY/INFLATION      REUTERS/Amit Dave/Files (INDIA - Tags: BUSINESS CONSTRUCTION EMPLOYMENT TPX IMAGES OF THE DAY)

पूंजीवाद के इस दौर में मज़दूर आंदोलनों की ज़रूरत पहले से कहीं ज़्यादा है

मज़दूर दिवस पर विशेष: कहां तो कार्ल मार्क्स ने ‘दुनिया के मज़दूरों एक हो’ का नारा दिया और कहा था कि उनके पास खोने को सिर्फ बेड़ियां हैं जबकि जीतने को सारी दुनिया और कहां उन्मत्त पूंजी दुनिया भर में उपलब्ध सस्ते श्रम के शोषण का नया इतिहास रचने पर आमादा है.

लावा मोबाइल के ब्रांड एंबेसडर भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हैं. (फोटो साभार: लावा मोबाइल्स/ट्विटर)

नोएडा में लावा कंपनी के कर्मचारियों का प्रबंधन द्वारा शोषण के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

लावा कंपनी के कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उनसे 12 घंटे काम कराया जाता है, इसके बावजूद उनके वेतन से पैसे काट लिए जाते हैं.

(फोटो: प्रशांत कनौजिया/द वायर)

बजट में श्रमिकों की पूरी तरह से अनदेखी की गई: भारतीय मज़दूर संघ

नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वुमेन ने कहा कि भाजपा नीत राजग सरकार महिलाओं के लिए न्याय और सशक्तिकरण की बात करती है, लेकिन उसकी यह मंशा बजट में नहीं दिखी.

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क्यों कानून बनने के 24 साल बाद भी मैला ढोने की प्रथा समाप्त नहीं हुई?

मैला ढोने के कार्य से जुड़े श्रमिकों के पुनर्वास के लिए स्व-रोजगार योजना के पहले के वर्षों में 100 करोड़ रुपए के आसपास आवंटित किया गया था, जबकि 2014-15 और 2015-16 में इस योजना पर कोई भी व्यय नहीं हुआ.

(फोटो: पीटीआई)

मज़दूरों के लिए आवंटित धन का कहीं और इस्तेमाल होने से शीर्ष अदालत हैरान

देशभर के निर्माण क्षेत्र में लगे मज़दूरों के कल्याण के लिए जारी 26 हज़ार करोड़ रुपये की रकम में से पांच हज़ार करोड़ रुपये का अता-पता नहीं.

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विशेष रिपोर्ट: मज़दूरों के शोषण और प्रताड़ना का नया कीर्तिमान रच रहा है जेके टायर

मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के बानमौर स्थित जेके टायर ने पिछले साल जून मेें अपनी एक यूनिट को घाटे में बताकर बंद कर दिया और करीब 900 मजदूरों को एक झटके में काम पर न आने का नोटिस थमा दिया. मजदूर तब से इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.