संयुक्त किसान मोर्चा

New Delhi: Farmers at Ghazipur border during the ongoing agitation over farm reform laws, in New Delhi, Wednesday, Feb. 3, 2021.  (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI02_03_2021_000067B)

संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति को पत्र लिख गिरफ़्तार किसानों की बिना शर्त रिहाई की मांग की

केंद्र के तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों को निरस्त किए जाने की मांग को लेकर 26 जनवरी को किसान संगठनों द्वारा आयोजित ट्रैक्टर परेड के दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए थे. इसके बाद सैकड़ों लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.

(फोटो साभार: ट्विटर)

दिल्ली पुलिस ने आंदोलनरत किसानों को हटने की चेतावनी वाले पोस्टर लगाए, किसानों ने निंदा की

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ पिछले क़रीब तीन महीने से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर किसानों के आंदोलन का नेतृत्व सामूहिक निकाय ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ की ओर से कहा गया है कि वह पुलिस के इस क़दम का विरोध करता है, क्योंकि किसान अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. मोर्चा ने किसानों से शांतिपूर्वक अपना प्रदर्शन जारी रखने की अपील की.

राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वी.एम. सिंह (फोटो: पीटीआई)

यूपी के किसान मांगें पूरी होने तक उपवास रखेंगे, प्रधानमंत्री को संदेश भेजते रहेंगे: किसान नेता

राष्ट्रीय किसान मज़दूर संगठन के अध्यक्ष वीएम सिंह ने कहा कि देश में ज़्यादातर किसान लघु या सीमांत हैं. वे दिल्ली जाकर प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते हैं. ऐसे में वे अपने गांवों में रहकर खेतों और मवेशियों की देखभाल करते हुए प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं.

गणतंत्र दिवस पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले पर पहुंचे. (फोटो: पीटीआई)

गणतंत्र दिवस हिंसा: दिल्ली पुलिस ने जम्मू से एक किसान नेता सहित तीन लोगों को किया गिरफ़्तार

पुलिस ने बताया कि जम्मू एंड कश्मीर यूनाइटेड किसान फ्रंट के अध्यक्ष मोहिंदर सिंह और जम्मू के गोल गुजराल निवासी मंदीप सिंह को गिरफ़्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार इन दोनों ने लाल किले पर हुई हिंसा में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था और उसके मुख्य साजिशकर्ता थे. लाल क़िले के गुंबद पर चढ़ने के आरोप में एक अन्य शख़्स को भी पकड़ा गया है.

New Delhi: Farmers at KMP Expressway during their chakka jam protest as part of the ongoing agitation over new farm laws, near New Delhi, Saturday, Feb. 6, 2021. (PT Photo/Shahbaz Khan) )(PTI02 06 2021 000137B)

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन के दौरान 248 किसानों की मौत हुई: संयुक्त किसान मोर्चा

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से ​दी गई जानकारी के अनुसार, अधिकतर मौतें दिल का दौरा पड़ने, ठंड की वजह से बीमारी और दुर्घटनाओं से हुई हैं. ये आंकड़े 26 नवंबर 2020 से इस साल 20 फरवरी के बीच इकट्ठा किए गए हैं.

Bathinda: Farmers block a road during their chakka jam protest as part of the ongoing agitation over new farm laws, in Bathinda, Saturday, Feb. 6, 2021. (PT Photo)(PTI02 06 2021 000134B)

किसानों ने आंदोलन तेज़ करने के लिए कई कार्यक्रमों की घोषणा की

किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि 23 फरवरी को ‘पगड़ी संभाल दिवस’ और 24 फरवरी को ‘दमन विरोधी दिवस’ मनाया जाएगा. इस दौरान इस बात पर जोर दिया जाएगा कि किसानों का सम्मान किया जाए और उनके ख़िलाफ़ कोई दमनकारी कार्रवाई न की जाए.

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किसान आंदोलन: प्रधानमंत्री के संबोधन से प्रदर्शनकारी किसानों को हुई निराशा

वीडियो: केंद्र के नए कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आंदोलनजीवी’ बयान पर रोष जताते हुए कहा कि यह किसानों का अपमान है. आंदोलनों के कारण भारत को औपनिवेशिक शासन से आज़ादी मिली और उन्हें गर्व है कि वे ‘आंदोलनजीवी’ हैं.

