सत्यपाल मलिक

A security person keeps vigil near the Raj Bhawan after bifurcation of the Jammu and Kashmir, in Srinagar on October 31. (Photo: PTI)

मुख्यमंत्रियों के नज़रबंद रहने से अगर घाटी में शांति है, तो बेहतर है वे ऐसे ही रहें: मंत्री

वहीं गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कांग्रेस नेता आनंद शर्मा की अध्यक्षता वाली गृह मामलों की संसद की स्थायी समिति को बताया कि हिरासत में लिए गए जम्मू कश्मीर के नेताओं को रिहा किया जा रहा है और बाकियों को भी रिहा कर दिया जाएगा. हालांकि उन्होंने इसकी कोई समयसीमा नहीं बताई.

Srinagar: Security personnel stand guard during restrictions and shutdown, in Srinagar, Thursday, Sept. 26, 2019. Normal life remained affected on 53rd consecutive day since 5th August due to restrictions and shutdown, after centre abrogated Article 370 and bifurcated Jammu and Kashmir into two union territories. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI9_26_2019_000082B)

केंद्रशासित जम्मू कश्मीर बनने के दूसरे दिन भी घाटी बंद, श्रीनगर के कुछ हिस्सों में पाबंदियां

जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा हटाने के 89वें दिन भी बंद जारी. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश बनाने के केंद्र सरकार के कदम को असंवैधानिक क़रार दिया. घाटी में कुछ लोगों ने सरकार पर उनका विशेष दर्जा और पहचान छीनने का आरोप लगाया.

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के पहले उपराज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करते आरके माथुर. (फोटो: पीआईबी)

जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा समाप्त, अस्तित्व में आए दो केंद्रशासित प्रदेश

जम्मू कश्मीर और लद्दाख को दो केंद्र शासित क्षेत्र बनाए जाने के बाद अविभाजित जम्मू कश्मीर में लगा राष्ट्रपति शासन बृहस्पतिवार को हटा दिया गया.

Jammu: Security personnel stand guard near Civil Secretariat ahead of presidential decree giving assent to the bifurcation of Jammu and Kashmir into two Union Territories, in Jammu, Wednesday, Oct. 30, 2019. (PTI Photo)(PTI10_30_2019_000087B)

आधी रात में ख़त्म हो जाएगा जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा, बनेंगे दो केंद्रशासित प्रदेश

बीते पांच अगस्त को मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को दिए गए विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का फैसला किया था. नेशनल कॉन्फ्रेंस की जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बरक़रार रखने की अपील.

गि​रीश चंद्र मुर्मु और राधा कृष्ण माथुर. (फोटो साभार: फेसबुक/ट्विटर)

गिरीश चंद्र मुर्मु होंगे जम्मू कश्मीर के पहले उपराज्यपाल, राधा कृष्ण माथुर को लद्दाख का प्रभार

केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक का तबादला करते हुए उन्हें गोवा का राज्यपाल नियुक्त किया है. 31 अक्टूबर को जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश के तौर पर अस्तित्व में आ जाएंगे.

(फोटो साभार: ट्विटर)

1100 करोड़ के ऋण धोखाधड़ी मामले में जम्मू कश्मीर बैंक के 24 अधिकारियों के ख़िलाफ़ एफआईआर

एफआईआर दर्ज होने के बाद जम्मू कश्मीर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रवक्ता ने कहा कि विभिन्न टीमों ने बैंक के पूर्व अध्यक्ष मुश्ताक अहमद शेख समेत आरोपी बैंक अधिकारियों के 16 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की. इनमें कश्मीर में नौ, जम्मू में चार और दिल्ली में तीन ठिकाने शामिल हैं.

(फोटो: पीटीआई)

पीएसए के तहत हिरासत में हैं उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती: अमित शाह

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने से पहले हिरासत में लिया गया था.

