संविधान

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भारत की आज़ादी और संविधान का इतिहास

वीडियो: हमारा संविधान के दूसरे एपिसोड में जानिए पहली बार भारत के संविधान की मांग कब हुई, संविधान बनाने में किन लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की, क्या थी संविधान बनाने वाली कमेटी की संरचना और वे क़ानून जिन पर भारत का संविधान आधारित है.

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हमारा संविधान: लोकतंत्र, संविधान और संविधानवाद

वीडियो: हमारा संविधान कार्यक्रम की पहली कड़ी में सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अवनि बंसल बता रही हैं कि कैसे संविधान लोकतंत्र को स्थापित करता है और लोकतंत्र को रंग-रूप देता है संविधानवाद. संविधान और संविधानवाद में क्या अंतर होता है?

पटना हाईकोर्ट (फोटोः पीटीआई)

बिहार: कॉन्स्टेबल भर्ती प्रक्रिया से ट्रांसजेंडर समुदाय को बाहर रखने पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाए

बिहार हाईकोर्ट ने राज्य में कॉन्स्टेबल पदों के आवेदन के विज्ञापन में थर्ड जेंडर का ज़िक्र न होने को संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन बताते हुए राज्य सरकार को सुधारात्मक कार्रवाई करने और अगले आदेश तक अभ्यर्थियों की अंतिम सूची तय करने की प्रक्रिया स्थगित करने का निर्देश दिया है.

हाथरस गैंगरेप पीड़िता का अंतिम संस्कार करते पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

दलितों ने जो अधिकार संघर्ष से हासिल किए थे, आज वो सब खोते जा रहे हैं

बहुत सारे अधिकार संविधान सभा की बहसों से निकले थे, जब भारतीय संविधान बना तो उसमें उन अधिकारों को लिख दिया गया और बहुत सारे अधिकार बाद में दलितों ने अपने संघर्षों-आंदोलनों से हासिल किए थे. हालांकि दलितों का बहुत सारा समय और संघर्ष इसी में चला गया कि राज्य ने उन अधिकारों को ठीक से लागू नहीं किया.

केशवानंद भारती. (फोटो: ट्विटर/ @ChouhanShivraj)

संविधान के मूल ढांचे का सिद्धांत दिलाने वाले केशवानंद भारती का निधन

चार दशक पहले केशवानंद भारती ने केरल भूमि सुधार कानून को चुनौती दी थी, जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के मूल ढांचे का सिद्धांत दिया था. 13 जजों की पीठ ने 7-6 की बहुमत से कहा था कि संसद के पास संविधान में संशोधन की शक्ति है, लेकिन वह संविधान के मूलभूत ढांचे को नहीं बदल सकती है.

New Delhi: A view of Supreme Court of India in New Delhi, Thursday, Nov. 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_1_2018_000197B)

क्या हिरासत की अवधि ख़त्म होने से पहले रिहा होंगे जम्मू कश्मीर बार अध्यक्ष: सुप्रीम कोर्ट

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मियां अब्दुल क़यूम बीते अगस्त से पीएसए के तहत आगरा की एक जेल में हिरासत में हैं. उनकी हिरासत बरक़रार रखने के प्रशासन के फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए क़यूम ने कहा कि इस हिरासत का समर्थन करने के लिए सरकार के पास कोई सबूत नहीं हैं.

अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर. (फोटो: पीटीआई)

मौजूदा वक्त में धार्मिक स्थलों पर प्रतिबंध लगाना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं: हाईकोर्ट

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर सभी धार्मिक स्थलों को खोलने और कोरोना संक्रमण के चलते धार्मिक प्रतिष्ठानों पर लगाए गए प्रतिबंधों को असंवैधानिक करार देने की मांग की गई थी.

