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New Delhi: Migrant workers walk to their native village during a nationwide lockdown, imposed in the wake of coronavirus pandemic , at NH 24 near Akshardham in East Delhi, Sunday, March 29, 2020. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI29-03-2020 000148B)

मज़दूरों का सामूहिक पलायन व्यवस्था और समाज के बारे में क्या बताता है

प्रवासी मज़दूरों का सामूहिक पलायन भुखमरी के तात्कालिक भय से कहीं ज़्यादा, ग़रीब हिंदुस्तानियों के सामूहिक अवचेतन में सदियों से बैठी इस धारणा का प्रमाण है कि उन्हें सत्ता, उसकी व्यवस्था और समाज के संपन्न वर्ग से कभी कोई आशा नहीं करनी चाहिए और यह कि ‘अंत में ग़रीब की कोई नहीं सुनेगा.’

Iranian family wear protective masks to prevent contracting a coronavirus, as they stand at Grand Bazaar in Tehran, Iran February 20, 2020. WANA (West Asia News Agency)/Nazanin Tabatabaee via REUTERS

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, ईरान में फंसे 250 भारतीयों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि 850 तीर्थयात्रियों में से अधिकांश को भारत ले आया गया है और बाकी 250 के आसपास तीर्थयात्रियों को हालात में सुधार होने के बाद ही वापस लाया जा सकता है. ईरान में फंसे ये भारतीय पिछले साल दिसंबर में ईरान गए थे.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

कोरोना वायरस: नगालैंड का दीमापुर शहर तीन दिनों के लिए पूरी तरह से बंद

दीमापुर ज़िला प्रशासन ने एक अप्रैल की सुबह छह बजे से तीन अप्रैल, 2020 की मध्य रात्रि तक सभी दुकानों, वाणिज्यिक एवं निजी प्रतिष्ठानों को पूरी तरह से बंद करने के आदेश दिया है.

A migrant worker eats food offered by the local residents on a highway as he and others are returning to their villages, after India ordered a 21-day nationwide lockdown to limit the spreading of coronavirus disease in Ghaziabad March 2020. (Photo: Reuters)

कोरोना वायरस: 21 हज़ार से अधिक राहत शिविरों में रह रहे 6.6 लाख से ज़्यादा लोग

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से दी गई सूचना के अनुसार, लगभग 21,064 राहत शिविरों में 23 लाख से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.

भारत-नेपाल सीमा पर फंसे नेपाली कामगार ( ऊपर बाएं), जिन्हें बाद में नौतनवा इंटर कॉलेज ले जाया गया है. (फोटो: राजेश जायसवाल)

लॉकडाउन: भारत-नेपाल सीमा पर 22 घंटे नो मैंस लैंड में फंसे रहे 326 नेपाली नागरिक

लाॅकडाउन के कारण जगह-जगह फंसे प्रवासी मज़दूरों के लिए सरकार द्वारा बसें चलाने के बाद नोएडा, फरीदाबाद, गुड़गांव आदि जगहों पर काम करने वाले नेपाली कामगार भी अपने देश के लिए रवाना हुए. ये सोनौली तक तो पहुंच गए लेकिन दोनों ओर की सीमाएं बंद होने के चलते 326 नेपाली नागरिक भारत की तरफ फंसे हैं.

​​(फोटो: पीटीआई)

सरकार से पुष्टि के बाद ही कोरोना वायरस से संबंधित खबरें चलाए मीडिया: सुप्रीम कोर्ट

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से यह निर्देश दिए जाने की मांग की थी कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए सिस्टम से कोरोना वायरस पर तथ्यों की पुष्टि किए बिना कोई भी मीडिया प्रतिष्ठान किसी खबर का प्रकाशन अथवा प्रसारण न करे.

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पीएम ने राज्यों को विश्वास में लिया होता तो लॉकडाउन से इतनी अफ़रातफ़री नहीं होती: भूपेश बघेल

वीडियो: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

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दिल्ली दंगा: ‘लॉकडाउन के कारण शिव विहार वापस आए, पर इन जले घरों से डर लगता है’

वीडियो: बीते फरवरी में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों की वजह से शिव विहार के कई परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा था. ये राहत कैंप में रह रहे थे, लेकिन कोरोना वायरस के चलते ये कैंप खाली करा दिए गए हैं. अब इन परिवारों को वापस शिव विहार लौटना पड़ा है.