**FILE PHOTO** Jammu: In this file photo dated March 4, 2017, Jammu and Kashmir Chief Minister Mehbooba Mufti looks on during the Red Cross Mela at Gulshan Ground in Jammu. BJP on Tuesday, June 19, 2018, has pulled out of the alliance government with Mehbooba Mufti-led People's Democratic Party in Jammu & Kashmir. (PTI Photo) (PTI6_19_2018_000085B)

जम्मू कश्मीर: महबूबा मुफ़्ती ने पार्टी के शिष्टमंडल से मुलाकात से किया इनकार

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पीडीपी नेताओं को पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती से मुलाकात की अनुमति दी थी. राज्यपाल ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पर्यटकों के लिए जारी सुरक्षा परामर्श वापस लेने का निर्देश दिया. 10 अक्टूबर से आ सकते हैं पर्यटक.

फ़ारूक़ अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला (फाइल फोटो: पीटीआई)

नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रतिनिधिमंडल ने हिरासत में रखे गए फारूक, उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक दिन पहले ही नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रतिनिधिमंडल को फारूक और उमर अब्दुल्ला से मिलने की मंजूरी दी थी.

New Delhi: Bharatiya Janata Party President Amit Shah addresses a press conference, in New Delhi, on Monday. (PTI Photo/Kamal Singh) (PTI5_21_2018_000094B)

अमित शाह ने ‘पाकिस्तान के क़ब्ज़े वाले कश्मीर’ के लिए नेहरू को ठहराया ज़िम्मेदार

अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र में एक रैली को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कश्मीर का भारत में ‘एकीकरण नहीं करने’ को लेकर नेहरू की आलोचना की.

A Kashmiri woman walks on a deserted road during restrictions, after scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the Indian government, in Srinagar, August 25, 2019. Picture taken on August 25, 2019. REUTERS/Adnan Abidi

कश्मीर में इंटरनेट, मोबाइल सेवा बाधित होने से मुश्किलों का सामना कर रहे पत्रकार

जम्मू कश्मीर में चार अगस्त की शाम से पाबंदियां लागू हैं. परेशान पत्रकारों ने अब मांग की है कि सरकार को कम से कम मीडिया संस्थानों के ब्रॉडबैंड कनेक्शन बहाल करने चाहिए.

नोबेल विजेता मलाला यूसुफजई. (फोटो: रॉयटर्स)

नोबेल विजेता मलाला यूसुफजई की यूएन से अपील, कश्मीरी बच्चों को फिर से स्कूल भेजने में मदद करें

जम्मू कश्मीर में लगी पाबंदियों के कारण अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और उन्हें विद्यालय नहीं भेज रहे हैं.

Srinagar: Security personnel patrols a deserted street at Lal Chowk on the 33rd day of strike and restrictions imposed after the abrogration of Article of 370 and bifurcation of state, in Srinagar, Friday, Sept. 6, 2019. (PTI Photo) (PTI9_6_2019_000065B)

जम्मू कश्मीर: श्रीनगर के कुछ हिस्सों में नई पाबंदियां लगाई गईं

जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म किए जाने के 40वें दिन बाद भी कश्मीर में जनजीवन प्रभावित है.

फ़ारूक़ अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला (फाइल फोटो: पीटीआई)

नेशनल कॉन्फ्रेंस के दो सांसदों को हाईकोर्ट ने दी फारूक और उमर अब्दुल्ला से मिलने की अनुमति

जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म करने के बाद से राज्य के प्रमुख नेता नज़रबंद हैं. हाईकोर्ट ने नेशनल कॉन्फ्रेंस सांसदों को पार्टी नेताओं से मिलने के बाद मीडिया से बात करने की अनुमति नहीं दी है.

J&K Reorganisation Act

जम्मू कश्मीर पुनर्गठन एक्ट में स्पेलिंग, ग्रामर जैसी 52 गलतियों को केंद्र ने एक महीने बाद सुधारा

विपक्ष ने पिछले महीने आरोप लगाया था कि जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम जल्दबाजी में लाया गया है. करीब एक महीने बाद सरकार ने तीन पन्ने का शुद्धि पत्र लाते हुए जम्मू कश्मीर पुनर्गठन कानून में सुधार करने की घोषणा की.