सुप्रीम कोर्ट. (फोटो: द वायर)

नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ नई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया

नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ दाख़िल की गईं नई याचिकाओं में कहा गया है कि इस क़ानून में मुस्लिम वर्ग को स्पष्ट रूप से अलग रखना संविधान में प्रदत्त मुसलमानों के समता और पंथनिरपेक्षता के अधिकारों का हनन है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाचेलेत. (फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना की आड़ में प्रतिरोध का दमन नहीं किया जाना चाहिए: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख

यूएन मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बैचलेट ने कहा कि इस महामारी से सामना करने के लिए राज्यों को अतिरिक्त शक्तियों की आवश्यकता है. हालांकि अगर कानून के शासन को बरकरार नहीं रखा जाता है तो ये महामारी एक मानवाधिकार आपदा में तब्दील हो जाएगी.

पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा. (फोटो: रॉयटर्स)

बालाकोट हमला, अनुच्छेद 370 के फैसले का भूराजनीतिक स्थिति पर लंबे समय तक असर रहेगा: पाक सेना प्रमुख

पाकिस्तानी सेना की शोध पत्रिका ‘ग्रीन बुक 2020’ में एक लेख में सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कश्मीर को ‘परमाणु युद्ध को निमंत्रण देने वाला केंद्र बिंदु’ बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय नियमों की पूरी तरह से अवहेलना की है.

(फोटो: पीटीआई)

ओबीसी, एससी/एसटी के संपन्न लोग जरूरतमंदों को आरक्षण का लाभ नहीं लेने दे रहे: सुप्रीम कोर्ट

कोर्ट ने कहा कि सरकार की ये जिम्मेदारी है कि वे समय-समय पर इसकी समीक्षा करें ताकि जरूरतमंद लोगों को आरक्षण का लाभ मिले और संपन्न या सक्षम लोग इस पर अधिकार जमाए न बैठे रहें.

(फोटो: पीटीआई)

आंध्र प्रदेश: आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षकों की नौकरी में 100 फीसदी आरक्षण का आदेश रद्द

साल 2000 में अविभाजित आंध्र प्रदेश ने आदिवासी इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों के 100 फीसदी पद अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित करने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट इसे रद्द करते हुए पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जिसे तेलंगाना और आंध्र प्रदेश बराबर-बराबर भरेंगे.

(फोटो साभार: विकीमीडिया कॉमन्स)

दक्षिणपंथियों को ‘समाजवादी’ शब्द से इतनी चिढ़ क्यों है?

भाजपा और शिवसेना की ओर से कई बार संविधान की प्रस्तावना से समाजवादी शब्द हटाने की मांग उठ चुकी है. बीते दिनों संघ के विचारक और राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने इसे हटाने के लिए सदन में प्राइवेट मेंबर बिल लाने की बात कही है.

(फोटो: पीटीआई)

अनुच्छेद 370: चुनौती देने वाली याचिकाओं को बड़ी पीठ के पास भेजने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

23 जनवरी की सुनवाई के दौरान अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द किए जाने की वैधता को चुनौती देनी वाली याचिकाओं को पेश करने वाले वकीलों ने मांग की थी कि जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने को चुनौती देने वाले मामलों को सात जजों की बड़ी पीठ के पास भेजा जाए क्योंकि अनुच्छेद 370 से जुड़े पिछले दो फैसले पांच जजों की पीठ द्वारा दिए गए थे और दोनों में विवाद था.

Mohammad Anas Qureshi, 20, who is a fruit vendor, poses for photo with the national flag of India in front of riot police during a protest against a new citizenship law in Delhi, India, December 19, 2019. Danish Siddiqui, Reuters

सीएए विरोधी जनांदोलन से पैदा हो रहे गीत और कविताएं प्रतिरोध की नई इबारत लिख रहे हैं

नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ चल रहे आंदोलन के मद्देनज़र लिखी गईं कविताएं युवाओं के बीच कविता की लोकप्रियता के प्रति उम्मीद तो जगाती ही हैं, साथ ही इन्होंने युवाओं को सामाजिक-राजनीतिक सरोकारों के प्रति भी सचेत किया है.