सत्ता

कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनज़र 22 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हुए जनता कर्फ्यू के दौरान सड़क पर निकले विभिन्न शहरों के लोग. (फोटो साभार: ट्विटर)

सामूहिकता के बिना मूर्खता का जीवित रहना संभव नहीं है

भारत एक सांस्कृतिक इकाई है. बावजूद भिन्न भाषाओं, पहनावों और खानपान के हम सब मूर्खता के एक सूत्र में बंधे हैं. राष्ट्रीय एकता का यह प्रदर्शन और प्रमाण दिल को तसल्ली देता है.

रंगकर्मी एस. रघुनंनद. (फोटो साभार: यूट्यूब ग्रैब)

मॉब लिंचिंग के विरोध में रंगकर्मी ने संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार लेने से मना किया

कर्नाटक के प्रख्यात रंगकर्मी एस. रघुनंनद ने कहा कि वर्तमान में ईश्वर और धर्म के नाम पर हो रहीं हत्याओं और हिंसा के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर सत्ता ज़िम्मेदार है.

भोपाल में आयोजित एक रैली के दौरान प्रकाश आंबेडकर और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव व अन्य. (फोटो: पीटीआई)

धर्म की बेलगाम राजनीति रोकी नहीं गई तो हिंदुओं में भी हाफ़िज़ सईद पैदा होंगे: प्रकाश आंबेडकर

बाबा साहब आंबेडकर के पोते ने भाजपा पर साधा निशाना. कहा- यह सरकार दोबारा आई तो हम जो बात कर रहे हैं, यह करने का अधिकार भी छीन लिया जाएगा.