(फोटो: रॉयटर्स)

वायरस के मुकाबले दहशत से होंगी ज्यादा जिंदगियां बर्बाद: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि प्रवासी मजदूरों को दहशत से उबरने में मदद करने के लिए प्रशिक्षित परामर्शदताओं और सभी धर्मों के नेताओं की मदद ली जाए.

लॉकडाउन दौरान के बिहार के रांची में पुलिस एक व्यक्ति सजा देते हुए. (फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: लोगों के ख़िलाफ़ पुलिस ज़्यादती पर केंद्र और केरल सरकार को नोटिस जारी किया

केरल हाईकोर्ट ने कथित रूप से देशव्यापी लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के ख़िलाफ़ पुलिस ज़्यादती की कथित घटनाओं का स्वत: संज्ञान लिया ​है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: गंभीर मरीज़ों को कर्नाटक प्रवेश की अनुमति न मिलने से दो लोगों की मौत

कोरोना वायरस से सुरक्षा के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के बाद कर्नाटक ने राज्यों से जुड़ी अपनी सभी सीमाएं भी सील कर दी हैं. इसके वजह से केरल से आने वाले मरीज़ों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.

Ghaziabad: Migrants board a bus to their native village, during a nationwide lockdown imposed in the wake of coronavirus pandemic, at Ghazipur Delhi - UP border, Ghaziabad, Saturday, March 28, 2020. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI28-03-2020 000071B)

कोरोना: यूपी सरकार ने रोज़गार सेवकों का बकाया मानदेय दिए बिना संक्रमितों की पहचान में लगाया

उत्तर प्रदेश के 36 हज़ार रोज़गार सेवकों को 18 महीनों का मानदेय नहीं मिला है, जो क़रीब 170 करोड़ रुपये होता है. बावजूद इसके उन्हें गांवों में आए प्रवासी कामगारों की पहचान के काम में लगाया गया है. संक्रमण के जोख़िम के बीच न तो उन्हें मास्क और दस्ताने दिए गए हैं, न ही उनका बीमा कराया गया है.

नोएडा में अनिश्चितकाल के लिए बंद ग्रेट इंडिया मॉल. (फोटो: द वायर)

कोरोना के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी में चली जाएगी: संयुक्त राष्ट्र व्यापार रिपोर्ट

व्यापार पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के मंदी में जाने से विकासशील देशों के लिए गंभीर संकट पैदा होगा लेकिन चीन और भारत इससे बच सकते हैं.

दिल्ली के निजामुद्दीन पश्चिम इलाके के मरकज़ से लोगों को अस्पताल और क्वारंटाइन सेंटर में भर्ती कराया जा रहा है. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरस: दिल्ली के निज़ामुद्दीन में धार्मिक सभा में शामिल होने वाले छह लोगों की मौत

दिल्ली में निज़ामुद्दीन पश्चिम इलाके के एक मरकज़ में 13 मार्च से 15 मार्च तक हुई धार्मिक सभा में भाग लेने वाले कुछ लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण फैल गया है. सेना और दिल्ली पुलिस ने निज़ामुद्दीन पश्चिम में एक प्रमुख इलाके की घेराबंदी की. सभा में शामिल 153 लोग एलएनजेपी में भर्ती. राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण के मामले बढ़कर 97 हो गए हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

लॉकडाउन: बीएसएनएल, एमटीएनएल और एयरटेल ने बढ़ाई प्रीपेड वैधता, अतिरिक्त टॉकटाइम मिलेगा

देशव्यापी लॉकडाउन के कारण ट्राई के निर्देश पर बीएसएनएल, एमटीएनएल और एयरटेल ने प्रीपेड ग्राहकों की वैधता 20 अप्रैल तक बढ़ाने और 10 रुपये का अतिरिक्त टॉकटाइम देने की घोषणा की, जो प्रति उपभोक्ता कम खर्च करने वाले ग्राहकों के लिए सीमित होगी. इसका फायदा करीब आठ करोड़ ग्राहकों को होगा.

Ghaziabad: Migrant workers walk on railway tracks after they couldnt find any transport to return to their native places, during a 21-day nationwide lockdown to limit the spread of coronavirus, in Ghaziabad, Thursday, March 26, 2020. (PTI Photo/Arun Sharma)

मज़दूरों का पलायन रोकने के लिए उठाए गए क़दमों पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से रिपोर्ट तलब की

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं में कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लागू 21 दिनों के लॉकडाउन की वजह से बेरोज़गार होने वाले हज़ारों प्रवासी कामगारों के लिए खाना, पानी, दवा और समुचित चिकित्सा सुविधाओं जैसी राहत दिलाने का अनुरोध किया गया है.

