समाचार चैनल

सुशांत मामले को लेकर विभिन्न टीवी चैनलों की कवरेज (साभार: संबंधित चैनल/वीडियोग्रैब)

सुशांत केस में रिपब्लिक और टाइम्स नाउ पर दिखाई गई कुछ ख़बरें ‘मानहानिकारक’ थीं: हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि मीडिया चैनल्स आत्महत्या के मामलों में ख़बरें दिखाते वक्त संयम बरतें क्योंकि मीडिया ट्रायल के कारण न्याय देने में हस्तक्षेप तथा अवरोध उत्पन्न होता है.

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मीडिया बोल: वॉट्सऐप का फ़रमान, टीवी पर वैक्सीन-वैक्सीन और किसान अंतर्ध्यान

वीडियो: वॉट्सऐप ने अपनी सेवा शर्तों और प्राइवेसी नीति में बदलाव किया है. वह अपने यूज़र्स के डेटा/कंटेंट का ज़्यादा व्यापक इस्तेमाल चाहता है. दूसरी तरफ न्यूज़ चैनलों पर वैक्सीन-वैक्सीन के शोर के बीच किसान आंदोलन को नज़रअंदाज़ कर दिया गया है. मीडिया बोल की इस कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश के रे और टीवी पत्रकार व लेखक डॉ. मुकेश कुमार से उर्मिलेश की बातचीत.

(फोटो साभार: यू ट्यूब/रिपब्लिक भारत)

पाकिस्तानियों के ख़िलाफ़ हेट स्पीच को लेकर ब्रिटिश नियामक ने रिपब्लिक भारत पर जुर्माना लगाया

ब्रिटिश टीवी नियामक प्राधिकरण ऑफकॉम के अनुसार सितंबर 2019 में रिपब्लिक भारत पर अर्णब गोस्वामी के शो ‘पूछता है भारत’ में पैनलिस्ट द्वारा की गईं टिप्पणियां पाकिस्तानी लोगों के ख़िलाफ़ अपमानजनक और हेट स्पीच से भरी हुई थीं, जिसके चलते चैनल पर क़रीब 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

(फोटो: पीटीआई)

प्रभावशाली लोगों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के उपयोग में और ज़िम्मेदार होना चाहिए: कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अपने उस फैसले में यह टिप्पणी की, जिसमें उसने 15 जून को एक शो के दौरान सूफ़ी संत ख़्वाज़ा मोइनुद्दीन चिश्ती के संबंध में कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर टीवी एंकर अमीश देवगन के ख़िलाफ़ दर्ज कई प्राथमिकीयों को रद्द करने से इनकार कर दिया.

(फोटो साभार: फेसबुक)

रिपब्लिक, टाइम्स नाउ सुनिश्चित करें कि बॉलीवुड के ख़िलाफ़ अपमानजनक कंटेट प्रसारित न हो: कोर्ट

सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले में फिल्म इंडस्ट्री को बुरा भला कहने को लेकर समाचार चैनल रिपब्लिक टीवी, उसके प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी, टाइम्स नाउ, उसके प्रधान संपादक राहुल शिवशंकर और समूह संपादक नविका कुमार और अज्ञात प्रतिवादियों के ख़िलाफ़ चार फिल्म एसोसिएशनों और 34 निर्माता संगठनों ने याचिका दाख़िल की है.

सुशांत सिंह राजपूत. (फोटो साभार: ट्विटर)

सुशांत मामला: हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा- क्या ‘ज़्यादा रिपोर्टिंग’ न्याय के शासन में दखलअंदाज़ी है

सुशांत आत्महत्या मामले में ‘मीडिया ट्रायल’ के आरोपों को लेकर सुनवाई कर रहे बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि यदि अत्यधिक रिपोर्टिंग होती है तो यह आरोपी को लोगों की नज़र में ला सकती है, जिसके चलते वह साक्ष्य मिटा सकता है या भाग सकता है.

अर्णब गोस्वामी (फोटो साभार: ट्विटर)

सुशांत मामले में रिपब्लिक टीवी को कोर्ट की फटकार, कहा- यदि आप ही जज बन जाएंगे तो हम किसलिए हैं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी उन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए की, जिनमें सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में टीवी चैनलों को मीडिया ट्रायल करने से रोकने का आग्रह किया गया है.