New Delhi: Home Minister Amit Shah speaks during the 49th Foundation Day celebrations of Bureau of Police Research and Development (BPR&D) at its headquarters in New Delhi, Wednesday, Aug 28, 2019. (PTI Photo/Vijay Verma)(PTI8_28_2019_000022B)

अनुच्छेद 371 को नहीं छूएगी केंद्र सरकार: अमित शाह

असम के गुवाहाटी में पूर्वोत्तर परिषद के 68वें पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि भारत सरकार किसी भी अवैध प्रवासी को देश में रहने की अनुमति नहीं देगी. यह हमारी प्रतिबद्धता है.

Security personnel stands guard during restrictions, in Srinagar. PTI

विरोध करना कब से लोकतंत्र और देश विरोधी हो गया?

हॉन्ग कॉन्ग और कश्मीर दोनों ही इस समय इतिहास के एक जैसे दौर से गुजर रहे हैं; दोनों की स्वायत्तता के नाम पर की गई संधि खतरे में है और उनसे संधि करने वाले देशों की सरकार इन संधियों से मुकर रही हैं.

नजीर अहमद रोंगा. (फोटो: फेसबुक)

मतदान के लिए प्रोत्साहित करने वाले कश्मीरी वकील विरोध प्रदर्शन के डर से हिरासत में

कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नजीर अहमद रोंगा को जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म करने से एक दिन पहले 4 अगस्त को पीएसए के तहत गिरफ़्तार किया गया था. आरोप है कि वे इस निर्णय को लेकर लोगों को प्रभावित कर सकते थे.

A Kashmiri man holds stones during clashes with Indian security forces, after scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the Indian government, in Srinagar, August 23, 2019. REUTERS/Adnan Abidi

अनुच्छेद 370: सरकार ने कश्मीरियों के घाव पर मरहम की जगह नमक रगड़ दिया है

श्रीनगर से ग्राउंड रिपोर्ट: मुख्यधारा के मीडिया में आ रही कश्मीर की ख़बरों में से 90 प्रतिशत झूठी हैं. कश्मीर के हालात मामूली प्रदर्शनों तक सीमित नहीं हैं और न ही यहां कोई सड़कों पर साथ मिलकर बिरयानी खा रहा है.

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक. (फोटो: पीटीआई)

चुनाव में लोगों से कह देंगे कि ये 370 के हिमायती हैं, तो लोग जूतों से मारेंगे: सत्यपाल मलिक

जम्मू कश्मीर में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद करने पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि आतंकवादियों और पाकिस्तान के लिए यह ज़्यादा उपयोगी है. इसका इस्तेमाल झूठ फैलाने और बरगलाने के लिए किया जाता है.

शाह फैसल. (फोटो साभार: फेसबुक)

भड़काऊ भाषण देने के कारण शाह फैसल को हिरासत में लिया गया: जम्मू कश्मीर प्रशासन

राजभवन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि किसी व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने या रिहा किए जाने में जम्मू कश्मीर के राज्यपाल शामिल नहीं हैं. इस तरह के फैसले स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा किए जाते हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर.

कश्मीर: मीडिया प्रतिबंध का समर्थन करने के प्रेस काउंसिल के कदम की पत्रकार संगठन ने की आलोचना

प्रेस काउंसिल ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर राष्ट्रीय हितों का हवाला देते हुए जम्मू कश्मीर में मीडिया पर लगे प्रतिबंधों का समर्थन किया था.

A Kashmiri woman shows her hand with a message as others shout slogans during a protest after the scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the Indian government, in Srinagar, August 11, 2019. REUTERS/Danish Siddiqui

चित्रकथा: जम्मू कश्मीर में बीते तीन हफ़्तों का सूरत-ए-हाल बयां करतीं तस्वीरें

बीते पांच अगस्त को केंद्र की मोदी सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के निर्णय लिया गया था.

A Kashmiri woman walks past a bus used as a road block by Indian security personnel during restrictions after the scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the government, in Srinagar, August 11, 2019. REUTERS/Danish Siddiqui

जम्मू कश्मीर: यह ख़ामोशी ही इस वक़्त की सबसे ऊंची आवाज़ है

सूचना के इस युग में किसी सरकार का इतनी आसानी से एक पूरी आबादी को बाकी दुनिया से काट देना दिखाता है कि हम किस ओर बढ़ रहे हैं.

कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन. (फोटो: द लीफलेट)

‘जम्मू कश्मीर की मीडिया को खुद नहीं पता कि राज्य में क्या हो रहा है’

साक्षात्कार: जम्मू कश्मीर में मीडिया की स्वतंत्रता को बहाल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाली कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन से विशाल जायसवाल की बातचीत.

An Indian police officer stands behind the concertina wire during restrictions on Eid-al-Adha after the scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the Indian government, in Srinagar, August 12, 2019. REUTERS/Danish Ismail

सरकार अब संवाद से परे हो चुकी है…

एक तरफ कहा जाता है कि कश्मीर हमारा अभिन्न अंग है, उस लिहाज़ से कश्मीरी भी अभिन्न होने चाहिए थे. तो फिर इस बदलाव की प्रक्रिया में उनसे बात क्यों नहीं की गई? उनकी राय क्यों नहीं पूछी गई?

Indian policemen stand guard in a deserted street during restrictions in Jammu on August 6.	Photo : Reuters

कश्मीर का मन मरघट बन गया है…

कहा जा रहा है कि लोकतंत्र बहुमत से ही चलता है और बहुमत है, लेकिन ‘बहुमत’ मतलब बहु-मत हों, विभिन्न मत, लेकिन संसद में क्या मतों का आदान-प्रदान हुआ? एक आदमी चीख रहा था, तीन सौ से ज्यादा लोग मेजें पीट रहे थे. यह बहुमत नहीं, बहुसंख्या है. आपके पास मत नहीं, गिनने वाले सिर हैं.

भाजपा नेता निर्मल सिंह. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: जमीन और सरकारी नौकरियों में बाहरी लोगों पर कुछ प्रतिबंध चाहती है भाजपा

भाजपा के वरिष्ठ नेता निर्मल सिंह ने कहा कि उन्हें ‘स्थानीय’ प्रमाणपत्र जैसे किसी सुरक्षा की जरूरत है, जिससे राज्य में जमीन और नौकरियों के संबंध में स्थानीय निवासियों के हितों की रक्षा की जा सके.

Mohan Bhagwat-Amit Shah PTI

अनुच्छेद 370: संघ के सपने को पूरा करने के लिए संविधान को तार-तार कर दिया गया

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने न सिर्फ अनुच्छेद 370 की आत्मा को ख़त्म किया, बल्कि एक कदम आगे बढ़ते हुए पूरे राज्य के अस्तित्व को समाप्त करते हुए इसे दो हिस्सों में बांट दिया, जहां कानून-व्यवस्था और ज़मीन जैसे अहम मसलों पर फैसला नई दिल्ली में बैठे नौकरशाहों द्वारा लिया जाएगा.

Srinagar Police Reuters

कश्मीर के भूगोल पर तो कब्ज़ा किया जा सकता है, पर कश्मीरियत का क्या होगा?

असुरक्षा का भाव समाज के सैन्यकरण की स्वीकृति का अनिवार्य तत्व होता है. सांप्रदायिक राजनीति उसके भीतर भी असुरक्षा बोध खड़ा करती है जिसके पक्ष में वह दिखना चाहती है और उसके भीतर भी, जिसे वह शत्रु के रूप में चित्रित करती है. कश्मीर में असुरक्षा की भावना का इस्तेमाल कश्मीरी हिंदुओं और कश्मीरी मुसलमानों दोनों के ख़िलाफ़ होता आ रहा है.

जम्मू कश्मीर के पूर्व निर्दलीय विधायक इंजीनियर राशिद. (फोटो साभार: फोसबुक)

कश्मीर: नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बीच आतंकी फंडिंग मामले में राशिद इंजीनियर गिरफ़्तार

जम्मू-कश्मीर के पूर्व निर्दलीय विधायक राशिद इंजीनियर से बीते कुछ दिनों से कश्मीरी अलगाववादियों द्वारा लश्कर-ए-तैयबा सरगना हाफिज सईद सहित पाकिस्तान से पैसे लेकर घाटी में तनाव फैलाने के संबंध में पूछताछ की जा रही थी.