A deserted road in Srinagar on Monday. Restrictions were in force across Kashmir and in several parts of Jammu. (REUTERS/Danish Ismail)

जम्मू कश्मीर: 31 लोगों पर से पीएसए हटा, महबूबा मुफ्ती की रिहाई की मांग तेज़

जम्मू कश्मीर प्रशासन द्वारा श्रीनगर की सेंट्रल जेल में पीएसए के तहत बंद 14 कैदियों की रिहाई समेत कुल 31 कैदियों पर लगा पीएसए हटाया गया है.

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लॉकडाउन नहीं, कमज़ोर तैयारियों के लिए माफी मांगिए मोदी ​जी…

वीडियो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लॉकडाउन के चलते हो रही परेशानियों के लिए जनता से माफी मांगी है. इस मुद्दे पर द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

A migrant worker runs behind a truck as others try to board it to return to their villages after India ordered a 21-day nationwide lockdown to limit the spreading of coronavirus disease (COVID-19), in Ghaziabad, on the outskirts of New Delhi, March 26, 2020. REUTERS/Adnan Abidi

लॉकडाउन में पलायन: आठ सौ किलोमीटर, साठ घंटे और दस मज़दूरों का संघर्ष

कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र हुए लॉकडाउन के बाद दस मज़दूर हरियाणा के बल्लभगढ़ से उत्तर प्रदेश के देवरिया में अपने घर पहुंचे हैं. 800 किलोमीटर की यह यात्रा उन्होंने तीन दिनों में पैदल, ट्रक, ऑटो और सरकारी बस की मदद से पूरी की.

उत्तर प्रदेश के बरेली में घर वापस लौटे मजदूरों को सैनिटाइजर से नहलाया जा रहा है. (फोटो: ट्विटर/वीडियो ग्रैब)

कोरोना: वापस उत्तर प्रदेश लौटे मजदूरों को सैनिटाइजर से नहलाया गया, विपक्ष ने बताया ‘अमानवीय’

मामला उत्तर प्रदेश बरेली शहर का है. जिलाधिकारी नीतीश कुमार ने कहा कि बरेली नगर निगम एवं फायर ब्रिगेड की टीम को बसों को सैनेटाइज करने के निर्देश थे, पर अतिसक्रियता के चलते उन्होंने ऐसा कर दिया. संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त मिशेल बैशलेट (फोटो: रॉयटर्स)

गृहयुद्ध के दौरान आठ लोगों की हत्या के दोषी श्रीलंकाई सैनिक की सज़ा माफ़ी की निंदा

श्रीलंका के राष्ट्रपति ने गृहयुद्ध के दौरान तमिल बहुल उत्तरी प्रांत में एक बच्चे सहित आठ लोगों की हत्या के दोषी श्रीलंकाई सैनिक सुनील रत्नायके की सज़ा माफ़ कर दी है. संयुक्त राष्ट्र की उच्चायुक्त मिशेल बैशलेट ने कहा कि यह पीड़ितों का अपमान करने जैसा है.

Poultry Farming PTI

कोरोना लॉकडाउन: पहले से बदहाल पूर्वांचल के अंडा उत्पादकों और मुर्गी पालकों पर दोहरी मार

बीते एक साल से ज़्यादा समय से मुश्किल में चल रहे पूर्वांचल के अंडा उत्पादकों और मुर्गी पालकों के लिए कोरोना के मद्देनज़र हुआ लॉकडाउन संकट बनकर उभरा है. कोरोना संक्रमण के डर से जहां मुर्गों की मांग घटी, वहीं लॉकडाउन के चलते अंडा उत्पादकों को ख़रीददार नहीं मिल रहे हैं.

Kolkata: A migrant labourer carries his daughter on a trolley bag after he could not find any transport to return to his native place during the nationwide lockdown imposed in the wake of coronavirus pandemic, in Kolkata, Friday, March 27, 2020. (PTI Photo/Swapan Mahapatra)(PTI27-03-2020 000111B)

लॉकडाउन: वेतन में कटौती न करने, मज़दूरों और छात्रों से किराया न लेने का आदेश

गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी नियोक्ता, चाहे वह उद्योग में हों या दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में, लॉकडाउन की अवधि में अपने श्रमिकों के वेतन का भुगतान बिना किसी कटौती के करेंगे.

