संयुक्त अरब अमीरात

(फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना वायरस: संयुक्त अरब अमीरात से 32 हज़ार से अधिक भारतीयों ने वापसी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया

इस बीच देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि सशस्त्र बल खाड़ी के देशों और अन्य क्षेत्रों में फंसे हजारों भारतीयों को स्वदेश वापस लाने में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है.

A woman clears out the water from her flooded house at Paravur on the outskirts of Kochi, in Kerala, India August 11, 2019. REUTERS/Sivaram V

केरल के तीन जिलों में रेड अलर्ट, बारिश संबंधी घटनाओं में मरने वालों की संख्या 88 हुई

केरल के एर्नाकुलम, इडुक्की और अलाप्पुझा में मंगलवार और उत्तरी जिलों मलप्पुरम और कोझिकोड में बुधवार के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया. राज्य के 1,332 राहत शिविरों में 2.52 लाख से अधिक लोगों ने शरण ली है.

Kochi: People being rescued from a flood-affected region following heavy monsoon rainfall, in Kochi on Thursday, Aug 16, 2018. (PTI Photo) (PTI8_16_2018_000195B)

केरल बाढ़ के लिए यूएई ने नहीं की 700 करोड़ रुपये देने की घोषणा

यूएई के केरल को वित्तीय मदद देने पर यूएई के राजदूत अहमद अलबना ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ के बाद बचाव की ज़रूरतों को लेकर आकलन अभी चल रहा है और मदद के लिए कोई राशि फाइनल नहीं की गई है.

Kottayam : Rescue teams evacuate people from flood affected areas, to relief camps at Kottayam district in Kerala, on Monday, Aug. 20, 2018. (PTI Photo/Coast Guard)(PTI8_20_2018_000096B)

यूएई से मदद स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं: केरल मुख्यमंत्री

केरल के वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने आपदा प्रबंधन नियमों का हवाला देते हुए कहा कि गंभीर आपदा के समय में विदेशी सरकार द्वारा दी जाने वाली स्वैच्छिक सहायता स्वीकार की जा सकती है. अगर केंद्र सरकार इसे लेने से इनकार करती है तो उसे इसकी भरपाई करनी चाहिए.

Chengannur: Flood affected areas of Chengannur seen from a Indian Navy helicopter, at Alappuzha district of the Kerala, on Sunday August 19, 2018. (PTI Photo) (PTI8_20_2018_000097B)

केरल बाढ़: यूएई की 700 करोड़ रुपये की मदद के प्रस्ताव को ठुकरा सकती है केंद्र सरकार

केरल को बाढ़ से उबारने के लिए संयुक्त अरब अमीरात की सरकार ने 700 करोड़ रुपये की मदद देने की घोषणा की है. मंगलवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इसकी जानकारी दी थी.

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क्या फिलिस्तीन को लेकर भारत अपनी ही बातों से पीछे हट गया है?

फिलिस्तान पर मोदी सरकार के बदले रुख़ का अर्थ यह है कि इज़रायल के फिलिस्तीनी ज़मीन पर अवैध क़ब्ज़े को लेकर भारत का रवैया नरम हो गया है.