(फोटोः पीटीआई)

मोदी की ‘आंदोलनजीवी’ टिप्पणी की कड़ी आलोचना, नेताओं ने कहा- आंदोलन से ही मिली थी आज़ादी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राज्यसभा में एक नए शब्द ‘आंदोलनजीवी’ का ज़िक्र करते हुए कहा था कि पिछले कुछ समय से देश में एक नई बिरादरी ‘आंदोलनजीवी’ सामने आई है. ये पूरी टोली है जो आंदोलनजीवी है, ये आंदोलन के बिना जी नहीं सकते और आंदोलन से जीने के लिए रास्ते ढूंढते रहते हैं.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर. (फोटो: पीटीआई)

भारत ने ‘टूलकिट’ को षड्यंत्रकारी बताया, सोशल मीडिया कंपनियों से जानकारी मांगी

पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने किसान आंदोलन से संबंधित एक ‘गूगल टूलकिट’ ट्विटर पर साझा किया था, जिसे लेकर दिल्ली पुलिस गूगल और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों से इससे संबंधित ईमेल आईडी, डोमेन यूआरएल और कुछ सोशल मीडिया एकाउंट्स की जानकारी देने को कहा है.

ग्रेटा थनबर्ग. (फोटो: रॉयटर्स)

ग्रेटा थनबर्ग और अन्य के ‘टूलकिट’ साझा करने के मामले में अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज

दिल्ली पुलिस ने राजद्रोह, आपराधिक साजिश और घृणा फैलाने से संबंधित धाराओं में यह एफआईआर दर्ज की है. पुलिस ने बताया कि मामले में किसी को भी नामज़द नहीं किया गया है. यह सिर्फ़ टूलकिट के निर्माताओं के ख़िलाफ़ है. कृषि क़ानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन का पर्यावरण और जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने समर्थन किया था.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

राहुल गांधी ने कहा, किसानों के साथ ​सरकार के व्यवहार से भारत की प्रतिष्ठा को ज़ोरदार धक्का लगा

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीन नए कृषि क़ानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए सवाल किया कि सरकार दिल्ली में किलेबंदी क्यों कर रही है? क्या वह किसानों से डरती है? क्या किसान दुश्मन हैं? दिल्ली की सीमाओं पर अवरोधक लगाने और सड़कों पर कील गाड़ने के क़दम की महबूबा मुफ़्ती और मायावती जैसे नेताओं ने भी निंदा की है.

सिंघू बॉर्डर पर लगे नए अवरोधक. (फोटो: पीटीआई)

दुनिया की नामचीन हस्तियों का किसान आंदोलन को समर्थन देना गर्व की बात: संयुक्त किसान मोर्चा

बीते दिनों में दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के प्रदर्शन का पॉपस्टार रिहाना, पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग जैसी कुछ अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने समर्थन किया है. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बयान में कहा है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत सरकार उनका दर्द नहीं समझ रही है.

Ranchi: Political activists demonstrate during a protest in support of the nationwide strike, called by agitating farmers to press for repeal of the Centres agri laws, in Ranchi, Tuesday, Dec. 8, 2020. (PTI Photo)(PTI08-12-2020 000050B)

बजट 2021: एमएसपी दिलाने वाली दो प्रमुख योजनाओं के फंड में बड़ी कटौती

कृषि क़ानूनों पर किसानों के विरोध के बीच मोदी सरकार ने बार-बार दावा किया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी व्यवस्था ख़त्म नहीं होगी, पर आम बजट में इसे दिलाने वाली योजनाओं के फंड में बड़ी कटौती की गई है, जिसके चलते किसानों को उतनी एमएसपी भी नहीं मिलेगी, जितनी सरकार तय करती है.

(फोटो: पीटीआई)

किसान ट्रैक्टर रैली के बाद से 100 से अधिक लोग लापता: संयुक्त किसान मोर्चा

किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने बताया कि 26 जनवरी की ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा के बाद लापता लोगों का पता लगाने के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. मोर्चा ने अब तक 163 लोगों की पहचान की है, जो या तो जेल या फिर पुलिस हिरासत में हैं.

(फोटो: पीटीआई)

पुलिस के नोटिसों से डरेंगे नहीं, सरकार आंदोलन ख़त्म करने का प्रयास कर रही: संयुक्त किसान मोर्चा

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ पिछले दो महीनों से प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कहा गया है कि केंद्र की भाजपा सरकार राज्यों की अपनी सरकारों के साथ मिलकर 26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा का दोष हमारे संगठन पर मढ़ कर आंदोलन को समाप्त करने का प्रयास कर रही है, जो यह अस्वीकार्य है.