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प्रिंट की तरह टीवी मीडिया को नियमित करने के लिए नियामक संस्था क्यों नहीं है: बॉम्बे हाईकोर्ट

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में मीडिया कवरेज को लेकर दायर हुई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि जिस तरीके से प्रिंट मीडिया के लिए भारतीय प्रेस परिषद है, केंद्र सरकार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए इसी तरह की परिषद के बारे में क्यों नहीं सोचती है.

सुशांत सिंह राजपूत. (फोटो साभार: ट्विटर)

सुशांत सिंह मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूछा, जांच पर सलाह देना क्या मीडिया का काम है?

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ‘मीडिया ट्रायल’ के ख़िलाफ़ जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यर टिप्पणी की. साथ इस मामले पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.

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सुदर्शन टीवी को मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने का लाइसेंस किसने दिया?

वीडियो: समाचार चैनल सुदर्शन न्यूज़ ने गुरुवार को 28 अगस्त को प्रसारित होने वाले अपने एक शो का ट्रेलर जारी किया है. इसमें चैनल के एडिटर-इन-चीफ सुरेश चव्हाणके ‘नौकरशाही में मुसलमानों की घुसपैठ के षड्यंत्र का बड़ा खुलासा’ करने का दावा कर रहे हैं. इस मुद्दे पर ‘सत्य हिंदी’ के संपादक आशुतोष और केरल के पूर्व डीजीपी से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

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सुशांत की आत्महत्या, चैनलों की संवेदना की मौत

वीडियो: 14 जून को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की अचानक मृत्यु के बाद कुछ समाचार चैनलों ने इस बारे में स्तरहीन ख़बरें चलाईं, जिसकी काफ़ी आलोचना हुई. इस बारे में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश का नज़रिया.

(फोटो: द वायर)

संपादकीय: द वायर के पांच साल

पांच साल पहले हमने कहा था कि हम नये तरीके से ऐसे मीडिया का निर्माण करना चाहते हैं जो पत्रकारों, पाठकों और जिम्मेदार नागरिकों का संयुक्त प्रयास हो. हम अपने इस सिद्धांत पर टिके रहे हैं और यही आगे बढ़ने में हमारी मदद करेगा.

दक्षिण एवं मध्य एशिया मामलों की कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री एलिस जी वेल्स. (फोटो: ट्विटर)

जम्मू कश्मीर: शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ने भारत से राजनीतिक बंदियों को रिहा करने की अपील की

भारत सरकार द्वारा आयोजित रायसीना वार्ता में भाग लेने के बाद वापस लौटकर दक्षिण और मध्य एशिया की कार्यवाहक सहायक सचिव एलिस वेल्स ने नागरिकता संशोधन अधिनियम पर राष्ट्रव्यापी विरोध पर कहा कि एक जोरदार लोकतांत्रिक समीक्षा होनी चाहिए चाहे वह सड़कों पर हो, चाहे राजनीतिक विपक्ष, मीडिया या अदालतों द्वारा हो.

पिछले साल नवंबर में जम्मू कश्मीर में इंटरनेट पाबंदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते पत्रकार. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर में आज से 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल

जम्मू कश्मीर प्रशासन के गृह विभाग की एक अधिसूचना के मुताबिक मोबाइल फोन पर 2जी स्पीड के साथ इंटरनेट सुविधा 25 जनवरी से चालू हो जाएगी. सोशल मीडिया साइटों तक घाटी के लोगों की पहुंच नहीं होगी और तय वेबसाइटों तक ही उनकी पहुंच हो सकेगी.

नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत. (फोटो: ट्विटर/@VKSaraswat1949)

जम्मू कश्मीर में इंटरनेट का इस्तेमाल गंदी फिल्में देखने के लिए होता है: नीति आयोग सदस्य

नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं. वहां जारी विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि जेएनयू एक राजनीतिक युद्ध का मैदान बन गया है. यह 10 रुपये से लेकर 300 रुपये तक फीस वृद्धि का मुद्दा नहीं है. हर कोई लड़ाई जीतने की कोशिश कर रहा था. मैं राजनीतिक दलों का नाम नहीं लूंगा.