A migrant worker carries her daughter as she walks on a highway with others looking out for a transport to return to their villages, after India ordered a 21-day nationwide lockdown to limit the spreading of coronavirus disease (COVID-19), in Ghaziabad, on the outskirts of New Delhi, March 26, 2020. REUTERS/Adnan Abidi

कोरोना से निपटने के सरकार के कदम ग़रीब-विरोधी हैं

सरकार द्वारा ग़रीबों की मदद के नाम पर स्वास्थ्य संबंधी मामूली घोषणाएं की गई हैं. हमें नहीं पता अगर कोई ग़रीब कोरोना से संक्रमित हुआ तो उसे उचित स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी. अगर अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आई तो बेड और वेंटिलिटर जैसी सुविधाएं मिलेंगी?

पाकिस्तान के स्क्वाश खिलाड़ी आज़म ख़ान और अमेरिकी सिंगर जो डिफी. (फोटो साभार: फेसबुक/ट्विटर)

कोरोना वायरस: ग्रैमी अवार्ड से सम्मानित अमेरिकी गायक और पाकिस्तान के स्क्वाश खिलाड़ी का निधन

ग्रैमी अवार्ड से सम्मानित एक अन्य अमेरिकी गायक जॉन प्राइन भी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.

लॉकडाउन के दौरान दिल्ली से पलायन करते प्रवासी मजदूर
(फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: लापरवाही के चलते दिल्ली सरकार के दो अधिकारी निलंबित, दो को कारण बताओ नोटिस

गृह मंत्रालय ने बताया कि ये अधिकारी लॉकडाउन के दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य व सुरक्षा को सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं. ड्यूटी में घोर लापरवाही बरतने की वजह से अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई.

(फोटो साभार: ईपीएफओ)

कोरोना लॉकडाउन: कर्मचारी भविष्य निधि से पैसा निकालने की अनुमति

कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए देशव्यापी ‘लॉकडाउन’ की वजह से लोगों को राहत देने के लिए श्रम मंत्रालय ने यह कदम उठाया है.

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना संकट: आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत गृह मंत्रालय ने 11 उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया

इन समितियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे कोरोना महामारी से विभिन्न क्षेत्रों में खड़ी हुई समस्याओं की पहचान कर उसका प्रभावी समाधान निकालेंगे.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना लॉकडाउन: पैदल हरियाणा से यूपी जा रहे युवक की बस से कुचलकर मौत

21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन के कारण फैक्ट्री बंद होने के बाद अपने भाई के साथ हरियाणा के सोनीपत से उत्तर प्रदेश के रामपुर जा रहे 26 वर्षीय नितिन कुमार 177 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर चुके थे और यह दुर्घटना उनके घर से मात्र 39 किलोमीटर की दूरी पर हुई.

(फोटो: रॉयटर्स)

लॉकडाउन में मज़दूरों का पलायन: न तो काम है और न ही पैसा

वीडियो: कोरोना वायरस फैलने के ख़तरे को देखते हुए 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन के बीच दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर सैकड़ों-हज़ारों किलोमीटर की दूरी तय करते हुए अपने घरों के लिए निकल पड़े हैं.

Thomas Schäfer. Photo Twitter

कोरोना वायरस संबंधी चिंताओं के चलते जर्मन राज्य के वित्त मंत्री ने आत्महत्या की

जर्मनी के हेस्से राज्य के वित्त मंत्री थॉमस शेफर (54) बीते शनिवार को रेल पटरी पर मृत मिले थे.

Migrants wait to board a bus to their native villages, during a nationwide lockdown imposed in the wake of coronavirus pandemic, at Kaushambi in Ghaziabad, Saturday, March 28, 2020.
(Photo: PTI)

पलायन कर रहे मज़दूरों ने कहा, बीमारी से भी मरना है और भूख से भी

वीडियो: कोरोना वायरस के कारण हुए देशव्यापी लॉकडाउन के बाद दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले दिहाड़ी मज़दूर अपने-अपने घर जाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गईं बसों में जगह पाने के लिए देर रात भटकते रहे. गाजियाबाद के कौशाम्बी बस अड्डे पर मज़दूरों से विशाल जायसवाल की बातचीत.

