संघ प्रमुख

Nagpur: RSS Chief Mohan Bhagwat addresses after a book release during an event organised by Shree Narkesari Prakashan, in Nagpur, Monday, Oct 15, 2018. (PTI Photo) (PTI10_15_2018_000166B)

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का दावा- भारत एक हिंदू राष्ट्र और यह नहीं बदल सकता

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दावा किया कि संगठन में एक ही विचारधारा सतत रूप से चलती चली आई है कि जो भारत भूमि की भक्ति’ करता है, वही हिंदु है.

Nagpur: RSS chief Mohan Bhagwat addresses the Vijay Dashmi function at RSS headquaters in Nagpur, Maharashtra, Thursday, Oct 18, 2018. (PTI Photo) (PTI10_18_2018_000036)

युद्ध नहीं हो रहे, तो जवान शहीद क्यों हो रहे हैं: मोहन भागवत

आरटीआई के जरिए गृह मंत्रालय से मिले आंकड़े बताते हैं कि मई, 2014 से मई, 2017 तक में सिर्फ जम्मू कश्मीर में 812 आतंकी घटनाएं हुईं. इन घटनाओं में 62 नागरिक मारे गए, जबकि 183 जवान शहीद हो गए.

दशहरा के अवसर पर नागपुर में संघ मुख्यालय पर गुरुवार को हुए सालाना कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी. (फोटो साभार: फेसबुक/@RSSOrg)

संघ की शाखाएं बच्चों ख़ास तौर पर लड़कियों के संरक्षण के लिए ढाल का काम कर सकती हैं: सत्यार्थी

संघ की ओर से नागपुर में हर साल होने वाले दशहरा कार्यक्रम में शामिल हुए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी. कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने समाज की परंपरा पर विचार नहीं किया.

Nagpur: RSS chief Mohan Bhagwat addresses the Vijay Dashmi function at RSS headquaters in Nagpur, Maharashtra, Thursday, Oct 18, 2018. (PTI Photo) (PTI10_18_2018_000036)

क़ानून बनाकर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ़ करे सरकार: मोहन भागवत

विजयदशमी के अवसर पर नागपुर में अपने वार्षिक संबोधन में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि राष्ट्रहित के इस मामले में स्वार्थ के लिए सांप्रदायिक राजनीति करने वाली कुछ कट्टरपंथी ताकतें रोड़े अटका रही हैं. राजनीति के कारण मंदिर निर्माण में देरी हो रही है.

New Delhi: RSS chief Mohan Bhagwat speaks during a book release function in New Delhi, Thursday, Sep 20, 2018. (PTI Photo/Subhav Shukla) (PTI9_20_2018_000153B)

संघ से संवाद: दक़ियानूसी विचारों को नई पैकेजिंग के ज़रिये आकर्षक बनाने का पैंतरा

वे सभी लोग जो नए कलेवर में प्रस्तुत संघ को लेकर प्रसन्न हो रहे हैं, उन्हें यह जानना होगा कि यह कोई पहली बार नहीं है जब संघ इस क़वायद में जुटा है. उन्हें 1977 के अख़बारों को पलट कर देखना चाहिए जब यह बात फैलाई जा रही थी कि संघ अब अपनी कतारों में मुसलमानों को भी शामिल करेगा. लेकिन यह शिगूफ़ा साबित हुआ.

New Delhi: RSS chief Mohan Bhagwat speaks on the last day at the event titled 'Future of Bharat: An RSS perspective', in New Delhi, Wednesday, Sept 19, 2018. (PTI Photo) (PTI9_19_2018_000185B)

भागवत जी, आपकी कथनी के करनी में बदल जाने तक उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता

संघ प्रमुख के हालिया बयानों की गंभीरता और विश्वसनीयता को इस कसौटी पर परखा जाना चाहिए कि आरएसएस से संबद्ध संगठन अपना आगामी चुनाव अभियान किस तरह से चलाते हैं.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 306: संघ के बदलते सुर और बीमार मंत्री

जन गण मन की बात की 306वीं कड़ी में विनोद दुआ संघ के बदलते रवैये और मंत्रियों की बीमारी के बारे मोदी सरकार द्वारा बरती जा रही गोपनीयता पर चर्चा कर रहे हैं.

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​जन गण मन की बात, एपिसोड 305: मोहन भागवत का भाषण और अर्थव्यवस्था

जन गण मन की बात की 305वीं कड़ी में विनोद दुआ संघ प्रमुख मोहन भागवत के हालिया भाषण, इसके राजनीतिक महत्व और देश की अर्थव्यवस्था पर चर्चा कर रहे हैं.

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कोई भी सरकार या अवतार केवल अपने बूते देश को बड़ा नहीं बना सकता: संघ प्रमुख

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हिंदुस्तान हिंदुओं का देश है. इसका मतलब यह कतई नहीं है कि हिंदुस्तान दूसरे लोगों का देश नहीं है.

Haridwar: RSS chief Mohan Bhagwat offers prayers to Ganga River as he celebrates his birthday with sadhus, in Haridwar on Monday. PTI Photo (PTI9_11_2017_000088B)

विश्व में एकमात्र धर्म हिंदू, बाकी सब संप्रदाय: मोहन भागवत

संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदू धर्म के दरवाजे सभी के लिए आज भी खुले हुए हैं, क्योंकि हम यह मानते हैं कि हम सबके पूर्वज हिंदू ही हैं.

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शिक्षा को ‘भारतीय’ बनाने के लिए संघ की कार्यशाला में पहुंचे 51 कुलपति

कार्यक्रम में कहा गया कि शैक्षिक संस्थानों में संस्कृति के नाम पर जो हो रहा है वह हमारी असल संस्कृति पर हमला है- चाहे वो कल्चरल इवनिंग जैसे कार्यक्रम हों या विरोध की संस्कृति से जुड़े आयोजन. इससे नौजवानों का दिमाग और शैक्षणिक संस्थानों का माहौल बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.