Residents cross a street during restrictions in Srinagar. (Photo:Reuters)

आप कश्मीरियों को आंख दिखा सकते हैं, उनकी आंखों में देखकर बात करने का साहस नहीं रहा

जिन पर फैसले का असर होने वाला हो, उन्हें अंधेरे में रखकर लिया गया कोई भी निर्णय किसी भी तर्क से उनके हित में नहीं हो सकता. अपनी सैन्य शक्ति के बल पर अभिभावकत्व हासिल करना आपके दावे को किसी भी तरह जायज़ नहीं बना सकता.

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अनुच्छेद 370 को ख़त्म करना क्या कश्मीर को मंज़ूर है?

वीडियो: जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को ख़त्म करने के मोदी सरकार के फैसले पर जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट की जनरल सेक्रेटरी शेहला राशिद और वर्ल्ड बैंक की सलाहकार अनीसा दराबू से चर्चा कर रही हैं द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

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कश्मीर और हिंदुस्तान: धोखा और क्रूरता

वीडियो: मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को ख़त्म कर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में बांटने का फैसला किया ​है. इस मुद्दे प्रोफेसर अपूर्वानंद का नज़रिया.

A deserted road in Srinagar on Monday. Restrictions were in force across Kashmir and in several parts of Jammu. (REUTERS/Danish Ismail)

कश्मीर में 500 से ज्यादा राजनीतिक कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में लिया गया

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के केंद्र के फैसले के बाद घाटी में पाबंदियों के बीच नूरबाग इलाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई. इलाके में प्रदर्शन हुआ. पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें छह लोग जख्मी हुए हैं.

अनुच्छेद 370 पर राज्यसभा में वोटिंग के बाद गृहमंत्री अमित शाह के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो साभार: राज्यसभा टीवी)

जम्मू कश्मीर: मोदी-शाह ने अनुच्छेद 370 से लेकर अनुच्छेद 3 तक संविधान का गला घोंट दिया है

मोदी सरकार के इस कदम ने सात दशकों की आधिकारिक नीति को ख़त्म करते हुए देश को अनजान क़ानूनी और राजनीतिक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है.

Jammu: Security personnel guard in the Raghunath Bazar during restrictions in Jammu, Tuesday, Aug 6, 2019. Restrictions and night curfews were imposed in several districts of Jammu and Kashmir in the view of the revocation of Article 370 and introduction J & K Reorganisation Bill in Parliament. (PTI Photo) (PTI8_6_2019_000053B)

जम्मू कश्मीर: चौथे दिन भी निषेधाज्ञा लागू, फोन-इंटरनेट लगभग बंद, कुछ ज़िलों में रात का कर्फ्यू

जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को ख़त्म कर दिया गया है. बीते चार अगस्त से कश्मीर घाटी में धारा 144 लागू है और मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं लगभग बंद कर दिए गए हैं. भारत के अन्य राज्यों और विदेश में रह रहे कश्मीरी लोग अपनों का हाल जानने के लिए परेशान. वहीं प्रशासन का कहना है कि हालात शांतिपूर्ण हैं.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

कश्मीरी पंडितों ने कहा: अब हम अपने मूल स्थान पर वापसी कर सकेंगे

देशभर के कश्मीरी पंडितों ने उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र में शांति का माहौल स्थापित होगा और मूल स्थान पर सम्मान एवं गरिमा के साथ उनकी वापसी का मार्ग प्रशस्त होगा.

Srinagar: IAS officer Shah Faesal addresses a press conference after announcing his resignation, in Srinagar, Friday, Jan. 11, 2019. Faesal, who has been in the limelight since becoming the first Kashmiri to top the civil services exam in 2009, announced his resignation on January 9 through social media to protest the "unabated" killings in Kashmir and the marginalisation of Indian Muslims.(PTI Photo)(PTI1_11_2019_000092B)

हम सब खो चुके हैं, अब लड़ाई जारी रखने के अलावा कोई और रास्ता नहीं: शाह फैसल

पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल ने कहा कि सरकार 8-10 हजार लोगों की मौत के लिए तैयार है. फैसल ने लोगों से सरकार को नरसंहार का मौका न देने और जवाबी लड़ाई के लिए तैयार रहने की अपील की.