शुक्रवार 22 दिसंबर को गुवाहाटी में मीडिया को संबोधित करते केंद्रीय गृह सचिन राजीव गाबा (फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन की समयसीमा बढ़ाने की कोई योजना नहीं: कैबिनेट सचिव

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए देशव्यापी लॉकडाउन को 21 दिन के बाद भी बढ़ाए जाने की खबरों पर कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने यह टिप्पणी की.

A sign is seen down a London street regarding self isolation as the spread of the coronavirus disease (COVID-19) continues. London, Britain March 21, 2020 REUTERS/Hannah Mckay

कोरोना: महामारी के दौर में मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी ज़रूरी है

संक्रामक रोगों का सभी पर एक गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है, उन पर भी जो वायरस से प्रभावित नहीं हैं. इन बीमारियों को लेकर हमारी प्रतिक्रिया मेडिकल ज्ञान पर आधारित न होकर हमारी सामाजिक समझ से भी संचालित होती है.

गाजियाबाद के एक बस अड्डे पर घर जाने के लिए जुटी प्रवासी मजदूरों की भीड़. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना लॉकडाउन: केंद्र ने कहा- प्रवासी मजदूरों का पलायन रोकने के लिए सीमाएं सील करें राज्य

राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने उनसे सुनिश्चित करने को कहा कि शहरों में या राजमार्गों पर आवाजाही नहीं हो क्योंकि लॉकडाउन जारी है.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना लॉकडाउन: केरल में शराब न मिलने पर पांच लोगों ने की आत्महत्या

केरल में पहले भी कई मौकों पर शराब पर पाबंदी लगती रही है लेकिन यह पहली बार है जब देशव्यापी लॉकडाउन के कारण राज्य में शराब पर पूरी तरह से पाबंदी लग गई है.

Ghaziabad: Migrant workers walk to their villages amid the nationwide complete lockdown, during a 21-day nationwide lockdown to limit the spread of coronavirus, in Ghaziabad, Thursday, March 26, 2020. (PTI Photo/Arun Sharma)

कोरोना वायरस लॉकडाउन: पैदल यात्रा को मजबूर दिहाड़ी मज़दूर

वीडियो: कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन के चलते निर्माण कार्य में लगे मज़दूर, रेहड़ी-पटरी पर दुकान लगाने वाले, खोमचे वाले, रिक्शा चलाने वाले समेत श्रमिकों एक बड़ा वर्ग बेरोज़गार हो गया है. ​ये पैदल ही विभिन्न राज्यों में स्थित अपने घरों को लौटने के लिए मजबूर हैं.

Ghaziabad: A group of migrant workers walk to their villages amid the nationwide complete lockdown, on the NH24 near Delhi-UP Border in Ghaziabad, Thursday, March 26, 2020. The migrants, reportedly, started their journey to their villages in Uttar Pradesh on foot after they were left with no other option following the announcement of a 21-day lockdown across the country to contain the Covid-19, caused by the novel coronavirus. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI26-03-2020 000135B)

कोरोना लॉकडाउन के चलते मज़दूरों का पलायन: सरकार नाकाम, सहारा बने आमजन

वीडियो: देश में 21 दिनों के लॉकडाउन के वजह मज़दूरों के सामने रोज़ीरोटी का संकट पैदा होने के बाद ये पैदल ही अपने घरों की ओर पलायन कर रहे हैं. यमुना एक्सप्रेस वे पर इनसे अविचल दुबे ने बातचीत की.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

योगी आदित्यनाथ के खिलाफ ट्वीट करने पर आप विधायक राघव चड्ढा पर केस दर्ज

एक ट्वीट करके आम आदमी पार्टी विधायक राघव चड्ढा ने आरोप लगाया था कि दिल्ली से उत्तर प्रदेश जाने वाले प्रवासियों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर पिटाई की गई. हालांकि, चड्ढा ने बाद अपना यह ट्वीट डिलीट कर दिया.

Thousands of migrant workers from Delhi, Haryana and even Punjab reached Anand Vihar Bus Terminus in national capital during CoronaVirus Lockdown on March 28, 2020. (Photo: PTI)

दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे का हाल, जहां लॉकडाउन में भी मज़दूरों की भीड़ लग गई

वीडियो: कोरोना वायरस की वजह से देश में लागू लॉकडाउन की वजह से उत्तर प्रदेश और बिहार से दिल्ली आए दिहाड़ी मज़दूरों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है. बीते शनिवार को लॉकडाउन के दौरान हज़ारों की संख्या में मज़दूर घर जाने के लिए दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे पर जमा हो गए थे.